Shuru
Apke Nagar Ki App…
शेगाव में हुई बारिश की लहर का बहुत ही भयानक रूप देखने को मिला।
Mukesh Dhurve
शेगाव में हुई बारिश की लहर का बहुत ही भयानक रूप देखने को मिला।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- ओंकारेश्वर में पुलिस सेवाएं मुख्य रूप से मांधाता पुलिस स्टेशन द्वारा संचालित की जाती हैं, जिसकी प्राथमिक जिम्मेदारी मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। किसी भी आपात स्थिति, शिकायत या सहायता के लिए, नागरिक सीधे थाना प्रभारी (TI) से +91704913004 पर संपर्क कर सकते हैं। मांधाता पुलिस स्टेशन, जिसका पिन कोड 451115 है, मुख्य मंदिर के निकट स्थित है और इसका आधिकारिक लैंडलाइन नंबर 07280-271227 है। पूरे मंदिर क्षेत्र और घाटों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक सीसीटीवी कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इस कंट्रोल रूम की निगरानी स्थानीय पुलिस के साथ-साथ खंडवा पुलिस द्वारा भी की जाती है। विस्तृत जानकारी और पुलिस अधिकारियों से संपर्क के लिए, खंडवा जिला पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। यदि कोई व्यक्ति यात्रा की योजना बना रहा है, तो दर्शन से संबंधित सही और आधिकारिक जानकारी श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्राप्त की जा सकती है।1
- मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान के तहत झल्लार थाना क्षेत्र के शासकीय विद्यालय रम्भा और हायर सेकेंडरी चांदू में एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और ऑनलाइन ठगी से बचाव के विषय पर जागरूकता बढ़ाना था, जिसमें विद्यालय के लगभग 100 छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और स्टाफ ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। थाना प्रभारी वाजिद खान ने उपस्थित विद्यार्थियों और शिक्षकों को वर्तमान समय में तेजी से बढ़ रहे साइबर अपराधों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने मोबाइल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन बैंकिंग, यूपीआई, ओटीपी, फर्जी लिंक, डिजिटल अरेस्ट, केवाईसी अपडेट, लॉटरी, निवेश और नौकरी के नाम पर होने वाली साइबर ठगी से सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। थाना प्रभारी ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी बैंक संबंधी जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, सीवीवी, ओटीपी या पासवर्ड साझा न करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता अवश्य जांच लें। साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, सोशल मीडिया पर जिम्मेदार व्यवहार, डिजिटल गोपनीयता और साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए गए। कार्यक्रम का समापन सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की शपथ दिलाने के साथ हुआ। विद्यालय प्रबंधन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम विद्यार्थियों को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए प्रेरित करते हैं और उन्हें साइबर अपराधों से बचने के प्रति सजग बनाते हैं।3
- मूंग तू लॉन्ग किस बनी करूं बोल मोहन काका में क्या-क्या करू😙😙🌱1
- कन्नौद में मंगलवार सुबह 9 बजे एक साइबर मैराथन दौड़ का आयोजन किया गया, जिसमें बच्चे, युवा और महिलाओं समेत आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह मैराथन पुलिस महानिर्देशक कैलाश मकवाना के निर्देशन में चलाए जा रहे 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य साइबर धोखाधड़ी से बचाव और उसकी रिपोर्टिंग के संबंध में आमजन को जागरूक करना है। इस अभियान के तहत, पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती सोम्या और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस आदित्य तिवारी को अपने थाना अनुभागों में लोगों को ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराने और जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया था। यह मैराथन दौड़ थाना कन्नौद प्रांगण से शुरू होकर बस स्टैंड, मुख्य मार्ग, गणेश चौक, नगर पंचायत चौराहा, बायपास, महाराणा प्रताप तिराहा और साईं मंदिर होते हुए वापस थाना प्रांगण पर समाप्त हुई। इस दौड़ में क्षेत्र के छोटे बच्चों, खिलाड़ियों, स्कूली छात्र-छात्राओं, पत्रकारगणों, गणमान्य नागरिकों और पुलिस स्टाफ ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। धावकों के हाथों में साइबर स्लोगन संबंधी बैनर थे, जो जागरूकता का संदेश दे रहे थे। थाना प्रांगण में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्रीमती सोम्या ने सभी को संबोधित करते हुए साइबर फ्रॉड से बचाव के बारे में विस्तृत जानकारी दी, और दौड़ में विजयी प्रतिभागियों को अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा पुरस्कृत भी किया गया। थाना प्रभारी कन्नौद निरीक्षक तहजीब काजी ने सभी का आभार व्यक्त किया, इस पहल का मुख्य लक्ष्य आमजन को साइबर ऑनलाइन धोखाधड़ी के तरीकों से अवगत कराकर जागरूक करना है।2
- पुनासा/मुंदी क्षेत्र में बीती रात से लगातार हुई तेज बारिश के कारण मुंदी-बीड़ मार्ग पर स्थित घोड़ाघाट नाला उफान पर आ गया। नाले के रपटे के ऊपर से पानी का तेज बहाव शुरू हो गया, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से कुछ समय के लिए वाहनों का आवागमन रुक गया और यातायात प्रभावित रहा। इसी दौरान, एक गाय ने रपटा पार करने का प्रयास किया, लेकिन पानी के तेज बहाव के कारण वह अपना संतुलन खो बैठी। गाय नाले में गिर गई और कुछ दूरी तक पानी के साथ बहती चली गई। यह देखकर मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ में चिंता छा गई, जो घोड़ाघाट नाले में पानी आने की खबर मिलते ही वहाँ जमा हो गई थी। हालांकि, कुछ दूरी आगे जाकर गाय सुरक्षित रूप से नाले से बाहर निकलने में सफल रही, जिससे मौके पर मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। बाद में, जब नाले में पानी का बहाव कम हुआ, तब रपटे से वाहनों का आवागमन एक बार फिर से सामान्य रूप से शुरू हो सका।1
- इटारसी के शीतला माता चौराहा पर आज एक बेहद शर्मनाक घटना सामने आई, जहाँ कुछ अज्ञात लोगों ने एक बुजुर्ग ई-रिक्शा चालक को एक घंटे तक परेशान किया। इन शरारती तत्वों ने मोबाइल ऐप का उपयोग करके ई-रिक्शा को लॉक कर दिया, जिससे बुजुर्ग चालक अपनी आजीविका कमाने से वंचित हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर, समाजसेवी राहिल सोनकर और अनु चौकसे जी तुरंत मौके पर पहुँचे और तकनीकी सहायता की मदद से रिक्शा को फिर से चालू करवाया। इस हरकत की कड़ी निंदा की गई है, क्योंकि यह रिक्शा किसी गरीब परिवार की रोज़ी-रोटी का एकमात्र साधन है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जिम्मेदार नागरिक बनें और दूसरों की आजीविका का सम्मान करें, ऐसी निंदनीय गतिविधियों को बंद करें जो केवल 'मजे लेने' के लिए किसी गरीब के पेट पर लात मारती हैं।1
- मध्य प्रदेश राज्य का गृह विभाग राज्य साइबर पुलिस मुख्यालय का संचालन करता है, जो साइबर अपराधों की जांच और रोकथाम पर ध्यान केंद्रित करने वाली एक विशेष कानून प्रवर्तन एजेंसी है। यह विभाग धोखाधड़ी से संबंधित सलाह जारी करने में सक्रिय भूमिका निभाता है, जिसमें विशेष रूप से "डिजिटल गिरफ्तारी" और डीपफेक तकनीक जैसे मामले शामिल हैं। जनता तक पहुँचने और जागरूकता संबंधी जानकारी प्रसारित करने के लिए, मध्य प्रदेश साइबर पुलिस X (पूर्व में ट्विटर) और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आधिकारिक चैनल बनाए रखती है। इसके अतिरिक्त, यह विभाग धोखाधड़ी और साइबर सुरक्षा से संबंधित जागरूकता वीडियो उपलब्ध कराने के लिए अपना खुद का यूट्यूब चैनल भी संचालित करता है।1
- कन्नौद के खातेगांव पुलिस ने ग्राम बरबई खेड़ा में किन्नर का वेश धारण कर डकैती की वारदात को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौम्या जैन ने मंगलवार दोपहर 3 बजे आयोजित प्रेस वार्ता में इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि यह वारदात 19 जून 2026 को हुई थी। घटना के बाद, पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की थी। पुलिस जांच के दौरान, तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिरों से मिली महत्वपूर्ण सूचनाओं और लगातार गहन छानबीन के आधार पर इन छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वयं किन्नर का भेष धारण कर डकैती की वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, इन आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से इस घटना को अंजाम दिया था, ताकि उन पर किसी को शक न हो और वे आसानी से लूट कर सकें। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से लूटी गई दो सोने की मालाएं और एक सोने का टॉप्स बरामद किया गया है। इसके अतिरिक्त, वारदात में इस्तेमाल किया गया एक चाकू और दो कारें भी पुलिस ने जब्त की हैं। पुलिस ने बरामद सभी सामानों को कब्जे में ले लिया है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध किसी संगठित गिरोह से है या नहीं, और क्या उन्होंने पहले भी इसी तरह की अन्य वारदातों को अंजाम दिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस जांच के आधार पर मामले में अन्य महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना है। खातेगांव पुलिस की इस कार्रवाई को एक बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिसने क्षेत्र में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया है।1
- हरदा द्वारा करवाए जा रहे पोखरनी से चारुवा-गुप्तेश्वर मार्ग पर निर्माणाधीन सड़क कार्य में कथित लापरवाही के कारण एक ग्रामीण परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हाल ही में हुई बारिश के बाद जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से रामचंद्र पाटीदार के मकान में पानी भर गया, जिससे उनका जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पीड़ित रामचंद्र पाटीदार ने बताया कि उन्होंने सड़क निर्माण कर रहे ठेकेदार से मौखिक रूप से आग्रह किया था कि उनके घर के पास पानी निकासी के लिए एक पुलिया (पाइप) डाली जाए। हालांकि, ठेकेदार ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया और मनमाने तरीके से निर्माण कार्य पूरा कर दिया। पाटीदार के अनुसार, एक ओर स्टेट हाईवे और दूसरी ओर निर्माणाधीन सड़क होने के कारण ऊपरी क्षेत्रों से आया बारिश का पानी उनके मकान के बीच वाले हिस्से में जमा हो गया। इस जलभराव से उनके घर में रखा खाद्यान्न, कपड़े और अन्य घरेलू सामान खराब हो गया। इतना ही नहीं, मकान से सटी भूमि पर लगा उनका पपीते का बगीचा भी पानी में डूबने से पूरी तरह नष्ट हो गया, जिससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। पीड़ित ने अब प्रशासन से इस मामले की जांच करने, सड़क निर्माण में हुई लापरवाही की जिम्मेदारी तय करने, उचित जल निकासी की स्थायी व्यवस्था कराने और हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है।1