दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार 💥 *बड़ी खबर*💥 *दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार* संयुक्त अरब अमीरात की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत भारतीय मूल के भगोड़े सतीश सनपाल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी, उनकी पत्नी ताबिंदा और उनसे जुड़ी ANAX होल्डिंग सहित चार कंपनियों की संपत्तियां अस्थायी रूप से फ्रीज कर दी हैं। नेटफ्लिक्स की 'Desi Bling' सीरीज में दिख चुके सनपाल के बैंक खातों, निवेश और डिजिटल वॉलेट को इस एहतियाती कानूनी कदम के तहत रोका गया है। जांच एजेंसियां सनपाल के वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई UAE द्वारा अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख का हिस्सा है। सतीश सनपाल पर क्रिकेट सट्टेबाजी से अरबों का सम्राज्य खड़ा करने का आरोप है, इसके सतना, शहडोल, कटनी जबलपुर सहित देश के कोने कोने में सफेदपोश लोग इसके पार्टनर बताए जाते है। जांच के बाद जल्द ही कई सफेदपोश सट्टेबाज बेनकाब होंगे। इनमें से कई सफेदपोश लोग लगातार इसके संपर्क में रहकर रियल स्टेट का कारोबार भी कर रहे है। भारत में भी सनपाल के खिलाफ सट्टेबाजी (IPL बेटिंग), हवाला नेटवर्क और धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ एक सक्रिय 'लुक-आउट सर्कुलर' भी जारी है । शहडोल में एक मामूली चाय के टपरे की दुकान से शुरुआत कर दुबई के बुर्ज खलीफा में आलीशान महल और अरबों का रियल एस्टेट साम्राज्य खड़ा करने वाले सतीश सनपाल की कहानी जितनी हैरान करने वाली है, उतनी ही अब विवादों से घिर चुकी है।
दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार 💥 *बड़ी खबर*💥 *दुबई: मनी लॉन्ड्रिंग जांच में भगोड़े सट्टेबाज सतीश सनपाल और उसकी पत्नी की UAE में कई संपत्तियां फ्रीज, सतना से भी जुड़े है तार* संयुक्त अरब अमीरात की फाइनेंशियल इंटेलिजेंस यूनिट ने मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत भारतीय मूल के भगोड़े सतीश सनपाल पर बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी, उनकी पत्नी ताबिंदा और उनसे जुड़ी ANAX होल्डिंग सहित चार कंपनियों की संपत्तियां अस्थायी रूप से फ्रीज कर दी हैं। नेटफ्लिक्स की 'Desi Bling' सीरीज में दिख चुके सनपाल के बैंक खातों, निवेश और डिजिटल वॉलेट को इस एहतियाती कानूनी कदम के तहत रोका गया है। जांच एजेंसियां सनपाल के वित्तीय लेनदेन और धन के स्रोतों की गहन पड़ताल कर रही हैं। यह कार्रवाई UAE द्वारा अवैध वित्तीय गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख का हिस्सा है। सतीश सनपाल पर क्रिकेट सट्टेबाजी से अरबों का सम्राज्य खड़ा करने का आरोप है, इसके सतना, शहडोल, कटनी जबलपुर सहित देश के कोने कोने में सफेदपोश लोग इसके पार्टनर बताए जाते है। जांच के बाद जल्द ही कई सफेदपोश सट्टेबाज बेनकाब होंगे। इनमें से कई सफेदपोश लोग लगातार इसके संपर्क में रहकर रियल स्टेट का कारोबार भी कर रहे है। भारत में भी सनपाल के खिलाफ सट्टेबाजी (IPL बेटिंग), हवाला नेटवर्क और धोखाधड़ी से जुड़े लगभग 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। उनके खिलाफ एक सक्रिय 'लुक-आउट सर्कुलर' भी जारी है । शहडोल में एक मामूली चाय के टपरे की दुकान से शुरुआत कर दुबई के बुर्ज खलीफा में आलीशान महल और अरबों का रियल एस्टेट साम्राज्य खड़ा करने वाले सतीश सनपाल की कहानी जितनी हैरान करने वाली है, उतनी ही अब विवादों से घिर चुकी है।
- जय श्री राम 🙏1
- सगरा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सेंधमारी के चार आरोपी गिरफ्तार, करीब 10 लाख के सोने-चांदी के आभूषण बरामद1
- एंकर इंट्रो: रीवा जिले में अब एम्बुलेंस मालिक ही अपने ड्राइवर से परेशान हैं। मामला ऐसा है जिसमें कर्ज, भरोसा और सामान गायब होने के आरोप सामने आए हैं। एम्बुलेंस मालिक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए न्याय की गुहार लगाई है। रीवा जिले के एम्बुलेंस मालिक राजा द्विवेदी ने अपने ड्राइवर दिनेश सोदिया, निवासी बेलवा, पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दिनेश पिछले लगभग एक वर्ष से उनकी एम्बुलेंस चलाता था। इसी दौरान उसकी मां की तबीयत खराब होने पर उसने इलाज के लिए 30 हजार रुपये उधार लिए और भरोसा दिलाया कि वह एम्बुलेंस चलाकर धीरे-धीरे पूरी रकम चुका देगा। एम्बुलेंस मालिक का आरोप है कि इसके बाद तो ड्राइवर काम पर लौटा तो जब मोटर मालिक उधार की राशि वापस मांगे तो ड्राइवर मलिक के खिलाफ भ्रमिक वीडियो और उनकी छवि धूमिल कर रहा है और इतना ही नहीं उनकी एम्बुलेंस से दो स्टेपनी और दो जैक भी गायब कर दिए गए, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है। पीड़ित एम्बुलेंस मालिक ने मामले की शिकायत पुलिस से करते हुए निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही आरोपों की पुष्टि हो सकेगी। कैमरामैन के साथ, पंडित विकास, News Rewa।1
- बलराम कृषि महोत्सव' में सीएम डॉ. मोहन यादव की वर्चुअल सहभागिता* _किसान कल्याण वर्ष में किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध_ *जनसम्पर्क खबरें - 2. *मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोपाल की शूटिंग अकादमी का किया भ्रमण* _खेल अधोसंरचना और खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के दिए निर्देश_ 3. *उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ला की केंद्रीय मंत्री किंजरापु राममोहन नायडू से सौजन्य भेंट* _9 अगस्त से रीवा-कोलकाता और रीवा-भोपाल विमान सेवा का होगा शुभारंभ_ 4. *मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के तहत किया पौधारोपण* _21 लाख पौधे लगाने और 51 हजार जल संचयन संरचना बनाने का संकल्प_ 5. *मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने नरसिंहपुर में 2.24 करोड़ की स्वास्थ्य अधोसंरचना का लोकार्पण किया* _गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार का विस्तार सरकार की प्राथमिकता_ 6. *मंत्री विश्वास सारंग ने भोपाल में सुनीं नागरिकों की समस्याएं* _निराकरण के लिए अधिकारियों को दिए त्वरित निर्देश_1
- पटवारियों की कलम थमी तो राजस्व कार्यों पर भी लगा विराम, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पटवारियों की अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू रामपुर बाघेलान। मध्य प्रदेश पटवारी संघ के बैनर तले रामपुर बाघेलान पटवारी संघ ने अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार से अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी। हड़ताल से पहले पटवारियों ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सुभाष मिश्रा को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों से अवगत कराया। इसके बाद कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमारी अहिरवार के नेतृत्व में सभी पटवारी हड़ताल पर बैठ गए। पटवारियों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के चलते राजस्व विभाग के कई कार्य प्रभावित होने की संभावना जताई जा रही है।1
- *दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर रीवा एनएसयूआई का जश्न, कॉलेज चौराहे पर पटाखे और मिठाई बांटकर मनाई खुशी, 'पूरे MP में कांग्रेस सरकार बनेगी'* *एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय बोले- ये जनता और लोकतंत्र की जीत। सैकड़ों कार्यकर्ता हुए शामिल* *रीवा।* मध्य प्रदेश के *दतिया विधानसभा उपचुनाव* में कांग्रेस प्रत्याशी *घनश्याम सिंह* की ऐतिहासिक जीत पर *रीवा एनएसयूआई* कार्यकर्ताओं ने जमकर जश्न मनाया। *3 अगस्त 2026* को कॉलेज चौराहे पर कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया। *'दतिया तो झांकी है, MP में कांग्रेस सरकार बनेगी'* इस मौके पर *एनएसयूआई जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय* ने कहा कि यह जीत लोकतंत्र और जनता के विश्वास की जीत है। उन्होंने कहा कि "भाजपा सरकार लगातार युवाओं, किसानों और छात्रों की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। दतिया की जनता ने अपने जनादेश से इसका जवाब दिया है।" पंकज उपाध्याय ने आगे कहा, *"दतिया तो सिर्फ झांकी है, पूरे मध्य प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनना अभी बाकी है।"* *लोकतंत्र और संविधान की जीत बताया* एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने इस जीत को लोकतंत्र, संविधान और जनभावनाओं की जीत बताया। जश्न के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर कांग्रेस की ऐतिहासिक जीत का जश्न मनाया। *कौन-कौन रहे मौजूद* जश्न में प्रमुख रूप से *अखंड प्रताप सिंह, यूथ कांग्रेस उपाध्यक्ष शिवम मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष सत्यम मिश्रा, रॉबिंसन साकेत, अभिराज बौद्ध, रीवा विधानसभा अध्यक्ष संस्कार त्रिपाठी, विश्वविद्यालय इकाई अध्यक्ष विशू वर्धन सिंह, प्रतीक द्विवेदी, सानुराग सिंह* सहित सैकड़ों की संख्या में एनएसयूआई और कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे 💥 *बड़ी खबर*💥 *कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे का शर्मनाक बयान।* राज्य पुलिस भर्ती परीक्षा में कथित गड़बड़ियों पर कहा- “पहले छात्र 25 दिन भूख हड़ताल करे, फिर हम उन पर लाठी चार्ज करेंगे, उसके बाद मैं इस्तीफ़ा देने पर विचार करूँगा, तब तक हम प्रदर्शन कर रहे छात्रों को गिरफ्तार करेंगे” बारहवीं पास खड़गे जूनियर कर्नाटक के आईटी मिनिस्टर हैं और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के पुत्र हैं।1
- 1: सड़को पर उतरे छात्र और गूंजते नारे अस्पताल परिसर/सड़क के बाहर बड़ी संख्या में सफेद कोट (एप्रन) पहने मेडिकल छात्र और इंटर्न्स एकत्र हैं। वे हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। छात्रों के नारे "अबकी बार... 30 हजार!" "न हम किसी से भीख मांगते... हम अपना अधिकार मांगते!" "भारत माता की जय!" "रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज (SSMC) परिसर के बाहर आज उस समय माहौल गरमा गया, जब सैकड़ों की संख्या में मेडिकल इंटर्न्स और छात्र सड़कों पर उतर आए। हाथों में बैनर-पोस्टर थामे इन भावी डॉक्टरों का गुस्सा साफ देखा जा सकता है। विरोध का अनूठा तरीका और मांगें छात्र बड़े-बड़े पोस्टर और चार्ट प्रदर्शित करते हैं, जिस पर लिखा है (14,377 to 30,000) "प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे देश के अन्य राज्यों की तुलना में बेहद कम स्टाइपेंड पर काम करने को मजबूर हैं। 'एक देश, एक स्टाइपेंड' के नारे के साथ छात्र मांग कर रहे हैं कि उनका स्टाइपेंड बढ़ाकर कम से कम ₹30,000 किया जाए।" एक रिपोर्टर/पत्रकार छात्र से माइक पर बात करता है। छात्र अपनी समस्याएं और मांगें सामने रखता है। "हमारी मुख्य मांग स्टाइपेंड बढ़ाने को लेकर है। वर्तमान में हमें लगभग ₹14,000 ही मिलते हैं, जो कि बहुत कम है। अन्य राज्यों में इंटर्न्स को इससे कहीं अधिक स्टाइपेंड मिलता है, जबकि मध्यप्रदेश में स्थिति सबसे खराब है। हमारी मांग है कि इसे बढ़ाकर ₹30,000 किया जाए, क्योंकि जितनी मेहनत और ड्यूटी हम करते हैं, उसके हिसाब से यह न्यायसंगत नहीं है।" "छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी वाजिब मांगों को पूरा नहीं किया गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए बाध्य होंगे।1
- सात दिन से चल रहे नौढ़िया गांव के अनशन पर अगस्त क्रांति मंच के संयोजक एवं समाजसेवी कुंजबिहारी तिवारी का बयान "नौढ़िया के शिक्षित युवा पिछले सात दिनों से हनुमान मंदिर के चबूतरे पर शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अनशन कर रहे हैं। वे न तो सड़क जाम कर रहे हैं, न किसी सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं और न ही कानून-व्यवस्था बिगाड़ रहे हैं। उनकी केवल एक मांग है—वर्षों से लंबित शिकायतों की निष्पक्ष जांच। इसके बावजूद प्रशासन का मौन रहना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। क्या प्रशासन किसी अप्रिय घटना का इंतजार कर रहा है? यदि शिकायतें झूठी हैं तो तत्काल जांच कर दूध का दूध और पानी का पानी कर दिया जाए। लेकिन यदि शिकायतें सही हैं, तो दोषियों को संरक्षण देने की बजाय उनके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। लोकतंत्र में जनता की आवाज को अनदेखा करना किसी भी जिम्मेदार प्रशासन की पहचान नहीं हो सकती। सात दिनों से अनशन कर रहे युवाओं की सुध तक न लेना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। अगस्त क्रांति मंच इस आंदोलन का पूर्ण नैतिक समर्थन करता है और जिला प्रशासन को चेतावनी नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक आग्रह करता है कि तत्काल अनशनकारियों से संवाद स्थापित करे, निष्पक्ष जांच का लिखित आश्वासन दे और मामले का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करे। यदि इसके बाद भी प्रशासन मौन रहा और आंदोलन लंबा खिंचा, तो इसकी पूरी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।"1