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एम.के. इंटर कॉलेज के उन छात्रों के लिए एक शुभ समाचार सामने आया है, जो पहले परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। जैक ने इस संबंध में सूचना जारी कर यह बताया है कि अब ऐसे सभी छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
Md Asmat ansari
एम.के. इंटर कॉलेज के उन छात्रों के लिए एक शुभ समाचार सामने आया है, जो पहले परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। जैक ने इस संबंध में सूचना जारी कर यह बताया है कि अब ऐसे सभी छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
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- एम.के. इंटर कॉलेज के उन छात्रों के लिए एक शुभ समाचार सामने आया है, जो पहले परीक्षा देने से वंचित रह गए थे। जैक ने इस संबंध में सूचना जारी कर यह बताया है कि अब ऐसे सभी छात्रों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।1
- पलामू जिले के मनातू थाना क्षेत्र के सेमरी टोला पाखलटाड़ गांव में जल-नल योजना का काम अभी तक शुरू नहीं हो पाया है, जिससे ग्रामीण गंभीर जल संकट का सामना कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रखंड के अन्य गांवों में जहां यह योजना पूरी हो चुकी है, वहीं पाखलटाड़ टोले को इससे वंचित रखा गया है। गर्मी के दिनों में गांव के लोग पीने के पानी के लिए नदी पर निर्भर हैं और वहीं से पानी लाकर अपनी प्यास बुझाते हैं। चापाकलों की स्थिति भी बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को नहाने और अन्य दैनिक कार्य भी नदी में ही करने पड़ते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों ने विधायक जी और एसडीएम सर से जल्द से जल्द जांच कराकर सेमरी टोला पाखलटाड़ में जल-नल योजना का काम शुरू करवाने की गुहार लगाई है।3
- झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।3
- नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।1
- लातेहार में केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक की सड़क के जर्जर होने के कारण ग्रामीणों ने इसके तत्काल निर्माण की मांग तेज कर दी है। खराब सड़क से परेशान स्थानीय लोगों ने लातेहार के उपायुक्त को एक आवेदन सौंपकर जल्द कार्रवाई की गुहार लगाई है और आंदोलन की चेतावनी भी दी है। ग्रामीणों ने आवेदन में बताया कि केंद्रीय विद्यालय से सेमरी तक जाने वाली यह सड़क लंबे समय से खराब हालत में है, जिस पर बड़े-बड़े गड्ढे और उबड़-खाबड़ रास्ते हैं। इस वजह से स्कूली बच्चों, मरीजों और आम लोगों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बारिश के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने कई बार विभागीय अधिकारियों और प्रशासन को इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन अभी तक सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। लोगों ने मांग की है कि सड़क निर्माण की निविदा प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर धरातल पर काम अविलंब शुरू कराया जाए। इसी क्रम में, ग्रामीणों ने 29 मई 2026 को शांतिपूर्ण तरीके से उपस्थित होकर प्रशासन से इस अति आवश्यक कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। उन्होंने संबंधित विभाग को तत्काल निर्देश जारी करने की अपील की है, जिससे क्षेत्रवासियों को बड़ी राहत मिल सके। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि जिला प्रशासन उनकी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही सकारात्मक निर्णय लेगा।4
- गया जिले की नंदाई पंचायत के ग्राम बिजुआ के वार्ड संख्या 5 में नाले की मरम्मत न होने से ग्रामीण परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नाले की मरम्मत का कार्य नहीं किया जा रहा है और मुखिया उनकी बात नहीं सुन रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा मुखिया जी को कई बार आवेदन दिए गए हैं, लेकिन अब तक इस मामले में कोई सुनवाई नहीं हुई है। इस शिकायत को उठाने वाले ग्रामीणों में बबलू कुमार, राम भारत पासवान, सनोज पासवान, हरिहर साव सोनी और बसंत साव सोनी शामिल हैं। वे लगातार नाले की मरम्मत की मांग कर रहे हैं, क्योंकि मुखिया द्वारा उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- पलामू जिले के मनतू थाना क्षेत्र अंतर्गत सेमरी टोला पाखलताड़ गांव में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितता सामने आई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जहां लाइटों की आवश्यकता नहीं है, वहां ग्राम मुखिया द्वारा इन्हें लगवा दिया गया है, जबकि जिन स्थानों पर रोशनी की सख्त जरूरत है, वे अभी भी अंधेरे में डूबे हैं। इस अव्यवस्था के कारण रात-बिरात वाहनों से आवाजाही करने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर मोड़ वाली जगहों पर पर्याप्त रोशनी न होने से दिक्कतें बढ़ जाती हैं। ग्रामीणों ने इस मामले की तत्काल जांच कराने की मांग की है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि हर पोल पर, विशेषकर मोड़ों पर, लाइटें लगाई जाएं। इसके लिए गांव के मुखिया, विधायक, और जिला के एसडीएस साहब से विनम्र निवेदन किया गया है कि वे जल्द से जल्द इस दिशा में कार्य करें और गांव में उचित स्थानों पर स्ट्रीट लाइटें लगवाने की व्यवस्था करें।2
- चतरा पुलिस द्वारा नशे के कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है, इसी कड़ी में सिमरिया थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर छापेमारी कर लगभग 6 लाख रुपये मूल्य की 1 किलो 113 ग्राम अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य आरोपी मौके से फरार हो गया। सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को बगरा-लावालौंग रोड स्थित गोठाई गांव के जंगल में अफीम की खरीद-बिक्री होने की सूचना मिली थी। इस जानकारी के आधार पर एक विशेष टीम का गठन कर गोठाई जंगल में घेराबंदी की गई। पुलिस को देखते ही तस्करों ने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने पीछा कर लावालौंग थाना क्षेत्र के जलमा गांव निवासी राजू गंझु और रामदेव गंझु को पकड़ लिया। मौके से फरार होने वाले आरोपी की पहचान सरफराज खान के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान, गिरफ्तार तस्करों के पास से 1 किलो 113 ग्राम अफीम और तस्करी में प्रयुक्त दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। सिमरिया थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। एसडीपीओ ने सभी तस्करों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि अफीम और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और उन्हें या तो यह धंधा छोड़ने या जेल जाने के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि नशे से संबंधित कोई भी सूचना पुलिस को दें। इस सफल छापेमारी में सिमरिया सीओ गौरव, थाना प्रभारी सूर्यप्रताप और सशस्त्र बल शामिल थे।1