चित्रकूट धाम पर आधी रात बदमाशों का पथराव, छात्रावास में मची अफरा-तफरी पीछे से बरसाए पत्थर, टीन शेड और खिड़कियां क्षतिग्रस्त; छात्रावास में रह रहे तीन बच्चों समेत सात लोगों की जान पर बनी, पुलिस ने शुरू की बदमाशों की तलाश सीमलवाड़ा। विद्याभारती जनजाति समिति द्वारा संचालित चित्रकूट परियोजना, धाम गैलन में बुधवार रात अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से धाम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय छात्रावास में तीन बच्चों सहित कुल सात लोग मौजूद थे। पथराव के कारण सभी लोग घबराकर भवन के अंदर छिप गए। पत्थरों से भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया तथा खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद परियोजना पदाधिकारियों ने धंबोला पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मौके का जायजा लेकर अज्ञात बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। रात 11 बजे अचानक शुरू हुआ पथराव चित्रकूट धाम के छात्रावास प्रमुख अंबालाल गमेती ने धंबोला पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गैलन गांव में चित्रकूट धाम परियोजना संचालित है। परियोजना को शुरू हुए मंगलवार को एक वर्ष पूरा हुआ है। बुधवार रात करीब 11 बजे अज्ञात बदमाशों ने धाम भवन के पीछे की ओर से अचानक पथराव शुरू कर दिया। रात के सन्नाटे में अचानक पत्थर गिरने और टीन शेड से आवाज आने के बाद छात्रावास में मौजूद लोग घबरा गए। पथराव लगातार होने से तीन बच्चों सहित सात लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए और भवन के अंदर छिप गए। पत्थर भवन एवं टीन शेड पर गिरने से नुकसान हुआ। टीन शेड और खिड़कियों को नुकसान अज्ञात लोगों की ओर से किए गए पथराव में भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। परियोजना पदाधिकारियों का कहना है कि जिस समय पथराव हुआ, उस समय छात्रावास में बच्चे और अन्य लोग मौजूद थे। ऐसे में यदि पत्थर किसी व्यक्ति को लगते तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद इसकी जानकारी धंबोला पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सुबह पहुंचा परियोजना का प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार सुबह चित्रकूट धाम पहुंचकर परियोजना के पदाधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। परियोजना के प्रांत अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा, धाम सचिव राजेंद्र पाटीदार,परेश पाटीदार , रणजीत,प्रभुलाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने भवन, टीन शेड और खिड़कियों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा घटना की जानकारी ली। थानाधिकारी ने भी लिया जायजा घटना की सूचना पर धंबोला थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया भी पुलिस टीम के साथ चित्रकूट धाम पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पथराव की स्थिति और भवन को हुए नुकसान की जानकारी ली। पुलिस आसपास के क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और तलाश के प्रयास शुरू कर दिए हैं। परियोजना की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल चित्रकूट परियोजना परिसर में छात्रावास संचालित होने और बच्चों के रहने के दौरान इस तरह पथराव की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। परियोजना पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर पथराव करने वालों का पता लगाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से धाम परिसर में रहने वाले बच्चों और अन्य लोगों में भय का माहौल है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव करने वाले कौन थे और घटना के पीछे उनका उद्देश्य क्या था।
चित्रकूट धाम पर आधी रात बदमाशों का पथराव, छात्रावास में मची अफरा-तफरी पीछे से बरसाए पत्थर, टीन शेड और खिड़कियां क्षतिग्रस्त; छात्रावास में रह रहे तीन बच्चों समेत सात लोगों की जान पर बनी, पुलिस ने शुरू की बदमाशों की तलाश सीमलवाड़ा। विद्याभारती जनजाति समिति द्वारा संचालित चित्रकूट परियोजना, धाम गैलन में बुधवार रात अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से धाम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय छात्रावास में तीन बच्चों सहित कुल सात लोग मौजूद थे। पथराव के कारण सभी लोग घबराकर भवन के अंदर छिप गए। पत्थरों से भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया तथा खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद परियोजना पदाधिकारियों ने धंबोला पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मौके का जायजा लेकर अज्ञात बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। रात 11 बजे अचानक शुरू हुआ पथराव चित्रकूट धाम के छात्रावास प्रमुख अंबालाल गमेती ने धंबोला पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गैलन गांव में चित्रकूट धाम परियोजना संचालित है। परियोजना को शुरू हुए मंगलवार को एक वर्ष पूरा हुआ है। बुधवार रात करीब 11 बजे अज्ञात बदमाशों ने धाम भवन
के पीछे की ओर से अचानक पथराव शुरू कर दिया। रात के सन्नाटे में अचानक पत्थर गिरने और टीन शेड से आवाज आने के बाद छात्रावास में मौजूद लोग घबरा गए। पथराव लगातार होने से तीन बच्चों सहित सात लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए और भवन के अंदर छिप गए। पत्थर भवन एवं टीन शेड पर गिरने से नुकसान हुआ। टीन शेड और खिड़कियों को नुकसान अज्ञात लोगों की ओर से किए गए पथराव में भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। परियोजना पदाधिकारियों का कहना है कि जिस समय पथराव हुआ, उस समय छात्रावास में बच्चे और अन्य लोग मौजूद थे। ऐसे में यदि पत्थर किसी व्यक्ति को लगते तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद इसकी जानकारी धंबोला पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सुबह पहुंचा परियोजना का प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार सुबह चित्रकूट धाम पहुंचकर परियोजना के पदाधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। परियोजना के प्रांत अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा, धाम सचिव राजेंद्र पाटीदार,परेश पाटीदार , रणजीत,प्रभुलाल सहित बड़ी संख्या में
पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने भवन, टीन शेड और खिड़कियों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा घटना की जानकारी ली। थानाधिकारी ने भी लिया जायजा घटना की सूचना पर धंबोला थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया भी पुलिस टीम के साथ चित्रकूट धाम पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पथराव की स्थिति और भवन को हुए नुकसान की जानकारी ली। पुलिस आसपास के क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और तलाश के प्रयास शुरू कर दिए हैं। परियोजना की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल चित्रकूट परियोजना परिसर में छात्रावास संचालित होने और बच्चों के रहने के दौरान इस तरह पथराव की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। परियोजना पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर पथराव करने वालों का पता लगाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से धाम परिसर में रहने वाले बच्चों और अन्य लोगों में भय का माहौल है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव करने वाले कौन थे और घटना के पीछे उनका उद्देश्य क्या था।
- चित्रकूट धाम पर आधी रात बदमाशों का पथराव, छात्रावास में मची अफरा-तफरी पीछे से बरसाए पत्थर, टीन शेड और खिड़कियां क्षतिग्रस्त; छात्रावास में रह रहे तीन बच्चों समेत सात लोगों की जान पर बनी, पुलिस ने शुरू की बदमाशों की तलाश सीमलवाड़ा। विद्याभारती जनजाति समिति द्वारा संचालित चित्रकूट परियोजना, धाम गैलन में बुधवार रात अज्ञात बदमाशों ने पथराव कर दिया। अचानक हुए पथराव से धाम परिसर में अफरा-तफरी मच गई। घटना के समय छात्रावास में तीन बच्चों सहित कुल सात लोग मौजूद थे। पथराव के कारण सभी लोग घबराकर भवन के अंदर छिप गए। पत्थरों से भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया तथा खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद परियोजना पदाधिकारियों ने धंबोला पुलिस को सूचना दी, जिस पर पुलिस ने मौके का जायजा लेकर अज्ञात बदमाशों की तलाश शुरू कर दी है। रात 11 बजे अचानक शुरू हुआ पथराव चित्रकूट धाम के छात्रावास प्रमुख अंबालाल गमेती ने धंबोला पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि गैलन गांव में चित्रकूट धाम परियोजना संचालित है। परियोजना को शुरू हुए मंगलवार को एक वर्ष पूरा हुआ है। बुधवार रात करीब 11 बजे अज्ञात बदमाशों ने धाम भवन के पीछे की ओर से अचानक पथराव शुरू कर दिया। रात के सन्नाटे में अचानक पत्थर गिरने और टीन शेड से आवाज आने के बाद छात्रावास में मौजूद लोग घबरा गए। पथराव लगातार होने से तीन बच्चों सहित सात लोग अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हो गए और भवन के अंदर छिप गए। पत्थर भवन एवं टीन शेड पर गिरने से नुकसान हुआ। टीन शेड और खिड़कियों को नुकसान अज्ञात लोगों की ओर से किए गए पथराव में भवन के ऊपर लगा टीन शेड क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं खिड़कियों को भी नुकसान पहुंचा है। परियोजना पदाधिकारियों का कहना है कि जिस समय पथराव हुआ, उस समय छात्रावास में बच्चे और अन्य लोग मौजूद थे। ऐसे में यदि पत्थर किसी व्यक्ति को लगते तो गंभीर हादसा हो सकता था। घटना के तुरंत बाद इसकी जानकारी धंबोला पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सुबह पहुंचा परियोजना का प्रतिनिधिमंडल घटना की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार सुबह चित्रकूट धाम पहुंचकर परियोजना के पदाधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। परियोजना के प्रांत अध्यक्ष प्रभुलाल कटारा, धाम सचिव राजेंद्र पाटीदार,परेश पाटीदार , रणजीत,प्रभुलाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने भवन, टीन शेड और खिड़कियों को हुए नुकसान का निरीक्षण किया तथा घटना की जानकारी ली। थानाधिकारी ने भी लिया जायजा घटना की सूचना पर धंबोला थानाधिकारी चंद्रशेखर किलानिया भी पुलिस टीम के साथ चित्रकूट धाम पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए पथराव की स्थिति और भवन को हुए नुकसान की जानकारी ली। पुलिस आसपास के क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान और तलाश के प्रयास शुरू कर दिए हैं। परियोजना की सुरक्षा को लेकर उठे सवाल चित्रकूट परियोजना परिसर में छात्रावास संचालित होने और बच्चों के रहने के दौरान इस तरह पथराव की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। परियोजना पदाधिकारियों ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच कर पथराव करने वालों का पता लगाने तथा उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से धाम परिसर में रहने वाले बच्चों और अन्य लोगों में भय का माहौल है। अब पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि पथराव करने वाले कौन थे और घटना के पीछे उनका उद्देश्य क्या था।3
- विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर डुंगरपुर मे निकाला कैंडल मार्च शहीद पार्क पहुंचकर कैंडल मार्च का हुआ समापन। डूंगरपुर संवाददाता तेजसिंह राठौड 9929285157 विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस पर डूंगरपुर में निकाला कैंडल मार्च शहीद पार्क पहुंचकर कैंडल मार्च का हुआ समापन । डूंगरपुर, 13 अगस्त। जिला कलक्टर देशलदान के निर्देशन में हर घर तिरंगा कार्यक्रम-2026 के सफल आयोजन के तहत विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस की थीम पर गुरुवार को जिला प्रशासन की ओर से कैंडल मार्च निकाला गया। कैंडल मार्च में निवर्तमान सभापति अमृत लाल कलासुआ, समाज सेवी बंशीलाल कटारा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़, नगर परिषद आयुक्त लालित सिंह देथा, समाज सेवी हंसमुख पंड्या, प्रभु पंड्या, नयन सुथार, प्रकाश पंचाल, सुखलाल पाटीदार, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती रेखा गौड सहित अधिकारी एवं कर्मचारी, युवा, जनप्रतिनिधिगण तथा आमजन ने हाथों में कैंडल लेकर स्वामी विवेकानंद नगरपरिषद लाइबेरी परिसर से पैदल रवाना हुए कैंडल मार्च शहीद पार्क पहुंचा, जहां उपस्थित सभी लोगों ने पार्क में स्थापित शहीदों की प्रतिमाओं के सम्मुख श्रद्धा अर्पित किए इसके साथ ही कैंडल मार्च का समापन हुआ। इस अवसर पर समाजसेवी बंसीलाल कटारा ने बताया कि भारत की आजादी के समय हुए विभाजन ने लाखों लोगों को अपना घर-बार छोड़कर विस्थापित होने के लिए मजबूर कर दिया था। सिंधी समाज के लोगों ने भी उस दौर में अनेक कठिनाइयों, यातनाओं और प्रताड़नाओं को सहन करते हुए भारत की धरती पर शरण ली और अपने जीवन को नए सिरे से स्थापित किया। उन्होंने कहा कि यह कैंडल मार्च उन विस्थापित परिवारों के संघर्ष, साहस और त्याग को नमन करने का एक प्रयास है, जिन्होंने विभाजन की भयावह परिस्थितियों के बावजूद अपनी संस्कृति, परंपराओं और पहचान को जीवित रखा। मुख्य कार्यकारी अधिकारी हनुमान सिंह राठौड़ ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि केंद्र एवं राज्य सरकार के निर्देशन में भारत के विभाजन के समय लोगों पर अत्याचार हुए प्रताड़ित हुए इसके संदर्भ में आज एक मौन कैंडल मार्च निकाला गया है। इस अवसर पर ,विकास अधिकारी डूंगरपुर,स्काउट सीईओ भाविक सुथार, सहायक जनसंपर्क अधिकारी मोहन खराड़ी नगर परिषद भक्तेश पाटीदार कुलदीप सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, युवा, स्काउट गाइड के विद्यार्थियों एवं जनप्रतिनिधिगण ने भाग लिया।1
- कहारी के राशन डीलर की मनमानी व अभद्रता से परेशान ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, लाइसेंस निरस्त करने की रखी मांग संवाददाता – संतोष व्यास डूंगरपुर। जिले के पंचायत समिति दोवडा के ग्राम पंचायत कहारी-II के ग्रामीणों ने उचित मूल्य दुकान के डीलर की कार्यप्रणाली, अभद्र व्यवहार और खाद्यान्न वितरण में भारी अनियमितताओं को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों ने डीलर का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई है। - राशन वितरण में मनमानी व उपभोक्ताओं से अभद्रता का आरोप जिला कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहारी क्षेत्र के राशन कार्ड धारकों ने बताया कि उचित मूल्य दुकान (कोड नंबर 25141) के डीलर राहुल रोत तथा उनके पिता विमलप्रकाश रोत द्वारा राशन वितरण के दौरान ग्रामीणों के साथ लगातार अमर्यादित व्यवहार व गाली-गलौज की जाती है। ग्रामीणों का आरोप है कि बायोमेट्रिक मशीन पर अंगूठा लगवाने के बावजूद कई बार राशन नहीं दिया जाता और लोगों को बार-बार चक्कर कटवाए जाते हैं। इसके साथ ही बुजुर्गों, महिलाओं और गरीब परिवारों से अभद्रता कर उन्हें बिना राशन के ही लौटा दिया जाता है। - तोल में हेराफेरी व धमकी देने का आरोप ज्ञापन में ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राशन डीलर इलेक्ट्रॉनिक तराजू में भी छेड़छाड़ कर घटतौली करता है। ग्रामीणों के अनुसार, 10 किलो गेहूं के स्थान पर केवल 7 से 8 किलो गेहूं ही दिया जाता है। जब इस संबंध में शिकायत करने की बात कही जाती है, तो डीलर द्वारा ग्रामीणों को धमकी दी जाती है कि कलेक्टर या डीएसओ से शिकायत करने पर भी उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता तथा राशन बंद करने की धमकियां दी जाती हैं। - ग्राम पंचायत प्रशासन व प्रशासक की कार्यशैली पर भी खड़े किए सवाल ज्ञापन देने पहुंचे ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी गहरा आक्रोश व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि पिछले 5 वर्षों में ग्राम पंचायत द्वारा जब भी कोरम बैठक आयोजित की गई, उसकी कोई पूर्व सूचना ग्रामीणों को नहीं दी गई। ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान को लेकर पंचायत प्रशासन पूरी तरह बेपरवाह बना रहा। ग्रामीणों ने कहा कि उन्होंने राशन डीलर की मनमानी व अनियमितताओं की शिकायत कई बार ग्राम पंचायत के प्रशासक से भी की थी, लेकिन उन्होंने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। - आगामी चुनावों में सबक सिखाने की चेतावनी ग्राम पंचायत कहारी की इस उपेक्षात्मक कार्यशैली से ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और भ्रष्ट राशन डीलर के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो क्षेत्र की जनता आने वाले चुनावों में पंचायत प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को इसका करारा जवाब देगी। ग्रामीणों ने ज्ञापन के माध्यम से जिला कलेक्टर से मांग की है कि मामले की त्वरित निष्पक्ष जांच करवाकर उक्त डीलर का लाइसेंस निरस्त किया जाए तथा पीड़ित राशन कार्ड धारकों को न्याय दिलाते हुए उचित राशन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इस अवसर पर हरिश रोत, राकेश, जयेश, जीवा, सुरमाल, कांतिलाल कटारा, अश्विन, वाडिया, भोगीलाल, ललिता, नारायण, रूपा, डूंगर, मणिलाल कटारा, कलजी, सुरेश रोत, सविता, सुमित्रा, सुखदेव, कपिल, अनुराग, ईश्वरलाल, कमजी, हंसा, बदामीलाल, रखमा, अबुलाल, जीतू, बुला, पेमा, गड़ी, रमेश, नाली, राहुल सहित वार्ड पंच एवं ग्रामीण मौजूद रहे।1
- પ્રવીણ કલાલ દાહોદ ફતેપુરા ફતેપુરા-બલૈયા રોડ પર આવેલા બલૈયા ગામના નદીના પુલ પર ગત સાંજે એક ગમખ્વાર અકસ્માત સર્જાયો હતો. લુણાવાડાની વાઇબ્રન્ટ સ્કૂલ બસે મોટરસાઇકલને ટક્કર મારતા ૨૭ વર્ષીય બાઇક ચાલકનું ઘટનાસ્થળે જ મોત નીપજ્યું હતું. પ્રાપ્ત માહિતી અનુસાર, સુખસર તાલુકાના કાળીયા તળાવ ફળીયાના રહેવાસી બિકનેશભાઈ છગનભાઇ મછાર (ઉં.વ. ૨૭) પોતાની હીરો સી.ડી.ડીલક્સ મોટરસાઇકલ (નં. GJ-20-BC-3719) લઈને ફતેપુરાથી બલૈયા તરફ જઈ રહ્યા હતા. સાંજે આશરે ૫:૦૦ વાગ્યાના સુમારે, બલૈયા ગામના નદીના પુલ પર સામેથી આવી રહેલી લુણાવાડા વાઇબ્રન્ટ સ્કૂલની બસ (નં. GJ-35-T-3914) ના ચાલક સુરેશભાઈ માવજીભાઈ ગરાસીયાએ (રહે. નવાગામ, તા. ફતેપુરા) બસને પૂરઝડપે અને ગફલતભરી રીતે હંકારી બાઇક સાથે અકસ્માત સર્જ્યો હતો. આ ગમખ્વાર અકસ્માતમાં બિકનેશભાઈને માથા અને મોઢાના ભાગે ગંભીર ઇજાઓ થતાં તેમનું ઘટનાસ્થળે જ અવસાન થયું હતું. બનાવ અંગે મૃતકના પિતા છગનભાઈ પરથીંગભાઈ મછારને જાણ થતાં તેઓ પરિવાર સાથે ફતેપુરા હોસ્પિટલ પહોંચ્યા હતા. મૃતદેહને પોસ્ટમોર્ટમ માટે મડદાઘરમાં રાખવામાં આવ્યો હતો. આ ઘટના અંગે મૃતકના પિતાની ફરિયાદના આધારે પોલીસે સ્કૂલ બસના ચાલક સુરેશભાઈ માવજીભાઈ ગરાસીયા વિરુદ્ધ અકસ્માત અને ગુનાહિત બેદરકારીનો ગુનો નોંધી કાયદેસરની કાર્યવાહી હાથ ધરી છે.1
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन । जिले के सभी विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचेगा शहीदों के बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के त्याग, बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम को समर्पित डूंगरपुर की बाल कवयित्री एवं जनजागरूकता प्रेरक किम भारतीय की स्वरचित देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने विमोचन किया। किम भारतीय ने कविता के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नई पीढ़ी को उनके बलिदान को याद रखने तथा देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया है। कविता में शहीदों के बलिदान, तिरंगे के सम्मान, मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने किम भारतीय की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा राष्ट्र एवं समाज से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल करना प्रेरणादायी है। किम भारतीय ने बताया कि कविता लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए मिली। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि बच्चे स्वतंत्रता के मूल्य को समझें, शहीदों के प्रति सम्मान रखें और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें। इस अवसर पर किम के माता-पिता ब्रिजेश कुमार सोमपुरा और नीता सोमपुरा मौजूद रहे। किम ने बताया कि कविता अधिकाधिक विद्यालयों, विद्यार्थियों, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच शहीदों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुँचे।2
- डूंगरपुर मेडीकल कॉलेज मे विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा और के विस्तार की उम्मीद जागी डूंगरपुर मेडीकल कॉलेज में विशेषज्ञ चिकित्सा सेवा और के विस्तार की उम्मीद जागी है4
- रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया गुरुकृपा शिक्षण संस्थान कॉलेज, पीठ में गुरुवार को डूंगरपुर चैरिटेबल ब्लड सेंटर, डूंगरपुर के रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया गुरुकृपा शिक्षण संस्थान कॉलेज, पीठ में गुरुवार को डूंगरपुर चैरिटेबल ब्लड सेंटर, डूंगरपुर के सहयोग से रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, स्टाफ सहित अन्य रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदाताओं ने स्वयं रक्तदान करने के साथ अन्य लोगों को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि सरपंच गंगा देवी, उपसरपंच गोर्धन देचिया, महाविद्यालय निदेशक कालूराम लबाना, सचिव विपिन लबाना एवं विवेक लबाना मौजूद रहे। अतिथियों ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए रक्तदान को जरूरतमंदों के जीवन बचाने में महत्वपूर्ण बताया। कार्यक्रम का संचालन प्रियंका पांड्या ने किया। आयोजन के अंत में महाविद्यालय परिवार ने सभी रक्तदाताओं एवं सहयोगियों का आभार जताया।1
- तीन शिक्षकों ने संभाला स्कूल का मोर्चा, जर्जर रसोई संवारी और नामांकन बढ़ाकर प्राइवेट स्कूलों को मात देने का लिया संकल्प स्कूल के तीन शिक्षक बने भामाशाह, 33,200 रुपए खर्च कर बदली विद्यालय की तस्वीर; प्रवेशोत्सव में 33 नए बच्चों का नामांकन, कुल संख्या 85 पहुंची सीमलवाड़ा। सरकारी विद्यालयों की तस्वीर बदलने और बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए शिक्षक यदि स्वयं पहल करें तो विद्यालय किसी भी मायने में निजी स्कूलों से पीछे नहीं रह सकता। ऐसा ही उदाहरण सीमलवाड़ा उपखंड क्षेत्र एवं झोथरी ब्लॉक क्षेत्र अंतर्गत राजकीय प्राथमिक विद्यालय रोजेला में देखने को मिला है। यहां विद्यालय के संस्थाप्रधान विक्रम ढुहा ने अपने स्टॉफ साथी शिक्षक महेंद्र कटारा एवं वासुदेव रोत के साथ मिलकर विद्यालय की जर्जर रसोई भवन की मरम्मत कराकर उसे नया स्वरूप दिया है। तीनों शिक्षकों ने मिलकर अब तक 33,200 रुपए की राशि स्वयं वहन की है। विद्यालय की रसोई भवन की स्थिति लंबे समय से जर्जर थी। टीनशेड, प्लास्टर, खिड़की और दरवाजे खराब होने के कारण रसोई का संचालन विद्यालय के एक कक्ष में करना पड़ रहा था। इससे विद्यार्थियों के बैठने के लिए कक्ष की कमी बनी हुई थी। शिक्षकों ने पहल करते हुए जर्जर रसोई भवन में आवश्यक मरम्मत कार्य करवाया तथा रंगरोगन कराकर उसे व्यवस्थित एवं उपयोगी बनाया। अब रसोई के लिए विद्यालय का अलग भवन उपलब्ध होने से कक्षा-कक्ष खाली होगा और विद्यार्थियों के बैठने की व्यवस्था बेहतर हो सकेगी। रंगरोगन से विद्यालय परिसर में लौटी रौनक तीनों शिक्षकों ने केवल रसोई भवन की मरम्मत तक ही काम सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यालय परिसर में भी आवश्यक मरम्मत एवं रंगरोगन कार्य करवाया। इससे विद्यालय का परिसर अधिक आकर्षक और सुंदर नजर आने लगा है। शिक्षकों का उद्देश्य है कि बच्चों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधाजनक वातावरण मिले, जिससे उनका विद्यालय के प्रति लगाव और पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़े। विद्यालय को और अधिक आकर्षक बनाने तथा विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं विकसित करने के प्रयास लगातार जारी हैं। शिक्षकों की इस पहल को विद्यालय एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण और जिम्मेदारी की मिसाल माना जा रहा है। नामांकन बढ़ाने में भी शिक्षकों ने दिखाई मेहनत विद्यालय के शिक्षकों ने प्रवेशोत्सव के दौरान भी बेहतर कार्य करते हुए नामांकन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। सत्र 2026-27 में विद्यालय में कुल 33 नए विद्यार्थियों का नामांकन करवाया गया। इसके साथ विद्यालय का कुल नामांकन 85 तक पहुंच गया है। जबकि पिछले सत्र 2025-26 में विद्यालय का कुल नामांकन 68 था। कक्षा पहली में भी इस बार उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। पिछले सत्र में कक्षा पहली में 16 विद्यार्थियों का नामांकन हुआ था, जबकि इस सत्र यह संख्या बढ़कर 33 हो गई है। गुजरात पलायन कर चुके बच्चों को भी स्कूल से जोड़ा नामांकन बढ़ाने के लिए शिक्षकों ने सघन हाउस होल्ड सर्वे किया। सर्वे के दौरान ऐसे कई बच्चों की जानकारी सामने आई, जिनके परिवार रोजगार के लिए गुजरात पलायन कर गए थे। शिक्षकों ने प्रयास कर ऐसे बच्चों को दोबारा विद्यालय से जोड़ने का काम किया। इसके अलावा निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ रहे बच्चों और मां-बाड़ी केंद्रों से भी बच्चों को विद्यालय में प्रवेश दिलाकर सरकारी स्कूल से जोड़ा गया। शिक्षकों की इस मुहिम के चलते विद्यालय के नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। सरकारी स्कूल को बेहतर बनाकर प्राइवेट स्कूलों को मात देने का संकल्प विद्यालय के संस्थाप्रधान विक्रम ढुहा एवं शिक्षक महेंद्र कटारा और वासुदेव रोत की पहल का उद्देश्य केवल भवन की मरम्मत तक सीमित नहीं है। शिक्षकों ने विद्यालय को सुविधायुक्त, आकर्षक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का केंद्र बनाने का संकल्प लिया है। उनका प्रयास है कि बच्चों और अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों के प्रति विश्वास और आकर्षण बढ़े तथा विद्यालय किसी भी स्तर पर निजी स्कूलों से पीछे न रहे। शिक्षकों की ओर से स्वयं की राशि खर्च कर विद्यालय में विकास कार्य करवाना और दूसरी ओर घर-घर जाकर बच्चों को विद्यालय से जोड़ना सरकारी स्कूलों के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। विद्यालय में बढ़ा नामांकन और बदला हुआ परिसर इस प्रयास का सकारात्मक परिणाम माना जा रहा है।1
- बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता" यूँ ही नही मिली आजादी का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन। भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 बाल कवयित्री किम भारतीय की देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक ने किया विमोचन । जिले के सभी विद्यालयों एवं विद्यार्थियों तक पहुँचेगा शहीदों के बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम का संदेश स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अमर शहीदों के त्याग, बलिदान एवं राष्ट्रप्रेम को समर्पित डूंगरपुर की बाल कवयित्री एवं जनजागरूकता प्रेरक किम भारतीय की स्वरचित देशभक्ति कविता ‘यूँ ही नहीं मिली आज़ादी’ का जिला पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने विमोचन किया। किम भारतीय ने कविता के माध्यम से देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए नई पीढ़ी को उनके बलिदान को याद रखने तथा देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने का संदेश दिया है। कविता में शहीदों के बलिदान, तिरंगे के सम्मान, मातृभूमि के प्रति कर्तव्य और जिम्मेदार नागरिक बनने की भावना को सरल एवं भावपूर्ण शब्दों में प्रस्तुत किया गया है। जिला पुलिस अधीक्षक ने किम भारतीय की इस रचनात्मक पहल की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि बच्चों द्वारा राष्ट्र एवं समाज से जुड़े विषयों पर सकारात्मक पहल करना प्रेरणादायी है। किम भारतीय ने बताया कि कविता लिखने की प्रेरणा उन्हें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शहीदों के बलिदान को याद करते हुए मिली। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि बच्चे स्वतंत्रता के मूल्य को समझें, शहीदों के प्रति सम्मान रखें और जिम्मेदार नागरिक बनने का संकल्प लें। इस अवसर पर किम के माता-पिता ब्रिजेश कुमार सोमपुरा और नीता सोमपुरा मौजूद रहे। किम ने बताया कि कविता अधिकाधिक विद्यालयों, विद्यार्थियों, साहित्यिक एवं सामाजिक संस्थाओं तक पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों के बीच शहीदों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम का संदेश पहुँचे।2