बिजुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 नग नशीले इंजेक्शन के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार *बिजुरी/अनूपपुर (05 मई 2026)* पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर्र रहमान के निर्देशन में नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिजुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भालुगुडार क्षेत्र में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश* पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि भालुगुडार के वार्ड क्रमांक 07 में एक महिला अपने घर में अवैध नशीले इंजेक्शनों का भंडारण कर उसे बेचने का काम कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एस.डी.ओ.पी. कोतमा सुश्री आरती शाक्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी की गई। *जप्त सामग्री और गिरफ्तारी* वार्ड क्र. 07 भालुगुडार स्थित *पुष्पा उर्फ रानी सिंह उइके* (उम्र 32 वर्ष) के घर पर दी गई दबिश के दौरान तलाशी लेने पर पुलिस को निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई: *Pheniramine Maleate Injection I.P.* 10 ml के 50 नग। *Buprenorphine Injection I.P.:* 2 ml के 50 नग। *कुल जप्ती:* 100 नग इंजेक्शन (अनुमानित कीमत ₹20,000)। आरोपी महिला द्वारा इन इंजेक्शनों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। *कानूनी कार्रवाई* प्रतिबंधित औषधि को अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से रखने पर आरोपी महिला के विरुद्ध *NDPS एक्ट की धारा 8/22* एवं *औषधि निवारण अधिनियम 1949 की धारा 5/13* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी महिला ने यह नशीली खेप कहां से प्राप्त की थी। *सराहनीय भूमिका* इस सफल कार्रवाई में बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, सउनि प्रभाकर पटेल, आरक्षक लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, महिला आरक्षक संगम तोमर (305) एवं संगम तोमर (317) की मुख्य भूमिका रही।
बिजुरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 100 नग नशीले इंजेक्शन के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार *बिजुरी/अनूपपुर (05 मई 2026)* पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर्र रहमान के निर्देशन में नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिजुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भालुगुडार क्षेत्र में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश* पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि भालुगुडार के वार्ड क्रमांक 07 में एक महिला अपने घर में अवैध नशीले इंजेक्शनों का भंडारण कर उसे बेचने का काम
कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एस.डी.ओ.पी. कोतमा सुश्री आरती शाक्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी की गई। *जप्त सामग्री और गिरफ्तारी* वार्ड क्र. 07 भालुगुडार स्थित *पुष्पा उर्फ रानी सिंह उइके* (उम्र 32 वर्ष) के घर पर दी गई दबिश के दौरान तलाशी लेने पर पुलिस को निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई: *Pheniramine Maleate Injection I.P.* 10 ml के 50 नग। *Buprenorphine Injection I.P.:* 2 ml के 50 नग। *कुल जप्ती:* 100 नग इंजेक्शन (अनुमानित कीमत ₹20,000)। आरोपी महिला द्वारा इन इंजेक्शनों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। *कानूनी
कार्रवाई* प्रतिबंधित औषधि को अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से रखने पर आरोपी महिला के विरुद्ध *NDPS एक्ट की धारा 8/22* एवं *औषधि निवारण अधिनियम 1949 की धारा 5/13* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी महिला ने यह नशीली खेप कहां से प्राप्त की थी। *सराहनीय भूमिका* इस सफल कार्रवाई में बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, सउनि प्रभाकर पटेल, आरक्षक लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, महिला आरक्षक संगम तोमर (305) एवं संगम तोमर (317) की मुख्य भूमिका रही।
- *बिजुरी/अनूपपुर (05 मई 2026)* पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर्र रहमान के निर्देशन में नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिजुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भालुगुडार क्षेत्र में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश* पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि भालुगुडार के वार्ड क्रमांक 07 में एक महिला अपने घर में अवैध नशीले इंजेक्शनों का भंडारण कर उसे बेचने का काम कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एस.डी.ओ.पी. कोतमा सुश्री आरती शाक्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी की गई। *जप्त सामग्री और गिरफ्तारी* वार्ड क्र. 07 भालुगुडार स्थित *पुष्पा उर्फ रानी सिंह उइके* (उम्र 32 वर्ष) के घर पर दी गई दबिश के दौरान तलाशी लेने पर पुलिस को निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई: *Pheniramine Maleate Injection I.P.* 10 ml के 50 नग। *Buprenorphine Injection I.P.:* 2 ml के 50 नग। *कुल जप्ती:* 100 नग इंजेक्शन (अनुमानित कीमत ₹20,000)। आरोपी महिला द्वारा इन इंजेक्शनों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। *कानूनी कार्रवाई* प्रतिबंधित औषधि को अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से रखने पर आरोपी महिला के विरुद्ध *NDPS एक्ट की धारा 8/22* एवं *औषधि निवारण अधिनियम 1949 की धारा 5/13* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी महिला ने यह नशीली खेप कहां से प्राप्त की थी। *सराहनीय भूमिका* इस सफल कार्रवाई में बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, सउनि प्रभाकर पटेल, आरक्षक लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, महिला आरक्षक संगम तोमर (305) एवं संगम तोमर (317) की मुख्य भूमिका रही।3
- जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (मोजर बेयर पावर प्लांट) में काम के दौरान 48 वर्षीय श्रमिक देवसरन केवट की मौत, बिना पोस्टमार्टम शव भेजने पर भड़के परिजन अनूपपुर/जैतहरी। जिले के जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पावर लिमिटेड (पूर्व में मोजर बेयर पावर प्लांट) में कार्यरत एक श्रमिक की काम के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान देवसरन केवट (48 वर्ष), निवासी ग्राम चांदपुर, ग्राम पंचायत महुदा, जिला अनूपपुर के रूप में हुई है। घटना के बाद कंपनी प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे हैं। परिजनों का आरोप है कि श्रमिक की मौत के बाद कंपनी और प्रबंधन के लोग बिना पोस्टमार्टम कराए ही शव को आनन-फानन में घर भेजने की तैयारी कर रहे थे, जिसे लेकर मौके पर जमकर हंगामा हुआपरिजनों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने मामले को दबाने की कोशिश करते हुए बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के शव को सीधे घर भेजने की तैयारी शुरू कर दी। परिजनों ने जब पोस्टमार्टम और मृत्यु के वास्तविक कारण को लेकर सवाल उठाया तो मौके पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। आक्रोशित परिजनों ने शव ले जाने से साफ इनकार कर दिया और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।घटना के बाद प्लांट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। परिजन और ग्रामीण लगातार यह मांग कर रहे हैं कि मृतक की मौत की निष्पक्ष जांच हो, पोस्टमार्टम कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि श्रमिक की मौत किन परिस्थितियों में हुई। साथ ही मृतक के आश्रित परिवार को उचित मुआवजा, नौकरी और वैधानिक सुविधाएं तत्काल प्रदान की जाएं।फिलहाल परिजनों के हंगामे के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। कंपनी प्रबंधन और परिजनों के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं, लेकिन परिजन लिखित आश्वासन, वैधानिक मुआवजा और विधिसम्मत कार्रवाई पर अड़े हुए हैं।2
- *पश्चिम बंगाल में न्याय की गूंज, अन्याय के खिलाफ उठी दो बड़ी आवाजें-* *पहली- रत्ना देबनाथ* आरजी कर मेडिकल कॉलेज की उस डॉक्टर बेटी की मां, जिनके साथ हुई दरिंदगी ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। *दूसरी-रेखा पात्रा* - संदेशखाली में हुई हिंसा और उत्पीड़न की शिकार रेखा पात्रा की आपबीती भी रोंगटे खड़े कर देने वाली है। उनके साथ हुए अत्याचार के अलावा, उनके सास-ससुर की भी निर्मम हत्या कर दी गई थी। *दोनों ही महिलाओं को बीजेपी ने टिकट दिया और बंगाल ने इन्हें जीताकर ये तय कर दिया की देश अब और अत्याचार नहीं सहेगा।*1
- शहडोल: जिले की थाना कोतवाली पुलिस ने चोरी की तीन बड़ी वारदातों का सफल खुलासा करते हुए एक बाल अपचारी (नाबालिग) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गए लगभग 2 लाख रुपये के मशरूका (सोना-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान) बरामद किए हैं। क्या थीं घटनाएं? पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, क्षेत्र में चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं: किराना गोदाम में चोरी: फरियादी अशोक कुमार मोर ने शिकायत की कि शाई मंदिर के पीछे स्थित उनके किराना गोदाम का दरवाजा तोड़कर 17-18 अप्रैल 2026 की रात को अज्ञात चोरों ने डालडा कंपनी का तेल (180 पाउच) और चाय पत्ती चोरी कर ली। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसमें लगभग ₹45,000 का नुकसान हुआ। वैष्णो देवी गए परिवार के घर चोरी: फरियादी नंदलाल यादव ने बताया कि उनका परिवार 20 अप्रैल को वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था। 27 अप्रैल को वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी सहित लगभग ₹1,25,000 की चोरी हुई है। सूने घर में चोरी: फरियादी आत्मानंद शुक्ला ने सूचित किया कि उनके सूने ससुराल के घर में अज्ञात व्यक्ति ने घुसकर सामान अस्त-व्यस्त किया और लगभग ₹10,000 नकद की चोरी कर ली। त्वरित कार्रवाई और बरामदगी तीनों घटनाओं के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच की। इसके बाद 05 मई 2026 को बाल अपचारी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने तीनों वारदातों को स्वीकार किया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर बाल न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी कोतवाली शहडोल के नेतृत्व में प्र.आर. पंचम सिंह, प्र.आर. बैजनाथ सिंह और प्र.आर. सिद्धार्थ रैकवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- Post by Manoj Singh1
- शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ? 👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा! प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है। 👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया? या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके? 👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला। विद्1
- भारी पेंडेंसी: मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक RTI आवेदन और अपीलें सालों से लंबित हैं। ऑनलाइन की कमी: डिजिटल युग में भी मध्य प्रदेश में RTI आवेदन ऑफलाइन (कागज पर) लिए जाते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार का कोई समर्पित ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, जबकि केंद्र का पोर्टल उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं पर हमले: राज्य में RTI कार्यकर्ताओं को धमकियां, हमले और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी न मिलना: कई मामलों में मांगी गई जानकारी का सही जवाब नहीं मिलता, जिससे कानून निष्प्रभावी हो गया है। प्रक्रिया में देरी: अपील प्रक्रिया (प्रथम और द्वितीय) में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।1
- Post by Onkar Singh1