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दमोह में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा स्नेक रेस्क्यू मिशन में संस्थापक प्रांशुल परोचे, विनय अहीरवार, दीपक चौधरी, राज असाटी, सौरभ चौधरी, तनुज, ध्रुव चौरसिया सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
Bhupendra Rai दबंग इंडिया
दमोह में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा स्नेक रेस्क्यू मिशन में संस्थापक प्रांशुल परोचे, विनय अहीरवार, दीपक चौधरी, राज असाटी, सौरभ चौधरी, तनुज, ध्रुव चौरसिया सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा।
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- दमोह में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा स्नेक रेस्क्यू मिशन में संस्थापक प्रांशुल परोचे, विनय अहीरवार, दीपक चौधरी, राज असाटी, सौरभ चौधरी, तनुज, ध्रुव चौरसिया सहित वन विभाग की टीम मौजूद रही। टीम ने सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें प्राकृतिक आवास में छोड़ा।1
- जिला अस्पताल में दवा के बदले 100 रुपए लेने का आरोप, फोन-पे से कराया भुगतान, वीडियो वायरल दमोह। जिला अस्पताल में दवा वितरण केंद्र पर मरीज के परिजन से दवा देने के बदले 100 रुपए लेने का मामला सामने आया है। पीड़ित दुर्गेश अहिरवार का आरोप है कि वह अपनी गर्भवती पत्नी काजल अहिरवार को दिखाने एमसीएच वार्ड पहुंचा था। डॉक्टर से जांच के बाद दवा की पर्ची दी गई। दुर्गेश के अनुसार, दवा लेने के लिए वितरण केंद्र पहुंचने पर वहां मौजूद कर्मचारी शिवम सेन ने सीरप देने के बदले फोन-पे के माध्यम से 100 रुपए ट्रांसफर कराए। यह भी कहा यह दवा बाजार में महंगे दामों में मिलेगी जबकि मामला जिला अस्पताल का है। जहां सारी सुविधाएं यहां आने वाले मरीजों को पूरी तरह निःशुल्क दी जाती है। भुगतान का स्क्रीनशॉट भी उसके पास मौजूद है। घटना के बाद पीड़ित ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया, जो रविवार सुबह 11 बजे से जमकर वायरल हो रहा है। दुर्गेश ने वायरल वीडियो में कलेक्टर से जिला अस्पताल का निरीक्षण कर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वही अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र विक्रम सिंह ने मामले को संज्ञान में लेते हुए जांच के बाद संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।1
- *शहर में चला स्नेक रेस्क्यू मिशन, सांपों को सुरक्षित जंगल में छोड़ा* *काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन की टीम ने चलाया अभियान, सपेरों को दी चेतावनी* *ब्यूरो भगवत सिंह लोधी* दमोह। शहर में सोमवार को काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा स्नेक रेस्क्यू मिशन चलाया गया। अभियान के दौरान शहर के अलग-अलग क्षेत्रों से सांप मिलने की सूचनाओं पर टीम मौके पर पहुंची और सांपों को सुरक्षित तरीके से रेस्क्यू किया। रेस्क्यू किए गए सांपों को आवश्यक प्रक्रिया के बाद उनके प्राकृतिक वातावरण यानी जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। अभियान का उद्देश्य सांपों को मारने के बजाय उन्हें सुरक्षित बचाना और मानव-सर्प संघर्ष को कम करना रहा। टीम ने लोगों से अपील की कि घर, दुकान, खेत या किसी अन्य स्थान पर सांप दिखाई देने पर घबराकर उसे मारने का प्रयास न करें। इसकी सूचना प्रशिक्षित स्नेक रेस्क्यू टीम या वन विभाग को दें। सपेरों को दी चेतावनी अभियान के दौरान सांपों को पकड़कर रखने और उनका प्रदर्शन करने वाले सपेरों को भी चेतावनी दी गई। टीम ने कहा कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना, उनका अवैध प्रदर्शन करना या उनके साथ क्रूरता करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। सांपों सहित कई वन्यजीवों को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत संरक्षण प्राप्त है। टीम ने बताया कि सपेरों द्वारा सांपों को लंबे समय तक कैद में रखना, उनके साथ छेड़छाड़ करना और प्रदर्शन के लिए इस्तेमाल करना वन्यजीवों के लिए नुकसानदायक है। ऐसे मामलों में वन विभाग और वन्यजीव संरक्षण संगठनों द्वारा रेस्क्यू अभियान चलाए जाते हैं। अभियान में काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन के संस्थापक प्रांशुल पारोचे, पत्रकार विनय अहिरवार, राज असाटी, ध्रुव चौरसिया, ओम, दीपक चौधरी, सौरभ चौधरी, तनुज सहित वन विभाग के अधिकारी और पूरी टीम मौजूद रही। रेस्क्यू किए गए सांपों को सुरक्षित स्थान पर ले जाकर उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया गया। “सांप हमारे दुश्मन नहीं, प्रकृति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि लोगों में सांपों को लेकर व्याप्त डर और गलत धारणाओं को दूर करना भी अभियान का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। लोगों से अपील की गई कि सांप दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं, उसे परेशान न करें और न ही खुद पकड़ने का प्रयास करें। समय पर सूचना मिलने पर प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम द्वारा सांप को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सकता है। काल भैरव एनिमल वेलफेयर फाउंडेशन ने संदेश दिया— “सांप बचाएं, प्रकृति बचाएं और वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील बनें।” फाउंडेशन की टीम ने कहा कि दमोह में वन्यजीव संरक्षण को लेकर ऐसे रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांपों को सुरक्षित उनके प्राकृतिक आवास तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी रहेगा।1
- दमोह 3 किलो 935 ग्राम गांजा के साथ पति-पत्नी गिरफ्तार, करीब 60 हजार रुपये का मादक पदार्थ बरामद1
- गांव बिलगुवा और गांव बिछीया में आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा में दो ग्राम पंचायतों के ग्रामीण कीचड़युक्त एवं जर्जर सड़क से परेशान दमोह जिले के ब्लॉक पटेरा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों में सड़क की बदहाल स्थिति से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान रास्ते की हालत इतनी खराब हो गई है कि ग्रामीणों का आवागमन मुश्किल हो गया है। खासकर स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला स्थित प्राथमिक शाला का मामला ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला में प्राथमिक शाला मेन रोड से लगभग 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता मिट्टी और कीचड़ से पूरी तरह खराब हो चुका है। बारिश के दिनों में रास्ते पर इतना अधिक कीचड़ हो जाता है कि छोटे-छोटे बच्चों को उनके माता-पिता कंधे पर बैठाकर स्कूल लाने-ले जाने को मजबूर हैं। रास्ते की स्थिति इतनी खराब है कि मोटरसाइकिल भी आए दिन फिसलकर गिर जाती हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अब तक सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का सुधार कार्य नहीं कराया गया तो वे मजबूर होकर चक्का जाम करने जैसा आंदोलन करेंगे। ग्राम बिछिया में भी सड़क और चबूतरे की समस्या दूसरा मामला ग्राम पंचायत बेलखेड़ी के अंतर्गत आने वाले ग्राम बिछिया का है। बिछिया गांव पंचायत रोड से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। गांव तक पहुंचने वाला रास्ता बेहद जर्जर और संकरा है, जिससे ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानी होती है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति और भी खराब हो जाती है। ग्राम बिछिया गांव हनुमानजी का मंदिर भी स्थित है। मंदिर के पास ग्रामीणों ने बैठने तथा गांव के विभिन्न सामाजिक कार्यों के लिए कच्चा चबूतरा बनाया हुआ है। ग्रामीणों द्वारा इस चबूतरे की मरम्मत कर उसे पक्का बनाने की मांग को लेकर विधायक को आवेदन दिया गया था। बताया गया कि विधायक द्वारा उक्त फाइल जनपद पंचायत पटेरा भेज दी गई, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार फाइल आज भी जनपद पंचायत में ही पड़ी हुई है और अब तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि ग्राम बिलगुवां के आदिवासी टोला की सड़क तथा ग्राम बिछिया की जर्जर सड़क का शीघ्र निर्माण एवं सुधार कराया जाए। साथ ही हनुमानजी मंदिर के पास बने कच्चे चबूतरे को भी पक्का कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से समस्या झेलने के बावजूद यदि जल्द समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।1
- रोड की समस्या बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत रोड की समस्या बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत ग्राम पंचायत देवरी कालोनी ब्लॉक बक्सवाहा जिला छतरपुर मध्यप्रेश1
- ईश्वर में आस्था रखने वाले स्त्री पुरुष नपुंसक सभी को प्रभु भक्ति करने का बराबर हक और अधिकार है। हरि ॐ।।1
- वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी की जयंती पर दी श्रद्धांजलि, राज्यमंत्री लोधी सहित कांग्रेसियों ने किया माल्यार्पण दमोह 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की नायिका वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी जी की जयंती के अवसर पर जटाशंकर मंदिर परिसर स्थित उनकी प्रतिमा स्थल पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। दोपहर 12 बजे राज्यमंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी और युवा नेता सिद्धार्थ मलैया ने रानी अवंतीबाई की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस दौरान उन्होंने वीरांगना के शौर्य, साहस और देश के लिए दिए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। कांग्रेस कमेटी के जिला अध्यक्ष मानक पटेल भी कार्यकर्ताओं के साथ प्रतिमा स्थल पहुंचे। उन्होंने रानी अवंतीबाई लोधी को पुष्पांजलि अर्पित कर उनके पराक्रम और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान को याद किया। कार्यक्रम में मनु मिश्रा, सुषमा विक्रम ठाकुर, नितिन मिश्रा, रतनचंद जैन, संगीता ठाकुर सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। मुख्य नगर पालिका अधिकारी राजेंद्र सिंह लोधी ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।1