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पलामू जिले के पांकी रोड पर शुक्रवार देर रात हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी 35 वर्षीय अमरनाथ महतो के रूप में हुई है, जो मुखलाल महतो के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार, अमरनाथ महतो अपने परिजनों को मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़वाकर वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी पांकी रोड पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। दुर्घटना के बाद सड़क से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखा और तुरंत इलाज के लिए एमएमसीएच पहुंचाया। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार अहले सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी महेंद्र कुमार और विकास कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार सुबह करीब 10 बजे शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिवार में शोक का माहौल है।

2 hrs ago
user_Ramashish Kumar Mo:-6202682271
Ramashish Kumar Mo:-6202682271
पाटन, पलामू, झारखंड•
2 hrs ago
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पलामू जिले के पांकी रोड पर शुक्रवार देर रात हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक की पहचान लेस्लीगंज थाना क्षेत्र के नावाडीह निवासी 35 वर्षीय अमरनाथ महतो के रूप में हुई है, जो मुखलाल महतो के पुत्र थे। जानकारी के अनुसार, अमरनाथ महतो अपने परिजनों को मेदिनीनगर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़वाकर वापस अपने घर लौट रहे थे, तभी पांकी रोड पर किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई। दुर्घटना के बाद सड़क से गुजर रहे स्थानीय लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में देखा और तुरंत इलाज के लिए एमएमसीएच पहुंचाया। अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन रविवार अहले सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलने पर अस्पताल पुलिस चौकी के पुलिसकर्मी महेंद्र कुमार और विकास कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद रविवार सुबह करीब 10 बजे शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया, जिससे परिवार में शोक का माहौल है।

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  • औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया। इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है। प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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    औरंगाबाद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा विधिक सेवा सदन में 31 मई 2026 को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर एक शपथ समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष श्री विश्व विभूति गुप्ता, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल, सभी न्यायिक पदाधिकारीगण, प्राधिकार के कर्मीगण और पैनल अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। समारोह का संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव तान्या पटेल ने किया।

इस अवसर पर, श्री विश्व विभूति गुप्ता ने अपने संबोधन में बताया कि हर साल 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है, जिसकी शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 1987 में की थी। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया में प्रति वर्ष लगभग 80 लाख लोग तंबाकू के प्रयोग के कारण अपनी जान गँवा देते हैं। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य यह है कि आम जनता तंबाकू से होने वाले नुकसान को समझे और इसके उत्पादों से दूर रहे। उन्होंने तंबाकू को एक धीमा जहर बताते हुए कहा कि यह सेवन करने वाले व्यक्ति को धीरे-धीरे मौत की ओर धकेलता है, और अक्सर लोगों को पता भी नहीं चलता कि कब उनका शौक लत में बदल जाता है। श्री गुप्ता ने यह भी संदेश दिया कि शारीरिक दुष्प्रभावों और अनेक प्रकार की बीमारियों से बचने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को तंबाकू का निषेध करना चाहिए। उनके अनुसार, एक बार तंबाकू की गिरफ्त में आने के बाद अगर व्यक्ति किसी बीमारी से ग्रसित हो जाता है तो उसका पूरा परिवार बिखर जाता है, और तंबाकू का सेवन करने वालों की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी काफी कमजोर हो जाती है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव उनके स्वास्थ्य पर पड़ता है।

प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने उपस्थित सभी लोगों से अपील की कि वे अपना दायित्व समझते हुए कम से कम 50 लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभावों के बारे में प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि उनके प्रयास से कुछ लोग भी इससे सकारात्मक रूप से प्रभावित होकर तंबाकू और इसके उत्पादों का निषेध करते हैं, तो यह प्रयास किसी की जिंदगी को खुशहाली की ओर ले जाएगा। इस शपथ कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय श्री अरुण कुमार ने भी उपस्थित जन समूह को तंबाकू निषेध हेतु प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव श्रीमती तान्या पटेल ने सभी कर्मियों सहित उपस्थित लोगों को तंबाकू के दुष्प्रभाव के बारे में अवगत कराया और शपथ दिलाई कि वे स्वयं तंबाकू का सेवन नहीं करेंगे, दूसरों को भी प्रेरित करेंगे, इसके शारीरिक दुष्प्रभावों और नुकसान के बारे में लोगों को जागरूक करेंगे तथा तंबाकू रहित समाज एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में अपना योगदान देंगे। इस अवसर पर श्रीमति आन्दिता सिंह, श्री अशोक कुमार गुप्ता, श्रीमती दिव्या वशिष्ट, श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा, श्री संतोष कुमार झा, श्री विवेक कुमार सिंह, श्री उमेश प्रसाद, श्री मनीष कुमार जायसवाल, श्री पंकज पाण्डेय (जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री संदीप कुमार सिंह (अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्त्ता) और श्री सुरज प्रकाश (न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी) सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारीगण भी उपस्थित थे।
    user_Md safe Alam Guddu
    Md safe Alam Guddu
    पत्रकार औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    59 min ago
  • गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में जंगली हाथियों की संभावित मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने शनिवार रात रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यह चेतावनी शनिवार शाम चिनिया, चिरका, हेताड़कलां, तहले और रानीचेरी सहित आस-पास के क्षेत्रों में हाथियों को देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, रात 8 बजे एहतियात के तौर पर घोषित की गई। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है। वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, जिसमें अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलना और रात के समय खेत, बगीचे या जंगल की ओर जाने से बचना शामिल है। विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने तथा हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही, ग्रामीणों से किसी भी गांव या क्षेत्र में हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि "हाथी कभी भी गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।" वन विभाग की टीम पूरी रात स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है।
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    गढ़वा जिले के चिनिया थाना क्षेत्र के कई गांवों में जंगली हाथियों की संभावित मौजूदगी को लेकर वन विभाग ने शनिवार रात रेड अलर्ट जारी कर दिया है। यह चेतावनी शनिवार शाम चिनिया, चिरका, हेताड़कलां, तहले और रानीचेरी सहित आस-पास के क्षेत्रों में हाथियों को देखे जाने की सूचना मिलने के बाद, रात 8 बजे एहतियात के तौर पर घोषित की गई। प्रभारी वनपाल अनिमेष कुमार ने इस जानकारी की पुष्टि की है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है, जिसमें अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलना और रात के समय खेत, बगीचे या जंगल की ओर जाने से बचना शामिल है। विभाग ने बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखने तथा हाथियों के नजदीक जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करने की कड़ी हिदायत दी है। साथ ही, ग्रामीणों से किसी भी गांव या क्षेत्र में हाथी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने का आग्रह किया गया है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि "हाथी कभी भी गांवों की ओर रुख कर सकते हैं। इसलिए सभी ग्रामीण पूरी सतर्कता बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें।" वन विभाग की टीम पूरी रात स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और ग्रामीणों से लगातार सतर्क रहने की अपील कर रही है।
    user_Hemant Kumar
    Hemant Kumar
    चिनिया, गढ़वा, झारखंड•
    2 hrs ago
  • गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत चटनिया पंचायत में, पंचायत सचिव और मुखिया प्रतिनिधि द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं को मईया योजना के सत्यापन की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान, उपस्थित सभी लोगों को सत्यापन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
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    गढ़वा जिले के कांडी प्रखंड अंतर्गत चटनिया पंचायत में, पंचायत सचिव और मुखिया प्रतिनिधि द्वारा आंगनबाड़ी सेविकाओं को मईया योजना के सत्यापन की प्रक्रिया समझाई गई। इस दौरान, उपस्थित सभी लोगों को सत्यापन से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान की गई।
    user_झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड सिर्फ सच न्यूज
    झारखंड मीडिया कांडी, गढ़वा, झारखंड•
    4 hrs ago
  • बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में एनटीपीसी द्वारा आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई का विरोध करने के लिए स्थानीय ग्रामीण शंकर उरांव ने रविवार सुबह 11:00 बजे आह्वान किया है। जानकारी के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में 1 मई को एनटीपीसी की पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भाग लेंगे। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण और आजसू नेता शंकर उरांव ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से इस जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।
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    बालूमाथ प्रखंड कार्यालय में एनटीपीसी द्वारा आयोजित पर्यावरण जनसुनवाई का विरोध करने के लिए स्थानीय ग्रामीण शंकर उरांव ने रविवार सुबह 11:00 बजे आह्वान किया है। जानकारी के अनुसार, बालूमाथ प्रखंड कार्यालय परिसर में 1 मई को एनटीपीसी की पर्यावरण जनसुनवाई आयोजित की गई है, जिसमें सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण भाग लेंगे। हालांकि, स्थानीय ग्रामीण और आजसू नेता शंकर उरांव ने अधिक से अधिक ग्रामीणों से इस जनसुनवाई का विरोध करने की अपील की है।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    1 hr ago
  • chhotukumar chhotukumar
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    chhotukumar 
chhotukumar
    user_Ramu kujur Ramu kujur
    Ramu kujur Ramu kujur
    Latehar, Jharkhand•
    1 hr ago
  • झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है। गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।
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    झारखंड के लातेहार जिले का कटिया गांव, जो वर्षों पहले नक्सलवाद के साये से बाहर आ चुका है, आज भी विकास की रोशनी से वंचित है। भले ही इसे नक्सल मुक्त होने का तमगा मिल गया हो, लेकिन गांव मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जी रहा है, जिससे ग्रामीणों में गहरा असंतोष व्याप्त है।

गांव का एकमात्र प्राथमिक विद्यालय बंद पड़ा है, जिसे सरकार ने पास के दूसरे स्कूल में 'समायोजित' कर दिया है। इसका परिणाम यह हुआ है कि छोटे बच्चों को पढ़ने के लिए अब 3-4 किलोमीटर पैदल चलना पड़ता है, और कई बच्चों ने तो पढ़ाई ही छोड़ दी है। पीने के पानी की स्थिति भी दयनीय है; हैंडपंप खराब पड़े हैं और नल-जल योजना अब तक यहां नहीं पहुंची है। ग्रामीण आज भी दूषित 'चुआरी' का पानी पीने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब नक्सली थे, तब डर के मारे कोई अधिकारी या जनप्रतिनिधि गांव में नहीं आता था। अब जबकि नक्सली नहीं हैं, तो यह बहाना भी खत्म हो गया है, फिर भी कोई उनकी सुध लेने नहीं आता। न विधायक, न बीडीओ, न मुखिया, कोई भी उनके बीच नहीं पहुंचता। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है। गांव में सड़क, अस्पताल और स्कूल जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। नक्सलवाद खत्म होने के बाद भी जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

कटिया गांव के लोग सरकार और प्रशासन से सवाल कर रहे हैं कि क्या केवल नक्सल मुक्त होना ही काफी है? क्या जीवन जीने के लिए सिर्फ शांति पर्याप्त है और सुविधाओं की कोई आवश्यकता नहीं? ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक इस गांव तक सरकार नहीं पहुंचेगी, तब तक उनकी यह 'मुक्ति' अधूरी ही रहेगी।
    user_Manoj dutt dev
    Manoj dutt dev
    Local News Reporter लातेहार, लातेहार, झारखंड•
    3 hrs ago
  • नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।
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    नदी किनारे फिशिंग रॉड के साथ बैठे एक गाँव के लड़के ने ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिससे हर कोई हैरान है। उसकी मेहनत रंग लाई है क्योंकि उसने एक बहुत बड़ी मछली पकड़ी है, जिसे देखकर लोग बस देखते ही रह गए। यह आज का एक शानदार शिकार रहा, और जिसने भी इतनी विशाल मछली देखी, वह दंग रह गया। इस पल में, हाथ में फिशिंग रॉड और दिल में सुकून के साथ, यह शख्स बताता है कि बस यही ज़िंदगी है।
    user_Yuva team jharkhand
    Yuva team jharkhand
    Latehar, Jharkhand•
    15 hrs ago
  • शनिवार दोपहर करीब 12 बजे औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में NH-19 स्थित होटल नीलम पैलेस में चार बदमाशों ने घुसकर मैनेजर समेत चार होटल कर्मियों के साथ मारपीट की और कथित तौर पर लूटपाट भी की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की पूरी करतूत कैद होने की बात कही जा रही है। जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने होटल में घुसते ही अचानक मैनेजर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आईं महिला कर्मी रीमा देवी और वीणा देवी के साथ भी मारपीट की गई, और वेटर पिंटू कुमार को भी नहीं बख्शा गया। हमले में सभी चार कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट के दौरान सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और कैश काउंटर से लगभग ₹25,000 नकद भी छीन लिए, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। इस संबंध में, महिलाकर्मी रीमा देवी ने नगर थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, और नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 जैसे व्यस्त मार्ग पर दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी घटनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया है।
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    शनिवार दोपहर करीब 12 बजे औरंगाबाद जिले के नगर थाना क्षेत्र में NH-19 स्थित होटल नीलम पैलेस में चार बदमाशों ने घुसकर मैनेजर समेत चार होटल कर्मियों के साथ मारपीट की और कथित तौर पर लूटपाट भी की। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है। इस वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की पूरी करतूत कैद होने की बात कही जा रही है।

जानकारी के अनुसार, बदमाशों ने होटल में घुसते ही अचानक मैनेजर पर हमला कर दिया। शोर सुनकर बीच-बचाव करने आईं महिला कर्मी रीमा देवी और वीणा देवी के साथ भी मारपीट की गई, और वेटर पिंटू कुमार को भी नहीं बख्शा गया। हमले में सभी चार कर्मचारी घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बदमाशों ने मारपीट के दौरान सोने के आभूषण, मोबाइल फोन और कैश काउंटर से लगभग ₹25,000 नकद भी छीन लिए, साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

इस संबंध में, महिलाकर्मी रीमा देवी ने नगर थाना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें दो नामजद और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, और नगर थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस ने जल्द ही सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। राष्ट्रीय राजमार्ग-19 जैसे व्यस्त मार्ग पर दिनदहाड़े हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, और स्थानीय लोगों ने सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी घटनाओं को कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया है।
    user_भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    भास्कर न्यूज़ औरंगाबाद बिहार
    Press advisory औरंगाबाद, औरंगाबाद, बिहार•
    16 hrs ago
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