Shuru
Apke Nagar Ki App…
विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा वीडियो वायरल, रिहैब सेंटर से जुड़ा होने का दावा विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो एक फॉलोअर ने भेजते हुए दावा किया है कि यह मामला एक रिहैब सेंटर से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वीडियो में दिख रही घटना और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित पक्ष या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
Viral Zone
विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा वीडियो वायरल, रिहैब सेंटर से जुड़ा होने का दावा विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो एक फॉलोअर ने भेजते हुए दावा किया है कि यह मामला एक रिहैब सेंटर से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वीडियो में दिख रही घटना और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित पक्ष या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
More news from उत्तराखंड and nearby areas
- विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा वीडियो वायरल, रिहैब सेंटर से जुड़ा होने का दावा विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो एक फॉलोअर ने भेजते हुए दावा किया है कि यह मामला एक रिहैब सेंटर से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वीडियो में दिख रही घटना और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित पक्ष या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।1
- *हरिपुरधार बाजार का कूड़ा कुफर-कैन्थू पंचायत में फेंके जाने से ग्रामीणों में रोष, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग* *सिरमौर / हरिपुरधार।* हरिपुरधार बाजार से निकलने वाले कूड़े को ग्राम पंचायत कुफर-कैन्थू के क्षेत्र में फेंके जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि खुले में कूड़ा डाले जाने से क्षेत्र की स्वच्छता बिगड़ रही है और जलस्रोतों, पशुओं व पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, हरिपुरधार बाजार का कूड़ा नियमित रूप से उचित वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के बजाय कुफर-कैन्थू पंचायत क्षेत्र में फेंका जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से चिंता जताई कि बरसात के मौसम में कूड़े से निकलने वाला दूषित पानी पेयजल स्रोतों तक पहुंच सकता है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि कुफर-कैन्थू पंचायत क्षेत्र में पहले से डाले गए कूड़े को तुरंत हटवाया जाए और भविष्य में यहां कूड़ा फेंकने पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हरिपुरधार बाजार के कूड़े के लिए प्रशासन एवं संबंधित पंचायतों द्वारा उचित एवं वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी दूसरी पंचायत के लोगों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता और पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत रक्षा देवी, पूर्व प्रधान विजय कृष्ण, विपतानन्द चौहान, आशा देवी, रुक्मी ठाकुर, सोमती देवी, विमला देवी, द्वारकादेवी, कौशल्या देवी, पूनम, नीलम, मीरा देवी, कमला देवी, दिनेश कुमार, बंसी राम, हरिचंद सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं मौके का जायजा लेने के लिए भू-राजस्व विभाग से पटवारी संतराम शर्मा, फील्ड कानूनगो मनोज शर्मा तथा वन विभाग से वनरक्षक मौजूद रहे। बाईट स्थानीय4
- पांवटा साहिब गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर बड़वास के समीप तेल से भरा एक टैंकर पलट गया। दुर्घटना सुबह तड़के लगभग 3 से 4बजे के बीच हुई है। गनीमत रही कि दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि कुछ लोगों और पुलिस की लापरवाही की वजह से यहां कई घंटे तक अनहोनी का खतरा बना रहा। दरअसल डीजल से भरा टैंकर पलटने से उसमें भार डीजल बाहर निकलने लगा टैंकर से बहते डीजल में ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से यहां आगजनी और विस्फोट हो सकता था मगर, न तो टैंकर संचालकों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए ना ही पुलिस ने लोगों को दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के समीप जाने से रोका। टैंकर पलटने से यहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार भी लग गई थी हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य ट्रैफिक आने पर कुछ लोगों ने अन्य लोगों को टैंकर से दूर हटाया और किसी तरह सड़क मार्ग को सुचारू किया।1
- बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है! बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?1
- यूपीईएस में छात्रों को नशे के खतरे से किया जागरूक, डीएम ने कहा- सकारात्मक जीवन चुनें देहरादून। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत यूपीईएस बिधोली में छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम में डीएम डॉ. आशीष चौहान ने युवाओं से नशे से दूर रहने और स्वस्थ एवं रचनात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। डीएम ने कहा कि नशे का असर केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि परिवार और समाज भी प्रभावित होते हैं। उन्होंने नशे के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन, पुलिस, शिक्षण संस्थानों, अभिभावकों और समाज के सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया। कार्यक्रम में एसपी सिटी शेखर चन्द्र सुयाल ने कहानी के माध्यम से छात्रों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया। वहीं नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए भी नशे से दूर रहने का संदेश दिया गया। कार्यशाला के अंत में विद्यार्थियों और अन्य प्रतिभागियों को नशे से दूर रहने तथा नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की शपथ दिलाई गई। अधिकारियों ने युवाओं से अपने मित्रों और आसपास के लोगों को भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने की अपील की।1
- ग्राम प्रधानों ने 10 सूत्री मांगों को लेकर दी आंदोलन की चेतावनी स्थान - देहरादून रिपोर्ट - दीपक पंवार देहरादून, 22 सितंबर। जिला ग्राम प्रधान संगठन ने प्रदेश सरकार से 10 सूत्री मांगों का शीघ्र निराकरण करने की मांग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिला मुख्यालय में मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय का घेराव कर आंदोलन किया जाएगा। संगठन की प्रमुख मांगों में ग्राम प्रधानों का न्यूनतम मासिक मानदेय 20 हजार रुपये करने, मनरेगा में श्रमिकों की ऑनलाइन उपस्थिति की बाध्यता समाप्त कर ऑफलाइन व्यवस्था लागू करने तथा अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 600 रुपये और कुशल श्रमिकों की मजदूरी 800 रुपये प्रतिदिन करने की मांग शामिल है। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों को मिलने वाली राज्य और केंद्रीय वित्त की धनराशि बढ़ाने तथा जिला योजना में ग्राम प्रधानों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग भी उठाई गई है। ग्राम प्रधान संगठन ने पंचायत राज एक्ट के तहत पारित सभी 29 विभागों को ग्राम पंचायतों को हस्तांतरित करने, ग्राम पंचायतों में आकस्मिक आपदा राहत के लिए अलग से बजट की व्यवस्था करने और स्वीकृत योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने की मांग की है। इसके अलावा ग्राम प्रधानों का स्वास्थ्य एवं जीवन बीमा कराने तथा प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची में पात्र लाभार्थियों के नाम शामिल करने की मांग भी की गई है। संगठन ने ग्राम पंचायतों पर प्रस्तावित टैक्स संबंधी व्यवस्था में संशोधन की मांग भी सरकार के सामने रखी है। संगठन पदाधिकारियों का कहना है कि इन मांगों को लेकर लंबे समय से सरकार को ज्ञापन दिए जा रहे हैं, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो ग्राम प्रधान आंदोलन को तेज करने के लिए मजबूर होंगे।1
- उत्तराखंड की हिंदी पत्रकारिता पर शोध को मिली नई पहचान, ईशा रानी ने हासिल की पीएचडी की उपाधि देहरादून: ईशा रानी ने “उत्तराखंड से प्रकाशित प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों की भाषा का विश्लेषणात्मक अध्ययन” विषय पर शोध कार्य पूरा कर पीएचडी की उपाधि हासिल की है। उनके शोध में उत्तराखंड से प्रकाशित प्रमुख हिंदी समाचार पत्रों की भाषा का विश्लेषणात्मक अध्ययन किया गया। ईशा रानी की इस उपलब्धि पर परिवार, मित्रों और शुभचिंतकों ने बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।1
- अपने चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए बीडीयो कार्यालय को किराए के भवन में किया शिफ्ट ददाहू सिरमौर अमित अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान नारायण सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर वार करते हुए कहा कि बीडीओ कार्यालय बीजेपी सरकार द्वारा खोला गया था। कांग्रेस की सरकार ने आते ही इस कार्यालय को बंद कर दिया गया। कांग्रेस सरकार द्वारा दोबारा से बीडीओ कार्यालय खोलने की नोटिफिकेशन जारी की गई। उसके बाद 25 जुलाई 2025 को इस कार्यालय को शुरू कर दिया गया। नारायण सिंह ने कहा कि बीडीओ कार्यालय किराए पर लेना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस सरकार पैसे का रोना रो रही है। वही बीडीयो कार्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। इस कार्यालय का कम से कम 80 से 90 हजार रुपए मासिक किराया दिया जा रहा है। नारायण सिंह ने कहा कि सरकार में सबसे पावरफुल मंत्री ने अपने चहेते को लाभ देने के लिए यह कार्यालय शिफ्ट किया है। जिसका आर्थिक बोझ सरकार को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी इस कार्यालय के लिए स्टाफ की भी कमी है। तीन व्यक्तियों के भरोसे यह कार्यालय चल रहा है। उन्होंने कहा पंचायत घर से यह कार्यालय जो नए भवन में शिफ्ट हुआ है उसके लिए एक से डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। । इस कार्यालय को पंचायत घर ददाहू में ही चलाया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि राजा वीरभद्र सिंह ने जाते-जाते ददाहू डिग्री कॉलेज खोला था लेकिन बीजेपी की सरकार ने उसे बंद नहीं किया। लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा हमारे जितने भी कार्यालय खोले गए उन्हें बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ददाहू 26 पंचायतो का केंद्र बिंदु है। नारायण सिंह ने कहा कि ददाहू शहर को जिस तरह से विकसित किया जाना था उसे विकसित नहीं किया गया है। यह क्षेत्र राजनीति की मार जेल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकतर सडके खराब पड़ी है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। यह नहीं पता लगता कि सड़क गड्ढे में है या गड्ढे सड़क में है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, नर्स पूरी नहीं है,अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि विनय कुमार आज तक ना तो बस स्टैंड को शिफ्ट कर पाए ना ही स्कूल के हॉस्टल में चल रहे कॉलेज के लिए बिल्डिंग बनवा पाए। उन्होंने कई यह सरकार तालेबंदी सरकार है। इन्होंने 4 साल में एक भी ईंट तक नहीं लगाई है। उन्होंने कहा जनता 2027 में इन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी।2