कोंच,पुलिस-प्रशासन अलर्ट, पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी जालौन के कोंच में दीपावली के त्योहार से पहले अवैध आतिशबाजी के भंडारण और बिक्री को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार शाम करीब 6,30 बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कोंच नगर में लाइसेंस धारक आतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों और मकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आतिशबाजी के भंडारण से संबंधित नियमों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तहसीलदार मनोज कुमार और सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोंच कोतवाली क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परिसरों की जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी अथवा किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से भंडारण तो नहीं किया जा रहा है। संयुक्त टीम ने आतिशबाजी विक्रेता जगदीश बिहारी, रमेश चंद्र, देवीदयाल, यशवंत, राजाबाबू, अजय प्रजापति सहित अन्य विक्रेताओं के यहां पहुंचकर जांच की। इस दौरान दुकानों और मकानों में आतिशबाजी का कोई अवैध भंडारण नहीं मिला। जांच के बाद प्रशासन ने लाइसेंस धारकों को सख्त हिदायत दी कि वे आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण से संबंधित सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। साथ ही दुकानों अथवा आवासीय परिसरों में नियम विरुद्ध विस्फोटक सामग्री का भंडारण नहीं करने की चेतावनी दी गई। सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि पूरे प्रदेश में त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य दीपावली के दौरान अवैध आतिशबाजी के भंडारण से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने लोगों से भी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने की अपील की है।
कोंच,पुलिस-प्रशासन अलर्ट, पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी जालौन के कोंच में दीपावली के त्योहार से पहले अवैध आतिशबाजी के भंडारण और बिक्री को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार शाम करीब 6,30 बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कोंच नगर में लाइसेंस धारक आतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों और मकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आतिशबाजी के भंडारण से संबंधित नियमों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तहसीलदार मनोज कुमार और सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोंच कोतवाली क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परिसरों की जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी अथवा किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से भंडारण तो नहीं किया जा रहा है। संयुक्त टीम ने आतिशबाजी विक्रेता जगदीश बिहारी, रमेश चंद्र, देवीदयाल, यशवंत, राजाबाबू, अजय प्रजापति सहित अन्य विक्रेताओं के यहां पहुंचकर जांच की। इस दौरान दुकानों और मकानों में आतिशबाजी का कोई अवैध भंडारण नहीं मिला। जांच के बाद प्रशासन ने लाइसेंस धारकों को सख्त हिदायत दी कि वे आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण से संबंधित सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। साथ ही दुकानों अथवा आवासीय परिसरों में नियम विरुद्ध विस्फोटक सामग्री का भंडारण नहीं करने की चेतावनी दी गई। सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि पूरे प्रदेश में त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य दीपावली के दौरान अवैध आतिशबाजी के भंडारण से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने लोगों से भी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने की अपील की है।
- कोंच,पुलिस-प्रशासन अलर्ट, पटाखा विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर छापेमारी जालौन के कोंच में दीपावली के त्योहार से पहले अवैध आतिशबाजी के भंडारण और बिक्री को लेकर पुलिस-प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। इसी क्रम में शुक्रवार शाम करीब 6,30 बजे प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने कोंच नगर में लाइसेंस धारक आतिशबाजी विक्रेताओं की दुकानों और मकानों पर छापामार कार्रवाई करते हुए जांच-पड़ताल की। कार्रवाई के दौरान टीम ने आतिशबाजी के भंडारण से संबंधित नियमों की जानकारी ली और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। तहसीलदार मनोज कुमार और सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कोंच कोतवाली क्षेत्र में आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों एवं आवासीय परिसरों की जांच की। टीम ने यह सुनिश्चित किया कि कहीं निर्धारित नियमों का उल्लंघन करते हुए आतिशबाजी अथवा किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री का अवैध रूप से भंडारण तो नहीं किया जा रहा है। संयुक्त टीम ने आतिशबाजी विक्रेता जगदीश बिहारी, रमेश चंद्र, देवीदयाल, यशवंत, राजाबाबू, अजय प्रजापति सहित अन्य विक्रेताओं के यहां पहुंचकर जांच की। इस दौरान दुकानों और मकानों में आतिशबाजी का कोई अवैध भंडारण नहीं मिला। जांच के बाद प्रशासन ने लाइसेंस धारकों को सख्त हिदायत दी कि वे आतिशबाजी की बिक्री और भंडारण से संबंधित सभी निर्धारित नियमों का पालन करें। साथ ही दुकानों अथवा आवासीय परिसरों में नियम विरुद्ध विस्फोटक सामग्री का भंडारण नहीं करने की चेतावनी दी गई। सीओ कोंच परमेश्वर प्रसाद ने बताया कि पूरे प्रदेश में त्योहारों को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत आतिशबाजी विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य दीपावली के दौरान अवैध आतिशबाजी के भंडारण से होने वाली संभावित दुर्घटनाओं को रोकना और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। प्रशासन ने लोगों से भी नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित तरीके से दीपावली मनाने की अपील की है।1
- जालौन में कान्हा गौशाला के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जालौन में कान्हा गौशाला के बावजूद सड़कों पर आवारा पशुओं का जमावड़ा, जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल जालौन। नगर में कान्हा गौशाला संचालित होने के बावजूद पुरानी सब्जी मंडी से नई सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग समेत आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में आवारा गाय और नंदी खुलेआम सड़कों पर घूमते नजर आ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई स्थानों पर 20 से 25 तक पशुओं के झुंड आसानी से देखे जा सकते हैं। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि सड़कों पर घूम रहे इन पशुओं के कारण आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। कई बार गाय और नंदी वाहनों की चपेट में आकर घायल हो जाते हैं। वहीं, कुछ पशुओं की बीमारी और उचित देखभाल के अभाव में मौत होने की बात भी सामने आती रही है। हाल ही में एक नंदी की मौत के बाद गौरक्षकों द्वारा उसे दफनाए जाने की बात सामने आई, जिसके बाद एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि यदि बीमार और घायल पशुओं को समय रहते गौशाला पहुंचाया जाता, तो क्या उनकी स्थिति इतनी गंभीर होती? गौशाला होने के बावजूद सड़क पर क्यों घूम रहे पशु? सरकार और प्रशासन की ओर से गौशालाओं के संचालन एवं पशुओं की व्यवस्था के लिए संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। ऐसे में सवाल यह है कि नगर क्षेत्र में बड़ी संख्या में गाय और नंदी सड़कों पर क्यों घूम रहे हैं? इन्हें कान्हा गौशाला तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? स्थानीय लोगों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला पहुंचाने की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। वाहनों की चपेट में आ रहे पशु, कौन लेगा जिम्मेदारी? सड़कों पर बैठे और घूमते पशुओं के कारण वाहन चालकों के लिए भी खतरा बना हुआ है। अचानक सड़क पर आ जाने वाले पशुओं से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं दुर्घटना में घायल होने वाले पशुओं की देखभाल और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि नगर पालिका जालौन इस गंभीर समस्या पर कब तक संज्ञान लेती है और क्या सड़कों पर घूम रहे गाय एवं नंदियों को कान्हा गौशाला पहुंचाकर उनके लिए सुरक्षित व्यवस्था की जाती है, या फिर ये पशु इसी तरह सड़कों पर पन्नी खाते, वाहनों की चपेट में आते और मौत का शिकार होते रहेंगे।2
- मंत्री निशांत कुमार को माला पहनाने गए थे… चोर ने गले से 7 लाख की चेन चुरा ली… मंत्री जी का तो स्वागत हो गया… नेताजी बेचारे अब स्वागत लायक नहीं बचे 📍 मुजफ्फरपुर, बिहार मंत्री निशांत कुमार को माला पहनाने गए थे… चोर ने गले से 7 लाख की चेन चुरा ली… मंत्री जी का तो स्वागत हो गया… नेताजी बेचारे अब स्वागत लायक नहीं बचे 📍 मुजफ्फरपुर, बिहार1
- Breaking News - विकास की तेज रफ्तार, जनता का अटूट विश्वास लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार लगातार तेज होने के साथ प्रदेश प्रगति के नए आयाम स्थापित कर रहा है। सरकार की विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं से जनता को मिल रहे लाभ के बीच 2027 में प्रचंड बहुमत के साथ डबल इंजन की सरकार की वापसी का दावा किया जा रहा है।1
- शासन की बनाई माधौगढ़ तहसील बनी ‘स्विमिंग पूल’! बारिश के पानी में डूबा तहसील प्रांगण, जलभराव से फरियादियों और कर्मचारियों को परेशानी जनपद जालौन से ग्राउंड रिपोर्ट शासन द्वारा बनाए गए तहसील प्रांगण की बदहाल व्यवस्था की तस्वीर सामने आई है। बारिश के बाद माधौगढ़ तहसील परिसर स्विमिंग पूल में तब्दील हो गया। पूरे परिसर में पानी भरने से फरियादियों, अधिवक्ताओं और कर्मचारियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आखिर लाखों रुपये की लागत से तैयार तहसील परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था क्यों नहीं है? जिम्मेदार अधिकारियों ने इस समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं कराया? देखिए पूरा मामला, जनपद जालौन की माधौगढ़ तहसील से ग्राउंड रिपोर्ट—अखिलेश सोनी के साथ।1
- जालौन वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत जालौन नगर पालिका ने कोंच रोड पर पौधरोपण किया मगर पेड़ बिलकुल रोड किनारे लगाये ना ट्री गार्ड ना ही देखभाल जिससे कई पेड़ वाहनों से कुचल गए कई गाय तथा नंदी खा गए.. सवाल ये उठता है क्या वृक्षारोपण केवल गिनती के लिए हुआ था या फोटो ग्राफ़ी के लिए ये तो जालौन नगर पालिका ही बता सकती है भीम राजावत की रिपोर्ट1
- कोंच ब्लॉक के ग्राम गोरा करनपुर में नहीं बना श्मशान घाट, बारिश में टीनशेड के नीचे अंतिम संस्कार को मजबूर ग्रामीण जालौन के कोंच विकासखंड क्षेत्र के गोरा करनपुर गांव में आजादी के 80 साल बाद भी ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट की सुविधा नहीं मिल सकी है। वही शुक्रवार सुबह 11:30 बजे बारिश के बीच गांव में एक व्यक्ति की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों को खुले स्थान पर टीनशेड लगाकर अंतिम संस्कार करना पड़ा। इस दौरान दलदल और कीचड़ के बीच अंतिम यात्रा पूरी करनी पड़ी। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के मौसम में अंतिम संस्कार करना बेहद मुश्किल हो जाता है। श्मशान घाट की व्यवस्था न होने के कारण शव के अंतिम संस्कार के लिए अस्थायी इंतजाम करने पड़ते हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 साल पहले सांसद निधि से श्मशान घाट का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था, लेकिन आज तक यह अधूरा पड़ा है। ग्रामीणों का आरोप है कि श्मशान घाट के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर कई बार जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों ने प्रशासन से अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने और स्थायी श्मशान घाट की व्यवस्था कराने की मांग की है।1
- जयसिंह जयराखेड़ा आता थाना जालौन यूपी 92 तहसील कालपी का है कल रात १ बजे अधिक वारिश होने के कारण घर गिर गया है जिसमें किसी को कोई हताहत नहीं हुआ है ग्राम पंचायत जोरखेड़ा जालौन यूपी का मामला है कृपया सरकारी कर्मचारियों से विनम्र निवेदन है कि आप यहां आकर कोई राहत दे आपकी बहुत कृपा होगी1