Shuru
Apke Nagar Ki App…
गांव हंडिया मांडा खास में में जल भराव से विमारी संक्रमण फैलता नजर आ रहा है मांडा ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांव हंडिया में संक्रमित रोग से परेशान बच्चे बिमार स्कूल जाने असमर्थ जल भराव से दलित बस्ती बीमारी का खतरा बढ़ गया है हालांकि हालात बेकाबू हो प्रसासन को हर संभव मदद मुहैया कराई जाय
Krishna murari
गांव हंडिया मांडा खास में में जल भराव से विमारी संक्रमण फैलता नजर आ रहा है मांडा ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांव हंडिया में संक्रमित रोग से परेशान बच्चे बिमार स्कूल जाने असमर्थ जल भराव से दलित बस्ती बीमारी का खतरा बढ़ गया है हालांकि हालात बेकाबू हो प्रसासन को हर संभव मदद मुहैया कराई जाय
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- मेजा में झमाझम बारिश से जगह-जगह जलजमाव, आवागमन प्रभावित मेजा, प्रयागराज। मंगलवार दोपहर अचानक मौसम परिवर्तित हो गया। तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते बारिश ने मूसलाधार रूप ले लिया। करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश के बाद मेजा क्षेत्र में जगह-जगह जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। सड़कों पर पानी भर जाने से लोगों को आवागमन में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। मेजा के प्रमुख बाजारों, संपर्क मार्गों और निचले इलाकों में बारिश का पानी जमा हो गया। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण कई स्थानों पर सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। इससे पैदल राहगीरों के साथ ही बाइक और अन्य छोटे वाहनों से आवागमन करने वाले लोगों को भी दिक्कत हुई। अचानक हुई बारिश के कारण बाजार में भी चहल-पहल कम हो गई। दुकानदारों को भी बारिश के चलते परेशानी उठानी पड़ी। कई लोग बारिश से बचने के लिए दुकानों और प्रतिष्ठानों की छतों के नीचे खड़े नजर आए। वहीं, सड़क पर जलजमाव के कारण वाहन चालकों को धीमी गति से गुजरना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या बार-बार सामने आती है। लोगों ने संबंधित विभाग से नालियों की नियमित सफाई और बेहतर जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है, ताकि बारिश के समय आवागमन बाधित न हो।1
- 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद। 12 साल पहले मां का साया उठा, पिता ही बने मां-बाप, अब बेटी के नदी में डूबने से बदहवास मांडा। कर्णावती नदी में लापता शुभी मिश्रा गांव स्थित निजी स्कूल में कक्षा आठ की छात्रा है। तीन बहनों में सबसे बड़ी शुभी के नदी में डूबने की खबर से मां सोनी, बहन श्रेया और सृष्टि का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता शैलेंद्र पूना शहर में नौकरी करते हैं। घटना की सूचना मिलते ही वह घर के लिए रवाना हो गए। वहीं, दूसरी लापता किशोरी अर्पिता उर्फ अंकिता तिवारी राजकीय इंटर कॉलेज सुरवां दलापुर में कक्षा दस की छात्रा है। तीन बहनों में दूसरे नंबर की अंकिता के नदी में डूबने से बहन हर्षिता और अर्चिता का रो-रोकर बुरा हाल है। निजी स्कूल में शिक्षक पिता राजेश तिवारी उर्फ बबोल बेटी के नदी में डूबने की खबर के बाद गुमसुम खड़े दिखाई दिए। ग्रामीणों के मुताबिक, करीब 12 वर्ष पहले राजेश की पत्नी निर्मला की मौत हो गई थी। इसके दो माह के भीतर उनके माता-पिता का भी निधन हो गया। इसके बाद राजेश ने तीनों बेटियों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी अकेले संभाली। वह बेटियों के लिए मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते रहे। सोमवार को बेटी के नदी में लापता होने के बाद वह बदहवास नजर आए। संवाद।1
- औता में धूमधाम से मनाया गया बुढ़वा मंगल मेला, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र स्थित औता स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचे और भगवान महावीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन की लाइन बनाई गई है। श्रद्धालु अपनी-अपनी कतार में खड़े होकर बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर भगवान महावीर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मेले की व्यवस्था को लेकर मेला प्रभारी पवन कुमार द्वारा श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि सभी लोग शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु एक-दूसरे का सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें, ताकि मेले का आयोजन सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। बुढ़वा मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर के आसपास मेले का भी आयोजन किया गया है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हुई हैं, जहां बच्चों के खिलौने, खान-पान की सामग्री और जरूरत के सामान की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों और महिलाओं में भी मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और मेला आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग किया। इस दौरान ग्रामीणों सहित क्षेत्र के कई मानिंद लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं से आपसी भाईचारा बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बुढ़वा मंगल मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और देर तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। औता में धूमधाम से मनाया गया बुढ़वा मंगल मेला, दर्शन के लिए उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब मेजा, प्रयागराज। मेजा क्षेत्र स्थित औता स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर में मंगलवार को बुढ़वा मंगल का पर्व श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ धूमधाम से मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। दूर-दराज के गांवों के साथ ही आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिला, पुरुष और बच्चे मंदिर पहुंचे और भगवान महावीर के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मेले में श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग दर्शन की लाइन बनाई गई है। श्रद्धालु अपनी-अपनी कतार में खड़े होकर बारी-बारी से मंदिर में प्रवेश कर भगवान महावीर के दर्शन कर रहे हैं। मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है और श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। मेले में किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं को दर्शन करने में परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए प्रशासन की टीम भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों द्वारा भीड़ को व्यवस्थित रखने तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर रखी जा रही है। मेले की व्यवस्था को लेकर मेला प्रभारी पवन कुमार द्वारा श्रद्धालुओं से लगातार अपील की जा रही है कि सभी लोग शांति और अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी बारी का इंतजार करें। उन्होंने कहा कि सभी श्रद्धालु एक-दूसरे का सहयोग करें और शांतिपूर्ण तरीके से दर्शन करें, ताकि मेले का आयोजन सकुशल एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराया जा सके। बुढ़वा मंगल के अवसर पर मंदिर परिसर के आसपास मेले का भी आयोजन किया गया है। मेले में विभिन्न प्रकार की दुकानें सजी हुई हैं, जहां बच्चों के खिलौने, खान-पान की सामग्री और जरूरत के सामान की दुकानें श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही हैं। बच्चों और महिलाओं में भी मेले को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन और मेला आयोजन से जुड़े लोगों द्वारा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों और क्षेत्र के गणमान्य लोगों ने भी मेले को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में सहयोग किया। इस दौरान ग्रामीणों सहित क्षेत्र के कई मानिंद लोग उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धालुओं से आपसी भाईचारा बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। बुढ़वा मंगल मेले को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और देर तक मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है।1
- WATCH शामली* के SP नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया, "...आप जानते हैं कि 26 तारीख को एक गंभीर घटना हुई थी, जिसमें अंकित बालियान नाम के एक युवा गायक की जिम के बाहर हत्या कर दी गई थी। मामला दर्ज किया गया और हमारी पुलिस टीम ने पूरी दृढ़ता के साथ इस चुनौती को स्वीकार किया... आज हमें एक बड़ी कामयाबी मिली है। सुबह करीब 4:00 बजे जट्टन इलाके में इन बदमाशों की हरकत का पता चला। चेकिंग के दौरान उन्होंने पुलिस पर गोलीबारी शुरू कर दी... इस मुठभेड़ में हमारे दो कांस्टेबल गंभीर रूप से घायल हो गए... पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गए। हमने उनसे दो .30 पिस्तौल, एक .32-बोर पिस्तौल, 26 जिंदा कारतूस और 15 खाली कारतूस के खोल बरामद किए। हमने एक सैमसंग मोबाइल फोन (जिसे वे हत्या के दिन घटनास्थल पर लाए थे), एक मोटरसाइकिल और 5,000 रुपये नकद भी बरामद किए। आरोपियों ने बताया कि सोनीपत के भोलू सपुरिया ने इस अपराध की साजिश रची थी। उसने हथियार और पैसे मुहैया कराए थे, और बदले में... हालांकि, इसका एक बड़ा संदर्भ भी है; जैसा कि आप जानते हैं, इसमें गोगी गैंग शामिल है। इसके दो मुख्य सदस्य अभी जेल में हैं और वे जेल के अंदर से ही ऐसे अपराधों की साजिश रचते हैं। इस घटना की साजिश रचने वालों में राकेश पप्पू (पानीपत का निवासी, जो अभी करनाल जेल में है) और रोहित मुई (जो अभी तिहाड़ जेल में बंद है) शामिल हैं। चिराग, जो उनके डिजिटल कामकाज को संभालता है, कनाडा में रहता है और भोलू का चचेरा भाई है... हम उस पर भी नज़र रखे हुए हैं। नामजद संदिग्धों में से तीन या चार अभी भी फरार हैं, लेकिन हमारी SWAT टीम इस मामले पर सक्रिय रूप से काम कर रही है और हम जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे पहुंचा देंगे।" वे आगे कहते हैं, "गोगी और टिल्लू ताजपुरिया के बीच गहरी दुश्मनी थी; टिल्लू ने वकील के भेष में दो शूटर भेजकर रोहिणी कोर्ट के अंदर गोगी की हत्या की साजिश रची थी। इसके बाद एक गाना बना, जिसके बोल थे, 'कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान, जज को पसीने आएंगे।' अंकित बालियान ने उस गाने में काम किया था, और गोगी गैंग - जिसमें उसका परिवार, समर्थक और बाकी सदस्य (खासकर भोलू, सपुरिया, राकेश पप्पू और रोहित मुई) शामिल थे - को लगा कि इस हरकत से उनकी बदनामी हुई है। दो साल पहले, इन लोगों ने दिल्ली में किसी को धमकी दी थी या मारा था और चेतावनी दी थी, 'तुमने बहुत बड़ी गलती की है; हम तुम्हें मार डालेंगे।' हालांकि, जिस व्यक्ति को निशाना बनाया गया था, वह सावधान रहा और उसका पता नहीं चल सका; उसने उस इलाके में आना-जाना भी कम कर दिया और छह महीने तक लोगों की नज़र से दूर रहा। फिर भी, क्योंकि वह जिम जाता था और रेगुलर स्टेटस अपडेट करता था, इसलिए उनके लिए उसका पता लगाना आसान हो गया। आज मारे गए दो बदमाश इस महीने की 20 तारीख को सूर्या होटल गए थे; वे होटल के CCTV कैमरों में कैद हो गए थे। उन्होंने होटल में अपने ID कार्ड और PAN की जानकारी दी थी और बिल भी चुकाया था। वे दो दिन रुके थे और गाड़ी में लगाने के लिए GPS डिवाइस भी लाए थे, हालांकि वे आखिर में उसका इस्तेमाल नहीं कर पाए। तय तारीख, यानी 26 तारीख को, भोलू सपुरिया ने ग्रुप को हथियार दिए। करनाल की तरफ से दो युवक आए और दो सोनीपत से; वे यहाँ इकट्ठा हुए और गोलीबारी की, जिसमें पीड़ित की मौत हो गई। उसे नौ गोलियां लगीं - .30 और .32 कैलिबर की गोलियां - जो घटनास्थल से बरामद की गईं। हमें लगता है कि हत्या में इन्हीं हथियारों का इस्तेमाल किया गया था; फोरेंसिक जांच के बाद इसकी पुष्टि हो जाएगी..."1
- गांव हंडिया मांडा खास में में जल भराव से विमारी संक्रमण फैलता नजर आ रहा है मांडा ब्लाक के अन्तर्गत आने वाले गांव हंडिया में संक्रमित रोग से परेशान बच्चे बिमार स्कूल जाने असमर्थ जल भराव से दलित बस्ती बीमारी का खतरा बढ़ गया है हालांकि हालात बेकाबू हो प्रसासन को हर संभव मदद मुहैया कराई जाय1
- भीषण बारिश में भी दिन रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता,95,% आबादी किसानी पर निर्भर *बारा / प्रयागराज: अमिलिया और नौढ़ीया तरहार में आवारा पशुओं का आतंक, किसान लाचार* *भीषण बारिश में भी दिन-रात खेत की रखवाली को मजबूर अन्नदाता, 95% आबादी किसानी पर निर्भर* *बारा (प्रयागराज)।* तहसील बारा की ग्राम सभा *अमिलिया और नौढ़ीया तरहार* में आवारा पशुओं के आतंक से किसान बेबस और लाचार हो गए हैं। भीषण बारिश के बीच किसान दिन-रात खेतों की रखवाली करने को मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि दिन में तो किसी तरह फसल बचा लेते हैं, लेकिन रात होते ही आवारा पशुओं का झुंड खेतों में घुसकर उनकी खून-पसीने की कमाई को चौपट कर देता है। यह बारा क्षेत्र का सबसे पिछड़ा गांव बताया जा रहा है, जहां *95 प्रतिशत लोग खेती पर ही आश्रित हैं।* किसानों ने महंगाई के दौर में कर्ज लेकर धान की रोपाई, खाद, तार और खंभा की व्यवस्था की थी, लेकिन आवारा पशु सब बर्बाद कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पूरी ग्राम सभा में *एक भी पशु बाड़ा या गौशाला नहीं है* और सरकार द्वारा इस पर कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे लहलहाती फसल रातों-रात बर्बाद हो रही है। किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर यही स्थिति रही तो वे परिवार के भरण-पोषण में असमर्थ होकर खुदकुशी करने को मजबूर होंगे। उनकी दुर्दशा सुनने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने विधायक, सांसद और प्रशासन से मांग की है कि गांव में तत्काल *गौशाला और पशु बाड़े* की व्यवस्था कराकर किसानों को आवारा पशुओं से निजात दिलाई जाए।2
- देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में देवरिया मुक्तिधाम में बाढ़ का पानी भर जाने के कारण लोगों को शव संस्कार करने में हो रही परेशानी, देखिए ग्राउंड रिपोर्ट में1
- चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपदवासियों से अपील किया है कि आप बाढ़/ आपदा के समय आप धनराशि न देकर राशन कीट, लंच पैके बटवाएँ। चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग ने जनपदवासियों से अपील किया है कि आप बाढ़/ आपदा के समय आप धनराशि न देकर राशन कीट, लंच पैके बटवाएँ।1