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शादी में डांस कर रही बिजनेसमैन की पत्नी की मौत,VIDEO #jalorenews #jaivardhannews #heartattacknews

18 hrs ago
user_Laxman Singh Rathor
Laxman Singh Rathor
पत्रकार India•
18 hrs ago

शादी में डांस कर रही बिजनेसमैन की पत्नी की मौत,VIDEO #jalorenews #jaivardhannews #heartattacknews

More news from झारखंड and nearby areas
  • डुमरी में युवाओं के लिए सुनहरा मौका — सुरक्षा जवान भर्ती कैंप लगेगा, रोजगार पाने का बड़ा अवसर जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, जिला नियोजनालय गुमला के माध्यम से सुरक्षा एजेंसी एसआईएस कंपनी द्वारा प्रखंड स्तर पर सुरक्षा जवान एवं सुपरवाइजर भर्ती शिविर आयोजित किया जा रहा है। जानकारी देते हुए बुधवार को बताया गया कि डुमरी प्रखंड परिसर में भर्ती शिविर दिनांक नौ मई दो हजार छब्बीस को आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों का सीधा पंजीयन एवं चयन प्रक्रिया होगी। इस भर्ती कैंप में सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर, सीआईटी तथा एसआईएस टार्मिन पदों पर भर्ती की जाएगी। सुरक्षा जवान के लिए न्यूनतम योग्यता दसवीं पास तथा आयु सीमा उन्नीस से चालीस वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं सुपरवाइजर पद हेतु बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित शारीरिक मापदंड के अनुसार ऊंचाई, सीना एवं वजन की जांच भी कैंप स्थल पर ही की जाएगी। जिला नियोजन पदाधिकारी ने युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाएं। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का निर्देश दिया गया है। यह भर्ती शिविर ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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    डुमरी में युवाओं के लिए सुनहरा मौका — सुरक्षा जवान भर्ती कैंप लगेगा, रोजगार पाने का बड़ा अवसर
जिले के बेरोजगार युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग, जिला नियोजनालय गुमला के माध्यम से सुरक्षा एजेंसी एसआईएस कंपनी द्वारा प्रखंड स्तर पर सुरक्षा जवान एवं सुपरवाइजर भर्ती शिविर आयोजित किया जा रहा है। जानकारी देते हुए बुधवार को बताया गया कि डुमरी प्रखंड परिसर में भर्ती शिविर दिनांक नौ मई दो हजार छब्बीस को आयोजित किया जाएगा, जिसमें योग्य अभ्यर्थियों का सीधा पंजीयन एवं चयन प्रक्रिया होगी।
इस भर्ती कैंप में सुरक्षा जवान, सुरक्षा सुपरवाइजर, सीआईटी तथा एसआईएस टार्मिन पदों पर भर्ती की जाएगी। सुरक्षा जवान के लिए न्यूनतम योग्यता दसवीं पास तथा आयु सीमा उन्नीस से चालीस वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं सुपरवाइजर पद हेतु बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे। निर्धारित शारीरिक मापदंड के अनुसार ऊंचाई, सीना एवं वजन की जांच भी कैंप स्थल पर ही की जाएगी।
जिला नियोजन पदाधिकारी ने युवाओं से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर रोजगार के इस अवसर का लाभ उठाएं। अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं आवश्यक दस्तावेज साथ लाने का निर्देश दिया गया है।
यह भर्ती शिविर ग्रामीण युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
    user_चैनपुर अपडेट
    चैनपुर अपडेट
    Classified ads newspaper publisher चैनपुर, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • सिमडेगा:- जिला अस्पताल, (सदर) सिमडेगा परिसर में महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ शिविर मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार शामिल हुए। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट देकर एवं शोल ओढ़ कर स्वागत किया गया। *कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम माननीय मंत्री डॉ इरफान अंसारी, माननीय विधायक सिमडेगा भूषण बाड़ा, माननीय विधायक कोलेबिरा नमन विक्सल कोंनगाड़ी, उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, सिविल सर्जन डॉ सुन्दर मोहन सामाद एवं रांची से आई डॉक्टर भारती कश्यप द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।* *कार्यक्रम में जिला अस्पताल के स्वस्थ कर्मियों द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया गया।* *माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी* ने अपने संबोधन में कहा कि सिमडेगा से उनका जुड़ाव पुराना रहा है। वे पहली बार यहां विधायक के रूप में आए थे, जब उन्होंने हॉकी और फुटबॉल मैदानों में लोगों से मुलाकात की थी। उस समय मिले स्नेह और सम्मान ने उन्हें प्रेरित किया कि अवसर मिलने पर वे इस जिले के विकास के लिए विशेष प्रयास करेंगे। आज स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के मंत्री के रूप में पुनः सिमडेगा आकर उन्होंने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताया। मंत्री ने कहा कि झारखंड में लंबे समय तक स्वास्थ्य अधोसंरचना की उपेक्षा हुई। राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बेहद सीमित रही। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में तेज़ी से काम किया है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के एक वर्ष के भीतर ही आठ नए मेडिकल कॉलेजों के लिए स्वीकृति (एनओसी) प्राप्त की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिमडेगा में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी और इसके लिए जिला प्रशासन से 25 से 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया। स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्षों से आउटसोर्सिंग पर कार्यरत लगभग 7000 एएनएम और जीएनएम कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार और बेहतर भविष्य मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पतालों में किसी भी मरीज को इलाज से वंचित नहीं किया जाए और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य स्तर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री ने यह भी कहा कि गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए रांची में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि रेफर होने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता और टीकाकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इस जानलेवा बीमारी से बचाव संभव हो सके। सिमडेगा के लिए विशेष सौगात देते हुए मंत्री ने कहा कि सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा जल्द ही पूरी तरह शुरू की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों की व्यवस्था भी की जाएगी और अल्ट्रासाउंड जांच कराने वाले मरीजों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क होगा, जिसका खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। अंत में मंत्री ने कहा कि सिमडेगा उन्हें अपना घर जैसा लगता है और यहां के लोग उनके अपने हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए जिले के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य किया जाएगा। इसके बाद मंत्री जी ने जिला सदर अस्पताल का भ्रमण किया और स्वस्थ्य व्यवस्थाओं की जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसव कक्ष एवं ब्लड जांच केंद्र सहित अन्य वार्ड का निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दें। सिमडेगा। माननीय मंत्री जी ने सदर अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का किया उदघाटन। माननीय विधायक सिमडेगा एवं माननीय विधायक कोलेबिरा ने भी अपने संशोधन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने हेतु माननीय मंत्री महोदय से निवेदन किया। विधायक कोलेबिरा ने माननीय मंत्री जी से जिले में 108 एंबुलेंस सेवा में विशेष सुधार लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में 108 एंबुलेंस सेवा बहुत ही खराब स्थिति में है। मरीज को सही समय पर एंबुलेंस एवं स्वास्थ सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की भी स्वास्थ सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। *उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह* ने अपने संबोधन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जहां भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सिमडेगा जिला अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह जिले के लिए गर्व का क्षण है। इन 25 वर्षों की यात्रा में जिले ने अनेक चुनौतियों के बावजूद विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए हैं। उपायुक्त ने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन और नेतृत्व में जिले में ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया गया है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और बुनियादी सुविधाएं—चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा या सामाजिक क्षेत्र हो—सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद उनका जिले में आना सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। सिमडेगा की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह जिला प्राकृतिक रूप से सुंदर होने के साथ-साथ दुर्गम भी है, जहां कई क्षेत्रों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद प्रशासन का प्रयास है कि दूरस्थ इलाकों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव को दूर करने के लिए डीएमएफटी फंड से मशीन खरीदी गई है और जल्द ही डॉक्टर व तकनीशियन की नियुक्ति कर इसे पूर्ण रूप से चालू किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से अधिकांश रिक्त पदों पर नियुक्तियां भी की जा चुकी हैं। उन्होंने यह भी कहा कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी व्यवस्थाओं में से एक है, जिसने पोलियो उन्मूलन और कोविड प्रबंधन जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। हालांकि, केवल सरकारी प्रयासों से ही संपूर्ण व्यवस्था संभव नहीं है, इसमें सामाजिक संस्थाओं और सक्षम व्यक्तियों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। उपायुक्त महोदया ने कहा कि जिले में विकास के लक्ष्य तक पहुंचने में समय लगेगा, लेकिन प्रशासन पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा तथा ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाएगा। इसके पश्चात् डॉ भारती द्वारा विशेष शिविर की विशेषताओं एवं निशुल्क स्वास्थ्य सेवा की जानकारी दी गई। उन्होंने मेगा महिला स्वास्थ्य एवं दृष्टि सुरक्षा अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि यह पहल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अभियान जिला स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (वीमेन डॉक्टर्स टीम) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित हो रहा है। डॉ. भारती ने विशेष रूप से कमजोर एवं उपेक्षित जनजातीय समुदाय की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉर्निया और रेटिना संबंधी गंभीर बीमारियों के कारण कई लोग दृष्टि खो रहे हैं, वहीं कुपोषण के कारण बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में छह लाख से अधिक महिलाओं की जांच और उपचार किया जा चुका है। साथ ही कई जिलों में आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। पिछले 35 वर्षों में 25 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की नेत्र जांच की गई और हजारों बच्चों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें पुनः स्कूल भेजा गया। कार्यक्रम की सफलता में स्वास्थ्य मंत्री के योगदान की सराहना करते हुए डॉ. भारती ने कहा कि उनके नेतृत्व में “झारखंड मॉडल” विकसित हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। कार्यक्रम के अंत में सिविल सर्जन महोदय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट प्रदान किया। कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की कमी गण, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रही।
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    सिमडेगा:- जिला अस्पताल, (सदर) सिमडेगा परिसर में महिलाओं के लिए विशेष स्वास्थ शिविर मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माननीय मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, स्वास्थ्य चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार  शामिल हुए। सर्वप्रथम मुख्य अतिथि सहित सभी अतिथियों को पुष्प गुच्छ भेंट देकर एवं शोल ओढ़ कर स्वागत किया गया। 
*कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम माननीय मंत्री डॉ इरफान अंसारी, माननीय विधायक सिमडेगा भूषण बाड़ा, माननीय विधायक कोलेबिरा नमन विक्सल कोंनगाड़ी, उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक  श्रीकांत एस खोटरे, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी, सिविल सर्जन डॉ सुन्दर मोहन सामाद एवं रांची से आई डॉक्टर भारती कश्यप द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।*
*कार्यक्रम में जिला अस्पताल के स्वस्थ कर्मियों द्वारा स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया गया।*
*माननीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी* ने अपने संबोधन में कहा कि सिमडेगा से उनका जुड़ाव पुराना रहा है। वे पहली बार यहां विधायक के रूप में आए थे, जब उन्होंने हॉकी और फुटबॉल मैदानों में लोगों से मुलाकात की थी। उस समय मिले स्नेह और सम्मान ने उन्हें प्रेरित किया कि अवसर मिलने पर वे इस जिले के विकास के लिए विशेष प्रयास करेंगे। आज स्वास्थ्य,  चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार के मंत्री के रूप में पुनः सिमडेगा आकर उन्होंने इसे अपने लिए गौरव का क्षण बताया।
मंत्री ने कहा कि झारखंड में लंबे समय तक स्वास्थ्य अधोसंरचना की उपेक्षा हुई। राज्य गठन के 25 वर्षों बाद भी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बेहद सीमित रही। लेकिन वर्तमान सरकार ने इस दिशा में तेज़ी से काम किया है। उन्होंने बताया कि अपने कार्यकाल के एक वर्ष के भीतर ही आठ नए मेडिकल कॉलेजों के लिए स्वीकृति (एनओसी) प्राप्त की गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सिमडेगा में भी मेडिकल कॉलेज की स्थापना की जाएगी और इसके लिए जिला प्रशासन से 25 से 50 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए मंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वर्षों से आउटसोर्सिंग पर कार्यरत लगभग 7000 एएनएम और जीएनएम कर्मियों के नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू की जा रही है, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार और बेहतर भविष्य मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पतालों में किसी भी मरीज को इलाज से वंचित नहीं किया जाए और लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य स्तर से विशेषज्ञ चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
मंत्री ने यह भी कहा कि गंभीर मरीजों के बेहतर इलाज के लिए रांची में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि रेफर होने वाले मरीजों को गुणवत्तापूर्ण उपचार मिल सके। उन्होंने सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की रोकथाम के लिए जागरूकता और टीकाकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने घोषणा की कि 9 से 14 वर्ष की बालिकाओं को एचपीवी वैक्सीन मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे इस जानलेवा बीमारी से बचाव संभव हो सके।
सिमडेगा के लिए विशेष सौगात देते हुए मंत्री ने कहा कि सदर अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा जल्द ही पूरी तरह शुरू की जाएगी। इसके लिए डॉक्टरों की व्यवस्था भी की जाएगी और अल्ट्रासाउंड जांच कराने वाले मरीजों का इलाज पूरी तरह नि:शुल्क होगा, जिसका खर्च स्वास्थ्य विभाग वहन करेगा। 
अंत में मंत्री ने कहा कि सिमडेगा उन्हें अपना घर जैसा लगता है और यहां के लोग उनके अपने हैं। उन्होंने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार के नेतृत्व में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ करते हुए जिले के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य किया जाएगा।
इसके बाद मंत्री जी ने जिला सदर अस्पताल का भ्रमण किया और स्वस्थ्य व्यवस्थाओं की जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने  प्रसव कक्ष एवं ब्लड जांच केंद्र सहित अन्य वार्ड का निरीक्षण कर वहां की सुविधाओं की समीक्षा की तथा संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश दें।
सिमडेगा। 
माननीय मंत्री जी ने सदर अस्पताल में मॉड्यूलर ऑपरेशन थियेटर का किया उदघाटन। 
माननीय विधायक सिमडेगा एवं माननीय विधायक कोलेबिरा ने भी अपने संशोधन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुधार करने हेतु माननीय मंत्री महोदय से निवेदन किया। विधायक कोलेबिरा ने माननीय मंत्री जी से जिले में 108 एंबुलेंस सेवा  में विशेष सुधार लाने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिले में 108 एंबुलेंस सेवा बहुत ही खराब स्थिति में है। मरीज को सही समय पर एंबुलेंस एवं स्वास्थ सुविधा नहीं मिल पा रही है। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र की भी स्वास्थ सुविधाओं को सुदृढ़ करने पर जोर दिया। 
*उपायुक्त सिमडेगा श्रीमती कंचन सिंह* ने अपने संबोधन में जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में जहां भी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, उसे दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस अवसर पर उन्होंने बताया कि सिमडेगा जिला अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर चुका है और यह जिले के लिए गर्व का क्षण है। इन 25 वर्षों की यात्रा में जिले ने अनेक चुनौतियों के बावजूद विकास के महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किए हैं।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार के मार्गदर्शन और नेतृत्व में जिले में ऐसी व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया गया है, जिससे समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय और बुनियादी सुविधाएं—चाहे वह स्वास्थ्य, शिक्षा या सामाजिक क्षेत्र हो—सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद उनका जिले में आना सरकार की जनसेवा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
सिमडेगा की भौगोलिक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह जिला प्राकृतिक रूप से सुंदर होने के साथ-साथ दुर्गम भी है, जहां कई क्षेत्रों में पहुंचना चुनौतीपूर्ण है। इसके बावजूद प्रशासन का प्रयास है कि दूरस्थ इलाकों तक भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जाएं। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में अल्ट्रासाउंड सुविधा के अभाव को दूर करने के लिए डीएमएफटी फंड से मशीन खरीदी गई है और जल्द ही डॉक्टर व तकनीशियन की नियुक्ति कर इसे पूर्ण रूप से चालू किया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के माध्यम से अधिकांश रिक्त पदों पर नियुक्तियां भी की जा चुकी हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश की स्वास्थ्य व्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी व्यवस्थाओं में से एक है, जिसने पोलियो उन्मूलन और कोविड प्रबंधन जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए हैं। हालांकि, केवल सरकारी प्रयासों से ही संपूर्ण व्यवस्था संभव नहीं है, इसमें सामाजिक संस्थाओं और सक्षम व्यक्तियों की भी सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
उपायुक्त महोदया ने कहा कि जिले में विकास के लक्ष्य तक पहुंचने में समय लगेगा, लेकिन प्रशासन पूरी निष्ठा से कार्य कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी के सहयोग से स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाया जाएगा तथा ऐसे स्वास्थ्य शिविरों के माध्यम से लोगों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाया जाएगा।
इसके पश्चात् डॉ भारती  द्वारा विशेष शिविर की विशेषताओं एवं निशुल्क स्वास्थ्य सेवा की जानकारी दी गई। उन्होंने मेगा महिला स्वास्थ्य एवं दृष्टि सुरक्षा अभियान के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए  कहा कि यह पहल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि यह अभियान जिला स्वास्थ्य विभाग, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (वीमेन डॉक्टर्स टीम) के संयुक्त तत्वावधान में संचालित हो रहा है।
डॉ. भारती ने विशेष रूप से कमजोर एवं उपेक्षित जनजातीय समुदाय की महिलाओं तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कॉर्निया और रेटिना संबंधी गंभीर बीमारियों के कारण कई लोग दृष्टि खो रहे हैं, वहीं कुपोषण के कारण बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक राज्य में छह लाख से अधिक महिलाओं की जांच और उपचार किया जा चुका है। साथ ही कई जिलों में आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं। पिछले 35 वर्षों में 25 लाख से अधिक स्कूली बच्चों की नेत्र जांच की गई और हजारों बच्चों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें पुनः स्कूल भेजा गया।
कार्यक्रम की सफलता में स्वास्थ्य मंत्री के योगदान की सराहना करते हुए डॉ. भारती ने कहा कि उनके नेतृत्व में “झारखंड मॉडल” विकसित हुआ है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है।
कार्यक्रम के अंत में सिविल सर्जन महोदय द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट प्रदान किया। 
कार्यक्रम में जिला स्तरीय पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग की कमी गण, जनप्रतिनिधि, मीडिया कर्मी एवं बड़ी संख्या में  महिलाएं उपस्थित रही।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज सूचना भवन सभागार में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें भारत की जनगणना 2027 को लेकर जिले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
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    उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में आज सूचना भवन सभागार में एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें भारत की जनगणना 2027 को लेकर जिले की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    13 hrs ago
  • गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा। निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे। *नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश* उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए। जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया। *79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस* निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके। इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_ उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं। इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
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    गुमला:जिले में कृषि को सुदृढ़ एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा विभिन्न जलाशयों एवं उनसे जुड़े नहर तंत्र का विस्तृत निरीक्षण किया गया। लगभग 7 घंटे तक कड़ी धूप में किए गए इस क्षेत्र भ्रमण का मुख्य उद्देश्य उपलब्ध जल संसाधनों के समुचित उपयोग, उनकी मरम्मति एवं किसानों तक निर्बाध जलापूर्ति सुनिश्चित करना रहा।
निरीक्षण की शुरुआत कतरी जलाशय से की गई, जहां उपायुक्त ने नहरों एवं डिस्ट्रीब्यूटरी सिस्टम का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि जल का प्रवाह खेतों तक सुचारु रूप से पहुंचे, ताकि रबी सहित सभी फसली चक्र में किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिल सके। उन्होंने सोलर लिफ्ट इरिगेशन, सोलर पंप एवं किसान समृद्धि योजना के तहत इच्छुक किसानों को सिंचाई संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही, रबी सीजन से पूर्व इन सुविधाओं को सुनिश्चित करने एवं किसानों के लिए ओरिएंटेशन सत्र आयोजित करने की बात कही, ताकि कोई भी खेत खाली न रहे।
*नहरों की मरम्मति, सोलर सिंचाई और मत्स्य विकास को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण निर्देश*
उपायुक्त ने केनाल के किनारे स्थित किसानों को सोलर आधारित पाइप एवं पंप की सुविधा उपलब्ध कराने, नहरों की मरम्मति हेतु डीपीआर तैयार करने तथा जलाशय रखरखाव में लगे कर्मियों के पारिश्रमिक सुनिश्चित करने पर भी बल दिया।
मत्स्य विकास को बढ़ावा देते हुए उन्होंने मत्स्यपालक समूहों/सोसाइटी के गठन, केज निर्माण एवं स्थानीय नागरिकों को मत्स्य पालन हेतु प्रेरित करने के निर्देश दिए।
जलाशय का निरीक्षण करते हुए उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि जलाशय के किनारे कोई भी भूमि अनुपयोगी न रहे। उन्होंने किसानों को प्रेरित कर अधिकतम कृषि गतिविधियों से जोड़ने का निर्देश दिया। साथ ही, इस क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने, बोटिंग सुविधा प्रारंभ करने एवं आवश्यक डीपीआर तैयार करने हेतु संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशित किया।
*79 किमी नहर नेटवर्क के जीर्णोद्धार एवं मसरिया जलाशय के विकास पर भी विशेष फोकस*
निरीक्षण के क्रम में घाघरा प्रखंड अंतर्गत डोडांग एवं शिवराजपुर पंचायत में क्षतिग्रस्त नहरों एवं डैम संरचनाओं का भी जायजा लिया गया। उपायुक्त ने लीकेज की तत्काल मरम्मति, नहरों की साफ-सफाई (डिसिल्टिंग) एवं प्राथमिकता के आधार पर क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्निर्माण हेतु एक सप्ताह के भीतर पृथक-पृथक डीपीआर तैयार करने का निर्देश जल संसाधन विभाग को दिया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि कतरी जलाशय से शिवराजपुर डैम तक लगभग 79 किलोमीटर लंबे मुख्य नहर एवं डिस्ट्रीब्यूटरी नेटवर्क के समग्र जीर्णोद्धार हेतु योजनाबद्ध कार्य किया जाए, ताकि जल का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
इसके उपरांत मसरिया जलाशय का भी निरीक्षण किया गया, जहां आसपास के गांवों को जलाशय प्रणाली से जोड़ते हुए कृषि विस्तार की संभावनाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि _"जिले में उपलब्ध जल संसाधनों का संरक्षण, मरम्मति एवं वैज्ञानिक प्रबंधन ही कृषि विकास की कुंजी है। किसानों को संसाधन उपलब्ध कराना एवं उन्हें प्रेरित करना जिला प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।"_
उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी पात्र किसानों को विभिन्न योजनाओं से आच्छादित किया जाए तथा क्लस्टर आधारित सूची तैयार कर नियमित संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम संचालित किए जाएं।
इस दौरान अपर समाहर्ता, जिला भूमि संरक्षण पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता, माइनर इरिगेशन विभाग के सहायक अभियंता, प्रखंड विकास पदाधिकारी गुमला, प्रखंड विकास पदाधिकारी घाघरा, सहायक जिला जनसम्पर्क पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
    user_रिपोर्टर
    रिपोर्टर
    पत्रकार गुमला, गुमला, झारखंड•
    18 hrs ago
  • अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी। इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।” वन विभाग का कहना है कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए। घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है। सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
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    अंबिकापुर/मैनपाट, 29 अप्रैल 2026। मैनपाट क्षेत्र में जंगली हाथियों की मौजूदगी के बीच एक ग्रामीण महिला हाथियों के हमले में घायल हो गई। हाथ पांव पर चोट के निशान तो है ही साथ ही साथ उसका एक हाथ भी फ्रैक्चर हो गया है।घायल महिला की पहचान शांति पति मुन्ना, जाति मांझी, उम्र लगभग 45 वर्ष, निवासी खालपारा (नर्मदापुर) के रूप में हुई है। घटना पी 2382 क्षेत्र, स्थानीय नाम जग्गूपोखरी (जोबलापानी) में सुबह लगभग 11 बजे घटित हुई।
घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि समय पर सूचना नहीं दी जाती और क्षेत्र में वाहन की भी कमी है, जिससे आपात स्थिति में त्वरित सहायता नहीं मिल पाती।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते मुनादी या अलर्ट जारी किया जाता, तो इस प्रकार की घटना टाली जा सकती थी।
इस मामले में मैनपाट के रेंजर ने विभाग का पक्ष रखते हुए कहा कि वन विभाग का स्टाफ पूरी रात ड्यूटी करता है और लगातार मुनादी भी कराई जाती है। उन्होंने कहा कि “हाथी पिछले 5-6 दिनों से उसी क्षेत्र में विचरण कर रहा था, जिसकी जानकारी आसपास के गांव वालों को थी। इसके बावजूद लोग लापरवाही करते हैं।”
वन विभाग का कहना है कि लोगों को हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सतर्क रहना चाहिए तथा बिना आवश्यकता जंगल या प्रभावित क्षेत्रों में नहीं जाना चाहिए।
घटना के बाद घायल महिला को उपचार के लिए नर्मदापुर शासकीय अस्पताल भेजा गया । जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।वहीं ग्रामीणों ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने, पर्याप्त वाहन उपलब्ध कराने और समय पर सूचना तंत्र मजबूत करने की मांग की है।
सीतापुर से सुनील गुप्ता की रिपोर्ट
    user_Sunil Gupta
    Sunil Gupta
    सीतापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    13 hrs ago
  • very nice day Hard work beats talent ##
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    very nice day Hard work beats talent ##
    user_Manoj Singh
    Manoj Singh
    कोलेबिरा, सिमडेगा, झारखंड•
    18 hrs ago
  • Post by Laxman Singh Rathor
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    Post by Laxman Singh Rathor
    user_Laxman Singh Rathor
    Laxman Singh Rathor
    पत्रकार India•
    18 hrs ago
  • सिमडेगा:- जिले में अवैध रूप से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणो द्वारा पुलिस को सुचना मिली कि कुछ व्यक्ति जंगल के रास्ते गोवंशीय पशुओं को दौड़ाते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश में बानो थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापामारी अभियान चलाया गया।कार्रवाई के दौरान 24 गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया तथा मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद अन्य सहयोगियों की संलिप्तता सामने आने पर कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 48,500 रुपये नकद, चार एंड्रॉयड मोबाइल, दो कीपैड मोबाइल, एक मारुति ओमनी वाहन सहित अन्य सामान भी जब्त किया गया है।इस मामले में बानो थाना कांड संख्या 15/2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी जारी है।इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक ने प्रेस वार्ता आयोजित कर दी, जिसमें उन्होंने कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
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    सिमडेगा:- जिले में अवैध रूप से गोवंशीय पशुओं की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्रामीणो द्वारा पुलिस को सुचना मिली कि कुछ व्यक्ति जंगल के रास्ते गोवंशीय पशुओं को दौड़ाते हुए ओडिशा की ओर ले जा रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश में बानो थाना प्रभारी के नेतृत्व में छापामारी अभियान चलाया गया।कार्रवाई के दौरान 24 गोवंशीय पशुओं को बरामद किया गया तथा मौके से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद अन्य सहयोगियों की संलिप्तता सामने आने पर कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से 48,500 रुपये नकद, चार एंड्रॉयड मोबाइल, दो कीपैड मोबाइल, एक मारुति ओमनी वाहन सहित अन्य सामान भी जब्त किया गया है।इस मामले में बानो थाना कांड संख्या 15/2026 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा लगातार छापेमारी जारी है।इस पूरे मामले की जानकारी पुलिस उपाधीक्षक ने प्रेस वार्ता आयोजित कर दी, जिसमें उन्होंने कार्रवाई के संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की।
    user_Satyam kumar keshri
    Satyam kumar keshri
    सिमडेगा, सिमडेगा, झारखंड•
    13 hrs ago
  • विद्या भारती योजना के अंतर्गत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में आज एक भावपूर्ण और प्रेरणादायक दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को अपने पारिवारिक संस्कारों और भारतीय मूल्यों से जोड़ना रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी एवं मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह तथा मीना देवी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात वाटिका वर्ग के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया। समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बच्चों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी को तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाकर तथा चरण वंदन कर उनका सम्मान किया। अपने नन्हे पोते-पोतियों के स्नेह और सम्मान से बुजुर्ग भावुक हो उठे। प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में बुजुर्ग हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं और वे नई पीढ़ी तक संस्कार पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। वहीं विजय बहादुर सिंह ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बुजुर्ग अक्सर उपेक्षित महसूस करते हैं ऐसे कार्यक्रम उन्हें परिवार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं। मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनूठा और अनुकरणीय बताया तथा कहा कि इस प्रकार के आयोजन हर विद्यालय में होने चाहिए, जिससे पारिवारिक संबंध और मजबूत हों। कार्यक्रम का मंच संचालन उमा कुमारी ने किया जबकि अतिथि परिचय विकास कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में आचार्य अर्चना मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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    विद्या भारती योजना के अंतर्गत सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गुमला में आज एक भावपूर्ण और प्रेरणादायक दादा-दादी, नाना-नानी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नन्हे-मुन्ने बच्चों को अपने पारिवारिक संस्कारों और भारतीय मूल्यों से जोड़ना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधन समिति के सचिव विजय बहादुर सिंह, प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी एवं मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह तथा मीना देवी ने दीप प्रज्वलन कर किया। इसके पश्चात वाटिका वर्ग के बच्चों ने मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सभी का दिल जीत लिया।
समारोह का सबसे भावुक क्षण तब आया जब बच्चों ने अपने दादा-दादी और नाना-नानी को तिलक लगाकर मिष्ठान खिलाकर तथा चरण वंदन कर उनका सम्मान किया। अपने नन्हे पोते-पोतियों के स्नेह और सम्मान से बुजुर्ग भावुक हो उठे।
प्रधानाचार्य जितेंद्र तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में बुजुर्ग हमारी सांस्कृतिक विरासत के संवाहक हैं और वे नई पीढ़ी तक संस्कार पहुंचाने में महत्वपूर्ण कड़ी का कार्य करते हैं। वहीं  विजय बहादुर सिंह ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली में बुजुर्ग अक्सर उपेक्षित महसूस करते हैं ऐसे कार्यक्रम उन्हें परिवार से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनते हैं।
मुख्य अतिथि लक्ष्मी नारायण सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे अनूठा और अनुकरणीय बताया तथा कहा कि इस प्रकार के आयोजन हर विद्यालय में होने चाहिए, जिससे पारिवारिक संबंध और मजबूत हों।
कार्यक्रम का मंच संचालन उमा कुमारी ने किया जबकि अतिथि परिचय विकास कुमार द्वारा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में आचार्य अर्चना मिश्रा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
    user_Shivam Singh
    Shivam Singh
    Local News Reporter गुमला, गुमला, झारखंड•
    20 hrs ago
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