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*ग्राम पंचायत बरवानी विकासखंड घुघरी में शिक्षा का मंदिर नहीं देश के भविष्य नाला पार करके जा रहे स्कूल*

1 hr ago
user_Pankaj Jhariya
Pankaj Jhariya
News Anchor घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*ग्राम पंचायत बरवानी विकासखंड घुघरी में शिक्षा का मंदिर नहीं देश के भविष्य नाला पार करके जा रहे स्कूल*

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *ग्राम पंचायत बरवानी विकासखंड घुघरी में शिक्षा का मंदिर नहीं देश के भविष्य नाला पार करके जा रहे स्कूल*
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    *ग्राम पंचायत बरवानी विकासखंड घुघरी में शिक्षा का मंदिर नहीं देश के भविष्य नाला पार करके जा रहे स्कूल*
    user_Pankaj Jhariya
    Pankaj Jhariya
    News Anchor घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • नगर पालिका परिषद मंडला खुद गंदगी के ढेर में, कैसे पूरा होगा स्वच्छ मंडला का सपना साकार मंडला में स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका परिषद के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। एक तरफ शहर को स्वच्छ रखने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये का ठेका दिया गया है, तो वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका परिषद का अपना परिसर ही कचरे के ढेर में तब्दील नजर आ रहा है। तस्वीरें मंडला नगर पालिका परिषद के परिसर की हैं, जहां रोजाना कचरे का अंबार लगा नजर आता है। परिसर में खड़ी कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों में भी कचरा भरा हुआ दिखाई देता है। ऐसे में सवाल यह है कि जब नगर पालिका परिषद अपने ही परिसर को साफ और व्यवस्थित नहीं रख पा रही है, तो पूरे नगर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी किस तरह निभाई जा रही है? जानकारी के मुताबिक नगर पालिका क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए करीब 15 से 16 लाख रुपये का ठेका हुआ है। बताया जा रहा है कि लगभग 14 से 15 सफाई वाहनों के संचालन का प्रावधान था, लेकिन जमीनी स्थिति में महज 7 से 8 वाहन ही संचालित होते नजर आ रहे हैं। अगर ठेके में निर्धारित संख्या में वाहन नहीं चल रहे हैं, तो क्या नगर पालिका परिषद द्वारा इसकी नियमित निगरानी की जा रही है? और अगर निगरानी हो रही है, तो फिर व्यवस्था में यह कमी आखिर क्यों बनी हुई है? नगर पालिका परिसर में जमा कचरा न केवल स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रमण और दुर्गंध का खतरा भी बढ़ सकता है। स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन नगर पालिका के अपने परिसर की ये तस्वीरें उन दावों की हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं। एक ओर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद का अपना परिसर ही कचरे के ढेर से अटा पड़ा है। अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था पर कब तक संज्ञान लेते हैं और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल सवाल कई हैं— क्या ठेकेदार की लापरवाही के चलते व्यवस्था बदहाल है? क्या निर्धारित संख्या में वाहन वास्तव में संचालित हो रहे हैं? और सबसे बड़ा सवाल—क्या जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी और संरक्षण के अभाव में स्वच्छता व्यवस्था इस हालत में पहुंची है? अब जरूरत है कि नगर पालिका परिषद मंडला इन सवालों का जवाब दे और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई करे।
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    नगर पालिका परिषद मंडला खुद गंदगी के ढेर में, कैसे पूरा होगा स्वच्छ मंडला का सपना साकार 

मंडला में स्वच्छता अभियान को लेकर नगर पालिका परिषद के दावों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
एक तरफ शहर को स्वच्छ रखने के लिए डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के नाम पर लाखों रुपये का ठेका दिया गया है, तो वहीं दूसरी तरफ नगर पालिका परिषद का अपना परिसर ही कचरे के ढेर में तब्दील नजर आ रहा है।
तस्वीरें मंडला नगर पालिका परिषद के परिसर की हैं, जहां रोजाना कचरे का अंबार लगा नजर आता है।
परिसर में खड़ी कचरा संग्रहण करने वाली गाड़ियों में भी कचरा भरा हुआ दिखाई देता है।
ऐसे में सवाल यह है कि जब नगर पालिका परिषद अपने ही परिसर को साफ और व्यवस्थित नहीं रख पा रही है, तो पूरे नगर को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी किस तरह निभाई जा रही है?
जानकारी के मुताबिक नगर पालिका क्षेत्र में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण के लिए करीब 15 से 16 लाख रुपये का ठेका हुआ है।
बताया जा रहा है कि लगभग 14 से 15 सफाई वाहनों के संचालन का प्रावधान था, लेकिन जमीनी स्थिति में महज 7 से 8 वाहन ही संचालित होते नजर आ रहे हैं।
अगर ठेके में निर्धारित संख्या में वाहन नहीं चल रहे हैं, तो क्या नगर पालिका परिषद द्वारा इसकी नियमित निगरानी की जा रही है?
और अगर निगरानी हो रही है, तो फिर व्यवस्था में यह कमी आखिर क्यों बनी हुई है?
नगर पालिका परिसर में जमा कचरा न केवल स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है, बल्कि लंबे समय तक कचरा जमा रहने से संक्रमण और दुर्गंध का खतरा भी बढ़ सकता है।
स्वच्छता अभियान को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन नगर पालिका के अपने परिसर की ये तस्वीरें उन दावों की हकीकत पर सवाल खड़े कर रही हैं।
एक ओर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका परिषद का अपना परिसर ही कचरे के ढेर से अटा पड़ा है।
अब देखने वाली बात होगी कि जिम्मेदार अधिकारी इस अव्यवस्था पर कब तक संज्ञान लेते हैं और डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
फिलहाल सवाल कई हैं—
क्या ठेकेदार की लापरवाही के चलते व्यवस्था बदहाल है?
क्या निर्धारित संख्या में वाहन वास्तव में संचालित हो रहे हैं?
और सबसे बड़ा सवाल—क्या जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी और संरक्षण के अभाव में स्वच्छता व्यवस्था इस हालत में पहुंची है?
अब जरूरत है कि नगर पालिका परिषद मंडला इन सवालों का जवाब दे और स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ठोस कार्रवाई करे।
    user_Govardhan kushwaha
    Govardhan kushwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अज्ञात वाहन से टकराया मिनीट्रक, ड्राइवर की मौके पर मौत टिकरिया थाना क्षेत्र के बबैहा पुल के पास हुआ हादसा, हेल्पर गंभीर अज्ञात वाहन से टकराया मिनीट्रक, ड्राइवर की मौके पर मौत टिकरिया थाना क्षेत्र के बबैहा पुल के पास हुआ हादसा, हेल्पर गंभीर
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    अज्ञात वाहन से टकराया मिनीट्रक, ड्राइवर की मौके पर मौत
टिकरिया थाना क्षेत्र के बबैहा पुल के पास हुआ हादसा, हेल्पर गंभीर
अज्ञात वाहन से टकराया मिनीट्रक, ड्राइवर की मौके पर मौत
टिकरिया थाना क्षेत्र के बबैहा पुल के पास हुआ हादसा, हेल्पर गंभीर
    user_Prahlad Kachhwaha
    Prahlad Kachhwaha
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन मंडला में आज हल्ला-बोल राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन मंडला में आज हल्ला-बोल
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    राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
मंडला में आज हल्ला-बोल


राहुल गांधी पर FIR के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
मंडला में आज हल्ला-बोल
    user_Sanjay nanda
    Sanjay nanda
    Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
    20 hrs ago
  • 🌱 जैविक कृषि की आवश्यकता और वैश्विक संभावनाओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में एक माह चलेगा प्रशिक्षण, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह शहपुरा, डिण्डौरी | 1 सितंबर 2026 स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शहपुरा, जिला डिण्डौरी में मंगलवार को “जैविक कृषि : इसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावनाएं” विषय पर एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य पी.एस. वरकड़े के संरक्षण में किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य पी.एस. वरकड़े, जैविक कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू तथा प्रकाश झारिया सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कु. भूमिका ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया। 🌾 जंगल की प्राकृतिक व्यवस्था से सीखने की जरूरत : बिहारी लाल साहू प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति में पेड़-पौधों को अलग से यूरिया, कीटनाशक या कृत्रिम खाद देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, फिर भी जंगल के पेड़ उचित समय पर फलते-फूलते हैं। उन्होंने कहा कि “जंगल में जो प्राकृतिक नियम काम करता है, वही नियम हमारे खेतों में भी अपनाने की आवश्यकता है। यही प्राकृतिक कृषि का मूल सिद्धांत है।” उन्होंने सुरक्षित स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को महत्वपूर्ण बताया। 👨‍🎓 विद्यार्थियों में जैविक कृषि को लेकर खासा उत्साह कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक (सांख्यिकी) ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों ने बेहद उत्साह के साथ पंजीयन कराया है। गूगल फॉर्म के माध्यम से प्राप्त पंजीयनों की संख्या निर्धारित सीटों से लगभग दोगुनी रही, जो विद्यार्थियों की जैविक कृषि के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है। प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित किया जाएगा। इसमें शहर के विख्यात प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया विद्यार्थियों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देंगे। इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिवार के डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. बसंती चौहान, डॉ. कल्पना सागर, डॉ. खेमराज कनौजिया, डॉ. प्रीत नेगी, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. अंचल वर्मा, डॉ. राजू रैदास, डॉ. सी.एल. सहित अन्य शिक्षक भी जैविक कृषि की उपयोगिता एवं महत्व पर व्याख्यान देंगे। कार्यक्रम में श्री भगवत सिंह धुर्वे, डॉ. वीणा शिवहरे, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, श्री अभिषेक पटेल, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ. निहारिका सेंगर, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. परमेश कुमार साकेत, सुश्री कृति जैन, सुश्री आकांक्षा, डॉ. ए.के. झारिया सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    🌱 जैविक कृषि की आवश्यकता और वैश्विक संभावनाओं पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

शासकीय आदर्श महाविद्यालय शहपुरा में एक माह चलेगा प्रशिक्षण, विद्यार्थियों ने दिखाया उत्साह
शहपुरा, डिण्डौरी | 1 सितंबर 2026
स्वामी विवेकानंद करियर मार्गदर्शन योजना एवं उच्च शिक्षा विभाग, मध्यप्रदेश शासन के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में शासकीय आदर्श महाविद्यालय, शहपुरा, जिला डिण्डौरी में मंगलवार को “जैविक कृषि : इसकी आवश्यकता एवं वैश्विक संभावनाएं” विषय पर एक माह के प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के प्राचार्य पी.एस. वरकड़े के संरक्षण में किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्य पी.एस. वरकड़े, जैविक कृषि विशेषज्ञ एवं प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू तथा प्रकाश झारिया सहित महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। कु. भूमिका ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों एवं उपस्थितजनों का मन मोह लिया।
🌾 जंगल की प्राकृतिक व्यवस्था से सीखने की जरूरत : बिहारी लाल साहू
प्रशिक्षण में जैविक कृषि विशेषज्ञ बिहारी लाल साहू ने रासायनिक, जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रकृति में पेड़-पौधों को अलग से यूरिया, कीटनाशक या कृत्रिम खाद देने की आवश्यकता नहीं पड़ती, फिर भी जंगल के पेड़ उचित समय पर फलते-फूलते हैं।
उन्होंने कहा कि “जंगल में जो प्राकृतिक नियम काम करता है, वही नियम हमारे खेतों में भी अपनाने की आवश्यकता है। यही प्राकृतिक कृषि का मूल सिद्धांत है।” उन्होंने सुरक्षित स्वास्थ्य, मिट्टी की उर्वरता और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्राकृतिक एवं जैविक कृषि पद्धतियों को महत्वपूर्ण बताया।
👨‍🎓 विद्यार्थियों में जैविक कृषि को लेकर खासा उत्साह
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. नरेन्द्र सिंह ठाकुर, सहायक प्राध्यापक (सांख्यिकी) ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए विद्यार्थियों ने बेहद उत्साह के साथ पंजीयन कराया है। गूगल फॉर्म के माध्यम से प्राप्त पंजीयनों की संख्या निर्धारित सीटों से लगभग दोगुनी रही, जो विद्यार्थियों की जैविक कृषि के प्रति बढ़ती रुचि को दर्शाती है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो बैचों में संचालित किया जाएगा। इसमें शहर के विख्यात प्रशिक्षक बिहारी लाल साहू एवं प्रकाश झारिया विद्यार्थियों को जैविक एवं प्राकृतिक कृषि के विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण देंगे।
इसके अतिरिक्त महाविद्यालय परिवार के डॉ. अजय कुमार राय, डॉ. बसंती चौहान, डॉ. कल्पना सागर, डॉ. खेमराज कनौजिया, डॉ. प्रीत नेगी, डॉ. प्रतिभा उरमलिया, डॉ. अंचल वर्मा, डॉ. राजू रैदास, डॉ. सी.एल. सहित अन्य शिक्षक भी जैविक कृषि की उपयोगिता एवं महत्व पर व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम में श्री भगवत सिंह धुर्वे, डॉ. वीणा शिवहरे, डॉ. सुषमा मिश्रा, डॉ. ज्योति त्रिपाठी, श्री अभिषेक पटेल, डॉ. रश्मि चक्रवर्ती, डॉ. निहारिका सेंगर, डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. परमेश कुमार साकेत, सुश्री कृति जैन, सुश्री आकांक्षा, डॉ. ए.के. झारिया सहित महाविद्यालय के शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    वाइस ऑफ़ राइट्स न्यूज चैनल
    Voice of people डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *डिंडौरी01सितंबर2026* डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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    *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* 
*फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* 
*डिंडौरी01सितंबर2026* 
डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी।
उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
    user_लखन बर्मन
    लखन बर्मन
    पत्रकार Dindori, Madhya Pradesh•
    4 hrs ago
  • डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है *फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* *डिंडौरी01सितंबर2026* डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है। उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे। डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी। उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
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    डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है
*फार्मर आईडी बनवाने के लिए डिप्टी कलेक्टर बैधनाथ वासनिक ने की किसानों से अपील* 
*डिंडौरी01सितंबर2026* 
डिप्टी कलेक्टर श्री बैधनाथ वासनिक ने जिले के सभी किसान भाइयों से अपील की है कि जिन किसानों की फार्मर आईडी अभी तक नहीं बनी है, वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें। जिले में कुल 4 लाख 1 हजार 321 किसानों में से 1 लाख 50 हजार 297 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि 2 लाख 51 हजार 24 किसानों की फार्मर आईडी बनना अभी शेष है।
उन्होंने बताया कि किसानों की सुविधा के लिए जिले में विभिन्न स्थानों पर फार्मर आईडी बनाने हेतु कैंप लगाए जा रहे हैं। साथ ही राजस्व अधिकारी एवं संबंधित अमला घर-घर पहुंचकर भी किसानों की फार्मर आईडी बनाने का कार्य कर रहा है, ताकि कोई भी पात्र किसान इस सुविधा से वंचित न रहे।
डिप्टी कलेक्टर श्री वासनिक ने बताया कि फार्मर आईडी बनने से किसानों को शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं का लाभ लेने में सुविधा होगी। इसके माध्यम से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं, अनुदान एवं अन्य किसान कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सरल और सुगम होगी।
उन्होंने सभी किसान भाइयों से आग्रह किया है कि वे अपने नजदीकी कैंप, निर्धारित केंद्र अथवा घर पहुंचने वाले राजस्व अमले के सहयोग से समय पर अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं, ताकि भविष्य में शासन की किसान हितैषी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
    user_Ishwar prasad Sahu
    Ishwar prasad Sahu
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • *राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज में कांग्रेस जोरदार प्रदर्शन*
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    *राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज में कांग्रेस जोरदार  प्रदर्शन*
    user_Pankaj Jhariya
    Pankaj Jhariya
    News Anchor घुघरी, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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