चरित्र पर संदेह में पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की, 24 घंटे में गिरफ्तार हत्या को आत्महत्या का रूप देने शव को फांसी पर लटकाया, पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से किया खुलासा बोरदेही। बोरदेही थाना क्षेत्र के मोरखा गांव में महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद व मारपीट होती थी। आरोपी ने पत्नी की हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर को रामरती पति लखन धुर्वे निवासी छिंदी ने बोरदेही थाने में सूचना दी थी कि उसकी बहन रूकवती पति प्रहलाद सरियाम (35) निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा की फांसी लगाने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। इसके बाद एसडीओपी मुलताई एसके सिंह, क्राइम सीन एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को हत्या के महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि 3-4 सितंबर की दरम्यानी रात आरोपी प्रहलाद सरियाम ने पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या छिपाने के लिए शव को हरे रंग के पतले वायर की मदद से झोपड़ी के लकड़ी के हिस्से पर फांसी के फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ओढ़नी और मारपीट में इस्तेमाल कमर पट्टे का टुकड़ा भी बरामद कर जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रहलाद सरियाम पिता मंगल सरियाम (40 वर्ष), निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा के रूप में हुई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी भैयालाल उईके, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक पंचमसिंह उईके, सहायक उपनिरीक्षक हरिराम डंढोरे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने घरेलू हिंसा और लगातार हो रही मारपीट की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है।
चरित्र पर संदेह में पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की, 24 घंटे में गिरफ्तार हत्या को आत्महत्या का रूप देने शव को फांसी पर लटकाया, पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से किया खुलासा बोरदेही। बोरदेही थाना क्षेत्र के मोरखा गांव में महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद व मारपीट होती थी। आरोपी ने पत्नी की हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर को रामरती पति लखन धुर्वे निवासी छिंदी ने बोरदेही थाने में सूचना दी
थी कि उसकी बहन रूकवती पति प्रहलाद सरियाम (35) निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा की फांसी लगाने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। इसके बाद एसडीओपी मुलताई एसके सिंह, क्राइम सीन एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को हत्या के महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि 3-4 सितंबर की दरम्यानी रात आरोपी प्रहलाद सरियाम ने पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या छिपाने के लिए शव को हरे
रंग के पतले वायर की मदद से झोपड़ी के लकड़ी के हिस्से पर फांसी के फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ओढ़नी और मारपीट में इस्तेमाल कमर पट्टे का टुकड़ा भी बरामद कर जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रहलाद सरियाम पिता मंगल सरियाम (40 वर्ष), निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा के रूप में हुई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी भैयालाल उईके, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक पंचमसिंह उईके, सहायक उपनिरीक्षक हरिराम डंढोरे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने घरेलू हिंसा और लगातार हो रही मारपीट की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है।
- चरित्र पर संदेह को लेकर पत्नी की हत्या 24 घंटे में किया क्या आरोपी को गिरफ्तार प्रहलाद पिता मंगल सरेयाम ग्राम मोरखा निवासी को1
- महिला पत्रकार से कथित अभद्रता के विरोध में पत्रकारों का एकजुट प्रदर्शन महिला पत्रकार से कथित अभद्रता के विरोध में पत्रकारों का एकजुट प्रदर्शन *PCWJ के नेतृत्व में सभी पत्रकार संगठन और पत्रकार साथी एकजुट होकर पहुंचे, राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार ऋचा कोरव एवं थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर को सौंपा ज्ञापन* आमला। दिल्ली में महिला पत्रकार नफीसा खान एवं उनके सहयोगी शाहीन खान के साथ कथित अभद्रता, मारपीट एवं धार्मिक आधार पर भेदभाव के आरोपों के विरोध में आमला के पत्रकारों ने एकजुट होकर आवाज बुलंद की। प्रेस क्लब ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स (PCWJ) के नेतृत्व में विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी एवं पत्रकार साथी एक साथ तहसील कार्यालय पहुंचे और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन आमला तहसीलदार ऋचा कोरव एवं थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर को सौंपा। PCWJ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सैय्यद खालिद कैस के निर्देश पर आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में PCWJ के साथ अन्य पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, विभिन्न समाचार माध्यमों से जुड़े पत्रकार एवं पत्रकार साथी बड़ी संख्या में शामिल हुए। सभी ने दिल्ली की घटना की निंदा करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में मांग की गई कि पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की जाए। साथ ही देशभर में महिला पत्रकारों सहित सभी मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। इस अवसर पर PCWJ के राष्ट्रीय संगठन महासचिव शशिदीप जी ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता या हिंसा लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के लिए गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि घटना के विरोध में PCWJ द्वारा देशभर में ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। PCWJ आमला अध्यक्ष मोहम्मद आसीफ लंघा ने कहा कि पत्रकारों की एकजुटता ही उनकी ताकत है। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर पत्रकार संगठन एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाते रहेंगे। ज्ञापन के दौरान मोहम्मद आसीफ लंघा, वाजिब खान, रिंकू रामपुरे, लोकेश सोनी, मयंक रामपुरे, महेश प्रजापति, अजय बचले, राजेश सूरे, राहुल चौहान, रुपेश सोनी, अनिल साहू, संतोष राठौर सहित PCWJ के पदाधिकारी एवं सदस्य तथा अन्य पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पत्रकार साथी मौजूद रहे।1
- मनोहर अग्रवाल की रिपोर्ट मुआवजे कि गुहार चौकी गांव में किसानों के खेतो में जंगली सुअरो का आतंक सेकडो एकड़ में लगी मक्का की फसले तबाह खेडिसावलीगढ़ बैतूल तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत देवगांव के चौकी गांव के किसान जंगली सूअरो के आतंक से परेशान है बरसात की फसलों पर साल भर निर्भर रहने वाले आदिवासियों की मक्का की फसल सुअरो के झुंड ने ऐसी बर्बाद की अब वह दोबारा जीवित नहीं हो सकती किसान जैनसिग इवने, रोवा वट्टी महेश मर्सकोले सुरेंद्र उईके दलपसीह भीमराव धुर्वे ने बताया शनिवार की रात उनके साथ जो हुआ वह उन्होंने कभी सोचा भी नही था अगर वन्य प्राणी को कोई व्यक्ति नुकसान पहुचाता है तो उस पर वन्य प्राणी सुरक्षा अधिनियमों के तहत कार्यवाही की जाति है और अब वन्य प्राणी सुअर नीलगाय उनकी फसल चौपट कर रही है तो प्रशासन ने किसानों के लिए उचित मुआवजे का प्रावधान भी रखना चाहिए किसान बड़ी मेहनत से कर्ज लेकर इस आशा से खेती करता है की उसे जो फसल होगी उससे घर में शादी के अलावा कई ग्रहस्ती के कार्य होने की आशा लगी रहती है लेकिन वन्य प्राणियों ने उनकी इस मंशा पर पानी फेर दिया किसानों ने जिला कलेक्टर एवम वन विभाग के अधिकारियों से सर्वेंकर मुआवजा देने की माग की है1
- आष्टी गांव के जर्जर स्कूल भवन को देखते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने सिस्टम पर बोला हमला, कहां ऐ है विकास कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय डागा जनजागरण अभियान अंतर्गत ग्राम आष्टी पहुंचे जहां उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात कर जमीनी हकीकत जानी संगठन को मजबूत करने पर जोर दिया इस दौरान वे एक शासकीय स्कूल पहुंचे छुट्टी का दिन होने की वज़ह स्कूल बंद था उन्होंने बाजू में बनी रसोई कक्ष का निरीक्षण कर खस्ताहाल और जर्जर भवन को देख सिस्टम और सरकार पर निशाना साधा उन्होंने कहा कि भवन देखकर विकास का अंदाजा लगाया जा सकता है।1
- पत्रकारों से अभद्रता बर्दाश्त नहीं, आमला में एकजुट हुए पत्रकार महिला पत्रकार के साथ अभद्रता करने पर पत्रकार संगठन ने राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन, जांच कर कार्रवाई की मांग की पत्रकारों से अभद्रता बर्दाश्त नहीं, आमला में एकजुट हुए पत्रकार राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन आमला। दिल्ली में महिला पत्रकार नफीसा खान एवं उनके सहयोगी शाहीन खान के साथ कथित अभद्रता, मारपीट एवं धार्मिक आधार पर भेदभाव के आरोपों के विरोध में आमला के पत्रकारों ने प्रदर्शन किया। विभिन्न पत्रकार संगठन एकजुट होकर तहसील कार्यालय पहुंचे। पत्रकारों ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन तहसीलदार ऋचा कोरव को सौंपा। वहीं थाना प्रभारी मुकेश ठाकुर को भी ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की गई। पत्रकारों ने कथित घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में पूरे मामले की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी गई। जांच में दोषी पाए जाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की गई। इसके साथ ही महिला पत्रकारों सहित सभी मीडियाकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ हैं और उनके साथ किसी भी प्रकार की हिंसा या अभद्रता स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि किसी भी पत्रकार के साथ अन्याय होने पर संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाता रहेगा। ज्ञापन दौरान पत्रकार संगठन के लोग शामिल हुए।2
- चरित्र पर संदेह में पति ने पत्नी की गला घोंटकर हत्या की, 24 घंटे में गिरफ्तार हत्या को आत्महत्या का रूप देने शव को फांसी पर लटकाया, पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों से किया खुलासा बोरदेही। बोरदेही थाना क्षेत्र के मोरखा गांव में महिला की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर हत्या का खुलासा करते हुए उसके पति को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पति अपनी पत्नी के चरित्र पर संदेह करता था और इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद व मारपीट होती थी। आरोपी ने पत्नी की हत्या करने के बाद शव को फांसी के फंदे पर लटकाकर घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। पुलिस के मुताबिक 5 सितंबर को रामरती पति लखन धुर्वे निवासी छिंदी ने बोरदेही थाने में सूचना दी थी कि उसकी बहन रूकवती पति प्रहलाद सरियाम (35) निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा की फांसी लगाने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी निरीक्षक भैयालाल उईके पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। परिस्थितियां संदिग्ध मिलने पर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देकर घटनास्थल को सुरक्षित किया गया। इसके बाद एसडीओपी मुलताई एसके सिंह, क्राइम सीन एक्सपर्ट निरीक्षक आबिद अंसारी और डॉग स्क्वाड ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। एफएसएल टीम की जांच, वैज्ञानिक साक्ष्यों और गवाहों से पूछताछ के आधार पर पुलिस को हत्या के महत्वपूर्ण सुराग मिले। जांच में सामने आया कि 3-4 सितंबर की दरम्यानी रात आरोपी प्रहलाद सरियाम ने पत्नी के चरित्र पर संदेह को लेकर उसके साथ मारपीट की और गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद हत्या छिपाने के लिए शव को हरे रंग के पतले वायर की मदद से झोपड़ी के लकड़ी के हिस्से पर फांसी के फंदे पर लटका दिया। पुलिस ने वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ओढ़नी और मारपीट में इस्तेमाल कमर पट्टे का टुकड़ा भी बरामद कर जब्त किया गया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रहलाद सरियाम पिता मंगल सरियाम (40 वर्ष), निवासी इंद्रा आवास कॉलोनी, मोरखा के रूप में हुई है। कार्रवाई में थाना प्रभारी भैयालाल उईके, निरीक्षक आबिद अंसारी, उपनिरीक्षक पंचमसिंह उईके, सहायक उपनिरीक्षक हरिराम डंढोरे सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने घरेलू हिंसा और लगातार हो रही मारपीट की जानकारी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की है।3
- CRIME NEWS | बैतूल 🚨 पत्नी की हत्या कर फांसी पर लटकाया! चरित्र संदेह में पति ने उतारा मौत के घाट, फिर आत्महत्या का रचा झूठा खेल! बोरदेही पुलिस ने 24 घंटे में आरोपी पति को दबोचा। वैज्ञानिक जांच ने खोला हत्या का राज, सबूतों के साथ आरोपी गिरफ्तार!1
- तीन उफनती नदियों व पगडंडियों को पार कर छह घंटे में दमुआ पहुंची बीमार नवविवाहिता सिस्टम की नाकामी और विकास के दावों की खुलती पोल तीन उफनती नदियों व पगडंडियों को पार कर छह घंटे में दमुआ पहुंची बीमार नवविवाहिता सिस्टम की नाकामी और विकास के दावों की खुलती पोल जुन्नारदेव ------ जुन्नारदेव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पील्हावाड़ी की एक नवविवाहिता को पेट में तकलीफ होने पर शनिवार को डोली में बिठाकर तीन उफनती नदियों और जंगल की पगडंडियों के रास्ते कट्टा (बिचबेहरी) तक करीब छह किमी लाना पड़ा। स्वजन ने निजी खर्च पर चार पहिया वाहन की व्यवस्था की और गोरखघाट के रास्ते करीब 13 किमी दूर दमुआ पहुंचे। पील्हावाड़ी से दमुआ तक पहुंचने में परिवार को करीब छह घंटे का समय लग गया। यहां नवविवाहिता को एक निजी चिकित्सक के क्लीनिक में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। नदी पार कर डोली में महिला को ग्रामीणों ने पहुंचाया अस्पताल ----- इस ग्राम की बदहाली का पता इसी से लगता है कि ग्राम में आवागमन के सभी रास्ते बंद है और ना तो बारिश के दिनों में दो पहिया वाहन ग्राम में पहुंच सकते हैं और ना ही चौपहिया ऐसे में पीड़िता कड्डे ढ़ीकू (22) पत्नी राजू ढ़ीकू को शनिवार सुबह अचानक पेट में तेज दर्द उठा पील्हावाड़ी से सड़क मार्ग न होने के कारण स्वजन ने इलाज के लिए डोली (लाठी में साड़ी बांधकर व गद्दा रखकर) तैयार की। ससुर मन्नू ढ़ीकू ने गांव के ही चैतराम भोपा, बारेलाल भोपा, हीरो दर्शमा और सुकरलाल ढ़ीकू को साथ लिया और सुबह 10 बजे पैदल सफर शुरू किया। मन्नू ढ़ीकू ने बताया कि पील्हावाड़ी से झालमऊ के बीच डोबरी डोह और दानी घाट नदी को तो उन्होंने किसी तरह पार कर लिया, लेकिन झालमऊ के पास रिंदों नदी में पानी अधिक होने से रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद भी स्वजन ने हार न मानते हुए मरीज को पहाड़ के किनारे-किनारे बनी पथरीली जंगली पगडंडी से लंबा चक्कर काटकर किसी तरह कट्टा (बिचबेहरी) तक पहुंचाया इसके बाद महिला को दमुआ के एक निजी क्लीनिक में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है जहां महिला उपचाररत है। इस घटनाक्रम के बाद सिस्टम की नाकामी और विकास के दावों की पोल खोल नजर आ रही है जहां पर ग्रामीणों को मूलभूत सुविधा के लिए कोषों पैदल चलना पड़ रहा है।1