ईद मिलादुन्नबी को लेकर मस्जिदों और घरों में की आकर्षक सजावट पादूकलां,,पादूकलां कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ईद मिलादुन्नबी यानी बारावफात को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कस्बे की प्रमुख मस्जिदों और घरों को आकर्षक रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया गया है। शाम होते ही रोशनी से जगमगाते धार्मिक स्थल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पादूकलां कस्बे की हैं, जहां ईद मिलादुन्नबी को लेकर खास तैयारियां देखने को मिल रही हैं। सदर बाजार स्थित मदीना मस्जिद, अजमेर रोड स्थित नूरानी मस्जिद एवं मदरसा और कादरी मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर आकर्षक सजावट की गई है। मस्जिदों के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने घरों को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया है। पर्व को लेकर बाजार और कस्बे के विभिन्न इलाकों में भी उत्साह नजर आ रहा है। लोग अपने स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मदीना मस्जिद के मौलाना हाजी साबिर हुसैन, नूरानी मस्जिद के मौलाना अल्ताफ हुसैन, मौलाना राशिद हुसैन और मौलाना अब्दुल रहीम ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी का पर्व अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।ईद मिलादुन्नबी को लेकर कस्बे के मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह है। मस्जिदों पर की गई आकर्षक रोशनी और सजावट पर्व की रौनक बढ़ा रही है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग पर्व की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पादूकलां में ईद मिलादुन्नबी को लेकर तैयारियां जारी हैं। मस्जिदों और घरों पर की गई आकर्षक सजावट से कस्बे में पर्व का माहौल दिखाई देने लगा है।पादूकलां में ईद मिलादुन्नबी को लेकर उत्साह रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाईं मस्जिदें मुस्लिम समाज ने की पर्व की तैयारियां तेज
ईद मिलादुन्नबी को लेकर मस्जिदों और घरों में की आकर्षक सजावट पादूकलां,,पादूकलां कस्बे सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ईद मिलादुन्नबी यानी बारावफात को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह का माहौल है। पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। कस्बे की प्रमुख मस्जिदों और घरों को आकर्षक रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से सजाया गया है। शाम होते ही रोशनी से जगमगाते धार्मिक स्थल लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। पादूकलां कस्बे की हैं, जहां ईद मिलादुन्नबी को लेकर खास तैयारियां देखने को मिल रही हैं। सदर बाजार स्थित मदीना मस्जिद, अजमेर रोड स्थित नूरानी मस्जिद एवं मदरसा और कादरी मस्जिद सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर आकर्षक सजावट की गई है। मस्जिदों के साथ मुस्लिम समाज के लोगों ने अपने घरों को भी रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया है। पर्व को लेकर बाजार और कस्बे के विभिन्न इलाकों में भी उत्साह नजर आ रहा है। लोग अपने स्तर पर तैयारियों
को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मदीना मस्जिद के मौलाना हाजी साबिर हुसैन, नूरानी मस्जिद के मौलाना अल्ताफ हुसैन, मौलाना राशिद हुसैन और मौलाना अब्दुल रहीम ने बताया कि ईद मिलादुन्नबी का पर्व अकीदत और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दौरान धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे तथा पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जीवन और उनकी शिक्षाओं का संदेश लोगों तक पहुंचाया जाएगा।ईद मिलादुन्नबी को लेकर कस्बे के मुस्लिम समाज में विशेष उत्साह है। मस्जिदों पर की गई आकर्षक रोशनी और सजावट पर्व की रौनक बढ़ा रही है। आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी लोग पर्व की तैयारियों में जुटे हुए हैं। पादूकलां में ईद मिलादुन्नबी को लेकर तैयारियां जारी हैं। मस्जिदों और घरों पर की गई आकर्षक सजावट से कस्बे में पर्व का माहौल दिखाई देने लगा है।पादूकलां में ईद मिलादुन्नबी को लेकर उत्साह रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगाईं मस्जिदें मुस्लिम समाज ने की पर्व की तैयारियां तेज
- रियां बड़ी के विजय बाग में गुरुवार से शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। इस कथा का आयोजन भगवान राम माली और रामगोपाल सामरिया द्वारा किया जा रहा है। कथा का वाचन अजमेर के संत उत्तम राम जी शास्त्री करेंगे। कथा शुरू होने से पहले रियां बड़ी में एक धार्मिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। शोभायात्रा मेला मैदान से शिव-पार्वती की भव्य झांकियों के साथ शुरू हुई। आयोजकों के अनुसार, ये झांकियां विशेष रूप से महाकाल उज्जैन से लाई गई थीं। शिव-पार्वती की इन आकर्षक झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेला मैदान पहुंचे। इसके बाद कबूतर चौक से 251 कलशों के साथ महिलाओं की कलश यात्रा प्रारंभ हुई। कलश यात्रा के साथ बाबा महाकाल की पालकी भी निकाली गई। भगवान शिव के रियां बड़ी में आगमन को बड़े घोड़ों के साथ नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया गया। शोभायात्रा मेला मैदान से रवाना होकर बाजार चौराहा, कबूतर चौक, राईका बाग और मुख्य बस स्टैंड होते हुए विजय बाग पहुंची। रास्ते में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं और संतों का स्वागत किया। इस विशाल रैली में डीजे, मारवाड़ी नृत्य, गैर नृत्य और ढोल-नगाड़ों की धुनें माहौल को भक्तिमय बना रही थीं। संतों के लिए विशेष रूप से पांच रथ तैयार किए गए थे। वहीं, गांव के पांच मौजूदा लोगों को 16 सफेद घोड़ों पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव के जयकारों से रियां बड़ी गूंज उठा। शोभायात्रा के दौरान कई स्थानों पर भगवान शिव की अन्य झांकियां भी निकाली गईं। यात्रा के विजय बाग पहुंचने पर इसका समापन हुआ, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और संत मौजूद थे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पादू कला थाना अधिकारी राजेश कुमार मीणा के नेतृत्व में श्रवण लालरिया, शिवरतन, कुशल मीणा, नीरज, संतोष सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा। कथा के आगामी दिनों में संत उत्तम राम जी शास्त्री भगवान शिव की महिमा और शिव महापुराण से जुड़े धार्मिक प्रसंगों का वाचन करेंगे। रियां बड़ी के विजय बाग में गुरुवार से शिव महापुराण कथा का शुभारंभ हुआ। इस कथा का आयोजन भगवान राम माली और रामगोपाल सामरिया द्वारा किया जा रहा है। कथा का वाचन अजमेर के संत उत्तम राम जी शास्त्री करेंगे। कथा शुरू होने से पहले रियां बड़ी में एक धार्मिक शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु और ग्रामीण शामिल हुए। शोभायात्रा मेला मैदान से शिव-पार्वती की भव्य झांकियों के साथ शुरू हुई। आयोजकों के अनुसार, ये झांकियां विशेष रूप से महाकाल उज्जैन से लाई गई थीं। शिव-पार्वती की इन आकर्षक झांकियों को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मेला मैदान पहुंचे। इसके बाद कबूतर चौक से 251 कलशों के साथ महिलाओं की कलश यात्रा प्रारंभ हुई। कलश यात्रा के साथ बाबा महाकाल की पालकी भी निकाली गई। भगवान शिव के रियां बड़ी में आगमन को बड़े घोड़ों के साथ नाटकीय रूप में प्रस्तुत किया गया। शोभायात्रा मेला मैदान से रवाना होकर बाजार चौराहा, कबूतर चौक, राईका बाग और मुख्य बस स्टैंड होते हुए विजय बाग पहुंची। रास्ते में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं और संतों का स्वागत किया। इस विशाल रैली में डीजे, मारवाड़ी नृत्य, गैर नृत्य और ढोल-नगाड़ों की धुनें माहौल को भक्तिमय बना रही थीं। संतों के लिए विशेष रूप से पांच रथ तैयार किए गए थे। वहीं, गांव के पांच मौजूदा लोगों को 16 सफेद घोड़ों पर बैठाकर नगर भ्रमण कराया गया। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव के जयकारों से रियां बड़ी गूंज उठा। शोभायात्रा के दौरान कई स्थानों पर भगवान शिव की अन्य झांकियां भी निकाली गईं। यात्रा के विजय बाग पहुंचने पर इसका समापन हुआ, जहां हजारों की संख्या में ग्रामीण और संत मौजूद थे। शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पादू कला थाना अधिकारी राजेश कुमार मीणा के नेतृत्व में श्रवण लालरिया, शिवरतन, कुशल मीणा, नीरज, संतोष सहित पुलिस जाप्ता तैनात रहा। कथा के आगामी दिनों में संत उत्तम राम जी शास्त्री भगवान शिव की महिमा और शिव महापुराण से जुड़े धार्मिक प्रसंगों का वाचन करेंगे।1
- गांव आबसर से बॉलीवुड तक पहुंचा गिरधर स्वामी 18 साल से बॉलीवुड में सक्रिय, 75 से अधिक फीचर फिल्मों और कई शॉर्ट फिल्मों में निभा चुके हैं कास्टिंग डायरेक्टर की भूमिका छापर। कस्बे के निकटवर्ती छोटे से गांव आबसर की मिट्टी से निकलकर मुंबई की मायानगरी में अपनी अलग पहचान बनाने वाले गिरधर स्वामी का सफर संघर्ष, मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण की कहानी है। महज 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर मुंबई पहुंचे स्वामी ने फिल्म इंडस्ट्री की बारीकियों को समझते हुए कास्टिंग के क्षेत्र में कदम रखा और निरंतर मेहनत के दम पर बतौर कास्टिंग डायरेक्टर अपनी पहचान कायम की। फिल्म इंडस्ट्री में करीब 18 वर्षों से सक्रिय गिरधर स्वामी अब तक 75 से अधिक फीचर फिल्मों, 10 से अधिक शॉर्ट फिल्मों और 15 से अधिक म्यूजिक वीडियो की कास्टिंग में योगदान दे चुके हैं। उनके अनुभव की फेहरिस्त में ‘अंधाधुन’, ‘राउड़ी राठौर’, ‘वजीर’, ‘सनम तेरी कसम’, ‘बाबूमोशाय बंदूकबाज’, ‘कुली नंबर 1’, ‘यारियां 2’, ‘वेलकम टू द जंगल’ और ‘वेलकम 3’ जैसी फिल्मों के नाम शामिल हैं। 19 साल की उम्र में छोड़ा गांव, मुंबई को बनाया कर्मभूमि आबसर से मुंबई तक का सफर गिरधर स्वामी के लिए आसान नहीं था। 19 वर्ष की उम्र में घर से निकलकर उन्होंने मायानगरी का रुख किया। शुरुआत में फिल्म इंडस्ट्री की कार्यप्रणाली को समझना और सही लोगों से जुड़ना उनके सामने बड़ी चुनौती थी। करीब तीन-चार वर्ष तक लगातार काम करने और सीखने के बाद उन्होंने इंडस्ट्री की कार्यशैली को करीब से समझा। स्वामी बताते हैं कि शुरुआत के चार साल बड़ी कठिनाई के साथ बीते लेकिन लक्ष्य स्पष्ट था,मंजिल तक पहुंचने के लिए धैर्य के साथ लगातार सीखना और मेहनत करना जरूरी था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटाया। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में आगे बढ़ने के लिए निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और धैर्य बेहद जरूरी है।समय के साथ आज मुझे इंडस्ट्री में अच्छी पहचान मिली है। ‘3 इडियट्स’ से मिली बड़ी शुरुआत गिरधर स्वामी के फिल्मी सफर का महत्वपूर्ण पड़ाव राजकुमार हिरानी की चर्चित फिल्म ‘3 इडियट्स’ रहा। स्वामी इसे अपने करियर की बड़ी शुरुआत मानते हैं। उस समय वे इंडस्ट्री में नए थे और उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह फिल्म इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी। ‘3 इडियट्स’ के अनुभव ने उन्हें फिल्म जगत को करीब से समझने और आगे बढ़ने का आत्मविश्वास दिया। इसके बाद उनके काम का दायरा लगातार बढ़ता गया और वे फिल्मों में कलाकारों की तलाश तथा उनके चयन से जुड़े कार्यों में सक्रिय होते गए। चेहरे से ज्यादा किरदार की जरूरत को समझना जरूरी गिरधर स्वामी के अनुसार कास्टिंग डायरेक्टर का काम केवल किसी कलाकार का चेहरा देखकर चयन करना नहीं है। इसके लिए यह समझना जरूरी होता है कि कोई कलाकार किसी विशेष किरदार के लिए कितना उपयुक्त है। कलाकार की अभिनय क्षमता, संवाद अदायगी और किरदार की जरूरत को समझकर सही चयन करना कास्टिंग डायरेक्टर की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। अब ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग की जिम्मेदारी इन दिनों गिरधर स्वामी बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा की फिल्म ‘तेरा साईं’ की कास्टिंग से जुड़े हुए हैं। फिल्म प्रेम, करुणा और सेवा के संदेश पर आधारित बताई जा रही है। फिल्म के लिए कलाकारों के चयन की जिम्मेदारी भी स्वामी निभा रहे हैं। युवाओं के लिए प्रेरणा बना आबसर से मुंबई तक का सफर गांव आबसर से निकलकर बॉलीवुड तक पहुंचे गिरधर स्वामी की कहानी ग्रामीण और छोटे शहरों के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उनका सफर बताता है कि बड़े शहरों और बड़ी इंडस्ट्री तक पहुंचने के लिए केवल बड़े शहर से होना जरूरी नहीं, बल्कि लक्ष्य के प्रति स्पष्टता, लगातार मेहनत और सीखने का जज्बा भी उतना ही महत्वपूर्ण है। आबसर की गलियों से शुरू हुआ गिरधर स्वामी का सफर आज मुंबई की फिल्म इंडस्ट्री तक पहुंच चुका है। करीब दो दशक के अनुभव के बाद भी वे लगातार नए प्रोजेक्ट्स और नए कलाकारों के साथ काम कर रहे हैं। यही निरंतरता उनके सफर को खास बनाती है।3
- रणजीतपुरा में दो आरोपियों की 41 लाख 85 हजार की संपत्ति फ्रीज, 68एफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई1
- 🚨 बीकानेर में नो एंट्री की अनदेखी बनी जानलेवा! नयाशहर थाना क्षेत्र के चूंगी नाके के पास नो एंट्री में घुसे ट्रक ने बाइक सवार 60 वर्षीय अब्दुल रहमान को चपेट में ले लिया। हादसा इतना भीषण था कि बुजुर्ग की मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक बाइक सहित उन्हें कुछ दूरी तक घसीटता ले गया। हादसे के बाद आक्रोशित लोगों ने रास्ता जाम कर विरोध जताया। सूचना पर नयाशहर, मुक्ता प्रसाद और कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। बाद में सीओ सिटी अनुज डाल ने लोगों से समझाइश कर जाम खुलवाया। शव को पीबीएम अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक नो एंट्री होने के बावजूद बड़े मालवाहक वाहन क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं। लोगों ने प्रशासन से नो एंट्री व्यवस्था की सख्ती से पालना कराने और हादसों पर अंकुश लगाने की मांग की। #Bikaner #BikanerNews #RoadAccident #RajasthanNews #Traffic1
- Bikaner local news today breaking update MasterChef India फेम और 'सीधी मारवाड़ी' की संस्थापक कौशल्या चौधरी आज 20 अगस्त 2026 को बीकानेर में अपने नए 'सीधी मारवाड़ी' स्टोर का शुभारंभ करने आ रही हैं। इस स्टोर में पारंपरिक तरीके से तैयार शुद्ध मसाले और कच्ची घानी तेल उपलब्ध होंगे।सीधी मारवाड़ी स्टोर बीकानेर तारीख: 20 अगस्त 2026 स्थान: जेएनवी व्यास कॉलोनी मूर्ति सर्किल के पास बीकानेर, राजस्थान मुख्य उत्पाद: पत्थर की चक्की से पिसे पारंपरिक मसाले और कच्ची घानी तेल #bikaner #news #hindi1
- RUHS में 12 साल बाद बड़ी भर्ती राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) में 83 पदों पर टीचिंग स्टाफ की भर्ती को सरकार की मंजूरी मिल गई है। लंबे इंतजार के बाद भर्ती का रास्ता साफ हुआ।1
- देश की जनता सब देख रही है और ‘वंदे मातरम्’ का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी-केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा ‘वंदे मातरम्’ के केवल दो छंदों के गायन का निर्णय उसकी तुष्टिकरण की राजनीति को फिर उजागर करता है। 1937 में भी कांग्रेस ने इसकी मूल भावना से समझौता किया था और आज भी वही मानसिकता दिखाई दे रही है। यह बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय जी और उनकी अमर रचना ‘वंदे मातरम्’ का अपमान है। जिन स्वतंत्रता सेनानियों ने ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष करते हुए मातृभूमि के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया, उनके त्याग और बलिदान का सम्मान करना हम सभी का दायित्व है। देश की जनता सब देख रही है और ‘वंदे मातरम्’ का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगीकेंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह1
- वार्ड 62 से RLP के उम्मीदवार हसन बिहानी , बोले- विकास के मामले में काफी पिछड़ा है हमारा वार्ड नगर निकाय चुनाव को लेकर वार्ड नंबर 62 से RLP पार्टी की ओर से उम्मीदवार हसन बिहानी चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में हैं। उन्होंने अपने वार्ड की समस्याओं और मौजूदा हालात को लेकर बात की। उनका कहना है कि वार्ड विकास के मामले में काफी पिछड़ा हुआ है और यहां कई मूलभूत सुविधाओं की जरूरत है।1
- भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों को नए 'KYC धोखाधड़ी' स्कैम के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें स्कैमर्स बैंक अधिकारी बनकर अकाउंट ब्लॉक होने की धमकी देकर आपकी जरूरी जानकारी पा सकते हैं। बेटी1