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हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत खानपुर हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत
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हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत खानपुर हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत
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- हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत खानपुर हरिगढ़ बाघेर क्षेत्र में आज जोरदार बारिश फ़सलों को मिली राहत1
- झालावाड़ शहर में तेज बारिश, एक घंटे तक झमाझम बरसे मेघ, लोगों को मिली राहत झालावाड़। शहर में गुरुवार शाम करीब 5 बजे के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से आसमान साफ रहने के बाद दोपहर ढलते ही काले बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक लगातार हुई बारिश से शहर का मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। बारिश के चलते गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। शहर की कई सड़कों पर पानी बह निकला, जबकि निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। बारिश के दौरान वाहन चालकों और राहगीरों को कुछ समय के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन अधिकांश लोगों ने बदले मौसम का आनंद लिया। अचानक बदले मौसम से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई और पूरे शहर में ठंडक घुल गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुरूप जिले में आगामी दिनों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।1
- मल निस्तारण केंद्र बनने से पहले ही नींव पर सवाल 52 लाख के निर्माण कार्य में गुणवत्ता पर उठे प्रश्न, जलभराव वाली भूमि पर बिना पर्याप्त नींव शुरू हुआ निर्माण कवाई. कस्बे के बाहरी क्षेत्र में नेशनल हाईवे के समीप सालपुरा मुक्तिधाम के पास करीब 52 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कार्य शुरू होते ही सवालों के घेरे में आ गया है। निर्माण स्थल पर जलभराव, गहरे गड्ढों और निर्माण की प्रक्रिया को लेकर स्थानीय लोगों ने गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि जिस स्थान पर बारिश के दौरान पानी भर जाता है, वहां पर्याप्त खुदाई और मजबूत नींव तैयार किए बिना ही बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया है, जिससे भविष्य में निर्माण की मजबूती प्रभावित होने की आशंका है। जानकारी के अनुसार, करीब 8.50 करोड़ रुपए की लागत से 10 वर्ष के लिए मल निस्तारण एवं संचालन कार्य का टेंडर आंध्र प्रदेश के गुंटूर स्थित एमवीआर टेक्नोलॉजी कंपनी को दिया गया है। इसी परियोजना के तहत कवाई में 52 लाख रुपए की लागत से मल निस्तारण केंद्र का निर्माण कराया जा रहा है। निर्माण कार्य का टेंडर बारां की अंजनैय वेंचर फर्म को मिला है। परियोजना के तहत 41×34 मीटर की बाउंड्री वॉल तथा परिसर के भीतर 10 फीट ऊंची दीवारों के साथ बॉक्स बिल्डिंग का निर्माण प्रस्तावित है। '''''''''ऐसे होगा मल का वैज्ञानिक निस्तारण''''''''''' बताया जा रहा है कि कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने निजी मकानों के सेप्टिक (मल) टैंकों की सफाई के बाद निकलने वाले मल अपशिष्ट का वर्तमान में कई स्थानों पर अनियंत्रित तरीके से निस्तारण किया जाता है। प्रस्तावित मल निस्तारण केंद्र शुरू होने के बाद इस अपशिष्ट को यहां लाकर वैज्ञानिक प्रक्रिया से उपचारित किया जाएगा। प्रोसेसिंग यूनिट में ठोस और तरल भाग को अलग किया जाएगा, इसके बाद ठोस अपशिष्ट को ड्रायर में सुखाकर आगे निर्धारित प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाएगा। '''''''''''जलभराव वाली जमीन पर शुरू हुआ निर्माण''''''''''' मौके पर निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल के आसपास बड़े-बड़े गड्ढों में बरसाती पानी भरा मिला। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पूरी तरह बंजर और असमतल भूमि है, जहां हर वर्ष पानी भरता है। आरोप है कि गड्ढों में केवल मिट्टी डालकर समतल किया गया और उसके ऊपर कंक्रीट डालते हुए बाउंड्री वॉल का निर्माण शुरू कर दिया गया। उनका कहना है कि यदि तकनीकी मानकों के अनुरूप मजबूत नींव नहीं बनाई गई तो भविष्य में चारदीवारी और भवन की मजबूती प्रभावित हो सकती है तथा सरकारी धन का नुकसान होने की आशंका रहेगी। ''''''''निर्माण एजेंसी बोली- नक्शे के अनुसार कर रहे हैं काम'''''''''' निर्माण कार्य कर रही अंजनैय वेंचर के प्रतिनिधि रघुवंश ने बताया कि उन्हें कंपनी की ओर से जो नक्शा और निर्माण शेड्यूल उपलब्ध कराया गया है, उसी के अनुरूप कार्य किया जा रहा है। वहीं एमवीआर टेक्नोलॉजी के साइट इंजीनियर युवराज ने कहा कि कंपनी के निर्देशानुसार जमीन के ऊपर से ही बाउंड्री वॉल बनाई जानी है। हालांकि, मौके पर निर्माण कार्य से जुड़े एक व्यक्ति द्वारा दिखाए गए नक्शे में नींव जमीन के भीतर से प्रस्तावित होना बताया गया, जिससे निर्माण प्रक्रिया को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मौके पर मौजूद लोगों से निर्माण का तकनीकी शेड्यूल और डिजाइन की जानकारी मांगी गई, लेकिन कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। प्रोजेक्ट मैनेजर ने डीएलबी से संपर्क की दी सलाह एमवीआर टेक्नोलॉजी के प्रोजेक्ट मैनेजर दिलीप ने कहा, "यह प्रोजेक्ट 10 वर्ष तक संचालित होना है। निर्माण कार्य कंपनी के निर्देशानुसार कराया जा रहा है। यदि किसी को शिकायत है तो वह डीएलबी कार्यालय, जयपुर में संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकता है।" ''''''उठ रहे हैं ये सवाल''''''' स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कस्बे में आज तक किसी भी सरकारी भवन का निर्माण बिना मजबूत नींव के नहीं हुआ है। ऐसे में करोड़ों रुपए की इस महत्वपूर्ण परियोजना में यदि निर्माण की शुरुआत से ही गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं तो इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। लोगों ने मांग की है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की जांच कराएं, ताकि भविष्य में सरकारी धन का दुरुपयोग न हो और परियोजना लंबे समय तक सुरक्षित एवं उपयोगी बनी रहे।3
- छीपाबड़ौद में सड़क, अस्पताल और अतिक्रमण से जनता त्रस्त - RGPRS ने SDM को सौंपा ज्ञापन, 15 दिन में समाधान नहीं तो चरणबद्ध आंदोलन की चेतावनी।* छीपाबड़ौद(बारां)राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद की ब्लॉक स्तरीय बैठक के बाद संगठन ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर उपखंड अधिकारी, छीपाबड़ौद को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि उपखंड क्षेत्र की सभी संपर्क सड़कें समय से पूर्व ही टूट चुकी हैं, जिनके निर्माण में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। गांवों को जोड़ने वाली सड़कों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। संगठन ने मांग की है कि आपके स्तर पर भौतिक सत्यापन करवाकर आम जनता को राहत दिलाई जाए। ज्ञापन में रखी गई प्रमुख मांगें :- 1. यादव व बैरवा बस्ती की समस्या: छीपाबड़ौद कस्बे में वन विभाग के पीछे स्थित यादव व बैरवा बस्ती का करीब 500 मीटर कच्चा रास्ता हर समय कीचड़ व गंदगी से भरा रहता है। अविलंब मोरम डलवाकर आवागमन योग्य बनाया जाए तथा बाद में पक्का इंटरलॉकिंग रोड बनाया जाए। 2. बाबा रामदेव मंदिर मार्ग: कस्बा छीपाबड़ौद के डूंगरी रास्ते पर स्थित बाबा रामदेव जी के मंदिर के पास आबादी से होकर मंदिर तक आने-जाने का आम रास्ता पक्का बनवाया जाए तथा मंदिर की चारदीवारी का निर्माण करवाया जाए। 3. अतिक्रमण व अवैध पार्किंग: कस्बे के मुख्य सड़क मार्ग पर अतिक्रमण एवं अवैध पार्किंग के कारण हमेशा जाम की स्थिति बनी रहती है, जिसका स्थाई समाधान किया जाए। 4. राजकीय चिकित्सालय की बदहाली: राजकीय चिकित्सालय में कार्यरत चिकित्सक समय पर नहीं बैठते, जिसके कारण बीमार को बिना इलाज के छबड़ा, बारां एवं कोटा भागना पड़ता है। कई बार गंभीर बीमार रास्ते में ही दम तोड़ देता है। रात में स्थिति और विकट हो जाती है। सरकारी दवाइयों में भारी अनियमितता बरती जा रही है और अस्पताल परिसर तथा आस-पास काफी गंदगी जमा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि आगामी 15 दिवस के अंदर उक्त समस्याओं पर सार्थक कदम नहीं उठाया गया तो कांग्रेस राजीव गांधी पंचायतीराज संगठन की ओर से चरणबद्ध रूप से भारी आंदोलन किया जायेगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी स्वयं प्रशासन की होगी।यह ज्ञापन कांग्रेस राजीव गांधी पंचायती राज संगठन ब्लॉक छीपाबड़ौद जिला बारां की ओर से ब्लॉक अध्यक्ष पप्पू लाल, गुलाब चंद मीणा, हिम्मत सिंह गुर्जर, अमर चंद मीणा, अमन दा, प्रियंका सेन, रामलखन, सोनू कुमारी आदि के हस्ताक्षर से दिया गया।4
- मेहर समाज ने मनाई बापू महादेव राणा की भव्य 142 वीं जयंती,सामाजिक कुरीतियों को बंद करने का लिया संकल्प। झालावाड़,मेहर समाज उत्थान समिति सामाजिक जोन झालावाड़ के तत्वादान में नीलकंठ महादेव एवं बालाजी मंदिर ए. आर. नगर झालावाड़ पर अध्यक्ष मुकेश मेहर की अध्यक्षता में श्री परम पूज्य बापू मालदेव राणा की 142 वीं जयंती का आयोजन किया गया । जिसमें दूरदराज से पधारे अनेक समाज बंधुओ द्वारा बड़ी संख्या में भाग लेकर मालदेव राणा के छाया चित्र पर पुष्प चढ़ाकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समिति के नारायण सिंह कोषाध्यक्ष द्वारा बापू मालदेव राणा के जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके द्वारा किए गए अनेक समाज सुधार एवं समाज उत्थान के कार्यो के बारे में जानकारी प्रदान की गई। समिति सचिव जगदीश प्रसाद मेहर के द्वारा आगामी 16 अगस्त 2026 को समिति का पुनर्गठन करने के बारे में जानकारी प्रदान की गई। समिति संरक्षक राजेश मेहरा द्वारा समाज की कुरीतियों को किस प्रकार समाप्त किया जा सके उस पर गहनता से मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अध्यक्ष मुकेश मेहर के द्वारा सभी का आभार प्रकट किया गया तथा आगामी बैठक में अधिक से अधिक संख्या में समाज बंधुओ को पधारने का आग्रह किया गया। आज के आयोजन में समिति के रामलाल जरूला रिटायर नायब तहसीलदार, रामबाबू अध्यापक सांवलपुरा, रामनिवास अध्यापक, रामलाल पूर्व प्रखंड अध्यक्ष, प्रभु लाल कैशियर, लक्ष्मी नारायण अध्यापक, तेजराज, सूर्य प्रकाश उपसरपंच रायपुर, बीराम लाल कोर्स अध्यापक , गोवर्धन लाल चेयरमैन सुकेत, शिवनारायण ठेकेदार, मदनलाल उप निरीक्षक, अनिल चछलाव, प्रेमचंद प्रशासनिक अधिकारी, बाबूलाल व्याख्याता, गिरधारी लाल मगीसपुर , द्वारका लाल फतेहगढ़, हेमराज झालावाड़ , राधेश्याम, भेरूलाल रटलाई,बीरम सुवास,गोपाल ,रामप्रसाद अकलेरा , बने सिंह हिम्मतगढ़,भगवान प्रसाद पाटलियाकुलमी ,राहुल,मदन बानोर, लालचंद डूंगरी एवं कई पदाधिकारी एवं समाज बंधु उपस्थित रहे।3
- इसे कैसे खेलो में आगे बढ़ेगा राजस्थान कॉमनवेल्थ में राजस्थान से इकलौता स्वर्ण पदक, फिर भी अरुंधती के सम्मान में सरकार की अनुपस्थिति निराशाजनक कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में राजस्थान को केवल एक स्वर्ण पदक कोटा की बॉक्सरअंधती के जरिए प्राप्त हुआ। यह पूरे प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। ऐसे अवसर पर उम्मीद थी कि राज्य सरकार की ओर से मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री या खेल मंत्री एयरपोर्ट पहुंचकर खिलाड़ी का स्वागत और सम्मान करते। लेकिन ऐसा नहीं हुआ, जिससे खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों में निराशा देखने को मिली। खिलाड़ियों को प्रोत्साहन की बात केवल भाषणों में एक ओर सरकार के प्रतिनिधि अपने भाषणों में खेलों को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने का दम भरते है। वहीं दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करने वाले एक मात्र खिलाड़ी के स्वागत के लिए भी समय नहीं निकाल पाती। इससे यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि यदि पदक विजेता खिलाड़ियों को ही उचित सम्मान नहीं मिलेगा, तो राजस्थान खेलों में आगे कैसे बढ़ेगा? इसके विपरीत, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में कॉमनवेल्थ पदक विजेता खिलाड़ी के पहुंचते ही राज्य सरकार ने खेल नीति के तहत उसे डीएसपी पद और 30 लाख रूपए का चेक प्रदान किया। हरियाणा में भी खिलाड़ियों के लिए घोषित पुरस्कार राशि शीघ्र उनके खातों में पहुंचा दी गई। यह दर्शाता है कि वहां खिलाड़ियों को सम्मान और प्रोत्साहन देने की मजबूत व्यवस्था है। समाज से जुड़े सरकार के जनप्रतिनिधियो ने किया सम्मान हालांकि राजस्थान में समाज और समाज से जुड़े जनप्रतिनिधियों ने अरुंधति का सम्मान कर समाज की बेटी होने पर अपनी जिम्मेदारी निभाई। सम्मान करने वालों में पीएचईडी मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, मंत्री मंजू बाघमार, केंद्रीय राज्य मंत्री जावर सिंह खर्रा, स्वायत्त शासन मंत्री शुभकरण चौधरी, वरिष्ठ आईएएस आरूषि मलिक, विधायक संतोष अहलावत, पूर्व सांसद कृष्णा पूनिया, नगर निगम से जुड़े जनप्रतिनिधि, विभिन्न सामाजिक संगठनों और जाट समाज के पदाधिकारी शामिल रहे। पूर्व सांसद कृष्णा पूनिया ने 51,000 रूपए तथा विजय पूनिया ने 1,00,000 रूपए का नगद पुरस्कार देकर खिलाड़ी का उत्साहवर्धन किया। इसके अलावा टोंक जाट छात्रावास, चाकसू जाट समाज, महावीर तोगड़ा, शिव पब्लिक शिक्षा समिति दूनी, शिवजी चौधरी, चौधरी ट्रांसपोर्ट देवली, सीताराम चौधरी, सूर्य महल होटल, प्रदीप बना और सत्तू बना सहित अनेक लोगों ने खिलाड़ी का सम्मान किया। राजस्थान सरकार से खिलाड़ियों के सम्मान को प्राथमिकता देने की अपील... सरकार को चाहिए कि वह खिलाड़ियों के सम्मान और प्रोत्साहन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। जब खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश का नाम रोशन करते हैं, तब उनका सम्मान केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है।3
- तीन-चार दिन से भारी बारिश लोगों में उत्साह लगातार 4/5 दिन अच्छी बारिश हो रही है1
- असम में लगातार बारिश के कारण और नदिया उठाने कारण आ रही बढ़ सैकड़ो आदमीयो की हुई मृत्यु1