भिंड देहात पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई भिंड के पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में की गई। जानकारी के अनुसार, देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक मुखबिर से मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। टीम ने सुरपुरा रोड फूप क्षेत्र में दबिश देकर उन दोनों स्थायी वारंटियों को दबोच लिया, जो पिछले छह वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस को यह सटीक सूचना मिली थी कि दोनों वारंटी सुरपुरा रोड फूप पर मौजूद हैं, जिसके बाद मौके पर घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अजय यादव, उपनिरीक्षक प्रमोद तोमर, तथा प्रधान आरक्षक रवि जादौन, शैलेन्द्र भदौरिया, दिलीप शाक्य, महेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र यादव, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, पंकज जयंत एवं मनीष जादौन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। भिंड देहात पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि पुलिस की सतर्कता और उसके मुखबिर तंत्र की सक्रियता लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़ने में बेहद प्रभावी है।
भिंड देहात पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई भिंड के पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में की गई। जानकारी के अनुसार, देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक मुखबिर से मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। टीम ने सुरपुरा रोड फूप क्षेत्र में दबिश देकर उन दोनों स्थायी वारंटियों को दबोच लिया, जो पिछले छह वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे
थे। पुलिस को यह सटीक सूचना मिली थी कि दोनों वारंटी सुरपुरा रोड फूप पर मौजूद हैं, जिसके बाद मौके पर घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अजय यादव, उपनिरीक्षक प्रमोद तोमर, तथा प्रधान आरक्षक रवि जादौन, शैलेन्द्र भदौरिया, दिलीप शाक्य, महेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र यादव, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, पंकज जयंत एवं मनीष जादौन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। भिंड देहात पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि पुलिस की सतर्कता और उसके मुखबिर तंत्र की सक्रियता लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़ने में बेहद प्रभावी है।
- भिंड देहात पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे दो स्थायी वारंटियों को गिरफ्तार कर एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई भिंड के पुलिस अधीक्षक श्री सूरज कुमार वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संजीव पाठक और नगर पुलिस अधीक्षक श्री निरंजन सिंह राजपूत के निर्देशन में की गई। जानकारी के अनुसार, देहात थाना प्रभारी निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने एक मुखबिर से मिली सूचना पर त्वरित कार्रवाई की। टीम ने सुरपुरा रोड फूप क्षेत्र में दबिश देकर उन दोनों स्थायी वारंटियों को दबोच लिया, जो पिछले छह वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे और गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। पुलिस को यह सटीक सूचना मिली थी कि दोनों वारंटी सुरपुरा रोड फूप पर मौजूद हैं, जिसके बाद मौके पर घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को अब न्यायालय में पेश किया जा रहा है। इस पूरी कार्रवाई में निरीक्षक शिवप्रताप सिंह राजावत, उपनिरीक्षक अजय यादव, उपनिरीक्षक प्रमोद तोमर, तथा प्रधान आरक्षक रवि जादौन, शैलेन्द्र भदौरिया, दिलीप शाक्य, महेन्द्र यादव, धर्मेन्द्र यादव, ज्ञानेन्द्र मिश्रा, पंकज जयंत एवं मनीष जादौन की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। भिंड देहात पुलिस की इस कार्रवाई से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि पुलिस की सतर्कता और उसके मुखबिर तंत्र की सक्रियता लंबे समय से फरार अपराधियों को पकड़ने में बेहद प्रभावी है।2
- चंबलांचल, जो अपनी देशभक्ति और प्रथम विश्व युद्ध से लेकर हाल के वर्षों तक हुए युद्धों में सेवा देने वाले पराक्रमी वीरों की भूमि के रूप में जाना जाता है, वहीं लंबे समय से यहाँ के पुलिस प्रशासन का ढुलमुल रवैया सदैव लोगों के लिए हास्य और घोर निंदा का विषय रहा है। इसी असंवेदनशील कार्यशैली की 'भीमसेन सिंह तोमर' ने कटु शब्दों में निंदा की है। इस क्षेत्र से आने वाले कारगिल युद्ध के जांबाज सपूत हरिदास देवपुरिया जी, जिन्होंने युद्ध में अपना दमखम दिखाया था, आज अपनी 70 वर्ष की उम्र में पुलिस और सिस्टम के सामने लाचार व मजबूर खड़े हैं, क्योंकि उन्हें अपनी पत्नी के हत्यारों के लिए न्याय नहीं मिल पा रहा है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले भिंड जिले में उनके घर में कुछ लुटेरों और डकैतों ने घुसकर लाखों रुपये के गहने और नकदी चुरा ली थी। जब हरिदास देवपुरिया जी की पत्नी जागीं, तो लुटेरों ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से उनकी हत्या कर दी। इस जघन्य अपराध के लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं हुई है, और पूर्व सैनिक हरिदास देवपुरिया जी अपनी पत्नी के हत्यारों को फाँसी दिलाने और न्याय के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं। इसी क्रम में, सोमवार 1 जून 2026 को चंबल और ग्वालियर अंचल के भूतपूर्व सैनिकों ने एक संयुक्त दल के रूप में भिंड के नवागत एसपी से मुलाकात की। लहार रोड स्थित एसपी कार्यालय पर हुई इस मुलाकात के दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, आई.व्ही.ओ. भिंड, समाजसेवी और अन्य क्षेत्रीय लोगों सहित पीड़ित परिवार की महिलाएँ और हरिदास देवपुरिया जी स्वयं मौजूद थे। सभी ने विगत थाना प्रभारी और विवेचकों की नाकामी की घोर निंदा करते हुए न्याय की मांग की। नवागत एसपी ने मामले की गंभीरता को समझते हुए आश्वासन दिया कि वे निश्चित रूप से इस प्रकरण में अपना 100% कार्य करेंगे और 15 दिन के भीतर हत्यारों को खोज निकालने की पूरी कोशिश करेंगे।4
- भिंड जिले में कारगिल युद्ध के अनुभवी सैनिक हरिदास दैवपुरिया अपनी पत्नी की हत्या के डेढ़ साल बाद भी न्याय के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। भीमसेन सिंह तोमर की लेखनी के माध्यम से पुलिस की असंवेदनशील कार्यशैली की कटु शब्दों में निंदा की गई है, जो चंबल की उस भूमि के वीर सपूतों की गाथाओं के विपरीत है, जहां देशभक्ति और पराक्रम सर्वोपरि माना जाता है। लगभग डेढ़ वर्ष पहले, कुछ लुटेरों और डकैतों ने हरिदास देवपुरिया के घर में घुसकर लाखों रुपये के गहने और नकदी चुरा ली थी। जब उनकी पत्नी जाग गई, तो लुटेरों ने सबूत मिटाने के लिए उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद से, चंबल अंचल में पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैये को लेकर सदैव ही आलोचना होती रही है, और इस मामले में भी विगत थाना प्रभारी व जांच अधिकारियों की नाकामी को घोर निंदा का विषय बताया गया है। सोमवार, 1 जून 2026 को, 70 वर्षीय हरिदास दैवपुरिया अपनी पत्नी के हत्यारों को फांसी दिलाने और न्याय की मांग को लेकर एक बार फिर सामने आए। इस क्रम में, चंबल और ग्वालियर अंचल के सैकड़ों भूतपूर्व सैनिकों का एक जत्था, पीड़ित परिवारों की महिलाओं और स्वयं हरिदास देवपुरिया के साथ लहार रोड स्थित एसपी कार्यालय पर नवागत एसपी भिंड से मिला। उन्होंने पुलिस की पिछली निष्क्रियता पर नाराजगी व्यक्त की, जिसके जवाब में नवागत एसपी ने निश्चित रूप से इस प्रकरण में गंभीरता दिखाने, 100% कार्य करने और 15 दिन के भीतर हत्यारों को खोज निकालने की कोशिश करने का आश्वासन दिया। इस दौरान अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, आई.वी.ओ भिंड, समाजसेवी और अन्य क्षेत्रीय लोगों ने भी न्याय की मांग की।4
- चंबल की वह धरती, जहाँ के वीर सपूतों की देशभक्ति और शौर्य की गाथाएँ देश भर में गूँजती हैं, आज वहीं के एक जाँबाज कारगिल युद्ध योद्धा हरिदास देवपुरिया अपनी पत्नी के हत्यारों को न्याय दिलाने के लिए लगभग डेढ़ साल से पुलिस और सिस्टम के सामने लाचार व मजबूर महसूस कर रहे हैं। भीमसेन सिंह तोमर ने पुलिस की असंवेदनशील कार्यशैली की कड़ी निंदा की है, क्योंकि चंबल अंचल में लंबे समय से पुलिस प्रशासन का ढुलमुल रवैया सदैव निंदा का विषय रहा है। ताज़ा मामले के अनुसार, भिंड जिले के हरिदास देवपुरिया, जिन्होंने कारगिल युद्ध में अपना पराक्रम दिखाया था, उनकी पत्नी की लगभग डेढ़ वर्ष पहले कुछ लुटेरों और डकैतों ने घर में घुसकर लाखों रुपये के गहने और नगदी चुराई थी। जब वीरांगना जागीं तो सबूत मिटाने के लिए उनकी हत्या कर दी गई। सोमवार, 1 जून 2026 को, 70 वर्षीय बुजुर्ग हरिदास अपनी पत्नी के हत्यारों को फाँसी दिलाने और न्याय के लिए लगातार गुहार लगा रहे हैं। इसी क्रम में, चंबल और ग्वालियर अंचल के भूतपूर्व सैनिकों ने संयुक्त रूप से नवागत एसपी भिंड को मामले से अवगत कराया और विगत थाना प्रभारी व विवेचकों की घोर नाकामी की निंदा की। नवागत एसपी ने गंभीरता दिखाते हुए अपना 100% कार्य करने और 15 दिन के भीतर हत्यारों को खोज निकालने का प्रयास करने का आश्वासन दिया है। लहार रोड स्थित एसपी कार्यालय पर पीड़ित परिवार की महिलाएँ, पीड़ित पति और अमर शहीद सम्मान सेवा संघ, आई.वी.ओ भिंड, समाजसेवी तथा अन्य क्षेत्रीय लोगों सहित सैकड़ों की संख्या में भूतपूर्व सैनिकों का जत्था न्याय की माँग करते हुए मौजूद रहा। पूर्व सैनिक हरिदास देवपुरिया को पत्नी की हत्या के लगभग डेढ़ वर्ष बीत जाने के बाद भी प्रकरण में कोई कार्यवाही नहीं हुई है।4
- छोटी काशी कहे जाने वाले तीर्थ धाम बटेश्वर में आस्था के नाम पर लूटपाट का मामला सामने आया है, जहाँ धर्म को धंधा बना दिया गया है। बटेश्वर में गाड़ी पूजने के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। एक घटना में, गाड़ी पुजवाने गए व्यक्ति से पुजारी ने पैसों की माँग करते हुए कहा कि 'हमारी इजाजत के बिना गाड़ी नहीं पुजेगी'। पुजारी ने यह भी दावा किया कि उनके पास ही गाड़ी पूजने का ठेका है।1
- आगरा के बाह स्थित बटेश्वर धाम में पुजारियों द्वारा भक्तों से जबरन पैसे वसूलने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जानकारी के अनुसार, यहाँ गाड़ी पूजन को लेकर पुजारियों द्वारा ₹5100 की जबरदस्ती मांग की जा रही है। भक्तों को धमकी दी जा रही है कि उन्हें यह राशि देनी ही पड़ेगी। पत्रकार महेंद्र सिंह ने इस घटना पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि पुजारियों ने धर्म को धंधा बना लिया है। यह स्थिति बटेश्वर धाम में चल रही कथित लूट को दर्शाती है, जहाँ पुजारियों पर आध्यात्मिक प्रक्रियाओं को व्यावसायिक लेन-देन में बदलने का आरोप लगाया गया है।2
- आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर फतेहाबाद थाना क्षेत्र में एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जहाँ एक तेज रफ्तार कार पीछे से एक कंटेनर में जा घुसी। इस दर्दनाक घटना में दो सगे भाइयों सहित तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। प्राथमिक सूचना के अनुसार, आशंका जताई जा रही है कि कार चालक को नींद की झपकी आने के कारण यह हादसा हुआ। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का आधा हिस्सा कंटेनर में बुरी तरह फंसकर क्षतिग्रस्त हो गया। कार में सवार सभी लोग बिहार से राजस्थान एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, यूपीडा (UPEIDA) और एंबुलेंस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया और सभी घायल व्यक्तियों को सीएचसी फतेहाबाद में भर्ती कराया गया है।1
- आगरा जिले के फतेहबाद स्थित ग्राम डॉक्टरपुरा में नीचे खेड़ा मार्ग से रेपुरा मार्ग तक एक नई सड़क के निर्माण के लिए आम जनता से सहयोग की अपील की गई है। इस सड़क की अनुमानित लंबाई 2 से 3 किलोमीटर होगी, जबकि इसकी चौड़ाई 8 से 9 मीटर निर्धारित की गई है। यह महत्वपूर्ण सड़क पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनवाई जाएगी। स्थानीय लोगों ने इस निर्माण कार्य में सांसद से भी मदद मांगी है, जिन्होंने सहयोग करने की बात कही है। सभी नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे इस सड़क परियोजना को सफल बनाने के लिए अपना सहयोग प्रदान करें।1