शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ? 👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा! प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है। 👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया? या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके? 👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला। विद्
शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ? 👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा! प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है। 👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया? या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके? 👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला। विद्
- शहडोल: जिले की थाना कोतवाली पुलिस ने चोरी की तीन बड़ी वारदातों का सफल खुलासा करते हुए एक बाल अपचारी (नाबालिग) को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी गए लगभग 2 लाख रुपये के मशरूका (सोना-चांदी के जेवरात, नकदी और अन्य सामान) बरामद किए हैं। क्या थीं घटनाएं? पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, क्षेत्र में चोरी की तीन घटनाएं सामने आई थीं: किराना गोदाम में चोरी: फरियादी अशोक कुमार मोर ने शिकायत की कि शाई मंदिर के पीछे स्थित उनके किराना गोदाम का दरवाजा तोड़कर 17-18 अप्रैल 2026 की रात को अज्ञात चोरों ने डालडा कंपनी का तेल (180 पाउच) और चाय पत्ती चोरी कर ली। साथ ही, सीसीटीवी कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया था। इसमें लगभग ₹45,000 का नुकसान हुआ। वैष्णो देवी गए परिवार के घर चोरी: फरियादी नंदलाल यादव ने बताया कि उनका परिवार 20 अप्रैल को वैष्णो देवी दर्शन के लिए गया था। 27 अप्रैल को वापस लौटने पर उन्होंने पाया कि ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी सहित लगभग ₹1,25,000 की चोरी हुई है। सूने घर में चोरी: फरियादी आत्मानंद शुक्ला ने सूचित किया कि उनके सूने ससुराल के घर में अज्ञात व्यक्ति ने घुसकर सामान अस्त-व्यस्त किया और लगभग ₹10,000 नकद की चोरी कर ली। त्वरित कार्रवाई और बरामदगी तीनों घटनाओं के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर तकनीकी साक्ष्य, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जांच की। इसके बाद 05 मई 2026 को बाल अपचारी को पकड़ लिया गया। पूछताछ में उसने तीनों वारदातों को स्वीकार किया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर बाल न्यायालय में पेश कर दिया गया है। इस सराहनीय कार्य में थाना प्रभारी कोतवाली शहडोल के नेतृत्व में प्र.आर. पंचम सिंह, प्र.आर. बैजनाथ सिंह और प्र.आर. सिद्धार्थ रैकवार की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- Post by Manoj Singh1
- शहडोल । जैतपुर में रेत का 'मायाजाल': अधिकारियों ने कागजों में भरी रेत, हकीकत में मैदान खाली! जैतपुर (शहडोल): जैतपुर थाना क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर लगाम लगाने का प्रशासनिक दावा एक बार फिर सवालों के घेरे में है। एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने भारी-भरकम लाव-लश्कर के साथ छापेमारी तो की, लेकिन असली खेल जब्ती के बाद शुरू हुआ। जनता पूछ रही है— साहब, कार्रवाई वाली रेत आखिर गई कहाँ? 👉कार्रवाई का शोर ज्यादा, जब्ती का हिसाब आधा! प्रशासनिक अमले ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान सैकड़ों घन मीटर रेत जब्त करने का ढिंढोरा पीटा, लेकिन मौके से रेत का रहस्यमयी ढंग से गायब होना कई संदेह पैदा कर रहा है। 👉क्या जब्त की गई रेत को माफियाओं ने अधिकारियों की नाक के नीचे से चोरी कर लिया? या फिर जब्ती की कार्रवाई महज 'खानापूर्ति' थी ताकि रेत के असली सौदागरों को सुरक्षित रास्ता दिया जा सके? 👉पहरेदारी का ढोंग: सोती हुई पुलिस और जागता हुआ माफिया इस पूरी घटना का सबसे शर्मनाक पहलू वह मंजर है, जहाँ जब्त रेत और वाहनों की देखरेख के लिए तैनात पुलिस कर्मचारी जमीन पर लेटा हुआ मिला। विद्1
- भारी पेंडेंसी: मध्य प्रदेश में 22,000 से अधिक RTI आवेदन और अपीलें सालों से लंबित हैं। ऑनलाइन की कमी: डिजिटल युग में भी मध्य प्रदेश में RTI आवेदन ऑफलाइन (कागज पर) लिए जाते हैं, जिसके लिए राज्य सरकार का कोई समर्पित ऑनलाइन पोर्टल नहीं है, जबकि केंद्र का पोर्टल उपलब्ध है। कार्यकर्ताओं पर हमले: राज्य में RTI कार्यकर्ताओं को धमकियां, हमले और झूठे आपराधिक मामलों में फंसाने के आरोप सामने आए हैं। जानकारी न मिलना: कई मामलों में मांगी गई जानकारी का सही जवाब नहीं मिलता, जिससे कानून निष्प्रभावी हो गया है। प्रक्रिया में देरी: अपील प्रक्रिया (प्रथम और द्वितीय) में बहुत ज्यादा समय लग रहा है।1
- हमारी जनगणना, हमारा विकास राष्ट्रीय अभियान में जिलेवासी करें सहयोग - कलेक्टर ==== कलेक्टर ने जनगणना प्रचार रथ को दिखाई हरी झंडी ==== शहडोल 4 मई 2026- कलेक्टर एवं प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी डॉ. केदार सिंह ने जनगणना कार्य के प्रचार-प्रसार हेतु जनसंपर्क संचालनालय भोपाल द्वारा प्रदाय की गई जनगणना प्रचार रथ को कलेक्ट्रेट परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रचार रथ द्वारा शहडोल जिले के समस्त विकासखंडों में पहुंचकर जनगणना हेतु किए जा रहे कार्यों के प्रति जनमानस को जागरूक किया जाएगा तथा लोगों को जनगणना के महत्व की जानकारी दी जाएगी। कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा है कि जनगणना-2027 के तहत 1 मई से 30 मई तक मकान सूचीकरण का कार्य किया जा रहा है। जनगणना कार्य में संलग्न अधिकारी एवं कर्मचारी मकान गणना सहित 33 प्रकार की जानकारी प्राप्त करेंगे। सभी जिलेवासी अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग करते हुए जनगणना के अंतर्गत मकान गणना कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनगणना का उद्देश्य देश की जनसंख्या, सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का सटीक आंकलन करना है, जिससे भविष्य की योजनाओं को बेहतर एवं प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके। जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय प्रक्रिया है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। सही एवं सटीक जानकारी देकर जिलेवासी देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। कलेक्टर ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि जानकारी देने से पहले अधिकारी अथवा कर्मचारी का पहचान पत्र अवश्य जांच लें। केवल अधिकृत शासकीय कर्मचारियों को ही जानकारी प्रदान करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल प्रशासन को दें।1
- *बिजुरी/अनूपपुर (05 मई 2026)* पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री मोती उर्र रहमान के निर्देशन में नशीले पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिजुरी पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने भालुगुडार क्षेत्र में दबिश देकर भारी मात्रा में अवैध नशीले इंजेक्शन जब्त किए हैं और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। *मुखबिर की सूचना पर पुलिस की दबिश* पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि भालुगुडार के वार्ड क्रमांक 07 में एक महिला अपने घर में अवैध नशीले इंजेक्शनों का भंडारण कर उसे बेचने का काम कर रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एस.डी.ओ.पी. कोतमा सुश्री आरती शाक्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी की गई। *जप्त सामग्री और गिरफ्तारी* वार्ड क्र. 07 भालुगुडार स्थित *पुष्पा उर्फ रानी सिंह उइके* (उम्र 32 वर्ष) के घर पर दी गई दबिश के दौरान तलाशी लेने पर पुलिस को निम्नलिखित प्रतिबंधित सामग्री बरामद हुई: *Pheniramine Maleate Injection I.P.* 10 ml के 50 नग। *Buprenorphine Injection I.P.:* 2 ml के 50 नग। *कुल जप्ती:* 100 नग इंजेक्शन (अनुमानित कीमत ₹20,000)। आरोपी महिला द्वारा इन इंजेक्शनों के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं किया गया। *कानूनी कार्रवाई* प्रतिबंधित औषधि को अवैध रूप से बेचने के उद्देश्य से रखने पर आरोपी महिला के विरुद्ध *NDPS एक्ट की धारा 8/22* एवं *औषधि निवारण अधिनियम 1949 की धारा 5/13* के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोपी महिला ने यह नशीली खेप कहां से प्राप्त की थी। *सराहनीय भूमिका* इस सफल कार्रवाई में बिजुरी थाना प्रभारी निरीक्षक विकास सिंह, सउनि प्रभाकर पटेल, आरक्षक लक्ष्मण डांगी, मनोज उपाध्याय, रवि सिंह, महिला आरक्षक संगम तोमर (305) एवं संगम तोमर (317) की मुख्य भूमिका रही।3
- खबर: शहडोल जिले के खन्नौधी स्थित सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा में बीते कई महीनों से कैश की किल्लत ने आम उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि बैंक पहुंचने पर हर बार एक ही जवाब मिलता है—“कैश नहीं है”, जिससे उन्हें बार-बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस समस्या का सीधा असर कारोबार पर पड़ रहा है। लेन-देन प्रभावित होने से बाजार की रफ्तार धीमी पड़ गई है। बताया जा रहा है कि शाखा प्रबंधक अशुतोष सिंह के ट्रांसफर के बाद से हालात और बिगड़ गए हैं। पिछले करीब एक महीने से बैंक में कोई स्थायी मैनेजर तैनात नहीं किया गया, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि फिलहाल बैंक की व्यवस्था बीसी पॉइंट और बैंक सखियों के सहारे चल रही है। ऐसे में यदि यह सुविधा भी बंद हो जाए, तो वृद्धा पेंशन, लाड़ली बहना योजना, किसान सम्मान निधि और अन्य सरकारी योजनाओं के छोटे-छोटे भुगतान भी अटक सकते हैं। आमजन और व्यापारियों ने आरएम और एलडीएम से मांग की है कि जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देते हुए बैंक में मैनेजर की नियुक्ति और कैश की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।1
- यह बात समझ में नहीं आ रही कि बीजेपी को वोट कैसे हो रहा है वादों में नही उतरी भाजपा1