लातेहार में, रविंद्र राम को चतरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिमरिया विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है। मनिका के लोकप्रिय विधायक श्री रामचंद्र सिंह ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया और पार्टी संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य सौंपा। प्रभारी के तौर पर, रविंद्र राम की प्रमुख जिम्मेदारियों में सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में बूथ, पंचायत और प्रखंड स्तर पर कांग्रेस कमेटी का गठन करना और सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करना शामिल है। उन्हें क्षेत्र के गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं को सुनने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुँचाने और उन्हें पार्टी से जोड़ने का कार्य भी करना होगा। इसके अतिरिक्त, विधायक, प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारना, तथा सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखकर समाधान कराना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची संशोधन, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कराना भी उनके कार्यों में शामिल है। इस अवसर पर, नवनियुक्त प्रभारी रविंद्र राम ने विधायक जी और पार्टी द्वारा जताए गए भरोसे पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिमरिया की जनता की आवाज बनकर उनकी समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता होगी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, प्रदेश महासचिव आफताब आलम, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमित यादव, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र उरांव, इमरान अंसारी, टिंकू आलम, अफरोज अंसारी, अख्तर हुसैन, सुनील, प्रसाद, मनोज पासवान, वाजिद अंसारी, हसमद अंसारी, सुमित सहित जिला कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने रविंद्र राम को बधाई दी और उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
लातेहार में, रविंद्र राम को चतरा लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सिमरिया विधानसभा क्षेत्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है। मनिका के लोकप्रिय विधायक श्री रामचंद्र सिंह ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया और पार्टी संगठन को मजबूत करने का लक्ष्य सौंपा। प्रभारी के तौर पर, रविंद्र राम की प्रमुख जिम्मेदारियों में सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में बूथ, पंचायत और प्रखंड स्तर पर कांग्रेस कमेटी का गठन करना और सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम तैयार करना शामिल है। उन्हें क्षेत्र के गांव-गांव जाकर जनता की समस्याओं को सुनने, सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुँचाने और उन्हें पार्टी से जोड़ने का कार्य भी करना होगा। इसके अतिरिक्त, विधायक, प्रदेश नेतृत्व और स्थानीय कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर पार्टी के कार्यक्रमों को धरातल पर उतारना, तथा सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी समस्याओं को प्रशासन के सामने मजबूती से रखकर समाधान कराना भी उनकी जिम्मेदारी होगी। आगामी चुनाव को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची संशोधन, बूथ प्रबंधन और कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण कराना भी उनके कार्यों में शामिल है। इस अवसर पर, नवनियुक्त प्रभारी रविंद्र राम ने विधायक जी और पार्टी द्वारा जताए गए भरोसे पर खरा उतरने का संकल्प व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सिमरिया की जनता की आवाज बनकर उनकी समस्याओं का समाधान कराना उनकी प्राथमिकता होगी। इस दौरान विधायक प्रतिनिधि हरिशंकर यादव, प्रदेश महासचिव आफताब आलम, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष अमित यादव, नगर अध्यक्ष सुरेंद्र उरांव, इमरान अंसारी, टिंकू आलम, अफरोज अंसारी, अख्तर हुसैन, सुनील, प्रसाद, मनोज पासवान, वाजिद अंसारी, हसमद अंसारी, सुमित सहित जिला कांग्रेस के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने रविंद्र राम को बधाई दी और उन्हें पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
- झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।3
- एम.के. इंटर कॉलेज के उन छात्रों के लिए एक शुभ समाचार सामने आया है, जो पहले परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। जैक ने इस संबंध में सूचना जारी कर यह बताया है कि अब ऐसे सभी छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।1
- नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- झारखंड के एक अति पिछड़े क्षेत्र में असुर भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, लेकिन इस परियोजना पर काम कर रहे मजदूरों को उनका भुगतान नहीं दिया जा रहा है।1
- बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ किए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। यह स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है, और इसे लेकर हैरानी के साथ-साथ गहन चिंता भी जताई जा रही है। इस गंभीर विषय पर अधिक ध्यान और चिंतन की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।1
- ग्रामीणों ने धूल, प्रदूषण और टूटी सड़कों को अपनी रोज़मर्रा की गंभीर समस्या बताया है। उनका कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकला है। इसी निराशा के चलते, ग्रामीण संबंधित अधिकारियों से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर उनकी आवाज़ कब सुनी जाएगी।1