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इस पोस्ट में सच्ची और हृदयस्पर्शी पंक्तियों के माध्यम से प्रेरणादायक उद्धरणों और कहानियों को साझा किया गया है।
Deepak Kumar
इस पोस्ट में सच्ची और हृदयस्पर्शी पंक्तियों के माध्यम से प्रेरणादायक उद्धरणों और कहानियों को साझा किया गया है।
More news from बिहार and nearby areas
- इस पोस्ट में सच्ची और हृदयस्पर्शी पंक्तियों के माध्यम से प्रेरणादायक उद्धरणों और कहानियों को साझा किया गया है।1
- बिहार सरकार के पिछड़ा एवं अतिपिछड़ा समाज कल्याण मंत्री श्री रामा निषाद जी ने कटरा प्रखंड मुख्यालय का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न सरकारी योजनाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की। मंत्री जी ने आम लोगों की समस्याओं को भी सुना और जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी ली।1
- मुजफ्फरपुर के मुशहरी प्रखंड कार्यालय में एक तीन दिवसीय सहयोग सह जन कल्याण शिविर का शुभारंभ किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पंचायत के लोगों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल समाधान करना है।1
- kya is ladki ko insaf milega apni ray comment box me jarur bataye1
- यह पोस्ट भारत के महान क्रांतिकारियों महात्मा भगत सिंह, महात्मा राम प्रसाद बिस्मिल, महात्मा चंद्रशेखर आजाद और महात्मा सचिंद्र नाथ सान्याल को 'राइट टू रिकॉल' के संदर्भ में उल्लेख करती है। इन सभी हस्तियों को राष्ट्र के लिए उनके योगदान के लिए 'महात्मा' कहकर संबोधित किया गया है।1
- सत्य की आवाज को दबाना बंद करो" – दरभंगा में पत्रकारों ने निकाला ऐतिहासिक शांतिपूर्ण पैदल मार्च। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ यानी कि पत्रकारिता, आज खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। जब सच दिखाने वालों पर ही झूठे मुकदमे दर्ज होने लगें, तो सवाल उठना लाजिमी है। मामला बिहार के दरभंगा जिले का है, जहाँ पिछले कुछ समय से पत्रकारों पर लगातार हमले, उत्पीड़न और बिना जांच-पड़ताल के एकतरफा कानूनी कार्रवाई के मामले सामने आ रहे हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर आज दरभंगा के तमाम मीडियाकर्मी 'पत्रकार मित्र' के बैनर तले एकजुट हुए। पत्रकारों ने 'प्रेस क्लब दरभंगा' से लेकर कलेक्ट्रेट और टावर चौक तक एक विशाल और शांतिपूर्ण पैदल मार्च निकाला। इस दौरान पत्रकारों के हाथों में एक बड़ा बैनर था, जिस पर साफ लिखा था पत्रकारों पर झूठे मुकदमों, उत्पीड़न एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे हमलों के विरोध में शांतिपूर्ण पैदल मार्च। इस मार्च के बाद पत्रकारों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन के आला अधिकारियों से मुलाकात की। जैसा कि आप इस आधिकारिक दस्तावेज और इसके अगले हिस्से में देख सकते हैं, पुलिस उप महानिरीक्षक (DIG) महोदय और जिला पदाधिकारी (DM) को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपा गया है। इस ज्ञापन पर संजय कुमार, अभिषेक कुमार, लाल बाबु बीरु सहित जिले के करीब 30 प्रमुख पत्रकारों के हस्ताक्षर हैं, जिनकी सूची आप फाइल में भी देख सकते हैं। इसके अलावा, वैशाली (हाजीपुर) से जुड़े एक अन्य मामले का जिक्र भी सामने आया है, जिसकी शिकायत प्रति आप फाइल और इसकी प्रतिलिपि में देख सकते हैं, जो सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें फैलाने के खिलाफ दर्ज कराई गई थी। दरभंगा के पत्रकारों की मुख्य मांगें बेहद स्पष्ट और न्यायसंगत हैं: किसी भी पत्रकार पर प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने से पहले स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाए।एफआईआर से पहले संबंधित पत्रकार को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिले। मामले की शुरुआती जांच कम से कम डीएसपी (DSP) स्तर के सीनियर अधिकारी से कराई जाए। बिना पर्याप्त जांच और तथ्यों के सत्यापन के पत्रकारों की गिरफ्तारी या कोई भी कठोर कार्रवाई तुरंत रोकी जाए। इस मार्च के दौरान मीडियाकर्मियों ने साफ किया कि वे भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी आवाज दबाने नहीं देंगे। अधिकारियों ने भी आश्वासन दिया है कि जल्द ही एसएसपी के अवकाश से लौटने पर एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी और सभी थानों को इसके लिए उचित निर्देश जारी किए जाएंगे। अब देखना यह है कि प्रशासन के इस आश्वासन के बाद धरातल पर पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर क्या बदलाव आता है।1
- दरभंगा में ट्रैफिक पुलिस ने बिना हेलमेट पहने वाहन चालकों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की है। इस अचानक और तेज अभियान के कारण इलाके में हड़कंप मच गया है, जहाँ पुलिस धड़ाधड़ उन लोगों पर शिकंजा कस रही थी जो बिना हेलमेट के वाहन चला रहे थे।1
- बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में स्थित दादर पुल की हालत बेहद जर्जर है, लेकिन इसके बावजूद पुल से भारी वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। पुल की खराब स्थिति को देखते हुए चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और गार्टर भी लगाए गए थे, ताकि भारी वाहनों को रोका जा सके।1