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मल निस्तारण केंद्र बनने से पहले ही नींव पर सवाल 52 लाख के निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर उठे प्रश्न, जलभराव वाली भूमि पर बिना पर्याप्त नींव शुरू हुआ निर्माण कवाई. कस्बे के बाहरी क्षेत्र में नेशनल हाईवे के समीप सालपुरा मुक्तिधाम के पास करीब 52 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण स्थल पर जलभराव, गहरे गड्ढों और निर्माण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, वहां पर्याप्त खुदाई और मजबूत नींव तैयार किए बिना ही बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे भविष्य में निर्माण की मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, करीब 8.50 करोड़ रुपए की लागत से 10 वर्ष के लिए मल निस्तारण एवं संचालन कार्य का टेंडर आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित एमवीआर टेक्नोलॉजी कंपनी को दिया गया है। इसी परियोजना के तहत कवाई में 52 लाख रुपए की लागत से मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का टेंडर बारां की अंजनैय वेंचर फर्म को मिला है। परियोजना के तहत 41×34 मीटर की बाउंड्री वॉल तथा परिसर के भीतर 10 फीट ऊंची दीवारों के साथ बॉक्स बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। '''''''''ऐसे होगा मल का वैज्ञानिक निस्तारण''''''''''' बताया जा रहा है कि कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने निजी मकानों के सेप्टिक (मल) टैंकों की सफाई के बाद निकलने वाले मल अपशिष्ट का वर्तमान में कई स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से निस्तारण किया जाता है। प्रस्तावित मल निस्तारण केंद्र शुरू होने के बाद इस अपशिष्ट को यहां लाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया से उपचारित किया जाएगा। प्रोसेसिंग यूनिट में ठोस और तरल भाग को अलग किया जाएगा, इसके बाद ठोस अपशिष्ट को ड्रायर में सुखाकर आगे निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाएगा। '''''''''''जलभराव वाली जमीन पर शुरू हुआ निर्माण''''''''''' मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में बरसाती पानी भरा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह बंजर और असमतल भूमि है, जहां हर वर्ष पानी भरता है। आरोप है कि गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर समतल किया गया और उसके ऊपर कंक्रीट डालते हुए बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत नींव नहीं बनाई गई तो भविष्य में चारदीवारी और भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है तथा सरकारी धन का नुकसान होने की आशंका रहेगी। ''''''''निर्माण एजेंसी बोली- नक्शे के अनुसार कर रहे हैं काम'''''''''' निर्माण कार्य कर रही अंजनैय वेंचर के प्रतिनिधि रघुवंश ने बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से जो नक्शा और निर्माण शेड्यूल उपलब्ध कराया गया है, उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। वहीं एमवीआर टेक्नोलॉजी के साइट इंजीनियर युवराज ने कहा कि कंपनी के निर्देशानुसार जमीन के ऊपर से ही बाउंड्री वॉल बनाई जानी है। हालांकि, मौके पर निर्माण कार्य से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा दिखाए गए नक्शे में नींव जमीन के भीतर से प्रस्तावित होना बताया गया, जिससे निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण का तकनीकी शेड्यूल और डिजाइन की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएलबी से संपर्क की दी सलाह एमवीआर टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने कहा, "यह प्रोजेक्ट 10 वर्ष तक संचालित होना है। निर्माण कार्य कंपनी के निर्देशानुसार कराया जा रहा है। यदि किसी को शिकायत है तो वह डीएलबी कार्यालय, जयपुर में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।" ''''''उठ रहे हैं ये सवाल''''''' स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे में आज तक किसी भी सरकारी भवन का निर्माण बिना मजबूत नींव के नहीं हुआ है। ऐसे में करोड़ों रुपए की इस महत्वपूर्ण परियोजना में यदि निर्माण की शुरुआत से ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराएं, ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और परियोजना लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनी रहे।

21 hrs ago
user_Gajendra Gautam
Gajendra Gautam
राजस्थान पत्रिका संवाददाता अटरू, बारां, राजस्थान•
21 hrs ago
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मल निस्तारण केंद्र बनने से पहले ही नींव पर सवाल 52 लाख के निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर उठे प्रश्न, जलभराव वाली भूमि पर बिना पर्याप्त नींव शुरू हुआ निर्माण कवाई. कस्बे के बाहरी क्षेत्र में नेशनल हाईवे के समीप सालपुरा मुक्तिधाम के पास करीब 52 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण स्थल पर जलभराव, गहरे गड्ढों और निर्माण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, वहां पर्याप्त खुदाई और मजबूत नींव तैयार किए बिना ही बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे भविष्य में निर्माण की मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, करीब 8.50 करोड़ रुपए की लागत से 10 वर्ष के लिए मल निस्तारण एवं संचालन कार्य का टेंडर आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित एमवीआर टेक्नोलॉजी कंपनी को दिया गया है। इसी परियोजना के तहत कवाई में 52 लाख रुपए की लागत से मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का टेंडर बारां की अंजनैय वेंचर फर्म को मिला है। परियोजना के तहत 41×34 मीटर की बाउंड्री वॉल तथा परिसर के भीतर 10 फीट ऊंची दीवारों के साथ बॉक्स बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। '''''''''ऐसे होगा मल का वैज्ञानिक निस्तारण''''''''''' बताया जा

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रहा है कि कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने निजी मकानों के सेप्टिक (मल) टैंकों की सफाई के बाद निकलने वाले मल अपशिष्ट का वर्तमान में कई स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से निस्तारण किया जाता है। प्रस्तावित मल निस्तारण केंद्र शुरू होने के बाद इस अपशिष्ट को यहां लाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया से उपचारित किया जाएगा। प्रोसेसिंग यूनिट में ठोस और तरल भाग को अलग किया जाएगा, इसके बाद ठोस अपशिष्ट को ड्रायर में सुखाकर आगे निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाएगा। '''''''''''जलभराव वाली जमीन पर शुरू हुआ निर्माण''''''''''' मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में बरसाती पानी भरा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह बंजर और असमतल भूमि है, जहां हर वर्ष पानी भरता है। आरोप है कि गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर समतल किया गया और उसके ऊपर कंक्रीट डालते हुए बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत नींव नहीं बनाई गई तो भविष्य में चारदीवारी और भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है तथा सरकारी धन का नुकसान होने की आशंका रहेगी। ''''''''निर्माण एजेंसी बोली- नक्शे के अनुसार कर रहे हैं काम'''''''''' निर्माण कार्य कर रही अंजनैय वेंचर के प्रतिनिधि रघुवंश ने बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से जो नक्शा और निर्माण शेड्यूल उपलब्ध कराया गया है, उसी के अनुरूप कार्य किया

जा रहा है। वहीं एमवीआर टेक्नोलॉजी के साइट इंजीनियर युवराज ने कहा कि कंपनी के निर्देशानुसार जमीन के ऊपर से ही बाउंड्री वॉल बनाई जानी है। हालांकि, मौके पर निर्माण कार्य से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा दिखाए गए नक्शे में नींव जमीन के भीतर से प्रस्तावित होना बताया गया, जिससे निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण का तकनीकी शेड्यूल और डिजाइन की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएलबी से संपर्क की दी सलाह एमवीआर टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने कहा, "यह प्रोजेक्ट 10 वर्ष तक संचालित होना है। निर्माण कार्य कंपनी के निर्देशानुसार कराया जा रहा है। यदि किसी को शिकायत है तो वह डीएलबी कार्यालय, जयपुर में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।" ''''''उठ रहे हैं ये सवाल''''''' स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे में आज तक किसी भी सरकारी भवन का निर्माण बिना मजबूत नींव के नहीं हुआ है। ऐसे में करोड़ों रुपए की इस महत्वपूर्ण परियोजना में यदि निर्माण की शुरुआत से ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराएं, ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और परियोजना लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनी रहे।

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    मल निस्तारण केंद्र बनने से पहले ही नींव पर सवाल
52 लाख के निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर उठे प्रश्न, जलभराव वाली भूमि पर बिना पर्याप्त नींव शुरू हुआ निर्माण

कवाई. कस्बे के बाहरी क्षेत्र में नेशनल हाईवे के समीप सालपुरा मुक्तिधाम के पास करीब 52 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण स्थल पर जलभराव, गहरे गड्ढों और निर्माण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, वहां पर्याप्त खुदाई और मजबूत नींव तैयार किए बिना ही बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे भविष्य में निर्माण की मजबूती प्रभावित होने की आशंका है।
जानकारी के अनुसार, करीब 8.50 करोड़ रुपए की लागत से 10 वर्ष के लिए मल निस्तारण एवं संचालन कार्य का टेंडर आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित एमवीआर टेक्नोलॉजी कंपनी को दिया गया है। इसी परियोजना के तहत कवाई में 52 लाख रुपए की लागत से मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का टेंडर बारां की अंजनैय वेंचर फर्म को मिला है। परियोजना के तहत 41×34 मीटर की बाउंड्री वॉल तथा परिसर के भीतर 10 फीट ऊंची दीवारों के साथ बॉक्स बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है।
'''''''''ऐसे होगा मल का वैज्ञानिक निस्तारण'''''''''''
बताया जा रहा है कि कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने निजी मकानों के सेप्टिक (मल) टैंकों की सफाई के बाद निकलने वाले मल अपशिष्ट का वर्तमान में कई स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से निस्तारण किया जाता है। प्रस्तावित मल निस्तारण केंद्र शुरू होने के बाद इस अपशिष्ट को यहां लाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया से उपचारित किया जाएगा। प्रोसेसिंग यूनिट में ठोस और तरल भाग को अलग किया जाएगा, इसके बाद ठोस अपशिष्ट को ड्रायर में सुखाकर आगे निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाएगा।
'''''''''''जलभराव वाली जमीन पर शुरू हुआ निर्माण'''''''''''
मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में बरसाती पानी भरा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह बंजर और असमतल भूमि है, जहां हर वर्ष पानी भरता है। आरोप है कि गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर समतल किया गया और उसके ऊपर कंक्रीट डालते हुए बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत नींव नहीं बनाई गई तो भविष्य में चारदीवारी और भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है तथा सरकारी धन का नुकसान होने की आशंका रहेगी।
''''''''निर्माण एजेंसी बोली- नक्शे के अनुसार कर रहे हैं काम''''''''''
निर्माण कार्य कर रही अंजनैय वेंचर के प्रतिनिधि रघुवंश ने बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से जो नक्शा और निर्माण शेड्यूल उपलब्ध कराया गया है, उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। वहीं एमवीआर टेक्नोलॉजी के साइट इंजीनियर युवराज ने कहा कि कंपनी के निर्देशानुसार जमीन के ऊपर से ही बाउंड्री वॉल बनाई जानी है।
हालांकि, मौके पर निर्माण कार्य से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा दिखाए गए नक्शे में नींव जमीन के भीतर से प्रस्तावित होना बताया गया, जिससे निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण का तकनीकी शेड्यूल और डिजाइन की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएलबी से संपर्क की दी सलाह
एमवीआर टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने कहा, "यह प्रोजेक्ट 10 वर्ष तक संचालित होना है। निर्माण कार्य कंपनी के निर्देशानुसार कराया जा रहा है। यदि किसी को शिकायत है तो वह डीएलबी कार्यालय, जयपुर में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।"
''''''उठ रहे हैं ये सवाल'''''''
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे में आज तक किसी भी सरकारी भवन का निर्माण बिना मजबूत नींव के नहीं हुआ है। ऐसे में करोड़ों रुपए की इस महत्वपूर्ण परियोजना में यदि निर्माण की शुरुआत से ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराएं, ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और परियोजना लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनी रहे।
    user_Gajendra Gautam
    Gajendra Gautam
    राजस्थान पत्रिका संवाददाता अटरू, बारां, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • छीपाबड़ौद में सड़क, अस्पताल और अतिक्रमण से जनता त्रस्त - RGPRS ने SDM को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में समाधान नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी।* छीपाबड़ौद(बारां)राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद की ब्लॉक स्तरीय बैठक के बाद संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी, छीपाबड़ौद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि उपखंड क्षेत्र की सभी संपर्क सड़कें समय से पूर्व ही टूट चुकी हैं, जिनके निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। संगठन ने मांग की है कि आपके स्तर पर भौतिक सत्यापन करवाकर आम जनता को राहत दिलाई जाए। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें :- 1. यादव व बैरवा बस्ती की समस्या: छीपाबड़ौद कस्बे में वन विभाग के पीछे स्थित यादव व बैरवा बस्ती का करीब 500 मीटर कच्चा रास्ता हर समय कीचड़ व गंदगी से भरा रहता है। अविलंब मोरम डलवाकर आवागमन योग्य बनाया जाए तथा बाद में पक्का इंटरलॉकिंग रोड बनाया जाए। 2. बाबा रामदेव मंदिर मार्ग: कस्बा छीपाबड़ौद के डूंगरी रास्ते पर स्थित बाबा रामदेव जी के मंदिर के पास आबादी से होकर मंदिर तक आने-जाने का आम रास्ता पक्का बनवाया जाए तथा मंदिर की चारदीवारी का निर्माण करवाया जाए। 3. अतिक्रमण व अवैध पार्किंग: कस्बे के मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग के कारण हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसका स्थाई समाधान किया जाए। 4. राजकीय चिकित्सालय की बदहाली: राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक समय पर नहीं बैठते, जिसके कारण बीमार को बिना इलाज के छबड़ा, बारां एवं कोटा भागना पड़ता है। कई बार गंभीर बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देता है। रात में स्थिति और विकट हो जाती है। सरकारी दवाइयों में भारी अनियमितता बरती जा रही है और अस्पताल परिसर तथा आस-पास काफी गंदगी जमा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिवस के अंदर उक्त समस्याओं पर सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की ओर से चरणबद्ध रूप से भारी आंदोलन किया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।यह ज्ञापन कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद जिला बारां की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल, गुलाब चंद मीणा, हिम्मत सिंह गुर्जर, अमर चंद मीणा, अमन दा, प्रियंका सेन, रामलखन, सोनू कुमारी आदि के हस्ताक्षर से दिया गया।
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    छीपाबड़ौद में सड़क, अस्पताल और अतिक्रमण से जनता त्रस्त - RGPRS ने SDM को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में समाधान नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी।*

छीपाबड़ौद(बारां)राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद की ब्लॉक स्तरीय बैठक के बाद संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी, छीपाबड़ौद को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में बताया गया कि उपखंड क्षेत्र की सभी संपर्क सड़कें समय से पूर्व ही टूट चुकी हैं, जिनके निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। संगठन ने मांग की है कि आपके स्तर पर भौतिक सत्यापन करवाकर आम जनता को राहत दिलाई जाए।
ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें :-
1. यादव व बैरवा बस्ती की समस्या: छीपाबड़ौद कस्बे में वन विभाग के पीछे स्थित यादव व बैरवा बस्ती का करीब 500 मीटर कच्चा रास्ता हर समय कीचड़ व गंदगी से भरा रहता है। अविलंब मोरम डलवाकर आवागमन योग्य बनाया जाए तथा बाद में पक्का इंटरलॉकिंग रोड बनाया जाए।
2. बाबा रामदेव मंदिर मार्ग: कस्बा छीपाबड़ौद के डूंगरी रास्ते पर स्थित बाबा रामदेव जी के मंदिर के पास आबादी से होकर मंदिर तक आने-जाने का आम रास्ता पक्का बनवाया जाए तथा मंदिर की चारदीवारी का निर्माण करवाया जाए।
3. अतिक्रमण व अवैध पार्किंग: कस्बे के मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग के कारण हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसका स्थाई समाधान किया जाए।
4. राजकीय चिकित्सालय की बदहाली: राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक समय पर नहीं बैठते, जिसके कारण बीमार को बिना इलाज के छबड़ा, बारां एवं कोटा भागना पड़ता है। कई बार गंभीर बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देता है। रात में स्थिति और विकट हो जाती है। सरकारी दवाइयों में भारी अनियमितता बरती जा रही है और अस्पताल परिसर तथा आस-पास काफी गंदगी जमा है।
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिवस के अंदर उक्त समस्याओं पर सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की ओर से चरणबद्ध रूप से भारी आंदोलन किया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।यह ज्ञापन कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद जिला बारां की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल, गुलाब चंद मीणा, हिम्मत सिंह गुर्जर, अमर चंद मीणा, अमन दा, प्रियंका सेन, रामलखन, सोनू कुमारी आदि के हस्ताक्षर से दिया गया।
    user_Alakh Jyoti Yog Present
    Alakh Jyoti Yog Present
    Yoga instructor Chhabra, Baran•
    9 hrs ago
  • हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत खानपुर हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत
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    हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत
खानपुर हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत
    user_Ram raj Nagar
    Ram raj Nagar
    Local News Reporter खानपुर, झालावाड़, राजस्थान•
    14 hrs ago
  • झालावाड़ शहर में तेज बारिश, एक घंटे तक झमाझम बरसे मेघ, लोगों को मिली राहत झालावाड़। शहर में गुरुवार शाम करीब 5 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान साफ रहने के बाद दोपहर ढलते ही काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश के चलते गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर की कई सड़कों पर पानी बह निकला, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बारिश के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों ने बदले मौसम का आनंद लिया। अचानक बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई और पूरे शहर में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप जिले में आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
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    झालावाड़ शहर में तेज बारिश, एक घंटे तक झमाझम बरसे मेघ, लोगों को मिली राहत

झालावाड़। शहर में गुरुवार शाम करीब 5 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान साफ रहने के बाद दोपहर ढलते ही काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया।
बारिश के चलते गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर की कई सड़कों पर पानी बह निकला, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बारिश के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों ने बदले मौसम का आनंद लिया।
अचानक बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई और पूरे शहर में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप जिले में आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।
    user_Ravindra Singh
    Ravindra Singh
    पत्रकार झालरापाटन, झालावाड़, राजस्थान•
    9 hrs ago
  • गुना मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान राघौगढ विकासखंड में लगेगा पहला शिविर गुना जिले में “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत पहला जिला स्तरीय शिविर 7 अगस्त को राघौगढ विकासखंड के पंचायत भवन जामनेर में आयोजित होगा। गुना जिले में “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत 7 अगस्त से 8 जनवरी तक आयोजित होने वाले जन-विश्वास शिविरों के स्थल निर्धारित कर दिए गए हैं। हर माह प्रत्येक शुक्रवार को इन शिविरों का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ गुना जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है। कलेक्टर किशोर कुमार कन्‍याल ने शिविरों की तिथि व स्थल निर्धारित करने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। साथ ही शिविरों में आयोजित होने वाली गतिविधियों को प्रभावी ढंग से मूर्तरूप देने के लिये स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
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    गुना मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान राघौगढ विकासखंड में लगेगा पहला शिविर
गुना	जिले में “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत पहला जिला स्तरीय शिविर 7 अगस्त को राघौगढ विकासखंड के पंचायत भवन जामनेर में आयोजित होगा। गुना जिले में “मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान” के तहत 7 अगस्त से 8 जनवरी तक आयोजित होने वाले जन-विश्वास शिविरों के स्थल निर्धारित कर दिए गए हैं। हर माह प्रत्येक शुक्रवार को इन शिविरों का आयोजन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्पूर्ण प्रदेश के साथ गुना जिले में भी जनता से सीधा संवाद व जुड़ाव स्थापित करने और समस्याओं का शतप्रतिशत निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह अभियान संचालित होने जा रहा है।
कलेक्टर किशोर कुमार कन्‍याल ने शिविरों की तिथि व स्थल निर्धारित करने के साथ-साथ विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारियां भी तय कर दी हैं। साथ ही शिविरों में आयोजित होने वाली गतिविधियों को प्रभावी ढंग से मूर्तरूप देने के लिये स्पष्ट दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं।
    user_रणधीर चदेल
    रणधीर चदेल
    पत्रकार (फोटोग्राफर) Guna, Madhya Pradesh•
    11 hrs ago
  • 30 बीघा वनभूमि अतिक्रमण मुक्त, वन विभाग ने जेसीबी से खोदी ट्रेंच शाहाबाद क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नाका बिछी के वनखंड बिछी स्थित मोजा मोहनपुर में करीब 25 से 30 बीघा वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। उप वनरक्षक विवेकानंद के निर्देश पर सहायक वन रक्षक मोहम्मद हाफिज और क्षेत्रीय वन अधिकारी केलवाड़ा देवराज सुमन के नेतृत्व में टीम ने जेसीबी से ट्रेंच खोदकर अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई। मौके पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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    30 बीघा वनभूमि अतिक्रमण मुक्त, वन विभाग ने जेसीबी से खोदी ट्रेंच

 
शाहाबाद क्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नाका बिछी के वनखंड बिछी स्थित मोजा मोहनपुर में करीब 25 से 30 बीघा वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। उप वनरक्षक विवेकानंद के निर्देश पर सहायक वन रक्षक मोहम्मद हाफिज और क्षेत्रीय वन अधिकारी केलवाड़ा देवराज सुमन के नेतृत्व में टीम ने जेसीबी से ट्रेंच खोदकर अतिक्रमण हटाया। कार्रवाई शिकायत मिलने के बाद की गई। मौके पर वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
    user_हर्षित भार्गव
    हर्षित भार्गव
    पत्रकार शाहबाद, बारां, राजस्थान•
    12 hrs ago
  • तीन-चार दिन से भारी बारिश लोगों में उत्साह लगातार 4/5 दिन अच्छी बारिश हो रही है
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    तीन-चार दिन से भारी बारिश लोगों में उत्साह  लगातार 4/5 दिन अच्छी बारिश हो रही है
    user_Pradeep Kumar bairwa
    Pradeep Kumar bairwa
    Content Creator (YouTuber) कनवास, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • असम में लगातार बारिश के कारण और नदिया उठाने कारण आ रही बढ़ सैकड़ो आदमीयो की हुई मृत्यु
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    असम में लगातार बारिश के कारण और नदिया उठाने कारण आ रही बढ़ सैकड़ो आदमीयो की हुई मृत्यु
    user_Pradeep Kumar bairwa
    Pradeep Kumar bairwa
    Content Creator (YouTuber) कनवास, कोटा, राजस्थान•
    5 hrs ago
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