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किशनगंज में नव पदस्थ एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार का स्वागत किशनगंज में अभिभाषक परिषद की ओर से नव पदस्थ एसडीएम हेमंत कुमार घनघोर, तहसीलदार डॉ. विशाल वर्मा व नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार मीणा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई परिषद अध्यक्ष गिरिराज कल्याणपुरिया ने की। इस दौरान राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर चर्चा हुई। तहसीलदार ने तहसील क्षेत्र में फार्मर आईडी की कम प्रगति बताते हुए अधिवक्ताओं से किसान पक्षकारों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में परिषद के अधिवक्ता मौजूद रहे।

11 hrs ago
user_हर्षित भार्गव
हर्षित भार्गव
पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
11 hrs ago

किशनगंज में नव पदस्थ एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदार का स्वागत किशनगंज में अभिभाषक परिषद की ओर से नव पदस्थ एसडीएम हेमंत कुमार घनघोर, तहसीलदार डॉ. विशाल वर्मा व नायब तहसीलदार नरेंद्र कुमार मीणा का स्वागत किया गया। कार्यक्रम की अगुवाई परिषद अध्यक्ष गिरिराज कल्याणपुरिया ने की। इस दौरान राजस्व न्यायालयों की कार्यप्रणाली, लंबित प्रकरणों के त्वरित निस्तारण पर चर्चा हुई। तहसीलदार ने तहसील क्षेत्र में फार्मर आईडी की कम प्रगति बताते हुए अधिवक्ताओं से किसान पक्षकारों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए प्रेरित करने की अपील की। कार्यक्रम में परिषद के अधिवक्ता मौजूद रहे।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • Post by Hemraj lodha
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    Post by Hemraj lodha
    user_Hemraj lodha
    Hemraj lodha
    Business-to-Business service बारां, बारां, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
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    अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
अटरू में कीटनाशक छिड़काव को लेकर कृषि विभाग अलर्ट, किसानों को सावधानी बरतने की सलाह
    user_विरेन्द्र कुमारशर्मा
    विरेन्द्र कुमारशर्मा
    अटरू, बारां, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • श्योपुर में छात्राओं के आरोपों के बीच शिक्षक का दर्द, सीसीटीवी कैमरे की जांच,निष्पक्ष जांच और सबूत देखें...शिक्षक बोला जांच ही सहारा है.... दोषी हूं तो कठोर कार्रवाई की जाए और निर्दोष हूं तो फिर षडयंत्र रचने बालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.....पहला झूठ 5 साल से सहन कर रहे....जबकि शिक्षक को 3 साल हुआ हॉस्टल में....मामला गंभीर है
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    श्योपुर में छात्राओं के आरोपों के बीच शिक्षक का दर्द, सीसीटीवी कैमरे की जांच,निष्पक्ष जांच और सबूत देखें...शिक्षक बोला जांच ही सहारा है.... दोषी हूं तो कठोर कार्रवाई की जाए और निर्दोष हूं तो फिर षडयंत्र रचने बालों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए.....पहला झूठ 5 साल से सहन कर रहे....जबकि शिक्षक को 3 साल हुआ हॉस्टल में....मामला गंभीर है
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    15 hrs ago
  • सफाई का टेंडर, फिर भी गंदगी बरकरार: हाट बाजार के बाद 3-4 दिन तक नहीं उठता कचरा कवाई. कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और बारिश होते ही कई गलियों में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। सबसे खराब स्थिति तालाब की पाल की है, जहां सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और तीन से चार दिन तक वहीं पड़ा रहता है। करीब दो साल पहले 11 करोड़ रुपए की लागत से तालाब की पाल का सौंदर्यीकरण कराया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन नियमित साफ-सफाई के अभाव में पाल पर गंदगी फैल रही है। हाट बाजार के बाद सब्जियों के अवशेष और अन्य कचरा पड़ा रहने से बदबू की स्थिति बन जाती है। तेज हवा चलने पर पॉलीथिन और कचरा आसपास के घरों तक पहुंच रहा है। '''''कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई मोहल्लेवासियों भवानी शंकर मेहता, रामचरण सोनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कई बार मृत मवेशियों को भी तालाब में डाल दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है। कांग्रेस नेता रामचरण सोनी और अन्य मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि पंचायत की ओर से सफाई के लिए लाखों रुपए का टेंडर किया गया है, लेकिन मौके पर नियमित सफाई नहीं दिखाई देती। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा। '''''नालियां जाम, बारिश से पहले नहीं हुई सफाई कस्बे की सफाई व्यवस्था की दूसरी बड़ी समस्या जाम नालियां हैं। कस्बा निवासी निर्मल मित्तल ने बताया कि कई नालियों में मलबा जमा है और लंबे समय से सफाई नहीं हुई। पहले हर साल बारिश से पहले नालियों और नालों की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ। इसका असर बारिश के दौरान दिखाई देता है। थोड़ी बारिश में ही कई गलियों में पानी भर जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कस्बेवासियों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि सरकार ने सफाई व्यवस्था के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया लागू की है, लेकिन कवाई में इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है। लोगों ने पंचायत प्रशासन से हाट बाजार के बाद तत्काल कचरा उठाने, जाम नालियों की सफाई कराने, नालियों से मलबा निकालने और पूरे कस्बे में नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर हो चुका है तो फिर कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर और जाम नालियां क्यों नजर आ रही हैं।
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    सफाई का टेंडर, फिर भी गंदगी बरकरार: हाट बाजार के बाद 3-4 दिन तक नहीं उठता कचरा
कवाई. कस्बे में सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर होने के बावजूद हालात सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हैं, नालियां जाम हैं और बारिश होते ही कई गलियों में पानी भरने की समस्या सामने आ रही है। सबसे खराब स्थिति तालाब की पाल की है, जहां सोमवार को लगने वाले साप्ताहिक हाट बाजार के बाद बड़ी मात्रा में कचरा जमा हो जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कचरा समय पर नहीं उठाया जाता और तीन से चार दिन तक वहीं पड़ा रहता है।
करीब दो साल पहले 11 करोड़ रुपए की लागत से तालाब की पाल का सौंदर्यीकरण कराया गया था। इसके बाद लोगों को उम्मीद थी कि क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी, लेकिन नियमित साफ-सफाई के अभाव में पाल पर गंदगी फैल रही है। हाट बाजार के बाद सब्जियों के अवशेष और अन्य कचरा पड़ा रहने से बदबू की स्थिति बन जाती है। तेज हवा चलने पर पॉलीथिन और कचरा आसपास के घरों तक पहुंच रहा है।
'''''कई बार शिकायत, फिर भी नहीं हुई कार्रवाई
मोहल्लेवासियों भवानी शंकर मेहता, रामचरण सोनी सहित अन्य लोगों ने बताया कि सफाई व्यवस्था को लेकर ग्राम पंचायत में कई बार शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। लोगों का कहना है कि कई बार मृत मवेशियों को भी तालाब में डाल दिया जाता है, जिससे दुर्गंध के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी होती है।
कांग्रेस नेता रामचरण सोनी और अन्य मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि पंचायत की ओर से सफाई के लिए लाखों रुपए का टेंडर किया गया है, लेकिन मौके पर नियमित सफाई नहीं दिखाई देती। उनका आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सफाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है और सरकारी राशि का सही उपयोग नहीं हो रहा।
'''''नालियां जाम, बारिश से पहले नहीं हुई सफाई
कस्बे की सफाई व्यवस्था की दूसरी बड़ी समस्या जाम नालियां हैं। कस्बा निवासी निर्मल मित्तल ने बताया कि कई नालियों में मलबा जमा है और लंबे समय से सफाई नहीं हुई। पहले हर साल बारिश से पहले नालियों और नालों की सफाई कराई जाती थी, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ।
इसका असर बारिश के दौरान दिखाई देता है। थोड़ी बारिश में ही कई गलियों में पानी भर जाता है और लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कस्बेवासियों और प्रबुद्धजनों का कहना है कि सरकार ने सफाई व्यवस्था के लिए अलग से टेंडर प्रक्रिया लागू की है, लेकिन कवाई में इसका फायदा लोगों को नहीं मिल रहा है।
लोगों ने पंचायत प्रशासन से हाट बाजार के बाद तत्काल कचरा उठाने, जाम नालियों की सफाई कराने, नालियों से मलबा निकालने और पूरे कस्बे में नियमित सफाई व्यवस्था की निगरानी कराने की मांग की है। लोगों का सवाल है कि जब सफाई व्यवस्था के लिए टेंडर हो चुका है तो फिर कस्बे में जगह-जगह गंदगी के ढेर और जाम नालियां क्यों नजर आ रही हैं।
    user_Gajendra Gautam
    Gajendra Gautam
    राजस्थान पत्रिका संवाददाता अटरू, बारां, राजस्थान•
    17 hrs ago
  • aap logon ka hisab chahie please Mere is channel ko share Karen post Karen Se Jyada
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    aap logon ka hisab chahie please Mere is channel ko share Karen post Karen Se Jyada
    user_Jai Jaganath
    Jai Jaganath
    छबड़ा, बारां, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • सहरोल तलहटी में शिक्षा विभाग की चौपाल, स्कूलों की समस्याओं के समाधान पर बनी कार्ययोजना सहरोल तलहटी क्षेत्र में शिक्षा विभाग की ओर से चौपाल आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं, विद्यार्थियों की सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने शिक्षकों और ग्रामीणों से स्कूलों की समस्याओं की जानकारी ली। चौपाल में भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सामने आए। अधिकारियों ने समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार की। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
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    सहरोल तलहटी में शिक्षा विभाग की चौपाल, स्कूलों की समस्याओं के समाधान पर बनी कार्ययोजना


सहरोल तलहटी क्षेत्र में शिक्षा विभाग की ओर से चौपाल आयोजित की गई। इसमें क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों में व्याप्त समस्याओं, विद्यार्थियों की सुविधाओं और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों ने शिक्षकों और ग्रामीणों से स्कूलों की समस्याओं की जानकारी ली। चौपाल में भवन, पेयजल, शौचालय, बिजली सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े मुद्दे सामने आए। अधिकारियों ने समस्याओं के प्राथमिकता से समाधान के लिए कार्ययोजना तैयार की। साथ ही विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने और विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
    user_हर्षित भार्गव
    हर्षित भार्गव
    पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
    13 hrs ago
  • स्कूल में पढ़ाई छोड़ प्रेमालाप के आरोप, परेशान छात्रों ने 100 KM दूर पहुंचकर की शिकायत विभाग ने दोनों शिक्षकों पर की कार्रवाई मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से स्कूल की व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विद्यार्थियों ने स्कूल के प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका पर पढ़ाई के बजाय आपसी प्रेम संबंधों में व्यस्त रहने के आरोप लगाए। बच्चों का कहना है कि शिक्षकों के इस व्यवहार का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा था। मामले की शिकायत करने के लिए विद्यार्थियों को करीब 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक जाना पड़ा। बच्चों ने कहा—कक्षाएं जल्दी खत्म कर देते थे शिक्षक मामला जुन्नारदेव ब्लॉक के बीचबहरी गांव स्थित शासकीय माध्यमिक शाला का बताया जा रहा है। विद्यार्थियों के आरोपों के मुताबिक प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के बीच स्कूल परिसर में अनुचित नजदीकी देखने को मिलती थी। छात्रों का दावा है कि पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और कई बार कक्षाएं भी समय से पहले समाप्त कर दी जाती थीं। रिपोर्टों के अनुसार, विद्यार्थियों ने शिक्षकों के कथित व्यवहार से परेशान होकर मामले को अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया। इसके लिए बच्चों ने करीब 100 किलोमीटर की यात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत रखी। छात्रों की इस पहल ने स्कूलों में शिक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया मामले में 15 अगस्त को विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद सामने आया। वीडियो को लेकर विद्यार्थियों ने प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के बीच स्कूल परिसर में कथित आपत्तिजनक नजदीकी के आरोप लगाए। इसके बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा। शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विभाग ने दोनों को स्कूल से हटा दिया है। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा शिक्षकों का ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है। बच्चों की शिकायत ने खड़े किए बड़े सवाल यह मामला सिर्फ दो शिक्षकों के कथित व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि यदि विद्यार्थियों के आरोप सही हैं तो स्कूल समय में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी—बच्चों की पढ़ाई—क्यों प्रभावित हुई? बच्चों द्वारा अपनी शिक्षा प्रभावित होने की शिकायत लेकर अधिकारियों तक पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम ने स्कूलों में शिक्षक-आचरण, अनुशासन और विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
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    स्कूल में पढ़ाई छोड़ प्रेमालाप के आरोप, परेशान छात्रों ने 100 KM दूर पहुंचकर की शिकायत
विभाग ने दोनों शिक्षकों पर की कार्रवाई
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव से स्कूल की व्यवस्था और शिक्षकों की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करने वाला हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां विद्यार्थियों ने स्कूल के प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका पर पढ़ाई के बजाय आपसी प्रेम संबंधों में व्यस्त रहने के आरोप लगाए। बच्चों का कहना है कि शिक्षकों के इस व्यवहार का सीधा असर उनकी पढ़ाई पर पड़ रहा था। मामले की शिकायत करने के लिए विद्यार्थियों को करीब 100 किलोमीटर दूर जिला मुख्यालय तक जाना पड़ा।
बच्चों ने कहा—कक्षाएं जल्दी खत्म कर देते थे शिक्षक
मामला जुन्नारदेव ब्लॉक के बीचबहरी गांव स्थित शासकीय माध्यमिक शाला का बताया जा रहा है। विद्यार्थियों के आरोपों के मुताबिक प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के बीच स्कूल परिसर में अनुचित नजदीकी देखने को मिलती थी। छात्रों का दावा है कि पढ़ाई प्रभावित हो रही थी और कई बार कक्षाएं भी समय से पहले समाप्त कर दी जाती थीं।
रिपोर्टों के अनुसार, विद्यार्थियों ने शिक्षकों के कथित व्यवहार से परेशान होकर मामले को अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया। इसके लिए बच्चों ने करीब 100 किलोमीटर की यात्रा कर जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी शिकायत रखी। छात्रों की इस पहल ने स्कूलों में शिक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया
मामले में 15 अगस्त को विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए एक कथित वीडियो के वायरल होने के बाद विवाद सामने आया। वीडियो को लेकर विद्यार्थियों ने प्रभारी शिक्षक और अतिथि शिक्षिका के बीच स्कूल परिसर में कथित आपत्तिजनक नजदीकी के आरोप लगाए। इसके बाद मामला शिक्षा विभाग तक पहुंचा।
शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया और दोनों शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक विभाग ने दोनों को स्कूल से हटा दिया है। अधिकारियों की ओर से स्पष्ट किया गया कि स्कूलों में अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा शिक्षकों का ऐसा आचरण स्वीकार्य नहीं है।
बच्चों की शिकायत ने खड़े किए बड़े सवाल
यह मामला सिर्फ दो शिक्षकों के कथित व्यक्तिगत संबंधों तक सीमित नहीं है, बल्कि सवाल यह है कि यदि विद्यार्थियों के आरोप सही हैं तो स्कूल समय में शिक्षकों की प्राथमिक जिम्मेदारी—बच्चों की पढ़ाई—क्यों प्रभावित हुई?
बच्चों द्वारा अपनी शिक्षा प्रभावित होने की शिकायत लेकर अधिकारियों तक पहुंचना भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटनाक्रम ने स्कूलों में शिक्षक-आचरण, अनुशासन और विद्यार्थियों की शिकायतों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • “नाविक भी भांप गया कि रामनिवास रावत कोई कच्चे खिलाड़ी नहीं, बल्कि पक्के खिलाड़ी हैं..सियासत की लहरों के बाद अब पानी की लहरों के साथ 66 वर्षीय श्री रावत का ये अंदाज देखिए.
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    “नाविक भी भांप गया कि रामनिवास रावत कोई कच्चे खिलाड़ी नहीं, बल्कि पक्के खिलाड़ी हैं..सियासत की लहरों के बाद अब पानी की लहरों के साथ 66 वर्षीय श्री रावत का ये अंदाज देखिए.
    user_SHEOPUR NEWS FIRST
    SHEOPUR NEWS FIRST
    Building society Sheopur, Madhya Pradesh•
    16 hrs ago
  • यूपी में न्याय की नाउम्मीदी? फरियादी अब जान देने की कोशिश तक पहुंच रहे! उत्तर प्रदेश से सामने आई घटना कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। शामली में राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में एक किसान ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। आरोप है कि किसान से कानूनगो ने ₹50 हजार की रिश्वत मांगी थी। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी के कथित तौर पर वीडियो बनाने की बात भी सामने आई है।
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    यूपी में न्याय की नाउम्मीदी? फरियादी अब जान देने की कोशिश तक पहुंच रहे!
उत्तर प्रदेश से सामने आई  घटना कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
शामली में राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में एक किसान ने खुद पर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की कोशिश की। आरोप है कि किसान से कानूनगो ने ₹50 हजार की रिश्वत मांगी थी। घटना के दौरान एक पुलिसकर्मी के कथित तौर पर वीडियो बनाने की बात भी सामने आई है।
    user_Deepak ojha
    Deepak ojha
    Local News Reporter गुना नगर, गुना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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