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*शहर में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा* *काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने चलाया अभियान, सपेरों को दी चेतावनी* *ब्यूरो भगवत सिंह लोधी* दमोह। शहर में सोमवार को काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्नेक रेस्क्यू मिशन चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप मिलने की सूचनाओं पर टीम मौके पर पहुंची और सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभियान का उद्देश्य सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित बचाना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना रहा। टीम ने लोगों से अपील की कि घर, दुकान, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें। सपेरों को दी चेतावनी अभियान के दौरान सांपों को पकड़कर रखने और उनका प्रदर्शन करने वाले सपेरों को भी चेतावनी दी गई। टीम ने कहा कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना, उनका अवैध प्रदर्शन करना या उनके साथ क्रूरता करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। सांपों सहित कई वन्यजीवों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है। टीम ने बताया कि सपेरों द्वारा सांपों को लंबे समय तक कैद में रखना, उनके साथ छेड़छाड़ करना और प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संगठनों द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाए जाते हैं। अभियान में काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक प्रांशुल पारोचे, पत्रकार विनय अहिरवार, राज असाटी, ध्रुव चौरसिया, ओम, दीपक चौधरी, सौरभ चौधरी, तनुज सहित वन विभाग के अधिकारी और पूरी टीम मौजूद रही। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। “सांप हमारे दुश्मन नहीं, प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि लोगों में सांपों को लेकर व्याप्त डर और गलत धारणाओं को दूर करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लोगों से अपील की गई कि सांप दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं, उसे परेशान न करें और न ही खुद पकड़ने का प्रयास करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने संदेश दिया— “सांप बचाएं, प्रकृति बचाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनें।” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि दमोह में वन्यजीव संरक्षण को लेकर ऐसे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

1 hr ago
user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
भगवत सिंह लोधी पत्रकार
Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*शहर में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा* *काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने चलाया अभियान, सपेरों को दी चेतावनी* *ब्यूरो भगवत सिंह लोधी* दमोह। शहर में सोमवार को काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्नेक रेस्क्यू मिशन चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप मिलने की सूचनाओं पर टीम मौके पर पहुंची और सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभियान का उद्देश्य सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित बचाना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना रहा। टीम ने लोगों से अपील की कि घर, दुकान, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें। सपेरों को दी चेतावनी अभियान के दौरान सांपों को पकड़कर रखने और उनका प्रदर्शन करने वाले सपेरों को भी चेतावनी दी गई। टीम ने कहा कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना, उनका अवैध प्रदर्शन करना या उनके साथ क्रूरता करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। सांपों सहित कई वन्यजीवों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है। टीम ने बताया कि सपेरों द्वारा सांपों को लंबे समय तक कैद में रखना, उनके साथ छेड़छाड़ करना और प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संगठनों द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाए जाते हैं। अभियान में काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक प्रांशुल पारोचे, पत्रकार विनय अहिरवार, राज असाटी, ध्रुव चौरसिया, ओम, दीपक चौधरी, सौरभ चौधरी, तनुज सहित वन विभाग के अधिकारी और पूरी टीम मौजूद रही। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। “सांप हमारे दुश्मन नहीं, प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि लोगों में सांपों को लेकर व्याप्त डर और गलत धारणाओं को दूर करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लोगों से अपील की गई कि सांप दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं, उसे परेशान न करें और न ही खुद पकड़ने का प्रयास करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने संदेश दिया— “सांप बचाएं, प्रकृति बचाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनें।” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि दमोह में वन्यजीव संरक्षण को लेकर ऐसे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।

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  • *शहर में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा* *काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने चलाया अभियान, सपेरों को दी चेतावनी* *ब्यूरो भगवत सिंह लोधी* दमोह। शहर में सोमवार को काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्नेक रेस्क्यू मिशन चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप मिलने की सूचनाओं पर टीम मौके पर पहुंची और सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभियान का उद्देश्य सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित बचाना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना रहा। टीम ने लोगों से अपील की कि घर, दुकान, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें। सपेरों को दी चेतावनी अभियान के दौरान सांपों को पकड़कर रखने और उनका प्रदर्शन करने वाले सपेरों को भी चेतावनी दी गई। टीम ने कहा कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना, उनका अवैध प्रदर्शन करना या उनके साथ क्रूरता करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। सांपों सहित कई वन्यजीवों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है। टीम ने बताया कि सपेरों द्वारा सांपों को लंबे समय तक कैद में रखना, उनके साथ छेड़छाड़ करना और प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संगठनों द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाए जाते हैं। अभियान में काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक प्रांशुल पारोचे, पत्रकार विनय अहिरवार, राज असाटी, ध्रुव चौरसिया, ओम, दीपक चौधरी, सौरभ चौधरी, तनुज सहित वन विभाग के अधिकारी और पूरी टीम मौजूद रही। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। “सांप हमारे दुश्मन नहीं, प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि लोगों में सांपों को लेकर व्याप्त डर और गलत धारणाओं को दूर करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लोगों से अपील की गई कि सांप दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं, उसे परेशान न करें और न ही खुद पकड़ने का प्रयास करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने संदेश दिया— “सांप बचाएं, प्रकृति बचाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनें।” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि दमोह में वन्यजीव संरक्षण को लेकर ऐसे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
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    *शहर में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा*

*काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने चलाया अभियान, सपेरों को दी चेतावनी*



*ब्यूरो भगवत सिंह लोधी*


दमोह। शहर में सोमवार को काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्नेक रेस्क्यू मिशन चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप मिलने की सूचनाओं पर टीम मौके पर पहुंची और सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया।
अभियान का उद्देश्य सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित बचाना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना रहा। टीम ने लोगों से अपील की कि घर, दुकान, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें।
सपेरों को दी चेतावनी
अभियान के दौरान सांपों को पकड़कर रखने और उनका प्रदर्शन करने वाले सपेरों को भी चेतावनी दी गई। टीम ने कहा कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना, उनका अवैध प्रदर्शन करना या उनके साथ क्रूरता करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। सांपों सहित कई वन्यजीवों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है।
टीम ने बताया कि सपेरों द्वारा सांपों को लंबे समय तक कैद में रखना, उनके साथ छेड़छाड़ करना और प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संगठनों द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाए जाते हैं।
अभियान में काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक प्रांशुल पारोचे, पत्रकार विनय अहिरवार, राज असाटी, ध्रुव चौरसिया, ओम, दीपक चौधरी, सौरभ चौधरी, तनुज सहित वन विभाग के अधिकारी और पूरी टीम मौजूद रही। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया।
“सांप हमारे दुश्मन नहीं, प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं”
फाउंडेशन की टीम ने कहा कि लोगों में सांपों को लेकर व्याप्त डर और गलत धारणाओं को दूर करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लोगों से अपील की गई कि सांप दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं, उसे परेशान न करें और न ही खुद पकड़ने का प्रयास करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है।
काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने संदेश दिया— “सांप बचाएं, प्रकृति बचाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनें।”
फाउंडेशन की टीम ने कहा कि दमोह में वन्यजीव संरक्षण को लेकर ऐसे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • दमोह में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा स्नेक रेस्क्यू मिशन में संस्थापक प्रांशुल परोचे, विनय अहीरवार, दीपक चौधरी, राज असाटी, सौरभ चौधरी, तनुज, ध्रुव चौरसिया सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
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    दमोह में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा


स्नेक रेस्क्यू मिशन में संस्थापक प्रांशुल परोचे, विनय अहीरवार, दीपक चौधरी, राज असाटी, सौरभ चौधरी, तनुज, ध्रुव चौरसिया सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
    user_Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Bhupendra Rai दबंग इंडिया
    Journalist दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जिला अस्पताल में दवा के बदले 100 रुपए लेने का आरोप, फोन-पे से कराया भुगतान, वीडियो वायरल दमोह। जिला अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर मरीज के परिजन से दवा देने के बदले 100 रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुर्गेश अहिरवार का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी काजल अहिरवार को दिखाने एमसीएच वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर से जांच के बाद दवा की पर्ची दी गई। दुर्गेश के अनुसार, दवा लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी शिवम सेन ने सीरप देने के बदले फोन-पे के माध्यम से 100 रुपए ट्रांसफर कराए। यह भी कहा यह दवा बाजार में महंगे दामों में मिलेगी जबकि मामला जिला अस्पताल का है। जहां सारी सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद है। घटना के बाद पीड़ित ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जो रविवार सुबह 11 बजे से जमकर वायरल हो रहा है। दुर्गेश ने वायरल वीडियो में कलेक्टर से जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वही अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
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    जिला अस्पताल में दवा के बदले 100 रुपए लेने का आरोप, फोन-पे से कराया भुगतान, वीडियो वायरल 
दमोह। जिला अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर मरीज के परिजन से दवा देने के बदले 100 रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुर्गेश अहिरवार का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी काजल अहिरवार को दिखाने एमसीएच वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर से जांच के बाद दवा की पर्ची दी गई।
दुर्गेश के अनुसार, दवा लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी शिवम सेन ने सीरप देने के बदले फोन-पे के माध्यम से 100 रुपए ट्रांसफर कराए। यह भी कहा यह दवा बाजार में महंगे दामों में मिलेगी जबकि मामला जिला अस्पताल का है। जहां सारी सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद है। 
घटना के बाद पीड़ित ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जो रविवार सुबह 11 बजे से जमकर वायरल हो रहा है। दुर्गेश ने वायरल वीडियो में कलेक्टर से जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वही अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
    user_Narendra Ahirwar
    Narendra Ahirwar
    संपर्क करें. 8839675073 दन्यांतिनगर, दमोह, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद
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    दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद
    user_सचिन सिंह राजपूत  प्रदेश समय
    सचिन सिंह राजपूत प्रदेश समय
    Court reporter पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह..... कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया। सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई। हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली। युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं। शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है। अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है। आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
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    रूपनाथ धाम में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, शिव-शारदा कांवड़ यात्रा में हजारों श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक
नाग पंचमी और सावन के तीसरे सोमवार के शुभ संयोग पर तिगवां से शुरू हुई कांवड़ यात्रा, युवाओं और महिलाओं में दिखा जबरदस्त उत्साह.....
कटनी/बहोरीबंद। सावन माह के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के शुभ संयोग पर बहोरीबंद क्षेत्र में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व रखने वाले ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर से प्राचीन रूपनाथ धाम तक पहली बार भव्य शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में हजारों की संख्या में कांवड़िए एवं श्रद्धालु शामिल हुए। कांवड़ियों ने रूपनाथ धाम पहुंचकर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक किया।
सुबह से ही तिगवां स्थित मां शारदा मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद कांवड़ यात्रा का शुभारंभ हुआ। श्रद्धालु कांवड़ लेकर भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। यात्रा बहोरीबंद होते हुए मरही माता मंदिर पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने माता मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद कांवड़ यात्रा रूपनाथ धाम के लिए रवाना हुई।
हजारों कांवड़ियों ने किया भगवान शिव का जलाभिषेक
रूपनाथ धाम पहुंचने के बाद कांवड़ियों ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। इस दौरान पूरा परिसर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
आयोजन के दौरान रूपनाथ धाम में श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा, जिसे देखकर हर कोई अभिभूत नजर आया। आयोजकों के अनुसार सावन माह में रूपनाथ धाम के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिली।
युवाओं और महिलाओं में दिखा खास उत्साह
कांवड़ यात्रा में युवाओं के साथ बड़ी संख्या में माता-बहनें भी शामिल हुईं। श्रद्धालुओं की भक्ति और उत्साह देखते ही बन रहा था। कांवड़िए पूरे रास्ते भगवान शिव और मां शारदा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। धार्मिक वातावरण के बीच यात्रा में शामिल लोगों ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया तक पहुंचाने का उद्देश्य
आयोजकों ने बताया कि बहोरीबंद क्षेत्र ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। ग्राम तिगवां स्थित मां शारदा का पवित्र धाम और रूपनाथ धाम क्षेत्र की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। क्षेत्र की ऐतिहासिक मान्यताओं में आल्हा-ऊदल से जुड़े प्रसंग भी बताए जाते हैं।
शिव-शारदा कांवड़ यात्रा के आयोजन का उद्देश्य इन दोनों धार्मिक एवं ऐतिहासिक स्थलों की पहचान प्रदेश और देशभर में स्थापित करना, क्षेत्र में पर्यटन एवं धार्मिक विकास को बढ़ावा देना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आयोजकों ने कहा कि क्षेत्र के युवा और किसान खुशहाल रहें तथा सभी पर भगवान की कृपा बनी रहे, यही इस यात्रा के पीछे प्रमुख भावना है।
अब हर वर्ष निकलेगी कांवड़ यात्रा
यात्रा के सफल आयोजन के बाद आयोजकों एवं सदस्यों ने निर्णय लिया कि अब हर वर्ष सावन माह में मां शारदा माता तिगवां के दरबार से भगवान भोलेनाथ की नगरी रूपनाथ धाम तक शिव-शारदा कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। इससे क्षेत्र की धार्मिक परंपरा को और मजबूती मिलने के साथ दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों के प्रति लोगों की आस्था और जुड़ाव बढ़ने की उम्मीद है।
आयोजन समिति के सदस्यों ने कांवड़ यात्रा में शामिल हुए सभी श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। साथ ही यात्रा के दौरान व्यवस्था एवं सुरक्षा में सहयोग करने के लिए पुलिस प्रशासन का भी धन्यवाद ज्ञापित किया। यात्रा के सफल आयोजन से बहोरीबंद क्षेत्र में श्रद्धा, आस्था और धार्मिक एकता का अनूठा संदेश देखने को मिला।
    user_गोकुल पटेल
    गोकुल पटेल
    Local News Reporter बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • गांव बिलगुवा और गांव बिछीया में आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा में दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कीचड़युक्त एवं जर्जर सड़क से परेशान दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला स्थित प्राथमिक शाला का मामला ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह खराब हो चुका है। बारिश के दिनों में रास्ते पर इतना अधिक कीचड़ हो जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को उनके माता-पिता कंधे पर बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने को मजबूर हैं। रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि मोटरसाइकिल भी आए दिन फिसलकर गिर जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करने जैसा आंदोलन करेंगे। ग्राम बिछिया में भी सड़क और चबूतरे की समस्या दूसरा मामला ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिछिया का है। बिछिया गांव पंचायत रोड से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद जर्जर और संकरा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्राम बिछिया गांव हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर के पास ग्रामीणों ने बैठने तथा गांव के विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कच्चा चबूतरा बनाया हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस चबूतरे की मरम्मत कर उसे पक्का बनाने की मांग को लेकर विधायक को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि विधायक द्वारा उक्त फाइल जनपद पंचायत पटेरा भेज दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फाइल आज भी जनपद पंचायत में ही पड़ी हुई है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला की सड़क तथा ग्राम बिछिया की जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराया जाए। साथ ही हनुमानजी मंदिर के पास बने कच्चे चबूतरे को भी पक्का कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
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    गांव बिलगुवा और गांव बिछीया में आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने
दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा में दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कीचड़युक्त एवं जर्जर सड़क से परेशान
दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला स्थित प्राथमिक शाला का मामला
ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह खराब हो चुका है। बारिश के दिनों में रास्ते पर इतना अधिक कीचड़ हो जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को उनके माता-पिता कंधे पर बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने को मजबूर हैं।
रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि मोटरसाइकिल भी आए दिन फिसलकर गिर जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करने जैसा आंदोलन करेंगे।
ग्राम बिछिया में भी सड़क और चबूतरे की समस्या
दूसरा मामला ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिछिया का है। बिछिया गांव पंचायत रोड से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद जर्जर और संकरा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है।
ग्राम बिछिया गांव हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर के पास ग्रामीणों ने बैठने तथा गांव के विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कच्चा चबूतरा बनाया हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस चबूतरे की मरम्मत कर उसे पक्का बनाने की मांग को लेकर विधायक को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि विधायक द्वारा उक्त फाइल जनपद पंचायत पटेरा भेज दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फाइल आज भी जनपद पंचायत में ही पड़ी हुई है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला की सड़क तथा ग्राम बिछिया की जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराया जाए। साथ ही हनुमानजी मंदिर के पास बने कच्चे चबूतरे को भी पक्का कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
    user_Reeport 100
    Reeport 100
    Artist पटेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
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    मोदी के खिलाफ सड़क पर उतरे सेना के  के जवान बीजेपी में बीजेपी हद हड़कंप
    user_Javahar raidas
    Javahar raidas
    Farmer बहोरीबंद, कटनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • *🎪❣स्वयंभू श्री जागेश्वर नाथ जी एवं माता पार्वती जी की संध्याकालीन आरती पूजन दर्शन❣🎪* *1️⃣7️⃣अगस्त2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ शुभ सोमवार 🚩देव श्री जागेश्वर नाथ महादेव जी 🚩🙏हर हर महादेव🙏‼️बाँदकपुर धाम*🕉️
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    *🎪❣स्वयंभू श्री जागेश्वर नाथ जी एवं माता पार्वती जी की संध्याकालीन आरती पूजन दर्शन❣🎪*
*1️⃣7️⃣अगस्त2️⃣0️⃣2️⃣6️⃣ शुभ      सोमवार    🚩देव श्री जागेश्वर नाथ महादेव जी 🚩🙏हर हर महादेव🙏‼️बाँदकपुर धाम*🕉️
    user_भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    भगवत सिंह लोधी पत्रकार
    Photographer जबेरा, दमोह, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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