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खेड़ली क्षेत्र की जटवाड़ा ग्राम पंचायत के गांव हनुमान वास में बुधवार रात रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से पूरे घर में कोहराम मच गया और आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। शुरुआती तौर पर लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग पर नियंत्रण न होने पर खेड़ली की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर कर्मचारी अंकुश शर्मा, प्रेमचंद सैनी और चाणक्य लाटा ने जानकारी दी कि हनुमान वास निवासी बदन सिंह पुत्र नारायण गुर्जर के मकान में एक कमरे को रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें रखे सिलेंडर में आग लगने के कारण रसोई का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर घर के भीतर धधकते सिलेंडर को बाहर निकाला गया और आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से रसोई में रखा अनाज, कपड़े और महत्वपूर्ण कागजात सहित अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।

15 hrs ago
user_रोहित सिंघल
रोहित सिंघल
Advertising agency कठूमर, अलवर, राजस्थान•
15 hrs ago

खेड़ली क्षेत्र की जटवाड़ा ग्राम पंचायत के गांव हनुमान वास में बुधवार रात रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से पूरे घर में कोहराम मच गया और आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। शुरुआती तौर पर लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग पर नियंत्रण न होने पर खेड़ली की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर कर्मचारी अंकुश शर्मा, प्रेमचंद सैनी और चाणक्य लाटा ने जानकारी दी कि हनुमान वास निवासी बदन सिंह पुत्र नारायण गुर्जर के मकान में एक कमरे को रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें रखे सिलेंडर में आग लगने के कारण रसोई का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर घर के भीतर धधकते सिलेंडर को बाहर निकाला गया और आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से रसोई में रखा अनाज, कपड़े और महत्वपूर्ण कागजात सहित अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।

More news from राजस्थान and nearby areas
  • राजस्थान के अलवर जिले के तिगरिया में सड़क की हालत खराब है।
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    राजस्थान के अलवर जिले के तिगरिया में सड़क की हालत खराब है।
    user_PRINC Alwar
    PRINC Alwar
    कठूमर, अलवर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • डीग जिले की कृष्ण जन्मभूमि पर चल रही ब्रज 84 कोस यात्रा के दौरान, जल महल प्लस प्रेस क्लब के पत्रकार राजेश चौधरी ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन किया। इस पहल के तहत, पत्रकार चौधरी ने विशेष रूप से माता-बहनों, बुजुर्गों और भाइयों से उनकी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों के बारे में पूछा। उन्होंने सभी ज़रूरतमंद श्रद्धालुओं को मलम, पट्टियां और गोलियां वितरित कीं। इस सेवा भाव के लिए राजेश चौधरी ने सभी श्रद्धालुओं से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
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    डीग जिले की कृष्ण जन्मभूमि पर चल रही ब्रज 84 कोस यात्रा के दौरान, जल महल प्लस प्रेस क्लब के पत्रकार राजेश चौधरी ने सभी श्रद्धालुओं का स्वागत और अभिनंदन किया। इस पहल के तहत, पत्रकार चौधरी ने विशेष रूप से माता-बहनों, बुजुर्गों और भाइयों से उनकी स्वास्थ्य संबंधी तकलीफों के बारे में पूछा। उन्होंने सभी ज़रूरतमंद श्रद्धालुओं को मलम, पट्टियां और गोलियां वितरित कीं। इस सेवा भाव के लिए राजेश चौधरी ने सभी श्रद्धालुओं से आशीर्वाद भी प्राप्त किया।
    user_Rajesh Kumar
    Rajesh Kumar
    कुम्हेर, भरतपुर, राजस्थान•
    15 hrs ago
  • दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन गुरुवार को अत्यंत भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। समापन समारोह की शुरुआत विधि-विधान से हवन-पूजन और पूर्ण आहुति के साथ हुई, जिसके उपरांत एक विशाल महाप्रसादी और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। कार्यक्रम में महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक के आगमन पर ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने उन्हें फूल-मालाओं, साफा और दुपट्टा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। गजराज मीणा ने बताया कि कथा समापन समारोह में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल थे, जिन्होंने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। भजन-कीर्तन, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। अपने संबोधन में विधायक राजेंद्र मीणा ने श्रीमद् भागवत कथा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, नैतिकता और मानवता का संदेश देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों के विशेष महत्व पर जोर दिया, जो समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। विधायक ने युवाओं को अपनी संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इतने भव्य और अनुशासित कार्यक्रम का सफल आयोजन पूरे गांव की एकता और सहयोग का प्रतीक है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष क्षेत्र की सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों से संबंधित समस्याएं रखीं, जिनके समाधान का आश्वासन विधायक ने दिया। समापन अवसर पर आयोजित विशाल महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं की सेवा भावना और अनुशासन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोजनकर्ता गिरधारी लाल मीणा, पत्रकार नीरज मीणा, सावलराम मीणा, रतीराम, गुलाब मीणा, जगदीश, रामदयाल, मोजीराम, कल्याण सहाय, राजू, करण दक्ष, करण राजू, रवि, रामकेश, हेमराज, पप्पू, विक्रम, रामहरि, सरपंच राम सिंह, सरपंच रामफूल, सरपंच सुखराम खिलाड़ी, गिर्राज, लक्ष्मण पटेल, यादराम पटेल, काडू पटेल, रमेश, जगराम, श्रीराम तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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    दौसा जिले के मंडावर उपखंड क्षेत्र के ग्राम ऊकरूंद में पिछले सात दिनों से चल रही श्रीमद् भागवत कथा का समापन गुरुवार को अत्यंत भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ हुआ। समापन समारोह की शुरुआत विधि-विधान से हवन-पूजन और पूर्ण आहुति के साथ हुई, जिसके उपरांत एक विशाल महाप्रसादी और भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान कथा स्थल पर हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।

कार्यक्रम में महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने पहुंचकर पूजा-अर्चना की और कथा व्यास से आशीर्वाद प्राप्त किया। विधायक के आगमन पर ग्रामीणों और आयोजन समिति के सदस्यों ने उन्हें फूल-मालाओं, साफा और दुपट्टा पहनाकर भव्य स्वागत किया। कथा पंडाल “राधे-राधे” और “जय श्री कृष्ण” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। गजराज मीणा ने बताया कि कथा समापन समारोह में आसपास के कई गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिनमें महिलाएं, युवा और बुजुर्ग सभी शामिल थे, जिन्होंने कथा श्रवण कर धर्म लाभ प्राप्त किया। भजन-कीर्तन, संकीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।

अपने संबोधन में विधायक राजेंद्र मीणा ने श्रीमद् भागवत कथा को केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज को संस्कार, नैतिकता और मानवता का संदेश देने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया। उन्होंने भारतीय संस्कृति में ऐसे धार्मिक आयोजनों के विशेष महत्व पर जोर दिया, जो समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता को मजबूत करते हैं। विधायक ने युवाओं को अपनी संस्कृति और धार्मिक मूल्यों से जुड़े रहने का संदेश भी दिया। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इतने भव्य और अनुशासित कार्यक्रम का सफल आयोजन पूरे गांव की एकता और सहयोग का प्रतीक है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष क्षेत्र की सड़क, पेयजल और अन्य विकास कार्यों से संबंधित समस्याएं रखीं, जिनके समाधान का आश्वासन विधायक ने दिया।

समापन अवसर पर आयोजित विशाल महाप्रसादी में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस पूरे कार्यक्रम में ग्रामीण युवाओं की सेवा भावना और अनुशासन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा, जिसने श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक समरसता का एक अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर आयोजनकर्ता गिरधारी लाल मीणा, पत्रकार नीरज मीणा, सावलराम मीणा, रतीराम, गुलाब मीणा, जगदीश, रामदयाल, मोजीराम, कल्याण सहाय, राजू, करण दक्ष, करण राजू, रवि, रामकेश, हेमराज, पप्पू, विक्रम, रामहरि, सरपंच राम सिंह, सरपंच रामफूल, सरपंच सुखराम खिलाड़ी, गिर्राज, लक्ष्मण पटेल, यादराम पटेल, काडू पटेल, रमेश, जगराम, श्रीराम तहसीलदार सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
    user_महवा न्यूज़ लाइव
    महवा न्यूज़ लाइव
    Advertising agency महवा, दौसा, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • अलवर के भरतरी क्षेत्र में एक अनोखा दृश्य सामने आया है, जहाँ एक साधु ने अपनी मोटरसाइकिल को ठंडा करने के लिए पानी का नहीं, बल्कि छाछ का उपयोग किया। यह अद्भुत नजारा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
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    अलवर के भरतरी क्षेत्र में एक अनोखा दृश्य सामने आया है, जहाँ एक साधु ने अपनी मोटरसाइकिल को ठंडा करने के लिए पानी का नहीं, बल्कि छाछ का उपयोग किया। यह अद्भुत नजारा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
    user_रोहिताश कुमार जाटव
    रोहिताश कुमार जाटव
    Farmer Ramgarh Alwar, Rajasthan•
    6 hrs ago
  • मानवता की सेवा, करुणा और निःस्वार्थ समर्पण से भरतपुर जिले के बझेरा गाँव स्थित अपना घर आश्रम ने वैश्विक पटल पर एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है। आधिकारिक तौर पर यह आश्रम अब दुनिया का सबसे बड़ा महिला आश्रय गृह बन गया है, और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है। गिनीज बुक के अधिकृत जज और रिकॉर्ड टीम के प्रमुख ऋषिनाथ की टीम ने दो दिनों तक आश्रम की व्यवस्थाओं, दस्तावेजों और भवन क्षमता का गहन जमीनी सत्यापन किया। ऑनलाइन स्क्रूटनी के छह महीने बाद हुए इस ऑफलाइन वेरिफिकेशन में आश्रम की व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी बेहतर पाई गईं, जिसके बाद उसे विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपना घर आश्रम ने अमेरिका के मियामी स्थित 'लोटस हाउस वूमन शेल्टर' का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसे अब तक दुनिया का सबसे बड़ा महिला शेल्टर माना जाता था और जहाँ लगभग 1,500 महिलाओं, युवाओं और बच्चों को आश्रय मिलता था। इसके मुकाबले, भरतपुर के अपना घर आश्रम ने 3,295 निराश्रित एवं असहाय महिलाओं के प्रमाणित आंकड़े के साथ यह कीर्तिमान स्थापित किया है। जांच के समय आश्रम में महिला आवासियों की कुल संख्या 3,473 दर्ज की गई थी, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल नहीं हैं। आश्रम 9.10 लाख वर्ग फीट में फैला है, जिसमें 5.22 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त निर्माण किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति 100 वर्ग फुट जगह का मानक है, जबकि यहाँ प्रत्येक महिला आवासी को 126 वर्ग फुट की खुली और सम्मानजनक जगह उपलब्ध है। यहाँ आवासियों के लिए स्वच्छता, नियमित चिकित्सा और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है। संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज ने इस उपलब्धि को ईंट-पत्थरों या संसाधनों की नहीं, बल्कि उस सेवा भावना की जीत बताया जो हर बेसहारा को 'प्रभुजी' मानकर सेवा देती है। सन 2000 में बझेरा में शुरू हुई इस संस्था ने पिछले ढाई दशक में 14,710 बेसहारा महिलाओं का सफल इलाज और पुनर्वास करवाकर उन्हें उनके परिवारों से दोबारा मिलवाया है। वर्तमान में देशभर में अपना घर के 57 आश्रम संचालित हैं, जिनमें 12,000 से अधिक आवासी आश्रय पा रहे हैं, जिनमें लगभग 6,500 महिला प्रभुजी हैं।
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    मानवता की सेवा, करुणा और निःस्वार्थ समर्पण से भरतपुर जिले के बझेरा गाँव स्थित अपना घर आश्रम ने वैश्विक पटल पर एक स्वर्णिम अध्याय लिखा है। आधिकारिक तौर पर यह आश्रम अब दुनिया का सबसे बड़ा महिला आश्रय गृह बन गया है, और इसका नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज किया गया है।

गिनीज बुक के अधिकृत जज और रिकॉर्ड टीम के प्रमुख ऋषिनाथ की टीम ने दो दिनों तक आश्रम की व्यवस्थाओं, दस्तावेजों और भवन क्षमता का गहन जमीनी सत्यापन किया। ऑनलाइन स्क्रूटनी के छह महीने बाद हुए इस ऑफलाइन वेरिफिकेशन में आश्रम की व्यवस्थाएं अंतरराष्ट्रीय मानकों से भी बेहतर पाई गईं, जिसके बाद उसे विश्व रिकॉर्ड का आधिकारिक प्रमाण पत्र सौंपा गया। अपना घर आश्रम ने अमेरिका के मियामी स्थित 'लोटस हाउस वूमन शेल्टर' का रिकॉर्ड तोड़ दिया है, जिसे अब तक दुनिया का सबसे बड़ा महिला शेल्टर माना जाता था और जहाँ लगभग 1,500 महिलाओं, युवाओं और बच्चों को आश्रय मिलता था। इसके मुकाबले, भरतपुर के अपना घर आश्रम ने 3,295 निराश्रित एवं असहाय महिलाओं के प्रमाणित आंकड़े के साथ यह कीर्तिमान स्थापित किया है। जांच के समय आश्रम में महिला आवासियों की कुल संख्या 3,473 दर्ज की गई थी, जिसमें बच्चे और बुजुर्ग शामिल नहीं हैं। आश्रम 9.10 लाख वर्ग फीट में फैला है, जिसमें 5.22 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में आधुनिक और सर्वसुविधायुक्त निर्माण किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति 100 वर्ग फुट जगह का मानक है, जबकि यहाँ प्रत्येक महिला आवासी को 126 वर्ग फुट की खुली और सम्मानजनक जगह उपलब्ध है। यहाँ आवासियों के लिए स्वच्छता, नियमित चिकित्सा और पौष्टिक भोजन की व्यवस्था की गई है।

संस्थापक डॉ. बीएम भारद्वाज ने इस उपलब्धि को ईंट-पत्थरों या संसाधनों की नहीं, बल्कि उस सेवा भावना की जीत बताया जो हर बेसहारा को 'प्रभुजी' मानकर सेवा देती है। सन 2000 में बझेरा में शुरू हुई इस संस्था ने पिछले ढाई दशक में 14,710 बेसहारा महिलाओं का सफल इलाज और पुनर्वास करवाकर उन्हें उनके परिवारों से दोबारा मिलवाया है। वर्तमान में देशभर में अपना घर के 57 आश्रम संचालित हैं, जिनमें 12,000 से अधिक आवासी आश्रय पा रहे हैं, जिनमें लगभग 6,500 महिला प्रभुजी हैं।
    user_मेरा प्रयास सच दिखाने का
    मेरा प्रयास सच दिखाने का
    Bharatpur, Rajasthan•
    1 hr ago
  • भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे के देवरी गांव में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाना एक परिवार को भारी पड़ गया। पीड़ित पृथ्वीराज लोधा के भाई श्रीराम को कुछ दबंगों ने 27 मई को लाठी-सरिया से बुरी तरह पीटा और घर में बंद कर दिया। जब परिवार के नौ सदस्य श्रीराम को छुड़ाने गए, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। पृथ्वीराज लोधा ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले सरकारी भूमि पर सरपंच द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों और जिला कलेक्टर से की थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है, जिनके अवैध कब्जे को उनकी शिकायत पर हटाया गया था और तभी से वे रंजिश रखे हुए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं। पीड़ितों ने इन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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    भरतपुर जिले के रूपवास कस्बे के देवरी गांव में सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटवाना एक परिवार को भारी पड़ गया। पीड़ित पृथ्वीराज लोधा के भाई श्रीराम को कुछ दबंगों ने 27 मई को लाठी-सरिया से बुरी तरह पीटा और घर में बंद कर दिया। जब परिवार के नौ सदस्य श्रीराम को छुड़ाने गए, तो उन्हें भी बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई।

पृथ्वीराज लोधा ने बताया कि उन्होंने कुछ समय पहले सरकारी भूमि पर सरपंच द्वारा किए गए अतिक्रमण की शिकायत प्रशासनिक अधिकारियों और जिला कलेक्टर से की थी। इस शिकायत के बाद प्रशासन ने सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटवा दिया था। पीड़ितों का आरोप है कि यह हमला उन्हीं लोगों ने किया है, जिनके अवैध कब्जे को उनकी शिकायत पर हटाया गया था और तभी से वे रंजिश रखे हुए हैं। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर सबसे बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि उनकी शिकायत के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे दबंगों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।

पीड़ितों ने इन हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
    user_लोहागढ़ न्यूज़ टाइम्स (सच ख़बर
    लोहागढ़ न्यूज़ टाइम्स (सच ख़बर
    Social Media Manager भरतपुर, भरतपुर, राजस्थान•
    4 hrs ago
  • रुपवास उपखंड क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण, बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए करुणा जीव सेवा संस्था, रुपवास के युवाओं ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। इस भीषण गर्मी में पानी की तलाश में भटकते हुए कई पक्षी दम तोड़ देते हैं, इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। भामाशाह अमरसिंह अंदाजा के सहयोग से रुपवास के रामचरण लाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय उपजिला अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ पेड़ों पर पक्षियों के लिए पानी के परिंडे लगाए गए हैं। इस अभियान के तहत पूरे प्रखंड में अब तक 500 परिंडे सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 1000 परिंडे लगाने का संकल्प लिया गया है। पहले चरण में रुपवास के मुख्य बाजारों के साथ-साथ खानुआ, इब्राहिमपुर, कांदौली, मैरथा, चांदौली और कस्बे के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे स्थापित किए गए। इन परिंडों को मुख्य रूप से घने पेड़ों की शाखाओं, सरकारी भवनों की छतों और मंदिर परिसरों में बांधा गया है, जो पक्षियों की आवाजाही वाले प्रमुख स्थान हैं। केवल परिंडे बांधना ही पर्याप्त नहीं मानते हुए, संस्था ने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और टोली नायकों की कमेटियां बनाई हैं। इन टोलियों को सुबह और शाम नियमित रूप से परिंडों में साफ पानी भरने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पुनीत कार्य के दौरान उपस्थित गणमान्य लोगों ने आम जनता से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने घर की छत, बालकनी और आंगन में कम से कम एक परिंडा लगाकर उसमें नियमित रूप से दाना-पानी रखने का आग्रह किया है, ताकि भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों को जीवन मिल सके।
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    रुपवास उपखंड क्षेत्र में बढ़ती गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण, बेजुबान पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए करुणा जीव सेवा संस्था, रुपवास के युवाओं ने एक सराहनीय पहल शुरू की है। इस भीषण गर्मी में पानी की तलाश में भटकते हुए कई पक्षी दम तोड़ देते हैं, इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। भामाशाह अमरसिंह अंदाजा के सहयोग से रुपवास के रामचरण लाल राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, राजकीय उपजिला अस्पताल और अन्य सार्वजनिक स्थानों के साथ-साथ पेड़ों पर पक्षियों के लिए पानी के परिंडे लगाए गए हैं।

इस अभियान के तहत पूरे प्रखंड में अब तक 500 परिंडे सफलतापूर्वक लगाए जा चुके हैं, जबकि कुल 1000 परिंडे लगाने का संकल्प लिया गया है। पहले चरण में रुपवास के मुख्य बाजारों के साथ-साथ खानुआ, इब्राहिमपुर, कांदौली, मैरथा, चांदौली और कस्बे के अन्य सार्वजनिक स्थानों पर परिंडे स्थापित किए गए। इन परिंडों को मुख्य रूप से घने पेड़ों की शाखाओं, सरकारी भवनों की छतों और मंदिर परिसरों में बांधा गया है, जो पक्षियों की आवाजाही वाले प्रमुख स्थान हैं।

केवल परिंडे बांधना ही पर्याप्त नहीं मानते हुए, संस्था ने स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं और टोली नायकों की कमेटियां बनाई हैं। इन टोलियों को सुबह और शाम नियमित रूप से परिंडों में साफ पानी भरने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस पुनीत कार्य के दौरान उपस्थित गणमान्य लोगों ने आम जनता से भी इस अभियान में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने प्रत्येक नागरिक से अपने घर की छत, बालकनी और आंगन में कम से कम एक परिंडा लगाकर उसमें नियमित रूप से दाना-पानी रखने का आग्रह किया है, ताकि भीषण गर्मी में बेजुबान पक्षियों को जीवन मिल सके।
    user_मेरा प्रयास सच दिखाने का
    मेरा प्रयास सच दिखाने का
    Bharatpur, Rajasthan•
    4 hrs ago
  • खेड़ली क्षेत्र की जटवाड़ा ग्राम पंचायत के गांव हनुमान वास में बुधवार रात रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से पूरे घर में कोहराम मच गया और आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। शुरुआती तौर पर लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका। आग पर नियंत्रण न होने पर खेड़ली की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर कर्मचारी अंकुश शर्मा, प्रेमचंद सैनी और चाणक्य लाटा ने जानकारी दी कि हनुमान वास निवासी बदन सिंह पुत्र नारायण गुर्जर के मकान में एक कमरे को रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें रखे सिलेंडर में आग लगने के कारण रसोई का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर घर के भीतर धधकते सिलेंडर को बाहर निकाला गया और आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से रसोई में रखा अनाज, कपड़े और महत्वपूर्ण कागजात सहित अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
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    खेड़ली क्षेत्र की जटवाड़ा ग्राम पंचायत के गांव हनुमान वास में बुधवार रात रसोई में खाना बनाते समय अचानक गैस सिलेंडर में आग लग गई। इस घटना से पूरे घर में कोहराम मच गया और आस-पास के लोग मौके पर जमा हो गए। शुरुआती तौर पर लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा सका।

आग पर नियंत्रण न होने पर खेड़ली की फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर कर्मचारी अंकुश शर्मा, प्रेमचंद सैनी और चाणक्य लाटा ने जानकारी दी कि हनुमान वास निवासी बदन सिंह पुत्र नारायण गुर्जर के मकान में एक कमरे को रसोई के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, जिसमें रखे सिलेंडर में आग लगने के कारण रसोई का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर घर के भीतर धधकते सिलेंडर को बाहर निकाला गया और आग पर सफलतापूर्वक काबू पाया गया। आग की चपेट में आने से रसोई में रखा अनाज, कपड़े और महत्वपूर्ण कागजात सहित अन्य जरूरी सामान पूरी तरह नष्ट हो गया।
    user_रोहित सिंघल
    रोहित सिंघल
    Advertising agency कठूमर, अलवर, राजस्थान•
    15 hrs ago
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