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सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की। सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की।
Mulayam Singh Yadav
सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की। सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की।
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- सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की। सिद्धार्थनगर के महली सागर का भारत-नेपाल के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण कर बाढ़ नियंत्रण व जल प्रबंधन की समीक्षा की।4
- सिद्धार्थनगर का मेन हाईवे रोड गड्ढे मे तब्दील, मानको पर उठे गंभीर सवाल Expose on SASHAKTBHARAT NEWS18 #viralpost #Newpost #PWD #Dmsiddharthnagar1
- श्रावण के पहले सोमवार पर बांसी में उमड़ा आस्था का सैलाब, "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंजा नगर श्रावण के पहले सोमवार पर बांसी में उमड़ा आस्था का सैलाब, "हर-हर महादेव" के जयकारों से गूंजा नगर बांसी। श्रावण मास के प्रथम सोमवार को बांसी कस्बे का पूरा वातावरण शिव भक्ति के रंग में सराबोर हो गया। इस पावन अवसर पर नगर क्षेत्र में शिवभक्तों द्वारा एक भव्य एवं विहंगम जुलूस निकाला गया, जिससे पूरा नगर "हर-हर महादेव" और "जय भोलेनाथ" के गगनभेदी जयकारों से गुंजायमान रहा।आस्था का यह जुलूस कस्बे के ऐतिहासिक सुरसा मंदिर से प्रारंभ होकर राप्ती नदी तट पहुंचा। वहां श्रद्धालुओं ने पवित्र जल भरा और मंगल बाजार होते हुए टेकधर मंदिर पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। इसके बाद जुलूस कोतवाली परिसर स्थित शिव मंदिर पहुंचा, जहां श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं शांति की कामना की।यहां से डीजे की भक्तिमयी धुनों पर नाचते-गाते और झूमते हुए हजारों भक्तों का जनसैलाब बऊरहवा बाबा मंदिर पहुंचा और जलाभिषेक किया। अंत में जुलूस पुनः सुरसा मंदिर पहुंचकर धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ। इस भव्य आयोजन में नगर क्षेत्र के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों से भी भारी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे शामिल हुए।शिवभक्तों की सेवा और स्वागत के लिए पूरे जुलूस मार्ग पर स्थानीय नागरिकों व सामाजिक संगठनों द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। जगह-जगह श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शिकंजी, मिठाई और ताजे फलों के स्टाल लगाए गए थे, जहां लोगों ने कांवड़ियों की बढ़-चढ़कर सेवा की।जुलूस को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के लिए बांसी कोतवाली पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आई। कोतवाल मृत्युंजय पाठक एवं क्राइम इंस्पेक्टर रामनारायण दुबे पुलिस बल के साथ पूरे जुलूस मार्ग पर पैदल गश्त करते हुए साथ-साथ चले।इस भव्य धार्मिक आयोजन में मुख्य रूप से अमित त्रिपाठी, प्रेम शुक्ल, देवेश पांडेय, ऋषि श्रीवास्तव, मंगल चौरसिया, विष्णु जयसवाल, जगदम्बा मिश्रा, रवि माडेला, अजय शर्मा, अभय त्रिपाठी, ऋषि पांडेय, करन श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक व श्रद्धालु उपस्थित रहे।4
- सावन के प्रथम सोमवार पर मूड़ कटावा बाबा धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब खेसरहा (सिद्धार्थनगर)। सावन माह के प्रथम सोमवार को सथवा स्थित प्रसिद्ध मूड़ कटावा बाबा के स्थान पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही सैकड़ों-हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए मंदिर परिसर पहुंचे। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और प्रदेश की उन्नति की कामना की। मंदिर परिसर में दूर-दराज के गांवों सहित आसपास के जनपदों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं, लेकिन श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन कर जलाभिषेक किया। मंदिर परिसर और आसपास मेले जैसा माहौल देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी की। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। चौकी प्रभारी कुर्थिया उपनिरीक्षक बिरेंद्र कुमार यादव अपनी पूरी पुलिस टीम के साथ मंदिर परिसर एवं आसपास लगातार तैनात रहे। उन्होंने बताया कि भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे। श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन एवं जलाभिषेक कराने, यातायात को सुचारु बनाए रखने तथा किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए पुलिसकर्मी पूरे समय सक्रिय रहे। पुलिस की सतर्कता और सहयोग से पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न हुआ। श्रद्धालुओं ने बाबा मूड़ कटावा के दरबार में जलाभिषेक कर मनोकामनाएं मांगीं। पूरे दिन मंदिर परिसर में धार्मिक आस्था, भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।1
- बेलौहा से गाजे-बाजे के साथ रवाना हुए कांवड़िए, भगवान शिव की भव्य झांकी रही आकर्षण का केंद्र बेलौहा (सिद्धार्थनगर)। सावन माह के प्रथम सोमवार के अवसर पर बेलौहा स्थित बाबा लोकेश्वर नाथ मंदिर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु गाजे-बाजे और जयघोष के साथ बांसी स्थित राप्ती नदी के लिए जल लेने रवाना हुए। इस दौरान भगवान शिव की आकर्षक झांकी निकाली गई, जिसने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। पूरे मार्ग में "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। मंदिर अध्यक्ष घनश्याम गुप्ता ने बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धालु राप्ती नदी से पवित्र जल लाकर बाबा लोकेश्वर नाथ का जलाभिषेक करेंगे। यात्रा को लेकर मंदिर समिति की ओर से आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। थाना प्रभारी अनूप कुमार मिश्रा ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यात्रा मार्ग पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। भगवान शिव की झांकी, ढोल-नगाड़ों की धुन और भक्ति गीतों के बीच श्रद्धालु पैदल ही राप्ती नदी की ओर रवाना हुए।1
- गाजियाबाद में नोयडा के मन्नू गूजर 221 लीटर की विश्व की सबसे बड़ी कांवड़ लेकर आ रहे थे. कांवड़ के काफिले के ट्रैक्टर से एक एम्बुलेंस टरकाई जिसके कांवड़ खंडित हो गयी. कांवड़ियों ने सड़क जाम कर दी. बाद में पुलिस ने समझाकर मामले को शांत किया. गाजियाबाद में नोयडा के मन्नू गूजर 221 लीटर की विश्व की सबसे बड़ी कांवड़ लेकर आ रहे थे. कांवड़ के काफिले के ट्रैक्टर से एक एम्बुलेंस टरकाई जिसके कांवड़ खंडित हो गयी. कांवड़ियों ने सड़क जाम कर दी. बाद में पुलिस ने समझाकर मामले को शांत किया.1
- बाबा धाम में बडा सड़क हादसा चलती टेम्पू में आग लग गई हैं1