कोटा, 333 वे दिन भी बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के मजदूरों का धरना जारी रहा। केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों किसानों और आमजनता पर जबरदस्ती थोपे जा रहे पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले बिजली बिल 2025, जी राम जी मनरेगा विधेयक 2025, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता कानून और भूमिआधिगृहण कानूनों का विरोध करते हुए किसानों मजदूरों ने संयुक्त रूप से आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर सरकार की आमजन विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट गेट पर किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड हबीब खान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार से इन कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया इस दौरान कलेक्ट्रेट पर चल रहे जे के मजदूरों के अनिश्चित कालीन धरना स्थल पर सभा की गई। इस दौरान सभा को किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, जे के मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर किसान सभा जिला सचिव हंसराज चौधरी, संयुक्त किसान मोर्चा अध्यक्ष फतेह चंद भागला, हमीद गौड ने सम्बोधित करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों मजदूरों और आमजनता पर जबरदस्ती कारपोरेट घरानों के पक्ष वाले श्रम संहिता कानून, बीज विधेयक, जी राम जी मनरेगा विधेयक, बिजली बिल विधेयक, और भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने पर तुली हुई है जिसका अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू संगठन विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि देश व प्रदेश की सरकारे इन कानूनों को आमजन के हित में रद्द करे और मौजूदा मजदूर किसान और आमजन हित में बने पूर्व के सभी कानूनों को बिना किसी छेड़छाड़ के लागू करने का काम करे नये कानून मजदूरों किसानों और आमजनता के हक अधिकारो का हनन करने वाले हैं और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का काम करेगे इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे न्यू वर्ष संयुक्त मोर्चा शपथ लेता है कि सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ जीत तक संघर्ष करेंगे वक्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य की डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है 11महीनों से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर अपनी मेहनत का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर संघर्ष कर रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन और सरकार को मजदूरों का दर्द नजर नहीं आया जे के मजदूरों की इस लड़ाई को किसान मोर्चा समर्थन देता है और संघर्ष में लगातार साथ रहेगा इस तानाशाही बीजेपी सरकार से भुगतान होने तक आंदोलन करेंगे मजदूरों को इनका हक अधिकार दिला के रहेंगे। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने किसानों के प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन किया है आगामी माह की 12तारीख को होने वाली मजदूरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का किसानों द्वारा पुरजोर तरीके से समर्थन देने का किसान नेताओं ने आव्हान किया। इस दौरान प्रदर्शन में कालीचरण सोनी, केदार जोशी, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह, महावीर प्रसाद,गुलाबशंकर, गिरजाशंकर पांडे, निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई राजकुमारी राजू देवी पुष्पा बाई मंजू बाई सहित सैकड़ों मजदूर किसान और महिलाएं मौजूद रही।
कोटा, 333 वे दिन भी बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के मजदूरों का धरना जारी रहा। केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों किसानों और आमजनता पर जबरदस्ती थोपे जा रहे पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले बिजली बिल 2025, जी राम जी मनरेगा विधेयक 2025, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता कानून और भूमिआधिगृहण कानूनों का विरोध करते हुए किसानों मजदूरों ने संयुक्त रूप से आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर सरकार की आमजन विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट गेट पर किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड हबीब खान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार से इन कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया इस दौरान कलेक्ट्रेट पर चल रहे जे के मजदूरों के अनिश्चित कालीन धरना स्थल पर सभा की गई। इस दौरान सभा को किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, जे के मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर किसान सभा जिला सचिव हंसराज चौधरी, संयुक्त किसान मोर्चा अध्यक्ष फतेह चंद भागला, हमीद गौड ने सम्बोधित करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों मजदूरों और आमजनता पर जबरदस्ती कारपोरेट घरानों के पक्ष वाले श्रम संहिता कानून, बीज विधेयक, जी राम जी मनरेगा विधेयक, बिजली बिल विधेयक, और भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने पर तुली हुई है जिसका अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू संगठन विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि देश व प्रदेश की सरकारे इन कानूनों को आमजन के हित
में रद्द करे और मौजूदा मजदूर किसान और आमजन हित में बने पूर्व के सभी कानूनों को बिना किसी छेड़छाड़ के लागू करने का काम करे नये कानून मजदूरों किसानों और आमजनता के हक अधिकारो का हनन करने वाले हैं और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का काम करेगे इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे न्यू वर्ष संयुक्त मोर्चा शपथ लेता है कि सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ जीत तक संघर्ष करेंगे वक्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य की डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है 11महीनों से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर अपनी मेहनत का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर संघर्ष कर रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन और सरकार को मजदूरों का दर्द नजर नहीं आया जे के मजदूरों की इस लड़ाई को किसान मोर्चा समर्थन देता है और संघर्ष में लगातार साथ रहेगा इस तानाशाही बीजेपी सरकार से भुगतान होने तक आंदोलन करेंगे मजदूरों को इनका हक अधिकार दिला के रहेंगे। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने किसानों के प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन किया है आगामी माह की 12तारीख को होने वाली मजदूरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का किसानों द्वारा पुरजोर तरीके से समर्थन देने का किसान नेताओं ने आव्हान किया। इस दौरान प्रदर्शन में कालीचरण सोनी, केदार जोशी, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह, महावीर प्रसाद,गुलाबशंकर, गिरजाशंकर पांडे, निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई राजकुमारी राजू देवी पुष्पा बाई मंजू बाई सहित सैकड़ों मजदूर किसान और महिलाएं मौजूद रही।
- कोटा, 333 वे दिन भी बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के मजदूरों का धरना जारी रहा। केंद्र सरकार द्वारा मजदूरों किसानों और आमजनता पर जबरदस्ती थोपे जा रहे पूंजीपतियों और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने वाले बिजली बिल 2025, जी राम जी मनरेगा विधेयक 2025, किसान विरोधी बीज विधेयक 2025, मजदूर विरोधी चार श्रम संहिता कानून और भूमिआधिगृहण कानूनों का विरोध करते हुए किसानों मजदूरों ने संयुक्त रूप से आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर अखिल भारतीय किसान सभा के राष्ट्रव्यापी आव्हान पर सरकार की आमजन विरोधी नीतियों का विरोध करते हुए जिला कलेक्ट्रेट गेट पर किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह कामरेड हबीब खान के नेतृत्व में प्रदर्शन किया और नारेबाजी करते हुए सरकार से इन कानूनों को रद्द करने की मांग करते हुए प्रतियां जलाकर अपना विरोध जताया इस दौरान कलेक्ट्रेट पर चल रहे जे के मजदूरों के अनिश्चित कालीन धरना स्थल पर सभा की गई। इस दौरान सभा को किसान सभा जिला अध्यक्ष दुलीचंद बोरदा, जे के मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, कामरेड नरेंद्रसिंह, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर किसान सभा जिला सचिव हंसराज चौधरी, संयुक्त किसान मोर्चा अध्यक्ष फतेह चंद भागला, हमीद गौड ने सम्बोधित करते हुए सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार किसानों मजदूरों और आमजनता पर जबरदस्ती कारपोरेट घरानों के पक्ष वाले श्रम संहिता कानून, बीज विधेयक, जी राम जी मनरेगा विधेयक, बिजली बिल विधेयक, और भूमि अधिग्रहण कानून लागू करने पर तुली हुई है जिसका अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू संगठन विरोध करता है और सरकार से मांग करता है कि देश व प्रदेश की सरकारे इन कानूनों को आमजन के हित में रद्द करे और मौजूदा मजदूर किसान और आमजन हित में बने पूर्व के सभी कानूनों को बिना किसी छेड़छाड़ के लागू करने का काम करे नये कानून मजदूरों किसानों और आमजनता के हक अधिकारो का हनन करने वाले हैं और कारपोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने का काम करेगे इसको हम बर्दाश्त नहीं करेंगे न्यू वर्ष संयुक्त मोर्चा शपथ लेता है कि सरकार की आमजन विरोधी नीतियों के खिलाफ जीत तक संघर्ष करेंगे वक्ताओं ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि केंद्र सरकार और राज्य की डबल इंजन वाली बीजेपी सरकार पूंजीपतियों की सरकार है 11महीनों से बकाया वेतन भुगतान की मांग को लेकर जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर अपनी मेहनत का बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने को लेकर संघर्ष कर रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन और सरकार को मजदूरों का दर्द नजर नहीं आया जे के मजदूरों की इस लड़ाई को किसान मोर्चा समर्थन देता है और संघर्ष में लगातार साथ रहेगा इस तानाशाही बीजेपी सरकार से भुगतान होने तक आंदोलन करेंगे मजदूरों को इनका हक अधिकार दिला के रहेंगे। कामरेड अली मोहम्मद ने बताया कि आज जिला कलेक्ट्रेट गेट पर हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में सैकड़ों मजदूरों और महिलाओं ने किसानों के प्रतिरोध आंदोलन का समर्थन किया है आगामी माह की 12तारीख को होने वाली मजदूरों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का किसानों द्वारा पुरजोर तरीके से समर्थन देने का किसान नेताओं ने आव्हान किया। इस दौरान प्रदर्शन में कालीचरण सोनी, केदार जोशी, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह, महावीर प्रसाद,गुलाबशंकर, गिरजाशंकर पांडे, निर्मला बाई, रहीसा बानो, रेशमा देवी, कैलाशी बाई राजकुमारी राजू देवी पुष्पा बाई मंजू बाई सहित सैकड़ों मजदूर किसान और महिलाएं मौजूद रही।2
- Post by Gyanender Sing1
- अतिक्रमण हटाने के दौरान हुई तीखी नोक झोंक बारां जिले के अंता में नगर पालिका द्वारा मुख्य बाजार से अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया गया इस दौरान दुकानों के आगे लगे पाल पल्लियो को तहस नहस करते हुए जब्त किया गया इस बीच नगर पालिका अतिक्रमण दस्ते के साथ कुछ दुकानदारों की तीखी नोक झोंक भी हुई । बता दे कि कस्बे के मुख्य मार्गो पर दुकानदारों द्वारा अस्थाई अतिक्रमण करके मार्ग सकरा कर दिया गया जिससे कारण इस मार्ग से गुजरने वाले वाहन चालकों को लंबे समय से काफी मशक्कत का सामना करना पड़ रहा था वहीं अभी हाल ही में थाने में हुई सीएलजी बैठक के दौरान भी मुख्य मार्गो से अतिक्रमण हटाने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया था । ऐसे में नगर पालिका द्वारा अतिक्रमण हटाने के मामले में सख्ती दिखाते हुए गत 2 दिनों से कस्बे के मुख्य मार्गो से अस्थाई अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही को अंजाम दिया जा रहा हे साथ ही मुख्य मार्गो पर लाइनिंग करके सामानों को जब्त करने की चेतावनी दी जा रही हे ।अतिक्रमण हटाने के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस जाब्ता भी मौजूद रहा ।3
- Ajeet meena baingna1
- हमारे गांव डेकवा मैं आम रास्तों की दुर्दशा बहुत खराब हो रही है जिससे आम आदमी बारिश के समय खेतों पर जाने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता है1
- ग्राम नरसिंगपुरा पंचायत केरवालिया तहसील अटरू डिस्टिक बारां यह हमारे गांव का व समसान घाट का रास्ता है जिस पर निकलने पर गांव के लोगो को बहुत परेशानी आती इसकी हमने गांव के सरपंच को भी बोल दिया है लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है इसलिए मंत्री जी से मेरी गुजारिश है कि इस रास्ते पर कोई कारेवाई कि जाये1
- खुले आकाश में उड़ाए शांति के प्रतीक सफेद कबूतर -हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों से सतरंगी हुआ आसमान -मकर संक्रांति पर 'विकल्प' ने दिया सद्भावना का संदेश कोटा कोटा में मकर संक्रांति पर जन सांस्कृतिक मंच "विकल्प" की तरफ से शायर शकूर अनवर के शिवपुरा स्थित घर में एक भव्य सद्भावना समारोह का आयोजन किया। खुले आकाश में शांति के प्रतीक सफेद कबूतरों को उड़ाकर और हस्ताक्षर युक्त रंग-बिरंगी पतंगों को आसमान में लहराकर साहित्यकारों ने प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सद्भाव का मार्मिक संदेश दिया। पूरा समारोह उत्साह, उमंग और साहित्यिक जोश से भरपूर रहा। समारोह के प्रथम सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रोफेसर अनीता वर्मा ने कहा कि आज के दौर में मानवीय मूल्यों की लगातार गिरावट साहित्यकारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने आह्वान किया कि साहित्यकारों को प्रेमचंद की परंपरा में समाज की कड़वी सच्चाइयों को उजागर करते हुए उच्च आदर्शों की स्थापना करनी होगी। साहित्य में वंचित वर्ग के प्रति निश्छल प्रेम और संवेदना की भाषा गूंजनी चाहिए। मुख्य अतिथि विजय सिंह पालीवाल ने अपने उद्बोधन में वर्तमान साहित्य पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का अधिकांश साहित्य आत्ममुग्धता के संकीर्ण दायरे में सिमट गया है, जिसमें आम जन की जिंदगी की धड़कनें सुनाई नहीं देतीं। साहित्य को बाजारवाद की गिरफ्त से मुक्त होकर इंसानी संवेदनाओं को सर्वोच्च स्थान देना होगा।संस्कृतिकर्मी शरद तैलंग ने सद्भावना संदेश देते हुए कहा कि देश-समाज में बढ़ती नफरत और अंधविश्वास ने युवा शक्ति के वास्तविक विकास को रोक दिया है। साहित्य ही इस अंधेरे से युवा पीढ़ी को मुक्ति दिला सकता है।विशिष्ट अतिथि कमर आबदी ने "विकल्प" की इस पहल को अत्यंत सराहनीय बताया। वहीं बिगुल जैन ने साहित्यकारों से प्रकृति से गहरा जुड़ाव बनाने का आग्रह किया। शकूर अनवर की ग़ज़लों के फोल्डर का लोकार्पण प्रथम सत्र के समापन पर शकूर अनवर की नवीनतम ग़ज़लों के फोल्डर "यह तो एक शहर रोशनी का था" का लोकार्पण किया गया। विशिष्ट अतिथि फानी जोधपुरी ने इन ग़ज़लों को इंसानियत के दर्द, करुणा और जीवन-संघर्ष से लबरेज़ बताया। काव्य गोष्ठी में बिखरे भावों के रंग दूसरे सत्र में आयोजित काव्य गोष्ठी ने समारोह को यादगार बना दिया। नगर के प्रतिनिधि कवियों-शायरों ने अपनी रचनाओं से माहौल को भावुक और विद्रोही स्वरों से भर दिया। मयंक सोलंकी (ग़ज़लकार) ने "कौन सुने दिल की आवाज़, बस्ती बस्ती जंगल राज़" बद्री लाल दिव्य (हाड़ौती व्यंग्य) ने "बदल्यो बदल्यो सौ दीखे छै म्हाने अब इंसान" डॉ. ज़ेबा फिज़ा ने "ये साजिश हवा की थी या कोई और बात थी, क्यों उसके घर की सिम्त ही मेरा उड़ा पतंग" वेद प्रकाश 'परकास' ने ग़म मिला है ज़िंदगी को" सुनाकर समां बांध दिया। वहीं शकूर अनवर ने स्वयं अपने फोल्डर से "मुहब्बत में झमेले पड़ गए हैं, दिलों के बीच झगड़े पड़ गए हैं" जैसे शेर सुनाए। इनके अलावा ओम कटारा ने विद्रोही तेवर का गीत सुनाया।गोष्ठी में कमर आब्दी, सीमा तबस्सुम, महेंद्र नेह, सिराज अहमद फारूकी, राजेंद्र पंवार, डॉ. कृष्णा कुमारी, हलीम आईना, फानी जोधपुरी सहित दर्जनों कवियों ने अपनी रचनाओं से मंच को ऊँचाई प्रदान की। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुराज सिंह कर्मयोगी ने की तथा संचालन का दायित्व चांद शेरी ने कुशलता पूर्वक निभाया। यह समारोह न केवल साहित्यिक था, बल्कि वर्तमान सामाजिक चुनौतियों के बीच सद्भावना और मानवता की पुकार भी बन गया।1
- कोटा ट्रैवल मार्ट मारो प्यारो राजस्थान2