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सिकंदरा तहसील क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों से उखड़ रही यमुना पट्टी की जीवनरेखा, 40 साल का सपना टूटने की कगार पर सिकंदरा तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी में 40 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बनी खोजारामपुर–बेहमई मार्ग की सड़क आज ओवरलोड बालू ट्रकों की मार से बदहाल हो चुकी है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। बेहमई नरसंहार के बाद वर्ष 1981 से पुल और सड़क की मांग लगातार उठती रही। वर्ष 2000–02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरेनी–बेहमई के बीच पीपे का पुल बनवाया, जिसे बरसात में हटाना पड़ता था। बाद में 2007–08 में बसपा शासनकाल में विधायक छोटे सिंह चौहान के प्रयास से पाल–खोजारामपुर के बीच स्थायी पुल और डामर सड़क को मंजूरी मिली। इससे खोजारामपुर, बेहमई और जालौन के न्यामतपुर सहित 84 गांवों की दूरी 80 किमी से घटकर 20–25 किमी रह गई और लोगों का सफर आधे घंटे में पूरा होने लगा। यमुना किनारे सब्जी और फल उगाने वाले छोटे किसानों व व्यापारियों के लिए यह सड़क वरदान साबित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जालौन के सिमरा गांव में यमुना बालू खदान शुरू होने के बाद हालात बदल गए। ट्रक चालक लंबा वैध मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़क को ही शॉर्टकट बनाने लगे। करीब 12 किमी कम दूरी और ईंधन बचाने के लालच में ओवरलोड बालू से भरे ट्रक दिन-रात दौड़ रहे हैं। परिणाम यह है कि 2022 में बनी नई सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान संचालकों के दबदबे के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती है और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण मार्गों से ट्रकों की बेखौफ आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उप जिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार ने रविवार करीब 1 बजे बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और शासन के निर्देशानुसार जल्द समाधान किया जाएगा ।

4 hrs ago
user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago

सिकंदरा तहसील क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों से उखड़ रही यमुना पट्टी की जीवनरेखा, 40 साल का सपना टूटने की कगार पर सिकंदरा तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी में 40 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बनी खोजारामपुर–बेहमई मार्ग की सड़क आज ओवरलोड बालू ट्रकों की मार से बदहाल हो चुकी है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। बेहमई नरसंहार के बाद वर्ष 1981 से पुल और सड़क की मांग लगातार उठती रही। वर्ष 2000–02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरेनी–बेहमई के बीच पीपे का पुल बनवाया, जिसे बरसात में हटाना पड़ता था। बाद में 2007–08 में बसपा शासनकाल में विधायक छोटे सिंह चौहान के प्रयास से पाल–खोजारामपुर के बीच स्थायी पुल और डामर सड़क को मंजूरी मिली। इससे खोजारामपुर, बेहमई और जालौन के न्यामतपुर सहित 84 गांवों की दूरी 80 किमी से घटकर 20–25 किमी रह गई और लोगों का सफर आधे घंटे में पूरा होने लगा। यमुना किनारे सब्जी और फल उगाने वाले छोटे किसानों व व्यापारियों के लिए यह सड़क वरदान साबित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जालौन के सिमरा गांव में यमुना बालू खदान शुरू होने के बाद हालात बदल गए। ट्रक चालक लंबा वैध मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़क को ही शॉर्टकट बनाने लगे। करीब 12 किमी कम दूरी और ईंधन बचाने के लालच में ओवरलोड बालू से भरे ट्रक दिन-रात दौड़ रहे हैं। परिणाम यह है कि 2022 में बनी नई सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान संचालकों के दबदबे के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती है और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण मार्गों से ट्रकों की बेखौफ आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उप जिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार ने रविवार करीब 1 बजे बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और शासन के निर्देशानुसार जल्द समाधान किया जाएगा ।

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  • बड़ागांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 91 मरीजों का हुआ उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा गांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 91 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में 52 पुरुष, 32 महिलाएं और 7 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। मेले में खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, शुगर, कमजोरी और ब्रोंकाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस संबंध में डॉ. अमीकांत त्रिपाठी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि मेले में कुल 91 मरीजों का उपचार किया गया।
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    बड़ागांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 91 मरीजों का हुआ उपचार
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा गांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 91 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में 52 पुरुष, 32 महिलाएं और 7 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं।
मेले में खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, शुगर, कमजोरी और ब्रोंकाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
इस संबंध में डॉ. अमीकांत त्रिपाठी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि मेले में कुल 91 मरीजों का उपचार किया गया।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • खबर कानपुर देहात पत्रकार: इकबाल अहमद 11000 वोल्ट लाइन टूटने से 5 मवेशियों की मौत, एक घायल; ग्रामीणों में आक्रोश कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के कपासी गांव में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। गांव के पास से गुजर रही 11000 वोल्ट की विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 5 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजेश, महेश और महावीर के मवेशी घर के पास ही बंधे हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। मृत मवेशियों में चार गाय और एक भैंस शामिल हैं। इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद गांव में निराशा और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब पशुपालकों को भुगतना पड़ा है।
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    खबर कानपुर देहात
पत्रकार: इकबाल अहमद
11000 वोल्ट लाइन टूटने से 5 मवेशियों की मौत, एक घायल; ग्रामीणों में आक्रोश
कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के कपासी गांव में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। गांव के पास से गुजर रही 11000 वोल्ट की विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 5 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया।
जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजेश, महेश और महावीर के मवेशी घर के पास ही बंधे हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। मृत मवेशियों में चार गाय और एक भैंस शामिल हैं।
इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद गांव में निराशा और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब पशुपालकों को भुगतना पड़ा है।
    user_Patrkar ekbal ahmad
    Patrkar ekbal ahmad
    Patrkar up voice news kanpur dehat सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • Post by दिलीप कुमार
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    Post by दिलीप कुमार
    user_दिलीप कुमार
    दिलीप कुमार
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    8 min ago
  • अधिवक्ताओं की बैठक में एकजुटता पर जोर, बोले कटियार—संगठन में ही सुरक्षा और शक्ति 📰 खबर: नगर में रविवार को आयोजित अधिवक्ताओं की बैठक में एकजुटता पर विशेष बल दिया गया। एकीकृत बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम कटियार ने कहा कि सभी अधिवक्ताओं को एकजुट रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए, क्योंकि एकता में ही वास्तविक शक्ति निहित होती है। उन्होंने कहा कि समय-समय पर अधिवक्ताओं के उत्पीड़न के मामले सामने आते रहते हैं, ऐसे में सभी का संगठित रहना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिस्थिति में मजबूती से सामना किया जा सके।
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    अधिवक्ताओं की बैठक में एकजुटता पर जोर, बोले कटियार—संगठन में ही सुरक्षा और शक्ति
📰 खबर:
नगर में रविवार को आयोजित अधिवक्ताओं की बैठक में एकजुटता पर विशेष बल दिया गया। एकीकृत बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष राधेश्याम कटियार ने कहा कि सभी अधिवक्ताओं को एकजुट रहकर एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनना चाहिए, क्योंकि एकता में ही वास्तविक शक्ति निहित होती है।
उन्होंने कहा कि समय-समय पर अधिवक्ताओं के उत्पीड़न के मामले सामने आते रहते हैं, ऐसे में सभी का संगठित रहना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी परिस्थिति में मजबूती से सामना किया जा सके।
    user_कुमार पंकज
    कुमार पंकज
    Journalist डेरापुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    55 min ago
  • औरैया। गेहूं के खेत में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान। अयाना थाना क्षेत्र में कस्बा जाना-मनसुखपुर के बीच खेतों में लगी आग। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू। करीब 3 किसानों की लगभग 4.5 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख। ग्रामीणों ने दमकल टीम पर देर से पहुंचने का लगाया आरोप। cfo तेजवीर सिंह बोले गलत नंबर लगने से हुई देरी, सही नंबर कराया गया नोट।
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    औरैया। गेहूं के खेत में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान।
अयाना थाना क्षेत्र में कस्बा जाना-मनसुखपुर के बीच खेतों में लगी आग।
सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू।
करीब 3 किसानों की लगभग 4.5 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख।
ग्रामीणों ने दमकल टीम पर देर से पहुंचने का लगाया आरोप।
cfo तेजवीर सिंह बोले गलत नंबर लगने से हुई देरी, सही नंबर कराया गया नोट।
    user_रवि वर्मा
    रवि वर्मा
    Banner Shop औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • *-:- औरैया अपडेट-:-* *बाइक के साइलेंसर से निकली चिंगारी से गेहूं की पकी फसल जलकर राख* *मौके पर मची अफरातफरी ग्रामीणों ने आग बुझाने की बहुत कोशिश की रहे असफल* *सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की जांच पड़ताल* *मौके पर दो छोटी फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंची जब तक पांच बीघा फसल जलकर हुई राख* *सुलगती हुई आग पर फायर कर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाई* *पूरा मामला फफूंद थाना क्षेत्र के अधासी गांव का*
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    *-:- औरैया अपडेट-:-*
*बाइक के साइलेंसर से निकली चिंगारी से गेहूं की पकी फसल जलकर राख*
*मौके पर मची अफरातफरी ग्रामीणों ने आग बुझाने की बहुत कोशिश की रहे असफल*
*सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की जांच पड़ताल*
*मौके पर दो छोटी फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंची जब तक पांच बीघा फसल जलकर हुई राख*
*सुलगती हुई आग पर फायर कर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाई*
*पूरा मामला फफूंद थाना क्षेत्र के अधासी गांव का*
    user_आकाश उर्फ अक्की भईया पत्रकार
    आकाश उर्फ अक्की भईया पत्रकार
    Local News Reporter औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *ब्रेकिंग न्यूज़* *जनपद में अपराध एंव अपराधियों के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 18.04.2026 को रात्रि करीब 11.30 बजे स्वाट व थाना दिबियापुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा हीरा मोड़ दिबियापुर अछल्दा नहर पटरी के पास चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में थाना दिबियापुर में लूट के अभियोग में वांछित चल रहे 03 अभियुक्तगण को किया गया गिरफ्तार मुठभेड़ में घायल अभियुक्तगण को प्राथमिक उपचार हेतु सीएचसी दिबियापुर भेजा गया अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।*
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    *ब्रेकिंग न्यूज़*
*जनपद में अपराध एंव अपराधियों के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 18.04.2026 को रात्रि करीब 11.30 बजे स्वाट व थाना दिबियापुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा हीरा मोड़ दिबियापुर अछल्दा नहर पटरी के पास चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में थाना दिबियापुर में लूट के अभियोग में वांछित चल रहे 03 अभियुक्तगण को किया गया गिरफ्तार मुठभेड़ में घायल अभियुक्तगण को प्राथमिक उपचार हेतु सीएचसी दिबियापुर भेजा गया अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।*
    user_आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ
    आर. चंद्रा ब्यूरो चीफ
    औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सिकंदरा तहसील क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों से उखड़ रही यमुना पट्टी की जीवनरेखा, 40 साल का सपना टूटने की कगार पर सिकंदरा तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी में 40 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बनी खोजारामपुर–बेहमई मार्ग की सड़क आज ओवरलोड बालू ट्रकों की मार से बदहाल हो चुकी है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। बेहमई नरसंहार के बाद वर्ष 1981 से पुल और सड़क की मांग लगातार उठती रही। वर्ष 2000–02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरेनी–बेहमई के बीच पीपे का पुल बनवाया, जिसे बरसात में हटाना पड़ता था। बाद में 2007–08 में बसपा शासनकाल में विधायक छोटे सिंह चौहान के प्रयास से पाल–खोजारामपुर के बीच स्थायी पुल और डामर सड़क को मंजूरी मिली। इससे खोजारामपुर, बेहमई और जालौन के न्यामतपुर सहित 84 गांवों की दूरी 80 किमी से घटकर 20–25 किमी रह गई और लोगों का सफर आधे घंटे में पूरा होने लगा। यमुना किनारे सब्जी और फल उगाने वाले छोटे किसानों व व्यापारियों के लिए यह सड़क वरदान साबित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जालौन के सिमरा गांव में यमुना बालू खदान शुरू होने के बाद हालात बदल गए। ट्रक चालक लंबा वैध मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़क को ही शॉर्टकट बनाने लगे। करीब 12 किमी कम दूरी और ईंधन बचाने के लालच में ओवरलोड बालू से भरे ट्रक दिन-रात दौड़ रहे हैं। परिणाम यह है कि 2022 में बनी नई सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान संचालकों के दबदबे के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती है और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण मार्गों से ट्रकों की बेखौफ आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उप जिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार ने रविवार करीब 1 बजे बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और शासन के निर्देशानुसार जल्द समाधान किया जाएगा ।
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    सिकंदरा तहसील क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों से उखड़ रही यमुना पट्टी की जीवनरेखा, 40 साल का सपना टूटने की कगार पर
सिकंदरा तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी में 40 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बनी खोजारामपुर–बेहमई मार्ग की सड़क आज ओवरलोड बालू ट्रकों की मार से बदहाल हो चुकी है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है।
बेहमई नरसंहार के बाद वर्ष 1981 से पुल और सड़क की मांग लगातार उठती रही। वर्ष 2000–02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरेनी–बेहमई के बीच पीपे का पुल बनवाया, जिसे बरसात में हटाना पड़ता था। बाद में 2007–08 में बसपा शासनकाल में विधायक छोटे सिंह चौहान के प्रयास से पाल–खोजारामपुर के बीच स्थायी पुल और डामर सड़क को मंजूरी मिली।
इससे खोजारामपुर, बेहमई और जालौन के न्यामतपुर सहित 84 गांवों की दूरी 80 किमी से घटकर 20–25 किमी रह गई और लोगों का सफर आधे घंटे में पूरा होने लगा। यमुना किनारे सब्जी और फल उगाने वाले छोटे किसानों व व्यापारियों के लिए यह सड़क वरदान साबित हुई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि जालौन के सिमरा गांव में यमुना बालू खदान शुरू होने के बाद हालात बदल गए। ट्रक चालक लंबा वैध मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़क को ही शॉर्टकट बनाने लगे। करीब 12 किमी कम दूरी और ईंधन बचाने के लालच में ओवरलोड बालू से भरे ट्रक दिन-रात दौड़ रहे हैं।
परिणाम यह है कि 2022 में बनी नई सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान संचालकों के दबदबे के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती है और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है।
जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण मार्गों से ट्रकों की बेखौफ आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है।
उप जिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार ने रविवार करीब 1 बजे बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और शासन के निर्देशानुसार जल्द समाधान किया जाएगा ।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
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