पांवटा साहिब गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर बड़वास के समीप तेल से भरा एक टैंकर पलट गया। दुर्घटना सुबह तड़के लगभग 3 से 4बजे के बीच हुई है। गनीमत रही कि दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि कुछ लोगों और पुलिस की लापरवाही की वजह से यहां कई घंटे तक अनहोनी का खतरा बना रहा। दरअसल डीजल से भरा टैंकर पलटने से उसमें भार डीजल बाहर निकलने लगा टैंकर से बहते डीजल में ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से यहां आगजनी और विस्फोट हो सकता था मगर, न तो टैंकर संचालकों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए ना ही पुलिस ने लोगों को दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के समीप जाने से रोका। टैंकर पलटने से यहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार भी लग गई थी हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य ट्रैफिक आने पर कुछ लोगों ने अन्य लोगों को टैंकर से दूर हटाया और किसी तरह सड़क मार्ग को सुचारू किया।
पांवटा साहिब गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर बड़वास के समीप तेल से भरा एक टैंकर पलट गया। दुर्घटना सुबह तड़के लगभग 3 से 4बजे के बीच हुई है। गनीमत रही कि दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि कुछ लोगों और पुलिस की लापरवाही की वजह से यहां कई घंटे तक अनहोनी का खतरा बना रहा। दरअसल डीजल से भरा टैंकर पलटने से उसमें भार डीजल बाहर निकलने लगा टैंकर से बहते डीजल में ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से यहां आगजनी और विस्फोट हो सकता था मगर, न तो टैंकर संचालकों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए ना ही पुलिस ने लोगों को दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के समीप जाने से रोका। टैंकर पलटने से यहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार भी लग गई थी हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य ट्रैफिक आने पर कुछ लोगों ने अन्य लोगों को टैंकर से दूर हटाया और किसी तरह सड़क मार्ग को सुचारू किया।
- पांवटा साहिब गुम्मा राष्ट्रीय राजमार्ग 707 पर बड़वास के समीप तेल से भरा एक टैंकर पलट गया। दुर्घटना सुबह तड़के लगभग 3 से 4बजे के बीच हुई है। गनीमत रही कि दुर्घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि कुछ लोगों और पुलिस की लापरवाही की वजह से यहां कई घंटे तक अनहोनी का खतरा बना रहा। दरअसल डीजल से भरा टैंकर पलटने से उसमें भार डीजल बाहर निकलने लगा टैंकर से बहते डीजल में ज्वलनशील पदार्थ के संपर्क में आने से यहां आगजनी और विस्फोट हो सकता था मगर, न तो टैंकर संचालकों ने यहां सुरक्षा के इंतजाम किए ना ही पुलिस ने लोगों को दुर्घटनाग्रस्त टैंकर के समीप जाने से रोका। टैंकर पलटने से यहां सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार भी लग गई थी हालांकि राष्ट्रीय राजमार्ग पर सामान्य ट्रैफिक आने पर कुछ लोगों ने अन्य लोगों को टैंकर से दूर हटाया और किसी तरह सड़क मार्ग को सुचारू किया।1
- *हरिपुरधार बाजार का कूड़ा कुफर-कैन्थू पंचायत में फेंके जाने से ग्रामीणों में रोष, प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग* *सिरमौर / हरिपुरधार।* हरिपुरधार बाजार से निकलने वाले कूड़े को ग्राम पंचायत कुफर-कैन्थू के क्षेत्र में फेंके जाने को लेकर स्थानीय ग्रामीणों में भारी रोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि खुले में कूड़ा डाले जाने से क्षेत्र की स्वच्छता बिगड़ रही है और जलस्रोतों, पशुओं व पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, हरिपुरधार बाजार का कूड़ा नियमित रूप से उचित वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित करने के बजाय कुफर-कैन्थू पंचायत क्षेत्र में फेंका जा रहा है। इससे स्थानीय लोगों को दुर्गंध, गंदगी और संक्रमण फैलने का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से चिंता जताई कि बरसात के मौसम में कूड़े से निकलने वाला दूषित पानी पेयजल स्रोतों तक पहुंच सकता है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। ग्रामीणों की मांग है कि कुफर-कैन्थू पंचायत क्षेत्र में पहले से डाले गए कूड़े को तुरंत हटवाया जाए और भविष्य में यहां कूड़ा फेंकने पर पूर्ण रूप से रोक लगाई जाए। ग्रामीणों का कहना है कि हरिपुरधार बाजार के कूड़े के लिए प्रशासन एवं संबंधित पंचायतों द्वारा उचित एवं वैज्ञानिक कूड़ा निस्तारण व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी दूसरी पंचायत के लोगों को इसका खामियाजा न भुगतना पड़े। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मौके का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने और समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वच्छता और पेयजल स्रोतों की सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है। इस अवसर पर प्रधान ग्राम पंचायत रक्षा देवी, पूर्व प्रधान विजय कृष्ण, विपतानन्द चौहान, आशा देवी, रुक्मी ठाकुर, सोमती देवी, विमला देवी, द्वारकादेवी, कौशल्या देवी, पूनम, नीलम, मीरा देवी, कमला देवी, दिनेश कुमार, बंसी राम, हरिचंद सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे। वहीं मौके का जायजा लेने के लिए भू-राजस्व विभाग से पटवारी संतराम शर्मा, फील्ड कानूनगो मनोज शर्मा तथा वन विभाग से वनरक्षक मौजूद रहे। बाईट स्थानीय4
- विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा वीडियो वायरल, रिहैब सेंटर से जुड़ा होने का दावा विकासनगर के बाबूगढ़ चुंगी का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो एक फॉलोअर ने भेजते हुए दावा किया है कि यह मामला एक रिहैब सेंटर से जुड़ा हुआ है। हालांकि, वीडियो में दिख रही घटना और पूरे मामले की वास्तविक स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। संबंधित पक्ष या पुलिस की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।1
- अपने चहेते को लाभ पहुंचाने के लिए बीडीयो कार्यालय को किराए के भवन में किया शिफ्ट ददाहू सिरमौर अमित अग्रवाल भाजपा प्रत्याशी नारायण सिंह ने मंगलवार को एक प्रेस वार्ता की। इस दौरान नारायण सिंह ने कांग्रेस पार्टी पर वार करते हुए कहा कि बीडीओ कार्यालय बीजेपी सरकार द्वारा खोला गया था। कांग्रेस की सरकार ने आते ही इस कार्यालय को बंद कर दिया गया। कांग्रेस सरकार द्वारा दोबारा से बीडीओ कार्यालय खोलने की नोटिफिकेशन जारी की गई। उसके बाद 25 जुलाई 2025 को इस कार्यालय को शुरू कर दिया गया। नारायण सिंह ने कहा कि बीडीओ कार्यालय किराए पर लेना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो कांग्रेस सरकार पैसे का रोना रो रही है। वही बीडीयो कार्यालय को किराए के भवन में शिफ्ट कर दिया गया है। इस कार्यालय का कम से कम 80 से 90 हजार रुपए मासिक किराया दिया जा रहा है। नारायण सिंह ने कहा कि सरकार में सबसे पावरफुल मंत्री ने अपने चहेते को लाभ देने के लिए यह कार्यालय शिफ्ट किया है। जिसका आर्थिक बोझ सरकार को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि अभी इस कार्यालय के लिए स्टाफ की भी कमी है। तीन व्यक्तियों के भरोसे यह कार्यालय चल रहा है। उन्होंने कहा पंचायत घर से यह कार्यालय जो नए भवन में शिफ्ट हुआ है उसके लिए एक से डेढ़ किलोमीटर का सफर तय करना पड़ेगा। । इस कार्यालय को पंचायत घर ददाहू में ही चलाया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि राजा वीरभद्र सिंह ने जाते-जाते ददाहू डिग्री कॉलेज खोला था लेकिन बीजेपी की सरकार ने उसे बंद नहीं किया। लेकिन कांग्रेस सरकार द्वारा हमारे जितने भी कार्यालय खोले गए उन्हें बंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि ददाहू 26 पंचायतो का केंद्र बिंदु है। नारायण सिंह ने कहा कि ददाहू शहर को जिस तरह से विकसित किया जाना था उसे विकसित नहीं किया गया है। यह क्षेत्र राजनीति की मार जेल रहा है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की अधिकतर सडके खराब पड़ी है। सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे पड़ गए हैं। यह नहीं पता लगता कि सड़क गड्ढे में है या गड्ढे सड़क में है। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, नर्स पूरी नहीं है,अल्ट्रासाउंड की सुविधा नहीं है। उन्होंने कहा कि बड़ी हैरानी की बात है कि विनय कुमार आज तक ना तो बस स्टैंड को शिफ्ट कर पाए ना ही स्कूल के हॉस्टल में चल रहे कॉलेज के लिए बिल्डिंग बनवा पाए। उन्होंने कई यह सरकार तालेबंदी सरकार है। इन्होंने 4 साल में एक भी ईंट तक नहीं लगाई है। उन्होंने कहा जनता 2027 में इन्हें मुंहतोड़ जवाब देगी।2
- नाहन में आवारा बैलों का आतंक: लड़ते-लड़ते गहरी खाई में गिरा बैल, रेस्क्यू जारी नाहन : शहर के सबसे व्यस्त इलाकों में से एक, नाहन-शिमला मुख्य मार्ग स्थित यशवंत बिहार में मंगलवार शाम दो बेसहारा बैलों की भयंकर भिड़ंत हो गई। सड़क पर आपस में लड़ते-लड़ते एक बैल अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी करीब 30 से 40 फीट गहरी खाई में जा गिरा। हादसे में बैल बुरी तरह घायल हो गया और खाई में फंस गया। नाहन-शिमला रोड पर दिन-रात लोगों और वाहनों की भारी आवाजाही रहती है। ऐसे में सड़क के बीचों-बीच बैलों की इस लड़ाई से एक बड़ा हादसा हो सकता था। गनीमत यह रही कि इस दौरान कोई राहगीर, पुरुष या महिला इसकी चपेट में नहीं आए, वरना किसी इंसान की जान पर बन सकती थी। घटना होते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय निवासी इंद्रा चावरिया, राजीव शर्मा, राजीव गुप्ता और अन्य स्थानीय लोगों ने तुरंत मुस्तैदी दिखाई। उन्होंने बिना वक्त गंवाए फायर ब्रिगेड (अग्निशमन विभाग) को सूचना दी और खुद भी बचाव कार्य में जुट गए। गहरी और संकरी खाई से भारी-भरकम मवेशी को निकालना बेहद मुश्किल था, जिसके लिए तुरंत हाइड्रा (क्रेन) मशीन को मौके पर मंगवाया गया। खबर लिखे जाने तक फायर ब्रिगेड की टीम और स्थानीय लोगों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन जोर-शोर से चलाया जा रहा था। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, हाइड्रा की मदद से घायल बैल को सुरक्षित बाहर निकालने में रात के लगभग 9 बजे तक का समय लग सकता है। स्थानीय निवासियों और फायर टीम के इस प्रयास की हर कोई सराहना कर रहा है।1
- बिहार सरकार जवाब दे कि शाम 7 बजे कोई लड़की राज्य की सड़कों पर सुरक्षित क्यों नहीं है! बिहार के जमुई का एक वीडियो बहुत बेचैन करने वाला है। 10वीं क्लास के एक छात्र और छात्रा को रास्ते में जबरदस्ती रोक लिया गया। उन्हें प्रताड़ित किया गया, अपमानित किया गया और छात्रा के साथ उत्पीड़न किया गया। बच्ची हाथ जोड़कर उसे जाने देने की विनती करती रही, मगर गुंडे उसे गलत तरीके से छूते और खींचतान करते रहे। इन लोगों को ऐसी बदतमीज़ी करने का हक किसने दिया? यह "संस्कृति" नहीं है, यह patriarchy है: ये सोच कि किसी भी पुरुष का किसी लड़की के शरीर, उसके आने-जाने और उसकी पसंद-नापसंद पर नियंत्रण है। जब नियंत्रण को ही संस्कृति मान कर 'अंधभक्त' ऐसी सोच को सामान्य ठहराते हैं, तो भीड़ को लगने लगता है कि वही कानून है। उस वीडियो में दिख रहे हर व्यक्ति की पहचान होनी चाहिए और उन अपराधियों पर POCSO के तहत मुकदमा चलाकर उन्हें जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए। और अगर ये घटना 19 सितंबर की है तो गुनहगार अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?1
- फर्जी GRN के जरिए 21.29 करोड़ की आबकारी ड्यूटी चोरी का आरोप, डीसी को शिकायत एकर फर्जी GRN के जरिए 21.29 करोड़ की आबकारी ड्यूटी चोरी का आरोप, डीसी को शिकायत शिकायतकर्ता ने शराब ठेकेदारों व आबकारी अधिकारियों की मिलीभगत का लगाया आरोप, FIR और रिकवरी की मांग वीओ 1 यमुनानगर आबकारी विभाग में करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता अभिनव कोहली ने जिला उपायुक्त को शिकायत देकर आरोप लगाया है कि एम/एस एचएस लिकर्स और एम/एस महिंदर सिंह एंड संस ने कुछ आबकारी अधिकारियों की कथित मिलीभगत से सरकारी सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर फर्जी जीआरएन (GRN) जनरेट किए और इससे सरकार को करीब 21.29 करोड़ रुपये के आबकारी राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। शिकायतकर्ता ने मामले में संबंधित लाइसेंसधारकों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, पूरी राशि की रिकवरी कराने तथा नियमों के तहत लाइसेंस और गोदामों के संबंध में कार्रवाई करने की मांग की है। वीओ 2 14 सितंबर को रिकवरी के आदेश का दावा अभिनव कोहली ने शिकायत में दावा किया है कि मामले की जानकारी सामने आने के बाद कलेक्टर एक्साइज एवं संयुक्त आबकारी एवं कराधान आयुक्त, हरियाणा की ओर से 14 सितंबर 2026 को डीटीसी जगाधरी को पत्र जारी किया गया था। शिकायतकर्ता के अनुसार, पत्र में संबंधित फर्मों से आबकारी विभाग की बकाया राशि की रिकवरी करने के निर्देश दिए गए थे। शिकायत में दावा किया गया है कि एचएस लिकर्स के एल-13 लाइसेंस पर 102 कथित फर्जी GRN के माध्यम से करीब 12.34 करोड़ रुपये की रिकवरी राशि बताई गई है। वहीं महिंदर सिंह एंड संस के एल-13 लाइसेंस पर 65 कथित फर्जी GRN के जरिए करीब 8.93 करोड़ रुपये तथा इसी फर्म के एल-1 लाइसेंस पर एक कथित फर्जी GRN से करीब 2 लाख रुपये की राशि बताई गई है। शिकायतकर्ता के अनुसार, संबंधित अधिकारी को निर्धारित समय में रिकवरी कर उसका दस्तावेजी प्रमाण प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए गए थे। वीओ 3 यमुनानगरगोदाम खोलने पर भी उठाए सवाल अभिनव कोहली ने आरोप लगाया कि इतनी बड़ी राशि की कथित आबकारी चोरी सामने आने के बावजूद अभी तक न तो एफआईआर दर्ज की गई और न ही पूरी रिकवरी हुई। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि कथित बकाया राशि की पूरी वसूली से पहले संबंधित फर्मों के गोदाम कैसे खोल दिए गए। उन्होंने मांग की कि मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि यदि सरकारी राजस्व की वसूली लंबित थी तो संबंधित गोदामों को खोलने और नए परमिट जारी करने की अनुमति किस आधार पर दी गई। डमी मालिक होने का भी लगाया आरोप वीओ 4 शिकायतकर्ता ने एचएस लिकर्स के संचालन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि लाइसेंसधारी महेंद्र गुप्ता केवल नाममात्र के मालिक हैं और फर्म का वास्तविक संचालन विनय साहनी तथा आदित्य राणा द्वारा किए जाने की जानकारी विभागीय अधिकारियों को है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। शिकायतकर्ता ने दोनों फर्मों की ओर से जमा कराए गए सॉल्वेंसी और श्योरिटी बांड की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि बकाया राशि समय रहते वसूल नहीं की गई तो भविष्य में सरकारी राजस्व की रिकवरी मुश्किल हो सकती है। पुराने मामले की भी जांच की मांग अभिनव कोहली ने शिकायत में एसएम वाइंस से जुड़े एक पुराने मामले का भी उल्लेख किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उस मामले में भी कथित तौर पर डमी मालिक के माध्यम से फर्म का संचालन किया गया और करीब 90 लाख रुपये का डीडी जमा होने के बावजूद सरकारी खजाने में राशि जमा नहीं हुई। उन्होंने इस मामले की भी दोबारा जांच और लंबित सरकारी राशि की रिकवरी की मांग की है। एफआईआर और विभागीय जांच की मांग शिकायतकर्ता ने सरकार से मांग की है कि सरकारी सॉफ्टवेयर से कथित छेड़छाड़ और फर्जी GRN तैयार करने के मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। साथ ही लाइसेंसधारकों के साथ-साथ यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि किसी आबकारी अधिकारी की जानबूझकर लापरवाही या मिलीभगत सामने आती है तो उसके खिलाफ स्वतंत्र विभागीय और आपराधिक जांच कराई जाए। शिकायतकर्ता ने कहा कि जांच पूरी होने और बकाया राशि की रिकवरी तक नियमों के अनुसार लाइसेंस निलंबित करने तथा गोदामों के संबंध में उचित कार्रवाई की जानी चाहिए। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। मामले में आबकारी विभाग और संबंधित फर्मों का पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। बाइट 1 अभिनव कोहली शिकायतकर्ता2
- पांवटा-शिलाई NH-707 पर हेवणा के पास पेट्रोल का टैंकर पलटा पांवटा-शिलाई NH-707 पर हेवणा के पास बड़ा हादसा सामने आया है। यहां ऑयल से भरा एक टैंकर बीच सड़क पर पलट गया, जिसके चलते बड़े वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। हादसे के बाद दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई । सड़क बंद होने से यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि चालक और परिचालक दोनों सुरक्षित है। पेट्रोल टैंकर के सड़क पर पलटे होने के कारण यहां किसी बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है।3