लखीमपुर खीरी के विकास खंड रमियाबेहड़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कफारा के मजरा राजापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्थाओं का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक शिक्षा संचालित होती है, लेकिन वर्तमान में यहां प्रधानाध्यापक का पद रिक्त पड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधानाध्यापक राम समुझ राना का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में कर दिया गया है। उनके जाने के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय राजापुर में पिछले एक माह से कोई भी प्रधानाध्यापक नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे विद्यालय के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री वॉल का अभाव भी बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। विद्यालय परिसर खुला होने के कारण यहां किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने कई बार इस समस्या को उठाया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द प्रधानाध्यापक की नियुक्ति करने और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
लखीमपुर खीरी के विकास खंड रमियाबेहड़ अंतर्गत ग्राम पंचायत कफारा के मजरा राजापुर स्थित प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्थाओं का गंभीर मामला सामने आया है। विद्यालय में कक्षा 1 से 8 तक शिक्षा संचालित होती है, लेकिन वर्तमान में यहां प्रधानाध्यापक का पद रिक्त पड़ा हुआ है। जानकारी के अनुसार, पूर्व प्रधानाध्यापक राम समुझ राना का स्थानांतरण दूसरे विद्यालय में कर दिया गया है। उनके जाने के बाद उच्च प्राथमिक विद्यालय राजापुर में पिछले एक माह से कोई भी प्रधानाध्यापक नियुक्त नहीं किया गया है, जिससे विद्यालय के संचालन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, प्राथमिक विद्यालय में बाउंड्री वॉल का अभाव भी बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। विद्यालय परिसर खुला होने के कारण यहां किसी भी अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय ग्रामीणों और अभिभावकों ने कई बार इस समस्या को उठाया है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द प्रधानाध्यापक की नियुक्ति करने और विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है, ताकि बच्चों को सुरक्षित वातावरण में शिक्षा मिल सके।
- Post by जनकल्याण न्यूज JK NEWS1
- Post by Lakhimpur Kheri दस्तक1
- उत्तर प्रदेश के जनपद बहराइच अंतर्गत ग्राम पंचायत बरखड़िया में स्वास्थ्य उप केंद्र बरखडिया जहां मरम्मत कार्य चल रहा है वहां पर भी खेला हो रहा है सालों बाद दुरुस्त हो रहा है उस पर भी गजबे खेला है1
- बहराइच: क्षेत्र मिहींपुरवा ग्राम पंचायत मझाव यहां सामुदायिक शौचालय ग्राम पंचायत मझाव का यह वीडियो है यहां शौचालय में कूड़ा संडाश ऐसे ही पड़ा है यहां शौचालय के कार्यकर्ता बस अपनी हाजरी लगाने के लिए आते हैं यह शौचालय 2 साल से ताला लटका हुआ है यहां के स्थानीय लोगों को बहुत परेशानी हो रही है जंगल के बगल में यह ग्राम है यहां बाहर रात में शौच करने में डर लगता हैं जानवर से उत्तर प्रदेश सरकार से यह निवेदन है की इसको जल्दी से जल्दी जांच करें ओर उसको सही कराए जनता नाराज है2
- रिपोर्ट -शहनवाज़ गौरी लखीमपुर खीरी जनपद का कस्बा खीरी टाउन एक ऐसा कस्बा, जहां कभी ब्रिटिश शासनकाल में छोटी लाइन का रेलवे स्टेशन हुआ करता था। उस समय यह स्टेशन सिर्फ एक यात्रा का साधन नहीं, बल्कि पूरे कस्बे और आसपास के दर्जनों गांवों की जीवनरेखा था। व्यापार, नौकरी, पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए हजारों लोग इसी स्टेशन पर निर्भर रहते थे। समय बदला, छोटी लाइन को बड़ी लाइन में बदलने यानी अमान परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू हुई। लोगों को उम्मीद जगी कि अब कस्बा खीरी को एक आधुनिक बड़ी लाइन का रेलवे स्टेशन मिलेगा। लोगों ने सोचा कि अब सफर आसान होगा, ट्रेनों की संख्या बढ़ेगी, व्यापार को गति मिलेगी और कस्बे को नई पहचान मिलेगी।लेकिन जैसे ही यह जानकारी सामने आई कि बड़ी लाइन बनने के बाद खीरी रेलवे स्टेशन को स्टेशन नहीं बल्कि सिर्फ रेलवे हाल्ट बना दिया जाएगा, लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। कस्बे के लोग सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन हुआ, कई दिनों तक अनशन चला। स्थानीय नेताओं ने मंच से आश्वासन दिया कि खीरी का स्टेशन, स्टेशन ही रहेगा, उसे हाल्ट में तब्दील नहीं होने दिया जाएगा।लोगों ने नेताओं के वादों पर भरोसा किया। धरना खत्म हुआ, अनशन टूटा और लोगों को लगा कि अब न्याय होगा। लेकिन वक्त बीतता गया और नेताओं के वादे भी हवा हो गए। आखिरकार खीरी रेलवे स्टेशन को खीरी टाउन हाल्ट में बदल दिया गया। सिंगल पटरी बिछा दी गई और दोनों तरफ खीरी टाउन हाल्ट का बोर्ड लगा दिया गया, जो आज भी लोगों को अधूरे वादों की याद दिलाता है।रेलवे स्टेशन के हाल्ट में बदलने के बाद सबसे बड़ा असर आम जनता और व्यापारियों पर पड़ा। करीब 70 हजार की आबादी वाले इस कस्बे और आसपास के दर्जनों गांवों के लोग इसी स्टेशन से सफर करते थे। सुबह 5 बजे और 6 बजे की ट्रेन पकड़कर व्यापारी लखनऊ जाते थे, अपना कारोबार संभालते थे और शाम को वापस लौट आते थे। उस समय कई ट्रेनें रुकती थीं और स्टेशन होने की वजह से पर्याप्त समय तक ठहराव भी रहता था। लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। ट्रेनें कम हो गई हैं और जो ट्रेनें आती भी हैं, उनका ठहराव एक मिनट से भी कम का होता है। इतनी कम देर में अधिकांश यात्री ट्रेन में चढ़ ही नहीं पाते। कई बार बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे प्लेटफॉर्म पर ही छूट जाते हैं।स्थिति और भी चिंताजनक इसलिए है क्योंकि यहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है। न बैठने की समुचित व्यवस्था, न पीने के पानी की सुविधा, न शौचालय, और सबसे बड़ी समस्या यात्रियों को समय पर टिकट तक नहीं मिल पाता। यानी नाम के लिए रेलवे हाल्ट, लेकिन सुविधाएं लगभग शून्य।स्थानीय लोग कई बार रेलवे विभाग, जनप्रतिनिधियों, सांसदों और मंत्रियों तक अपनी आवाज पहुंचा चुके हैं। पत्राचार हुआ, शिकायतें हुईं, मीडिया ने भी कई बार इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया, लेकिन नतीजा आज भी जस का तस है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर खीरी टाउन रेलवे स्टेशन किन नेताओं की उदासीनता का शिकार हुआ? जब यहां हजारों यात्री रोज सफर करते हैं, जब यह कस्बा व्यापारिक रूप से महत्वपूर्ण है, जब जनता लगातार मांग कर रही है तो फिर इसे दोबारा रेलवे स्टेशन का दर्जा क्यों नहीं दिया जा सकता। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से खीरी टाउन की जनता की सीधी मांग है कि इस उपेक्षित हाल्ट की तरफ ध्यान दिया जाए। यहां ट्रेनों का ठहराव बढ़ाया जाए, बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं और सबसे महत्वपूर्ण खीरी टाउन हाल्ट को फिर से रेलवे स्टेशन का दर्जा दिया जाए।क्योंकि विकास की बात तभी पूरी होगी, जब छोटे कस्बों की आवाज भी सुनी जाएगी। खीरी टाउन आज भी अपने हिस्से के उस विकास का इंतजार कर रहा है, जिसका वादा वर्षों पहले किया गया था। #KheriTown #KheriTownRailwayHalt #RailwayStation #LakhimpurKheri #SaveKheriStation #RailwayDevelopment #PublicIssue #GroundReport #UPNews #IndianRailways #RailwayMinistry #PMOIndia #DevelopmentForAll #VoiceOfPeople #JusticeForKheriTown1
- "BJP में PDA के लोग पार्टी छोड़ना चाहते है. पीड़ित है, दुखी है अपमानित हो रहे है वहां. जहां तक गोंडा के पूर्व सांसद का सवाल है. राजनीति में क्या मोड़ आयेगें. अभी एक्सप्रेसवे की बात हो रही है यहां फैंटा नही बनता मिरंडा बनता है. अगली बार जब मैं आऊंगा तो हरदोई का बना हुआ छोटा मिरंडा आपको पिलाऊंगा" - अखिलेश यादव, अध्यक्ष, सपा (बृजभूषण शरण सिंह के समाजवादी पार्टी ज्वाइन करने के कयासों पर)1
- लखनऊ- चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर बड़ा हादसा टल गया, रायपुर जा रही फ्लाइट के रनवे पर दौड़ते समय अचानक एक बंदर आ गया, विमान में 132 यात्री सवार थे, पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर जहाज को रोक लिया, घटना में कोई हताहत नहीं हुआ, नागरिक उड्डयन विभाग ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं Video- AI1
- Post by संदीप कुमार शर्मा1