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*मैं इस्तीफा नहीं दूंगी - ममता बनर्जी* कोलकाता। पश्चिम बंगाल की वर्तमान/पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब से थोड़ी देर पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं हारी नहीं, मुझे हराया गया है। उन्होने कहा कि लोकभवन जाकर मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं।
Ankit kumar
*मैं इस्तीफा नहीं दूंगी - ममता बनर्जी* कोलकाता। पश्चिम बंगाल की वर्तमान/पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब से थोड़ी देर पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं हारी नहीं, मुझे हराया गया है। उन्होने कहा कि लोकभवन जाकर मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं।
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- *मैं इस्तीफा नहीं दूंगी - ममता बनर्जी* कोलकाता। पश्चिम बंगाल की वर्तमान/पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अब से थोड़ी देर पहले प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि मैं हारी नहीं, मुझे हराया गया है। उन्होने कहा कि लोकभवन जाकर मैं इस्तीफा नहीं दूंगी, मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं।1
- Post by Ramadhar Kumar1
- पहले बड़े मंगल पर श्रद्धालु उमड़े, भोग प्रसाद बांटा* अयोध्या, ज्येष्ठ मास के पहले बड़े मंगल पर श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। परिसर स्थित श्री हनुमान मंदिर में अर्चकों ने निरन्तर पाठ किया तथा भोग का लड्डू प्रसाद सबको बांटा गया। सुहावने मौसम का श्रद्धालुओं ने भरपूर आनन्द उठाया, विशाल और मनोहारी मंदिर परिसर में दर्शनार्थी इधर उधर बैठकर थकान मिटाने के बहाने मंदिर की भव्यता निहारते रहे। सभी मंदिरों/मंडपों का दर्शन प्रारम्भ होने के बाद विस्तृत परिसर में आज सुहाने मौसम का श्रद्धालुओं ने भरपुर आनन्द उठाया। धूप न होने के कारण लोगों को कहीं भी बैठकर भव्यता निहारने का अवसर मिला हुआ था। यहां हनुमान मंदिर में पहली बार बड़ा मंगल मनाया गया।भोजन प्रसाद ग्रहण करने वालों को भी हनुमानजी के भोग का लड्डू बांटा गया।2
- gram.ganesh ganj aurangabad hiramansha kanpur dehat Uttar Pradesh ki ghatna jabar singh ke sath hui ladai dinak....04/05/20261
- बाबू दशरथ सिंह इण्टर कॉलेज #औरंगाबाद और बगल में #प्राइमरी स्कूल औरंगाबाद हीरामंशा #कानपुरदेहातउत्तरप्रदेश है ये स्कूल औरंगाबाद के बीच में स्थित हैं । ये #विद्यालय करीब 50 से 60 साल पुराना #सरकारी #विद्यायल है। ये विधायक #झिंझक ब्लॉक में आता है । इन स्कूलों के #सामने बच्चों के खेलने के लिए #मैदान है स्कूल का जिसमें बच्चे #खेलते है । विद्यायल के बगल से औरंगाबाद हीरामंशा और औरंगाबाद झड़ा की #नालियों का #गंदापानी बहता है। जो स्कूल के पास बहता क्योंकि आगे जाने के लिए नाली नहीं है । और स्कूल सामने #गांव के लोग घर का #जानवरों का #गोबर और घर का #कूड़ाकचरा डालने आते है । पिछले करीब 15 महीनों से #खेलने के #मैदान में #गंदगी होने के कारण #बच्चों को ग्राउंड में खेलने के लिए जगह नहीं है । #स्कूल के सामने इतनी ज्यादा #कचड़ा और #गंदगी है कि बच्चों को स्कूल में जाने के लिए #दिक्कत हो रही है । बच्चे #फिसल का #गिर जाते है । बहुत बार #शिकायत भी की है पर कोई सुनने को तैयार नहीं है। #CMहेल्पलाइन में भी शिकायत की है पर कोई निवारण नहीं हुआ है । #CMYogiAdityanath #CMYogi #YogiAdityanath #up #UPCMYogiAdityanath #dmkanpurdehat #sdmkanpur #KanpurDehat #diptycm #diptycmup #keshavprasadmauryaji #PMOIndia #pmonarendramodi #pmodelhi #Auranagabadkanpurdehat #jhinjhak4
- भूख से जूझते परिवारों के बीच शिक्षक बने सहारा, 30 गाँवों में शुरू हुई मुहिम मंगलपुर कहीं माँ अपने बच्चों को आधा पेट खिलाकर खुद भूखी सो जाती है… और कहीं एक बेटी की शादी सिर्फ इसलिए टल जाती है, क्योंकि घर में अनाज तक नहीं है, ऐसे ही अनगिनत दर्द को महसूस करते हुए ग्रामीण शिक्षा उत्थान एवं मानव सेवा समिति ने आज भावसिंह पुरवा, बददापुरवा डिलवल, लौवा, नधौवाँ, कठरा सहित 30 गाँवों में अन्नदान मुहिम की शुरुआत की—एक ऐसी पहल, जो सिर्फ मदद नहीं, बल्कि इंसानियत को जिंदा रखने का प्रयास है। इस मुहिम का उद्देश्य है, हर गाँव से कुछ दाने इकट्ठा करके उन घरों तक पहुँचाना, जहाँ जरूरत शब्द नहीं, एक सच्चाई है। समिति के सदस्य अमित कटियार बताते हैं कि हर गाँव से 10-10 ऐसे लोगों को जोड़ा गया है, जो घर-घर जाकर अन्न इकट्ठा कर रहे हैं—ताकि कोई भूखा न सोए, कोई बेटी की शादी अधूरी न रह जाए, और कोई मजबूर परिवार अपनी तकलीफ में अकेला न पड़े। इस अभियान की सबसे खास बात यह है कि मदद का फैसला भी उसी गाँव के लोग करेंगे—कौन सच में जरूरतमंद है, किसे कितनी सहायता चाहिए—ताकि हर दाना सही हाथ तक पहुँचे और किसी की आँखों में उम्मीद बनकर चमके। आज जब इस मुहिम की शुरुआत हुई, तो कई आँखें नम थीं—कुछ उन लोगों की, जो मदद कर रहे थे… और कुछ उन लोगों की, जिन्हें पहली बार लगा कि वे अकेले नहीं हैं। लोग आगे आ रहे हैं, अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न दे रहे हैं, और एक-दूसरे का सहारा बन रहे हैं। “आपके घर का एक मुट्ठी अन्न, किसी के घर की रोटी बन सकता है… आइए, इस मुहिम से जुड़ें और किसी की जिंदगी में उम्मीद जगाएं। इस अवसर पर समिति संचालक महेन्द्र वर्मा, रामदुलारे पाल,आशीष राजपूत , जितेंद्र मिश्रा, आशीष कुमार, रामजीवन पोरवाल, अंकित यादव, प्रेम नारायण, शशिप्रकाश द्विवेदी, मधुकर कटियार, मनीष चौधरी, रविन्द्र राठौर, गौरव राजपूत, विवेक सिंह कटियार, मनोज श्रीवास्तव, राजेन्द्र वर्मा, रमेश यादव सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।1
- Post by Ramadhar Kumar1