326 दिन की शराब दुकान का टेंडर पूरा होने के बाद भी नहीं मिला आवंटन। भिंड में आबकारी विभाग सवालों के घरे में। अब ठेकेदार ने मांगी 5 लाख की धरोहर राशि वापस। भिंड में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शराब दुकान के टेंडर में सबसे ऊंची बोली लगाने वाले आवेदक को करीब तीन महीने बाद भी दुकान का आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। इससे नाराज आवेदक ने अब जिला आबकारी अधिकारी को आवेदन देकर 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित वापस करने और नई निविदा में शामिल नहीं करने की मांग की है। आवेदक का कहना है कि विभागीय देरी के कारण उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है,साथ ही शासन को करोड़ो रुपये के राजस्व की चपत लगी है। मामला भिंड जिले की लश्कर रोड क्रमांक-1 स्थित देशी शराब दुकान का है। आवेदक कुलदीप सिंह के अनुसार, आबकारी विभाग ने 7 मई 2026 को 326 दिनों की अवधि के लिए शराब दुकान की निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। उन्होंने इसमें भाग लिया और उनकी बोली सबसे अधिक होने के कारण नियमानुसार दुकान का आवंटन उन्हें मिलना चाहिए था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आज तक विभाग द्वारा स्वीकृति और आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। विभागीय विलंब के कारण दुकान संचालन की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे व्यवसायिक रूप से भारी नुकसान होने की आशंका है। आवेदक का कहना है कि उसने निविदा की सभी शर्तों का पालन किया और 5 लाख रुपये की ईएमडी (सिक्क्युरिटी डिपॉजिट)भी जमा की थी। आवेदक ने जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि यदि विभाग समय पर दुकान का आवंटन नहीं कर सकता, तो उसका नाम इस निविदा प्रक्रिया से अलग किया जाए और जमा की गई 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित उसके बैंक खाते में तत्काल वापस की जाए। आवेदन के साथ निविदा रसीद, ईएमडी भुगतान का प्रमाण और कैंसिल चेक भी संलग्न किया गया है।साथ ही पीड़ित ठेकेदार ने हाईकोर्ट की भी शरण ली है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस आवेदन पर क्या फैसला लेता है। यदि आवेदक के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला विभागीय कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
326 दिन की शराब दुकान का टेंडर पूरा होने के बाद भी नहीं मिला आवंटन। भिंड में आबकारी विभाग सवालों के घरे में। अब ठेकेदार ने मांगी 5 लाख की धरोहर राशि वापस। भिंड में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शराब दुकान के टेंडर में सबसे ऊंची बोली लगाने वाले आवेदक को करीब तीन महीने बाद भी दुकान का आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। इससे नाराज आवेदक ने अब जिला आबकारी अधिकारी को आवेदन देकर 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित वापस करने और नई निविदा में शामिल नहीं करने की मांग की है। आवेदक का कहना है कि विभागीय देरी के कारण उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है,साथ ही शासन को करोड़ो रुपये के राजस्व की चपत लगी है। मामला भिंड जिले की लश्कर रोड क्रमांक-1 स्थित देशी शराब दुकान का है। आवेदक कुलदीप सिंह के अनुसार, आबकारी विभाग ने 7 मई 2026 को 326 दिनों की अवधि के लिए शराब दुकान की निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। उन्होंने इसमें भाग लिया और उनकी बोली सबसे अधिक होने के कारण नियमानुसार दुकान का आवंटन उन्हें मिलना चाहिए था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आज तक विभाग द्वारा स्वीकृति और आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। विभागीय विलंब के कारण दुकान संचालन की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे व्यवसायिक रूप से भारी नुकसान होने की आशंका है। आवेदक का कहना है कि उसने निविदा की सभी शर्तों का पालन किया और 5 लाख रुपये की ईएमडी (सिक्क्युरिटी डिपॉजिट)भी जमा की थी। आवेदक ने जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि यदि विभाग समय पर दुकान का आवंटन नहीं कर सकता, तो उसका नाम इस निविदा प्रक्रिया से अलग किया जाए और जमा की गई 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित उसके बैंक खाते में तत्काल वापस की जाए। आवेदन के साथ निविदा रसीद, ईएमडी भुगतान का प्रमाण और कैंसिल चेक भी संलग्न किया गया है।साथ ही पीड़ित ठेकेदार ने हाईकोर्ट की भी शरण ली है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस आवेदन पर क्या फैसला लेता है। यदि आवेदक के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला विभागीय कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।
- 326 दिन की शराब दुकान का टेंडर पूरा होने के बाद भी नहीं मिला आवंटन। भिंड में आबकारी विभाग सवालों के घरे में। अब ठेकेदार ने मांगी 5 लाख की धरोहर राशि वापस। भिंड में आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शराब दुकान के टेंडर में सबसे ऊंची बोली लगाने वाले आवेदक को करीब तीन महीने बाद भी दुकान का आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। इससे नाराज आवेदक ने अब जिला आबकारी अधिकारी को आवेदन देकर 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित वापस करने और नई निविदा में शामिल नहीं करने की मांग की है। आवेदक का कहना है कि विभागीय देरी के कारण उसे आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है,साथ ही शासन को करोड़ो रुपये के राजस्व की चपत लगी है। मामला भिंड जिले की लश्कर रोड क्रमांक-1 स्थित देशी शराब दुकान का है। आवेदक कुलदीप सिंह के अनुसार, आबकारी विभाग ने 7 मई 2026 को 326 दिनों की अवधि के लिए शराब दुकान की निविदा प्रक्रिया आयोजित की थी। उन्होंने इसमें भाग लिया और उनकी बोली सबसे अधिक होने के कारण नियमानुसार दुकान का आवंटन उन्हें मिलना चाहिए था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बावजूद आज तक विभाग द्वारा स्वीकृति और आवंटन आदेश जारी नहीं किया गया। विभागीय विलंब के कारण दुकान संचालन की अवधि लगातार कम होती जा रही है, जिससे व्यवसायिक रूप से भारी नुकसान होने की आशंका है। आवेदक का कहना है कि उसने निविदा की सभी शर्तों का पालन किया और 5 लाख रुपये की ईएमडी (सिक्क्युरिटी डिपॉजिट)भी जमा की थी। आवेदक ने जिला आबकारी अधिकारी से मांग की है कि यदि विभाग समय पर दुकान का आवंटन नहीं कर सकता, तो उसका नाम इस निविदा प्रक्रिया से अलग किया जाए और जमा की गई 5 लाख रुपये की धरोहर राशि ब्याज सहित उसके बैंक खाते में तत्काल वापस की जाए। आवेदन के साथ निविदा रसीद, ईएमडी भुगतान का प्रमाण और कैंसिल चेक भी संलग्न किया गया है।साथ ही पीड़ित ठेकेदार ने हाईकोर्ट की भी शरण ली है। अब देखना होगा कि आबकारी विभाग इस आवेदन पर क्या फैसला लेता है। यदि आवेदक के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह मामला विभागीय कार्यप्रणाली और टेंडर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर सकता है।1
- माता के साथ मारपीट के मामले में आर्मी के जवान ने पुलिस से लगाई गुहार भिंड। सुरपुरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर महिला मीरा देवी के साथ हुई मारपीट के मामले ने नया मोड़ ले लिया माता के साथ मारपीट के मामले में आर्मी के जवान ने पुलिस से लगाई गुहार भिंड। सुरपुरा थाना क्षेत्र में जमीन विवाद को लेकर महिला मीरा देवी के साथ हुई मारपीट के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। घटना के बाद पीड़िता के बेटे, जो भारतीय सेना में जवान हैं, ने अपनी माता-पिता की सुरक्षा और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस से गुहार लगाई है।1
- *सांसद प्रिया-पुष्पेंद्र से Gen-Z साध रहे अखिलेश:* पाठकजी ने कांग्रेस की चुक-चुकी निकाली; बागी IAS ने बनाई टीम1
- श्रावण के पहले सोमवार शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब, जयघोष से गूंजे मंदिर भिंड। श्रावण मास के पहले सोमवार को शहर के प्रमुख शिवालयों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक एवं बेलपत्र,धतूरा,भांग,पुष्प और फल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर दिनभर "हर-हर महादेव" और "बम-बम भोले" के जयघोष से गूंजते रहे। शहर के वंनखाडेश्वर महादेव मंदिर, कालेश्वर महादेव मंदिर और कुंडेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचने लगे। कई स्थानों पर रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय मंत्र जाप और विशेष आरती का आयोजन किया गया। मंदिरों को आकर्षक फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। श्रावण के पहले सोमवार पर महिलाओं, युवाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और देश-प्रदेश की खुशहाली की प्रार्थना की। मंदिरों में व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी भी तैनात रहे।1
- पति पत्नी के विवाद में महिला ने लगाई फांसी,मायके पक्ष ने पति पर प्रताड़ना का लगाया आरोप भिंड।बरासों थाना क्षेत्र के सटरूपुरा गांव में सोमवार को पति-पत्नी और साले के बीच हुए विवाद के बाद एक 23 वर्षीय विवाहिता ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे फंदे से उतारकर बाइक से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार सटरूपुरा निवासी 23 वर्षीय सलोनी बघेल पत्नी दीपक बघेल की शादी हो चुकी थी। दीपक अहमदाबाद में मजदूरी करता है और सोमवार सुबह करीब 8 बजे घर लौटा था। उसी समय सलोनी का भाई अरुण बघेल भी अपनी भांजी को छोड़ने के लिए घर आया हुआ था। इसी दौरान पति-पत्नी के बीच किसी अन्य व्यक्ति से मोबाइल पर बात करने के संदेह को लेकर विवाद हो गया।बताया गया है कि विवाद बढ़ने पर सलोनी अपने कमरे में चली गई और करीब 10 बजे फांसी लगा ली। कुछ देर बाद बच्चों के रोने की आवाज सुनकर पति दीपक और भाई अरुण कमरे में पहुंचे तो सलोनी फंदे पर लटकी मिली। दोनों ने उसे तत्काल नीचे उतारा और बाइक से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।मृतका के भाई अरुण बघेल ने आरोप लगाया कि दीपक उसकी बहन को प्रताड़ित करता था और इसी वजह से उसने यह कदम उठाया। बरासों थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है तथा जांच के आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।1