अमरकंटक में युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री यश लखन घनघोरिया, पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री फुन्देलाल सिंह मार्को और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री गुड्डू चौहान के निर्देशानुसार, तथा युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री मानवेंद्र मिश्रा और आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष सिंह मार्को की अनुशंसा पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का नेतृत्व पुष्पराजगढ़ विधानसभा युवा कांग्रेस अध्यक्ष श्री बिरू तंबोली ने किया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, युवाओं एवं छात्रों से जुड़े मुद्दों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए युवाओं के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की मांग की। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि श्री श्यामलाल सेन, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष श्री हरि सिंह उइके, नगर कांग्रेस अध्यक्ष श्री सीतेश सारीवान, बी.एल.ओ. श्री लखन झारिया सहित युवा कांग्रेस के सक्रिय साथी श्री खिलेश्वर दूबे, श्री रवि शंकर परस्ते, श्री मनीष प्रधान, श्री राजेश नागवंशी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा साथी उपस्थित रहे। युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनहित के मुद्दों पर सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन युवाओं, छात्रों, आदिवासियों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
अमरकंटक में युवा कांग्रेस ने चुनाव आयोग और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पुतला दहन किया। यह प्रदर्शन मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष श्री यश लखन घनघोरिया, पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक श्री फुन्देलाल सिंह मार्को और जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्री गुड्डू चौहान के निर्देशानुसार, तथा युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री मानवेंद्र मिश्रा और आदिवासी कांग्रेस जिलाध्यक्ष श्री आशुतोष सिंह मार्को की अनुशंसा पर आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का नेतृत्व पुष्पराजगढ़ विधानसभा युवा
कांग्रेस अध्यक्ष श्री बिरू तंबोली ने किया। प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों, युवाओं एवं छात्रों से जुड़े मुद्दों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी करते हुए युवाओं के हितों की रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने की मांग की। इस अवसर पर विधायक प्रतिनिधि श्री श्यामलाल सेन, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष श्री हरि सिंह उइके, नगर कांग्रेस अध्यक्ष श्री सीतेश सारीवान, बी.एल.ओ. श्री लखन झारिया सहित युवा
कांग्रेस के सक्रिय साथी श्री खिलेश्वर दूबे, श्री रवि शंकर परस्ते, श्री मनीष प्रधान, श्री राजेश नागवंशी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और युवा साथी उपस्थित रहे। युवा कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जनहित के मुद्दों पर सरकार द्वारा उचित कदम नहीं उठाए गए तो आगामी दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन युवाओं, छात्रों, आदिवासियों और आम जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहेगा।
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत अमिलिया में आयोजित जन कल्याण शिविर का आज तीसरा दिन है। जानकारी के अनुसार, शिविर में प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी जैसे पटवारी, सरपंच, सचिव और जनपद के अधिकारी तो मौजूद हैं, लेकिन कोई भी हितग्राही दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसा प्रतीत होता है कि हितग्राहियों की इस शिविर में कोई रुचि नहीं है और उन्हें किसी भी प्रकार की सुविधा की आवश्यकता नहीं है, जिसके चलते उनकी गैरमौजूदगी दर्ज की गई है।4
- आजादी मिलने के बाद से लेकर आज तक, स्थानीय स्तर पर लगातार गंदे पानी का उपयोग होता रहा है। इस समस्या में इतने वर्षों बाद भी कोई बदलाव नहीं आया है।1
- मध्य प्रदेश के शाहडोल जिले के जयसिंहनगर क्षेत्र में एक पानी की टंकी का निर्माण किया गया है, लेकिन वह अभी तक चालू नहीं हो पाई है। बताया गया है कि यह पानी की टंकी बनकर तैयार है, परंतु इसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। इसी वजह से निर्माण के बावजूद यह सुविधा अप्रयुक्त पड़ी है।1
- बोड़ला नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत फीका रहा, जहाँ जनता की भागीदारी बेहद निराशाजनक दर्ज की गई। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से लगाए गए इस शिविर में शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, और जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी पूरे दिन अपने-अपने स्टॉल पर मौजूद रहे। शिविर का लक्ष्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का पंजीयन कर त्वरित निराकरण करना भी था, लेकिन दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली दिखाई दीं। स्थिति इतनी खराब थी कि करीब 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य रही। आवेदनों की संख्या भी निराशाजनक रही; शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। जनता की इस अनुपस्थिति ने बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होने के कारण आम नागरिकों को वहां पहुंचने में असुविधा हो रही थी। जनता की गैर-मौजूदगी ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है और यह सोचने पर मजबूर किया है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।1
- उमरिया में महिला कांग्रेस जिला इकाई ने वरिष्ठ कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के विरोध में राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर के माध्यम से एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में इस मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की गई है। महिला कांग्रेस पदाधिकारियों ने इस घटना को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न बताया है, उनका कहना है कि सभी प्रत्याशियों को चुनावी प्रक्रिया में समान अवसर मिलने चाहिए और प्रशासनिक या प्रक्रियागत त्रुटियों के कारण लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन नहीं होना चाहिए। जनपद सदस्य मानपुर रोशनी सिंह ने मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज किए जाने को 'लोकतंत्र की हत्या' करार दिया और इसे षड्यंत्रपूर्वक कार्रवाई बताया। वहीं, महिला कांग्रेस की जिला महामंत्री बेटी बाई रजक ने इस कार्रवाई को असंवैधानिक बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर उम्मीदवार को निष्पक्ष अवसर मिलना चाहिए। जिला कांग्रेस कमेटी के संगठन महासचिव पुष्पराज सिंह ने भी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन विधि-विरुद्ध तरीके से खारिज किए जाने पर निष्पक्ष जांच की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी भविष्य में ऐसे निरस्तीकरण को रोकने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए सदैव संघर्ष करती रहेगी। ज्ञापन में नामांकन निरस्तीकरण के कारणों को सार्वजनिक करने, दोष पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक निर्देश जारी करने की मांग की गई है। महिला कांग्रेस ने उम्मीद जताई है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच से लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।2
- उमरिया जिले के जनपद पंचायत पाली अंतर्गत ग्राम पंचायत बरहाई के ग्राम कर्कटी में नाली निर्माण कार्य में सरपंच और सचिव पर गंभीर अनियमितताएं बरतने का आरोप लगा है। यह कार्य मनरेगा मजदूरों से करवाया जाना था, लेकिन इसे जेसीबी मशीन का उपयोग करके किया गया है। निर्माण कार्य के दौरान जगह-जगह नल जल योजना की पाइपलाइन भी उखाड़ दी गई है, जिससे सरकारी योजनाओं को नुकसान पहुँच रहा है। आरोप है कि यह कार्य गलत तरीके से किया जा रहा है।4
- कबीरधाम जिले के बोड़ला स्थित नगर पंचायत के मंगल भवन में 18 से 20 जून तक आयोजित होने वाले तहसील स्तरीय बृहद पंजीयन शिविर का पहला दिन उम्मीदों के विपरीत बेहद फीका रहा। शासन की जन-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देने और आम नागरिकों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान करने के उद्देश्य से यह शिविर लगाया गया था, लेकिन जनता की भागीदारी अत्यधिक निराशाजनक दर्ज की गई। शिविर का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष के कार्यकाल की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का त्वरित निराकरण करना भी था। शिक्षा, नगर पंचायत, स्वास्थ्य, वन, उद्यान, महिला एवं बाल विकास, जनपद पंचायत सहित लगभग सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी अपने-अपने स्टॉल पर पूरे दिन मौजूद रहे। हालांकि, दोपहर तक मंच के सामने लगी अधिकांश कुर्सियां खाली पड़ी रहीं, और लगभग 2:30 बजे तक जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम स्थल से रवाना हो गए, जबकि आम नागरिकों की उपस्थिति नगण्य ही रही। आवेदनों की स्थिति भी बेहद कमजोर रही, जिसमें शिक्षा विभाग में केवल 1 आवेदन, नगर पंचायत में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 4 आवेदन, तथा जनपद पंचायत में पेंशन और ट्राइसाइकिल के लिए केवल 1-1 आवेदन ही प्राप्त हुए। इस स्थिति ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं कि आखिर जनता शिविर तक क्यों नहीं पहुंची। यह चिंता व्यक्त की गई है कि क्या प्रचार-प्रसार पर्याप्त नहीं था, क्या शासन-प्रशासन के प्रति लोगों का भरोसा कम हो रहा है, या फिर कार्यक्रम स्थल का नगर की मुख्य बस्ती से लगभग 2 किलोमीटर दूर होना आम नागरिकों के लिए असुविधाजनक साबित हुआ। जनता की इस अनुपस्थिति ने पूरे आयोजन की प्रभावशीलता पर गंभीर सवाल उठाए हैं, यह सोचने पर मजबूर करता है कि केवल स्टॉल सजाने से योजनाएं सफल नहीं होतीं, बल्कि उनमें लोगों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है।1
- उमरिया में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर हिंदू-मुस्लिम एकता मंच द्वारा भव्य स्वागत कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर मंच ने महाराणा प्रताप की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया।1
- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले में आयोजित राज्यस्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के आगाज कार्यक्रम के दौरान एक डांस प्रस्तुति को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। अमर शहीद स्टेडियम ग्राउंड पर हुए इस कार्यक्रम में मंच पर 'नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान' जैसे फिल्मी गाने पर डांस किया गया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना जिला प्रशासन की मौजूदगी में हुई है। इस घटना पर लोगों में भारी रोष है, उनका आरोप है कि यह नाबालिग खिलाड़ियों के भविष्य से खिलवाड़ और जनता के टैक्स के पैसे पर 'अयाशी' है। नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि स्कूली खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित इस प्रतियोगिता में ऐसे गीतों और प्रस्तुतियों का कोई औचित्य नहीं है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और अधिकारियों की मौजूदगी में हुई इस प्रस्तुति को लेकर आयोजन समिति से जवाब मांगा जा रहा है कि इस तरह के मनोरंजन की अनुमति किस आधार पर दी गई। मामले में उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार लोगों के तत्काल निलंबन की मांग की जा रही है। हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, और डीआईओ का बयान भी 'लाचार' बताया गया है। इस पूरे घटनाक्रम को 'सुब्रतो कप के उद्घाटन में सरकारी खर्च पर अश्लील ठुमके' करार दिया जा रहा है।2