खबर ललितपुर के थाना मडावरा अंतर्गत सतवांसा गांव में 17 वर्षीय किशोरी की मौत खबर ललितपुर के थाना मडावरा अंतर्गत सतवांसा गांव से आ रही जहाँ 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में कुऐं कूदकर जान दे दी, युवती के मौत बाद पूरे क्षेत्र में हडकंप बच गया। घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। परिजनों ने सेदपुर के गुंडों पर लगाये आरोप पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही मुख्य मार्ग पर रखकर करीब दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगाया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस ऐलान के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हालात बिगड़ते चले गए। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #lalitpurnews #jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें
खबर ललितपुर के थाना मडावरा अंतर्गत सतवांसा गांव में 17 वर्षीय किशोरी की मौत खबर ललितपुर के थाना मडावरा अंतर्गत सतवांसा गांव से आ रही जहाँ 17 वर्षीय किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में कुऐं कूदकर जान दे दी, युवती के मौत बाद पूरे क्षेत्र में हडकंप बच गया। घटना के बाद गुस्साए परिजन और ग्रामीण सड़कों पर उतर आए। परिजनों ने सेदपुर के गुंडों पर लगाये आरोप पोस्टमार्टम के बाद शव गांव पहुंचते ही मुख्य मार्ग पर रखकर करीब दो घंटे से अधिक समय तक जाम लगाया गया। इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण बना रहा। परिजनों ने साफ कहा कि जब तक सभी नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होगी, तब तक अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। इस ऐलान के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई और हालात बिगड़ते चले गए। #हिन्दी_खबर #हिन्दी_न्यूज #latestnews #viralpost #lalitpurnews #jaybajnibabakhadowara subscribe/share करें
- जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल. देखिए विस्तृत रिपोर्ट एलएनएन न्यूज पर1
- जतारा के बैरवार में मोहब्बत: को पाने टावर पर चढ़ी लड़की चार घंटे तक चलता रहा इंतजार, फिर मिला अंजाम... टीकमगढ़ जिले के जतारा थाना क्षेत्र के बेरवार गांव की वह सुबह आम दिनों जैसी नहीं थी। सूरज उग ही रहा था कि गांव की खामोशी अचानक एक लड़की की आवाज से टूट गई। सुबह करीब 5 बजे कुछ ग्रामीणों ने टावर की ऊंचाई से आती चीख-पुकार सुनी। जब लोग दौड़कर पहुंचे, तो देखा कि एक युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी हुई है और किसी को बार-बार पुकार रही है। धीरे-धीरे गांव में यह खबर आग की तरह फैल गई। लोगों की भीड़ जमा होने लगी। युवती बार-बार अपने प्रेमी का नाम लेकर उसे बुला रही थी। उसके हाथ में मोबाइल था और वह लगातार उससे बात करने की कोशिश कर रही थी। उसकी आवाज में गुस्सा भी था और दर्द भी। बताया गया कि पिछले चार दिनों से उसका प्रेमी उससे बात नहीं कर रहा था, जिससे वह बेहद नाराज और परेशान थी। ग्रामीणों ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए तुरंत मध्य प्रदेश पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में जतारा पुलिस और तहसीलदार मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने युवती को समझाने की कोशिश शुरू की, लेकिन वह टस से मस नहीं हो रही थी। उसकी एक ही जिद थी—उसका प्रेमी मौके पर आए। समय बीतता गया। सूरज चढ़ता गया और तनाव भी बढ़ता गया। करीब चार घंटे तक यह सिलसिला चलता रहा। नीचे खड़े लोग उसे समझाते रहे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। इस दौरान गांव के ही बृजेंद्र यादव ने बताया कि दोनों अलग-अलग जातियों से हैं और शादी करना चाहते हैं, लेकिन सामाजिक बंधनों और परिवारों की असहमति उनके रास्ते में दीवार बनकर खड़ी है। आखिरकार प्रशासन ने युवती के प्रेमी से संपर्क किया और उसे मौके पर बुलाया गया। जैसे ही प्रेमी वहां पहुंचा, माहौल में हलचल बढ़ गई। युवती की नजर जब उस पर पड़ी, तो उसका गुस्सा धीरे-धीरे शांत होने लगा। प्रशासन और ग्रामीणों की समझाइश, और प्रेमी की मौजूदगी ने आखिरकार असर दिखाया। करीब चार घंटे बाद युवती टावर से नीचे उतर आई। नीचे उतरते ही राहत की सांस ली गई। कोई हादसा नहीं हुआ, यही सबसे बड़ी बात थी। इसके बाद पुलिस दोनों को अपने साथ थाने ले गई, जहां उनसे पूछताछ की जा रही है। यह घटना न केवल एक प्रेम कहानी का अनोखा मोड़ है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भावनाओं में बहकर उठाया गया एक कदम कितना खतरनाक हो सकता है। बेरवार गांव में अब भी इस घटना की चर्चा है—एक ऐसी सुबह, जिसे लोग जल्दी नहीं भूल पाएंगे।2
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- लोकेशन:-बीना रिपोर्टर:-राकेश सेन बीना :-बीना कृषि उपज मंडी में हम्मालों और व्यापारियों के बीच नई दरों को लेकर चल रहे विवाद का खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। बीती रात जब कई किसानों की डाक नीलामी पूरी नहीं हुई तो शनिवार को जब डाक नीलामी होते हुए नहीं दिखी तो गुस्साए किसानों ने शहर के मुख्य सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम लगा दिया। यह है पूरा मामला स्थानीय कृषि उपज मंडी में शुक्रवार तक हम्मालों की नई दरे न बढ़ाने पर शनिवार से हम्मालों ने व्यापारियों के यहां कार्य न करने का निर्णय लिया गया था। हम्मालों की चेतवानी के बाद व्यापारियों ने शुक्रवार की दोपहर 2 बजे से डाक नीलामी बंद कर दी थी। मंडी के अधिकारियों की काफी समझाइश के बाद हम्माल मान गए थे और शुक्रवार की शाम 5 बजे से डाक नीलामी पुनः शुरू हुई, लेकिन पूरी डाक नहीं हो सकी। शेष रह गई डाक आज शनिवार को होना थी लेकिन हम्मालों ने काम करने से मना कर दिया। फिर गुस्साए किसानों ने सर्वोदय चौराहा पहुंचकर चक्काजाम कर दिया। किसानों ने लगा दिया चक्काजाम मंडी प्रशासन की लापरवाही के चलते किसानों ने सर्वोदय चौक आकर जाम लगा दिया और मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलते ही पुलिस के जवान मौके पर पहुंच गए। चक्काजाम लगते ही चौराहा के चारों तरफ वाहनों की कतार लग गई। इस दौरान किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव से फोन पर चर्चा की। एसडीएम ने तत्काल मंडी कार्यालय में पहुंचकर व्यापारियों, हम्मालों, किसानों ओर मंडी प्रशासन के बीच चर्चा हुई। जिसमें शेष रही ट्रैक्टर ट्रॉलियों की नीलामी की चर्चा पर सहमति बनने पर चक्काजाम समाप्त हुआ। किसानों का आरोप मंडी में होते हैं परेशान ढांड गांव के किसान आकाश यादव ने कहा सरकार ने जो अनाज का मूल्य तय किया उस मूल्य से भी कम दामों पर व्यापारी माल ले रहे हैं। जिससे किसान परेशान है। ऐसे वक्त पर जब शादियों का दौर चल रहा है और किसानों को रुपयों की बहुत आवश्यकता है तब यह व्यापारी किसानों के साथ खुली लूट कर रहे हैं। किसान प्रमोद राय ने बताया कि गल्ला व्यापारियों एवं मंडी प्रशासन की मिली भगत से किसानों को छल कपट करके लूटा जा रहा है। सेमरा गनपत गांव के किसान विवेक दांगी ने बताया कि बीना कृषि उपज मंडी लूट का अड्डा बन गई है। जहां किसानों का शोषण लगातार हो रहा है और प्रशासन एवं जनप्रतिनिधि मौन है। किसान प्रहलाद सिंह ने बताया कि मंडी में व्यापारियों का व्यवहार किसानों के प्रति सही नहीं है। आए दिन वह किसी न किसी बहाने से किसानों के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जिससे किसान आज बेहद परेशान है। यदि इसी तरह का व्यवहार रहा तो हम किसान मंडी में आना बंद कर देंगे। हम्मालों ने कहा उन्हें 14 प्रतिशत वृद्धि चाहिए बैठक के दौरान व्यापारियों ने मजदूरी दरों में 12 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा, जबकि हम्माल 14 प्रतिशत पर अड़े रहे। सचिव ने बीच का रास्ता निकालते हुए 13 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया, जिस पर कुछ हम्माल सहमत हुए, लेकिन पूर्ण सहमति नहीं बन सकी। इसके अलावा हम्मालों ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में 60 क्विंटल से अधिक उपज होने पर टन के हिसाब से मजदूरी देने की मांग भी रखी। इस पर मंडी प्रशासन ने एक माह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया है।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत अंबेडकर जयंती को लेकर BSP की अहम बैठक, दशरथ कुमार अहिरवार ने की अध्यक्षता कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पदाधिकारियों से चर्चा, जिम्मेदारियां सौंपी गईं अंबेडकर जयंती के आयोजन को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में विधानसभा स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार ने की। बहुजन समाज पार्टी द्वारा अंबेडकर जयंती के आयोजन को लेकर एक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष दशरथ कुमार अहिरवार ने की। बैठक में अंबेडकर जयंती के कार्यक्रम को भव्य रूप से मनाने पर चर्चा की गई। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं, ताकि कार्यक्रम को सफल बनाया जा सके। बैठक में उपस्थित कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता सुनिश्चित करने की अपील भी की गई। साथ ही डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।1
- मध्यप्रदेश के धार जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रियंका पुरोहित नाम की एक महिला ने अपने ही पति देवकृष्ण पुरोहित की हत्या की साजिश रच डाली। इस साजिश में उसका साथ दिया उसके प्रेमी कमलेश और उसके दोस्त सुरेंद्र ने। बताया जा रहा है कि प्रियंका की शादी कम उम्र में हुई थी, लेकिन वह इस रिश्ते से खुश नहीं थी। इसी बीच उसका अपने ही रिश्तेदार कमलेश से संबंध बन गया। दोनों के बीच नजदीकियां इतनी बढ़ गईं कि उन्होंने देवकृष्ण को रास्ते से हटाने का फैसला कर लिया। एक रात कमलेश अपने साथी सुरेंद्र के साथ घर पहुंचा। दरवाजा पहले से खुला था, क्योंकि अंदर से प्रियंका ने मदद की थी। सोते हुए देवकृष्ण पर धारदार हथियार से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। हत्या को छिपाने के लिए इसे चोरी का रूप देने की कोशिश की गई। घर से जेवर और नकदी गायब दिखाए गए, और प्रियंका ने खुद को बांधकर नाटक रचा कि घर में चोर घुस आए थे। लेकिन पुलिस जांच में सच्चाई सामने आ गई। प्रियंका के बयानों में बार-बार बदलाव और घटनास्थल पर कोई संघर्ष के निशान न मिलने से शक गहराया। सख्ती से पूछताछ में प्रियंका ने पूरा सच कबूल कर लिया। फिलहाल पुलिस ने प्रियंका और उसके प्रेमी कमलेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि सुरेंद्र अभी फरार बताया जा रहा है। यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कैसे रिश्तों में विश्वास टूटने पर इंसान कितना बड़ा कदम उठा सकता है।1
- Post by ललित दुबे (न्यूज दिगौड़ा)1
- बीना :-टीईटी पात्रता परीक्षा के विरोध में कटरा मंदिर परिसर में एकत्रित होकर शिक्षकों ने जुलूस निकालते हुए विधायक कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने टीईटी पात्रता परीक्षा की विरोध में विधायक निर्मला सप्रे ज्ञापन सोपा। कटरा मंदिर प्रांगण से अम्बेडकर चौराहा से होते हुए सर्वोदय चौक निकाली रैली। रैली निकालकर प्रदर्शन करते हुए इसी तारतम्य में 11 अप्रैल को मप्र के सभी ब्लाकों में एवं 18 अप्रैल की राजधानी भोपाल में लाखों की संख्या में शिक्षक भोपाल पहुंचकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे। शिक्षक देवेंद्र भोजक ने बताया कि शासन द्वारा हमारी पच्चीस वर्षों की सेवा पर प्रश्नचिन्ह लगाते हुए जो विसंगतिपूर्ण आदेश जारी किया गया है, उसके कारण शिक्षक संवर्ग में असंतोष है। शांति ताम्रकार ने बताया कि सरकार को विरोध पर हो पुनर्विचार करना चाहिए । शिक्षक महेश राय ने कहा शिक्षकों की TET परीक्षा के संबंध में मध्यप्रदेश के लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेश तुरंत ही निरस्त करने एवं अध्यापकों के पक्ष में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका दायर करने की कृपा करें। संजय तिवारी ने कहा अध्यापक शिक्षक संवर्ग की पेंशन, ग्रेजुएटी और अवकाशों के नगदीकरण में भी उनकी प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा अवधि की गणना करने की कृपा करें। इस नौकरी करने में भी विचार रखें इस मुख पर प्रवेश ठाकुर, राकेश ठाकुर, मंजू यादव, संजय तिवारी, मनोज गोयल आदि ने भी अपने विचार रखें।1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत बीना मंडी में नीलामी ठप, किसानों का फूटा गुस्सा हम्माल-व्यापारी विवाद के चलते सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम, SDM की समझाइश के बाद खुला जाम बीना, शनिवार। बीना कृषि उपज मंडी में डाक नीलामी ठप होने से नाराज किसानों ने शनिवार को शहर के प्रमुख सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम कर दिया। हम्मालों और व्यापारियों के बीच मजदूरी दरों को लेकर चल रहे विवाद के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। जानकारी के अनुसार, हम्मालों ने मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की मांग को लेकर चेतावनी दी थी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे काम बंद कर देंगे। इसके चलते शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे से व्यापारियों ने डाक नीलामी बंद कर दी थी। हालांकि मंडी प्रशासन की समझाइश के बाद हम्माल शाम 5 बजे से काम पर लौटे और नीलामी दोबारा शुरू हुई, लेकिन सभी किसानों की उपज की नीलामी पूरी नहीं हो सकी। शनिवार को शेष नीलामी होना थी, लेकिन हम्मालों ने पुनः काम करने से इनकार कर दिया। इससे आक्रोशित किसानों ने सर्वोदय चौराहा पर चक्काजाम कर दिया और मंडी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जाम के कारण चारों दिशाओं में वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस बल मौके पर पहुंचा। इस दौरान किसान नेता इंदर सिंह ठाकुर ने एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव से फोन पर चर्चा की। इसके बाद एसडीएम तत्काल मंडी पहुंचे और व्यापारियों, हम्मालों, किसानों तथा मंडी प्रशासन के बीच बातचीत कराई। बातचीत के बाद शेष ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की नीलामी कराने पर सहमति बनी, जिसके बाद किसानों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया। किसानों का आरोप—मंडी में हो रहा शोषण किसानों का आरोप है कि मंडी में लगातार उनका शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि शादी के सीजन में उन्हें पैसों की सख्त जरूरत होती है, ऐसे समय में नीलामी बाधित होना उनके लिए बड़ी समस्या है। किसानों ने मंडी प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर उदासीनता का आरोप भी लगाया। मजदूरी बढ़ोतरी पर नहीं बनी सहमति बैठक के दौरान व्यापारियों ने मजदूरी दरों में 12 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा, जबकि हम्माल 14 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग पर अड़े रहे। मंडी सचिव ने 13 प्रतिशत वृद्धि का सुझाव दिया, जिस पर आंशिक सहमति बनी, लेकिन अंतिम निर्णय नहीं हो सका। इसके अलावा हम्मालों ने 60 क्विंटल से अधिक उपज वाली ट्रैक्टर-ट्रॉली पर टन के हिसाब से मजदूरी देने की मांग भी रखी। इस पर मंडी प्रशासन ने एक माह के भीतर समाधान का आश्वासन दिया है।1