बड़ागांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 91 मरीजों का हुआ उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा गांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 91 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में 52 पुरुष, 32 महिलाएं और 7 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। मेले में खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, शुगर, कमजोरी और ब्रोंकाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस संबंध में डॉ. अमीकांत त्रिपाठी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि मेले में कुल 91 मरीजों का उपचार किया गया।
बड़ागांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 91 मरीजों का हुआ उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा गांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 91 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में 52 पुरुष, 32 महिलाएं और 7 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। मेले में खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, शुगर, कमजोरी और ब्रोंकाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस संबंध में डॉ. अमीकांत त्रिपाठी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि मेले में कुल 91 मरीजों का उपचार किया गया।
- बड़ागांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन, 91 मरीजों का हुआ उपचार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़ा गांव बिख्खी में मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 91 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उपचार किया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मेले में 52 पुरुष, 32 महिलाएं और 7 बच्चों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच कर आवश्यक दवाएं वितरित कीं। मेले में खांसी, बुखार, उच्च रक्तचाप, शुगर, कमजोरी और ब्रोंकाइटिस सहित विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीज पहुंचे। डॉक्टरों की टीम ने मरीजों का परीक्षण कर उन्हें उचित परामर्श दिया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लोगों को मौसमी बीमारियों से बचाव, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के प्रति जागरूक किया। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों ने मेले में बढ़-चढ़कर भाग लिया। इस संबंध में डॉ. अमीकांत त्रिपाठी ने रविवार दोपहर करीब 2 बजे बताया कि मेले में कुल 91 मरीजों का उपचार किया गया।1
- खबर कानपुर देहात पत्रकार: इकबाल अहमद 11000 वोल्ट लाइन टूटने से 5 मवेशियों की मौत, एक घायल; ग्रामीणों में आक्रोश कानपुर देहात। डेरापुर तहसील क्षेत्र के कपासी गांव में शनिवार को बड़ा हादसा हो गया। गांव के पास से गुजर रही 11000 वोल्ट की विद्युत लाइन का तार अचानक टूटकर नीचे गिर गया, जिसकी चपेट में आकर 5 मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य मवेशी गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी राजेश, महेश और महावीर के मवेशी घर के पास ही बंधे हुए थे, तभी यह हादसा हो गया। मृत मवेशियों में चार गाय और एक भैंस शामिल हैं। इस घटना से पशुपालकों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। हादसे के बाद गांव में निराशा और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए मुआवजा देने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि जर्जर विद्युत लाइन की शिकायत पहले भी कई बार की जा चुकी थी, लेकिन विभाग की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसका खामियाजा अब पशुपालकों को भुगतना पड़ा है।3
- औरैया। गेहूं के खेत में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान। अयाना थाना क्षेत्र में कस्बा जाना-मनसुखपुर के बीच खेतों में लगी आग। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू। करीब 3 किसानों की लगभग 4.5 बीघा गेहूं की फसल जलकर राख। ग्रामीणों ने दमकल टीम पर देर से पहुंचने का लगाया आरोप। cfo तेजवीर सिंह बोले गलत नंबर लगने से हुई देरी, सही नंबर कराया गया नोट।2
- *-:- औरैया अपडेट-:-* *बाइक के साइलेंसर से निकली चिंगारी से गेहूं की पकी फसल जलकर राख* *मौके पर मची अफरातफरी ग्रामीणों ने आग बुझाने की बहुत कोशिश की रहे असफल* *सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके पर पहुंचकर की जांच पड़ताल* *मौके पर दो छोटी फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंची जब तक पांच बीघा फसल जलकर हुई राख* *सुलगती हुई आग पर फायर कर्मियों ने पानी डालकर आग बुझाई* *पूरा मामला फफूंद थाना क्षेत्र के अधासी गांव का*1
- *ब्रेकिंग न्यूज़* *जनपद में अपराध एंव अपराधियों के विरुद्ध पुलिस अधीक्षक औरैया द्वारा चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज दिनांक 18.04.2026 को रात्रि करीब 11.30 बजे स्वाट व थाना दिबियापुर पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा हीरा मोड़ दिबियापुर अछल्दा नहर पटरी के पास चेकिंग के दौरान हुई पुलिस मुठभेड़ में थाना दिबियापुर में लूट के अभियोग में वांछित चल रहे 03 अभियुक्तगण को किया गया गिरफ्तार मुठभेड़ में घायल अभियुक्तगण को प्राथमिक उपचार हेतु सीएचसी दिबियापुर भेजा गया अन्य विधिक कार्यवाही प्रचलित है।*3
- थाना क्षेत्र के गांव जुआ में एक युवक की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। मृतक की पत्नी अलका ने घटना की जानकारी देते हुए पूरे मामले को लेन देन के विवाद से जुड़ा बताया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतक की पत्नी अलका ने बताया की मेरे पति प्रदीप कुमार 28 वर्ष पुत्र रामआसरे मुर्गा मीट बेचने का काम करते थे, वह बल्लापुर में दुकान किए हुए थे। गांव जुआ निवासी मुस्कीम अली से मुर्गा खरीदता था और कुछ पैसा बकाया होने को लेकर दोनों के बीच अक्सर तकरार होती रहती थी। पत्नी ने बताया कि शनिवार दोपहर मुस्कीम अली अपने दो साथियों के साथ बल्लापुर स्थित दुकान पर पहुंचा,जहां पैसे के लेन देन को लेकर दोनों के बीच मारपीट हो गई। वह शाम को पांच बजे घर आया जहा पर उसकी हालत खराब हो गई।परिजन सीएचसी अजीतमल लेकर गए जहां पर डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतक के परिवार में दो बड़े भाई सुशील कुमार व अवनीश, बहन सीता व रीता,पांच वर्षीय पुत्र ऋषभ और छह वर्षीय पुत्री नव्या हैं। घटना के बाद परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुटी है। इस संबंध में रविवार की सुबह 11 बजे फफूंद थानाध्यक्ष अजय कुमार ने बताया की शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।मामले की जांच की जा रही है।1
- झींझक कानपुर देहात का जच्चा बच्चा केंद्र मे मरीजों को नहीं मिलती सरकारी सुविधा भोजन के चार्ट मे जो भी लिखा सब झूठ मरीजों से बात करने पर हुई मामले की जानकारी अस्पताल मे सफाई ब्यवस्था भी नाकाफी3
- सिकंदरा तहसील क्षेत्र में ओवरलोड बालू ट्रकों से उखड़ रही यमुना पट्टी की जीवनरेखा, 40 साल का सपना टूटने की कगार पर सिकंदरा तहसील क्षेत्र की यमुना पट्टी में 40 वर्षों के लंबे संघर्ष के बाद बनी खोजारामपुर–बेहमई मार्ग की सड़क आज ओवरलोड बालू ट्रकों की मार से बदहाल हो चुकी है। कभी क्षेत्र की जीवनरेखा कही जाने वाली यह सड़क अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो रही है, जिससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश है। बेहमई नरसंहार के बाद वर्ष 1981 से पुल और सड़क की मांग लगातार उठती रही। वर्ष 2000–02 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह ने सरेनी–बेहमई के बीच पीपे का पुल बनवाया, जिसे बरसात में हटाना पड़ता था। बाद में 2007–08 में बसपा शासनकाल में विधायक छोटे सिंह चौहान के प्रयास से पाल–खोजारामपुर के बीच स्थायी पुल और डामर सड़क को मंजूरी मिली। इससे खोजारामपुर, बेहमई और जालौन के न्यामतपुर सहित 84 गांवों की दूरी 80 किमी से घटकर 20–25 किमी रह गई और लोगों का सफर आधे घंटे में पूरा होने लगा। यमुना किनारे सब्जी और फल उगाने वाले छोटे किसानों व व्यापारियों के लिए यह सड़क वरदान साबित हुई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि जालौन के सिमरा गांव में यमुना बालू खदान शुरू होने के बाद हालात बदल गए। ट्रक चालक लंबा वैध मार्ग छोड़कर ग्रामीण सड़क को ही शॉर्टकट बनाने लगे। करीब 12 किमी कम दूरी और ईंधन बचाने के लालच में ओवरलोड बालू से भरे ट्रक दिन-रात दौड़ रहे हैं। परिणाम यह है कि 2022 में बनी नई सड़क पूरी तरह उखड़ चुकी है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। ग्रामीणों का कहना है कि खदान संचालकों के दबदबे के कारण उनकी आवाज दबा दी जाती है और स्थानीय व्यापार भी प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ओवरलोडिंग के खिलाफ लगातार अभियान चला रहे हैं, लेकिन ग्रामीण मार्गों से ट्रकों की बेखौफ आवाजाही प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई है। उप जिलाधिकारी सिकंदरा प्रदुमन कुमार ने रविवार करीब 1 बजे बताया कि ग्रामीणों की शिकायत प्राप्त हुई है और शासन के निर्देशानुसार जल्द समाधान किया जाएगा ।1