इंसानियत की मिसाल,लाचार पिता की मदद के लिए आगे आई पटना ट्रैफिक पुलिस राजधानी पटना के गांधी मैदान इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। अक्सर अपनी सख्त कार्यशैली के लिए चर्चा में रहने वाली पुलिस का एक बेहद संवेदनशील चेहरा यहाँ देखने को मिला है। दरअसल शहर में वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के आसपास ऑटो के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस बीच एक मजबूर पिता अपनी बीमार बेटी को गोद में उठाकर पैदल ही स्टेशन की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जब इस बेबस पिता पर पड़ी, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा। ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के जवानों ने न केवल उस पिता को सांत्वना दी बल्कि अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हें सुरक्षित पटना जंक्शन तक पहुँचाया। सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ अक्सर पुलिस की नकारात्मक छवि को ही प्रमुखता दी जाती है, वहीं पटना पुलिस की इस दरियादिली ने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर आज भी इंसानियत जिंदा है। यह प्रेरक घटना उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो हर परिस्थिति में पुलिस की आलोचना करते हैं। संकट की घड़ी में पुलिस द्वारा निभाया गया यह फर्ज अब लोगों के बीच प्रशंसा का केंद्र बना हुआ है और इस इंसानियत की मिसाल,लाचार पिता की मदद के लिए आगे आई पटना ट्रैफिक पुलिस राजधानी पटना के गांधी मैदान इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। अक्सर अपनी सख्त कार्यशैली के लिए चर्चा में रहने वाली पुलिस का एक बेहद संवेदनशील चेहरा यहाँ देखने को मिला है। दरअसल शहर में वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के आसपास ऑटो के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस बीच एक मजबूर पिता अपनी बीमार बेटी को गोद में उठाकर पैदल ही स्टेशन की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जब इस बेबस पिता पर पड़ी, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा। ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के जवानों ने न केवल उस पिता को सांत्वना दी बल्कि अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हें सुरक्षित पटना जंक्शन तक पहुँचाया। सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ अक्सर पुलिस की नकारात्मक छवि को ही प्रमुखता दी जाती है, वहीं पटना पुलिस की इस दरियादिली ने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर आज भी इंसानियत जिंदा है। यह प्रेरक घटना उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो हर परिस्थिति में पुलिस की आलोचना करते हैं। संकट की घड़ी में पुलिस द्वारा निभाया गया यह फर्ज अब लोगों के बीच प्रशंसा का केंद्र बना हुआ है और इस सराहनीय कार्य की हर तरफ चर्चा हो रही है।
इंसानियत की मिसाल,लाचार पिता की मदद के लिए आगे आई पटना ट्रैफिक पुलिस राजधानी पटना के गांधी मैदान इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। अक्सर अपनी सख्त कार्यशैली के लिए चर्चा में रहने वाली पुलिस का एक बेहद संवेदनशील चेहरा यहाँ देखने को मिला है। दरअसल शहर में वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के आसपास ऑटो के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस बीच एक मजबूर पिता अपनी बीमार बेटी को गोद में उठाकर पैदल ही स्टेशन की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जब इस बेबस पिता पर पड़ी, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा। ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के जवानों ने न केवल उस पिता को सांत्वना दी बल्कि अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हें सुरक्षित पटना जंक्शन तक पहुँचाया। सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ अक्सर पुलिस की नकारात्मक छवि को ही प्रमुखता दी जाती है, वहीं पटना पुलिस की इस दरियादिली ने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर आज भी इंसानियत जिंदा है। यह प्रेरक घटना उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो हर परिस्थिति में पुलिस की आलोचना करते हैं। संकट की घड़ी में पुलिस द्वारा निभाया गया यह फर्ज अब लोगों के बीच प्रशंसा का केंद्र बना हुआ है और इस इंसानियत की मिसाल,लाचार पिता की मदद के लिए आगे आई पटना ट्रैफिक पुलिस राजधानी पटना के गांधी मैदान इलाके से मानवता को गौरवान्वित करने वाली एक सुखद तस्वीर सामने आई है। अक्सर अपनी सख्त कार्यशैली के लिए चर्चा में रहने वाली पुलिस का एक बेहद संवेदनशील चेहरा यहाँ देखने को मिला है। दरअसल शहर में वीवीआईपी मूवमेंट होने के कारण सुरक्षा कारणों से गांधी मैदान के आसपास ऑटो के परिचालन पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई थी। इस बीच एक मजबूर पिता अपनी बीमार बेटी को गोद में उठाकर पैदल ही स्टेशन की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। यातायात व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों की नजर जब इस बेबस पिता पर पड़ी, तो उन्होंने बिना समय गंवाए स्थिति की गंभीरता को समझा। ड्यूटी पर तैनात यातायात पुलिस के जवानों ने न केवल उस पिता को सांत्वना दी बल्कि अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर उन्हें सुरक्षित पटना जंक्शन तक पहुँचाया। सोशल मीडिया के इस दौर में जहाँ अक्सर पुलिस की नकारात्मक छवि को ही प्रमुखता दी जाती है, वहीं पटना पुलिस की इस दरियादिली ने यह साबित कर दिया है कि खाकी वर्दी के भीतर आज भी इंसानियत जिंदा है। यह प्रेरक घटना उन लोगों के लिए एक करारा जवाब है जो हर परिस्थिति में पुलिस की आलोचना करते हैं। संकट की घड़ी में पुलिस द्वारा निभाया गया यह फर्ज अब लोगों के बीच प्रशंसा का केंद्र बना हुआ है और इस सराहनीय कार्य की हर तरफ चर्चा हो रही है।
- किसान भाइयों के लिए शहर की सुविधा अब आपके नगर पंचायत मच्छरगांवा जोगापट्टी में।1
- **बगीचे में पेड़ से लटका मिला युवक का शव, इलाके में सनसनी** **सुखपुरा/बलिया | विप्लव सिंह की रिपोर्ट** सुखपुरा थाना क्षेत्र के भलूही गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव आम के बगीचे में पेड़ से फंदे से लटका मिला, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। साथ ही मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मृतक की पहचान 35 वर्षीय सुनील चौहान, पुत्र सत्येन्द्र चौहान, निवासी भलूही के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, सुनील मंगलवार शाम से ही घर से लापता था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी थी। बुधवार सुबह शौच के लिए जा रही महिलाओं ने आम के बगीचे में पेड़ से लटका शव देखा, जिसके बाद गांव में अफरा-तफरी मच गई और पुलिस को सूचना दी गई। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की जांच कर रही है। आत्महत्या या अन्य कारणों की पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।1
- नौतन प्रखंड के मंगलपुर कला पंचायत अंतर्गत वार्ड संख्या 7 स्थित बरियारपुर गांव में मंगलवार की देर शाम उस समय भयावह मंजर देखने को मिला जब अचानक लगी भीषण आग ने पूरे गांव को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दर्जनों घर इसकी चपेट में आकर पूरी तरह जलकर राख हो गए। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि किसी को संभलने या सामान बचाने का भी मौका नहीं मिल सका। घरों में रखा अनाज, कपड़े, गहने, बर्तन, पलंग, कुर्सी और अन्य सभी घरेलू सामान पलभर में जलकर खाक हो गया, जिससे पीड़ित परिवारों की पूरी जिंदगी की जमा-पूंजी समाप्त हो गई। अचानक हुई इस घटना से पूरे गांव में अफरा-तफरी और चीख-पुकार मच गई, लोग अपने-अपने घरों से सामान निकालने की कोशिश करते रहे लेकिन आग की भयावहता के आगे सब बेबस नजर आए। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने अपने स्तर से आग पर काबू पाने का भरसक प्रयास किया, बाल्टी, पंप और उपलब्ध संसाधनों से लोग आग बुझाने में जुट गए, लेकिन तेज हवा और आग की तीव्रता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसके बाद अग्निशमन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक भारी तबाही हो चुकी थी। इस अगलगी की घटना में सुबोध राम, अकलु राम सहित दर्जनों परिवारों के घर पूरी तरह जलकर नष्ट हो गए, जिससे वे खुले आसमान के नीचे जीवन यापन करने को मजबूर हो गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता अभी तक नहीं चल सका है, हालांकि प्रारंभिक आशंका जताई जा रही है कि चूल्हे की चिंगारी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह भीषण हादसा हुआ हो सकता है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत और शोक का माहौल कायम है। गांव के लोग अपने उजड़े हुए आशियाने को देखकर गम और सदमे में हैं। सूचना मिलने पर पंचायत समिति सदस्य रंजन यादव भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रशासन को तत्काल जानकारी देते हुए पीड़ित परिवारों के लिए शीघ्र राहत और मुआवजे की मांग की है। इस दर्दनाक हादसे के बाद बरियारपुर गांव में मातम पसरा हुआ है और हर तरफ सिर्फ राख और उजड़े हुए घरों के निशान नजर आ रहे हैं। ग्रामीण प्रशासन से जल्द से जल्द राहत सामग्री, आवास व्यवस्था और मुआवजा उपलब्ध कराने की उम्मीद लगाए बैठे हैं, ताकि इस भीषण त्रासदी से प्रभावित परिवारों को कुछ सहारा मिल सके।1
- पलंनवा जगधर पंचायत वार्ड नंबर 14 का नाला का हाल1
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- राज्य में चल रही जनगणना 2027 के साथ-साथ स्व गणना की भी की गई है व्यवस्था। इसके लिए सरकार ने जारी किए है वेब साइट। जिस पर कोई भी भारतीय नागरिक अपनी पारिवारिक जानकारी भर कर अपनी गणना करा सकता है।जिसे बाद में बीएलओ द्वारा वेरिफाई किया जाएगा।1
- **बखरिया पोखरा कुर्मी टोला में क्रिकेट टूर्नामेंट का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शुभारंभ** **बेतिया | सत्यम श्रीवास्तव की रिपोर्ट** मझौलिया प्रखंड क्षेत्र के बखरिया पोखरा स्थित कुर्मी टोला में निशांत टी-20 क्रिकेट टूर्नामेंट का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह में पूर्व सरपंच मनोज प्रसाद, सरपंच प्रतिनिधि पूरण दास तथा पूर्व वार्ड सदस्य संदीप पटेल ने संयुक्त रूप से फीता काटकर टूर्नामेंट का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर बखरिया और बहुअरवा की टीमों के बीच उद्घाटन मैच खेला गया, जिसमें टॉस जीतकर बखरिया की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 128 रनों से जीत दर्ज की। उपस्थित अतिथियों ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर उनका उत्साहवर्धन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेलकूद आपसी भाईचारा, अनुशासन और शारीरिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस तरह के आयोजन से युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिलता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। टूर्नामेंट में आसपास के कई गांवों की टीमों ने भाग लिया है। आयोजन समिति के अनुसार प्रतियोगिता कई दिनों तक चलेगी और विजेता टीम को पुरस्कृत किया जाएगा। स्थानीय ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर कमलेश कुमार, विजय शाह, दीपू पटेल, बिरजू पटेल, चंदन प्रसाद, बृजेश पटेल, मंगेश कुमार, अंशु कुमार, गुड्डू कुमार, दीपक कुमार, फिरोज आलम, राजकुमार यादव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।1
- बेतिया में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हो चुके हैं कि अब दिनदहाड़े भी लोग सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला चनपटिया थाना क्षेत्र के सिसवनिया गांव से सामने आया है, जहां सुबह करीब 10 बजे घात लगाए बदमाशों ने एक युवक को सीने में गोली मार दी। घायल युवक की पहचान सिसवनिया निवासी रविंद्र पासवान के 25 वर्षीय पुत्र अजीत पासवान के रूप में हुई है, जो गांव में ही सिलाई का काम करता है। बताया जा रहा है कि अजीत खाना खाने के बाद अपने घर से दुकान लौट रहा था। इसी दौरान घर से महज 200 मीटर की दूरी पर पहले से घात लगाए हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। एक गोली उसके सीने के दाहिने हिस्से में जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गिर पड़ा। गोली की आवाज सुनते ही आसपास के लोग दौड़े और परिजनों की मदद से गंभीर हालत में उसे तुरंत जीएमसीएच बेतिया पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है और स्थिति नाजुक बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही चनपटिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर हमलावरों की पहचान करने में जुटी है, हालांकि अभी तक हमले के पीछे के कारणों काऊ खुलासा नहीं हो सका है। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सदर एसडीपीओ विवेक दीप ने बताया कि घायल का इलाज चल रहा है और पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं घायल के बड़े भाई सुजीत पासवान ने बताया कि जैसे ही घटना की जानकारी मिली, वह तुरंत मौके पर पहुंचे और अपने भाई को बाइक से अस्पताल लेकर आए। फिलहाल परिवार में दहशत और चिंता का माहौल है, जबकि पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है।1
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