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विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने पश्चिमीवाला मुख्य मार्ग के गड्ढों में भरान कार्य कराया शुरू, छोटूवाला तक जल्द बनेगी सड़क विकासनगर। 1 नवंबर 2026 को विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्राम पश्चिमीवाला के मुख्य मार्ग पर बने गड्ढों में डंपिंग भरान का कार्य शुरू करवाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पश्चिमीवाला से छोटूवाला गांव तक सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर पूरा कराया जाएगा। विधायक की इस पहल से ग्रामीणों को सड़क की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।
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विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने पश्चिमीवाला मुख्य मार्ग के गड्ढों में भरान कार्य कराया शुरू, छोटूवाला तक जल्द बनेगी सड़क विकासनगर। 1 नवंबर 2026 को विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्राम पश्चिमीवाला के मुख्य मार्ग पर बने गड्ढों में डंपिंग भरान का कार्य शुरू करवाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पश्चिमीवाला से छोटूवाला गांव तक सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर पूरा कराया जाएगा। विधायक की इस पहल से ग्रामीणों को सड़क की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।
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- विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने पश्चिमीवाला मुख्य मार्ग के गड्ढों में भरान कार्य कराया शुरू, छोटूवाला तक जल्द बनेगी सड़क विकासनगर। 1 नवंबर 2026 को विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने स्वयं मौके पर पहुंचकर ग्राम पश्चिमीवाला के मुख्य मार्ग पर बने गड्ढों में डंपिंग भरान का कार्य शुरू करवाया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि पश्चिमीवाला से छोटूवाला गांव तक सड़क निर्माण का कार्य जल्द शुरू कर पूरा कराया जाएगा। विधायक की इस पहल से ग्रामीणों को सड़क की समस्या से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर समस्या का समाधान कराने की पहल के लिए विधायक का आभार व्यक्त किया।1
- आधुनिकता पर भारी पड़ रही गिरिपार की सदियों पुरानी परंपरा! सब हेडलाइन: मिट्टी के भाट में मक्की की भुनाई, घराट में पिसाई... ऐसे तैयार होते हैं पहाड़ के पारंपरिक सत्तू। लस्सी, दही, राब और गुड़ के साथ लेते हैं स्वाद, एक बार तैयार किए सत्तू का 8 महीने तक इस्तेमाल। लोकेशन: सिरमौर, हिमाचल प्रदेश हेडलाइन: आधुनिकता पर भारी पड़ रही गिरिपार की सदियों पुरानी परंपरा! सब हेडलाइन: मिट्टी के भाट में मक्की की भुनाई, घराट में पिसाई... ऐसे तैयार होते हैं पहाड़ के पारंपरिक सत्तू। लस्सी, दही, राब और गुड़ के साथ लेते हैं स्वाद, एक बार तैयार किए सत्तू का 8 महीने तक इस्तेमाल। एंकर इंट्रो: ना कोई मशीन, ना आधुनिक तकनीक... मिट्टी का भाट, पहाड़ी मक्की और पानी से चलने वाला पारंपरिक घराट! जी हां, हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के गिरिपार क्षेत्र में आज भी खानपान की सदियों पुरानी परंपरा जीवित है। यहां किसान आधुनिक बाजार के बजाय अपने पुरखों के तरीके से मक्की के सत्तू तैयार कर रहे हैं। खास बात यह है कि इन सत्तुओं को एक बार तैयार करने के बाद करीब आठ महीने तक इस्तेमाल किया जाता है। लस्सी, दही, राब और गुड़ के साथ इनका स्वाद ही कुछ अलग है। आइए दिखाते हैं गिरिपार की रसोई से पहाड़ की यह अनूठी विरासत। वीओ-1: यह तस्वीरें किसी पुराने जमाने की नहीं, बल्कि आज के गिरिपार की हैं। जहां आधुनिकता के बढ़ते प्रभाव के बावजूद ग्रामीण अपनी पारंपरिक खाद्य संस्कृति को नहीं भूले हैं। जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में मक्की के सत्तू बनाने की परंपरा आज भी कायम है। हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय डॉ. यशवंत सिंह परमार के पैतृक गांव चनालग सहित आसपास के कई गांवों में किसान आज भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। वीओ-2: सत्तू बनाने की प्रक्रिया भी बेहद खास है। मक्की की फसल तैयार होते ही किसान कुछ मक्की सत्तू बनाने के लिए अलग रख लेते हैं। इसके बाद मिट्टी से बने पारंपरिक भाट में मक्की को भुना जाता है। इसी प्रक्रिया के दौरान पहाड़ी व्यंजन मुड़े के लिए खरॉवकी भी तैयार की जाती है। मक्की भूनने के बाद इसे पारंपरिक पनक्की यानी घराट में ले जाकर पीसा जाता है। इस तरह तैयार होते हैं पहाड़ के पारंपरिक मक्की के सत्तू। वीओ-3: इन सत्तुओं का असली स्वाद गर्मियों में देखने को मिलता है। ग्रामीण इन्हें लस्सी, दही, चटनी, राब और गुड़ के साथ बड़े चाव से खाते हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार यह पौष्टिक पारंपरिक आहार है। एक बार मक्की भूनकर सत्तू तैयार कर लिए जाएं तो करीब आठ महीने तक इनका इस्तेमाल किया जा सकता है। वीओ-4: स्थानीय किसान रुद्री दत्त शर्मा, सुरेंद्र कमल, देवेंद्र शर्मा, विजय कुमार, वलमोहन ठाकुर और रामशरण बताते हैं कि वे हर साल करीब 10 से 12 घिल्ले मक्की सत्तू बनाने के लिए अलग रखते हैं। जरूरत से अधिक भुनी हुई मक्की का इस्तेमाल पशुओं के दाने यानी फीड के रूप में भी किया जाता है। किसानों का कहना है कि यह केवल खानपान नहीं, बल्कि उनके बुजुर्गों से मिली विरासत है, जिसे वे आज भी उसी पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ा रहे हैं। बाइट: विजय कुमार – स्थानीय किसान वलमोहन ठाकुर – स्थानीय किसान वीओ-5 बाजार में भले ही आज खाने-पीने की हजारों चीजें उपलब्ध हों, लेकिन गिरिपार के इन पारंपरिक सत्तुओं का स्वाद और पहचान आज भी बरकरार है। मिट्टी के भाट से लेकर घराट की पिसाई तक... यह सिर्फ भोजन तैयार करने की प्रक्रिया नहीं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, मेहनत और पूर्वजों के अनुभव की कहानी है। जरूरत है कि गिरिपार की इस अनमोल खाद्य विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाया जाए, ताकि आने वाले समय में भी पहाड़ का यह पारंपरिक स्वाद और पहचान जिंदा रहे। सिरमौर से कपिल शर्मा की खास रिपोर्ट।4
- हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर के रेणुका जी विधानसभा में पवन कुमार बनाम हिमाचल प्रदेश राज्य व अन्य सीडब्ल्यूपी संख्या 19511 / 2026 30.10.2026 उपस्थित : याचिकाकर्ता की ओर से सुश्री सुमन ठाकुर, अधिवक्ता। प्रतिवादी-राज्य की ओर से श्री राजन कहोल, अतिरिक्त महाधिवक्ता के साथ श्री रवि चौहान व श्री अनीश बांशतू, उप महाधिवक्ता। सीडब्ल्यूपी संख्या 19511 / 2026 एवं सीएमपी संख्या 28736 / 2026 नोटिस जारी किया जाए। श्री राजन कहोल, विद्वान अतिरिक्त महाधिवक्ता, प्रतिवादी संख्या 1 से 7 की ओर से उपस्थित हुए और नोटिस की तामील स्वीकार करते हैं। उन्होंने जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय मांगा, जो प्रदान किया गया। प्रतिवादी संख्या 8 से 10 को तीन दिन के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने पर 08.12.2026 के लिए पृथक नोटिस जारी किया जाए। याचिकाकर्ता की शिकायत, जैसा कि याचिका में दर्शाया गया है और याचिकाकर्ता की विद्वान अधिवक्ता सुश्री सुमन ठाकुर द्वारा आगे रखा गया है, संक्षेप में यह है कि प्रतिवादी संख्या 9 और 10 ने अपने घरों तक जाने वाली सड़क का निर्माण ग्राम समून-कानून, तहसील ददाहू, जिला सिरमौर, हिमाचल प्रदेश में वन भूमि के माध्यम से किया है, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यद्यपि याचिकाकर्ता ने सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज की थी, परंतु सक्षम प्राधिकारी ने कोई ठोस और संतोषजनक कारण बताए बिना, निजी प्रतिवादियों द्वारा कथित रूप से किए गए अपराध का प्रशमन (कंपाउंड) कर दिया। आरोप है कि प्रतिवादी संख्या 9 और 10 द्वारा सड़क निर्माण के लिए 40 से 50 पेड़ काटे गए, लेकिन न तो उनसे उसकी लागत वसूल की गई, न ही अवैध रूप से पेड़ काटने के लिए कानून के अनुसार उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की गई। उपरोक्त के दृष्टिगत, प्रतिवादियों को अगली सुनवाई की तिथि से पहले जवाब/शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया जाता है। मामला 08.12.2026 को सूचीबद्ध किया जाए। अगली सुनवाई की तिथि तक, विवादित सड़क को पक्का (मेटलिंग) नहीं किया जाएगा, यदि वह पहले से पक्की नहीं है। (संदीप शर्मा) न्यायाधीश1
- गिरिपार क्षेत्र में अज्ञात रोग से अदरक की फसल बर्बाद, किसानों ने राज्यपाल से लगाई मुआवजे और बीज की गुहार जिला सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में अदरक की मुख्य नकदी फसल एक अज्ञात रोग की चपेट में आने से लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई है। इससे क्षेत्र के किसानों को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है और उनकी आजीविका पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसके अलावा, आगामी फसल के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध न होना भी किसानों के लिए एक बड़ी समस्या बन गया है। किसानों का आरोप और मांगें कृषक संघ, कफोटा उपमंडल (जिला सिरमौर) की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय को (उपमंडल दंडाधिकारी, कफोटा के माध्यम से) एक ज्ञापन सौंपा गया है। किसानों का कहना है कि कृषि विश्वविद्यालय एवं संबंधित विभागों द्वारा समय रहते प्रभावी अनुसंधान, रोग की पहचान तथा रोकथाम के पर्याप्त प्रयास न किए जाने के कारण स्थिति और अधिक गंभीर हुई है। ज्ञापन के माध्यम से किसानों ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें उठाई हैं: प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वेक्षण करवाकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। आगामी बुआई के लिए गुणवत्तापूर्ण अदरक बीज उपलब्ध कराने हेतु एक विशेष योजना बनाई जाए। फसल में फैले अज्ञात रोग की वैज्ञानिक जांच और रोकथाम के लिए तुरंत विशेषज्ञों का दल भेजा जाए। कृषक संघ ने उम्मीद जताई है कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में जल्द से जल्द सकारात्मक कदम उठाएगी। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि माननीय मुख्यमंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार), माननीय कृषि मंत्री (हिमाचल प्रदेश सरकार) और उपायुक्त (जिला सिरमौर) को भी सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु भेजी गई है।1
- लोकतंत्र के गद्दारों देख लो देशभक्त भारत की ताकत - देख कर वोट चोरों की बची खुची हिम्मत भी टूट जाएगी।1
- 🏆 मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2026: देहरादून बना ओवरऑल चैंपियन The Aman Times | देहरादून 🏆 मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी 2026: देहरादून बना ओवरऑल चैंपियन देहरादून में मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी उत्तराखंड-2026 (खेल महाकुंभ) का भव्य समापन हुआ। जिला देहरादून ने ओवरऑल चैंपियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बताया कि खेल महाकुंभ के दसवें संस्करण में 3.35 लाख से अधिक बच्चों ने प्रतिभाग किया। खिलाड़ियों को डीबीटी के माध्यम से 11.30 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। उन्होंने मेडल विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में 4 प्रतिशत आरक्षण देने की बात भी दोहराई। खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि प्रतियोगिता में न्याय पंचायत स्तर से चयनित 662 खिलाड़ियों को राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला। कार्यक्रम में सांसद नरेश बंसल सहित बड़ी संख्या में खिलाड़ी और बच्चे मौजूद रहे। इस दौरान मलखंभ और योग के शानदार प्रदर्शन ने सभी का मन मोह लिया। पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री1
- सहारनपुर में रविदास मंदिर परिसर में खड़ी ज्वेलर्स की लग्जरी कार में लगी आग, पास खड़ी दूसरी कार भी चपेट में आई सहारनपुर के बेहट थाना क्षेत्र के मोहल्ला खालसा में रविवार दोपहर रविदास मंदिर परिसर में खड़ी एक ज्वेलर्स की लग्जरी कार में अचानक आग लग गई। आग ने पास खड़ी दूसरी कार को भी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों कारों को नुकसान पहुंचा और लाखों रुपये की क्षति हुई। दिल्ली रोड स्थित ग्रीन पार्क कॉलोनी निवासी सर्राफ रिशु गर्ग रोजाना की तरह अपनी कार से मंदिर परिसर पहुंचे थे। कार खड़ी करने के बाद वह दुकान पर चले गए। दोपहर करीब दो बजे अचानक कार से धुआं उठने लगा और देखते ही देखते आग की लपटें उठने लगीं। पास खड़ी सहसपुर, देहरादून निवासी तौहीद की कार भी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों ने पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सूचना पर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकलकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- डरा #धमकाकर युवती से शारीरिक #संबंध बनाकर यौन #शोषण करने वाले युवक को किया गया गिरफ्तार दिनांक 24.09.2026 को वादिनी नसीमा ( काल्पनिक नाम) निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून द्वारा कोतवाली सहसपुर आकर 01 किता प्रार्थना पत्र दिया कि लखनवाला सहसपुर में रहने वाले आदिल नाम के व्यक्ति द्वारा डरा धमकाकर पिछले 3 वर्षों से वादिनी का शारीरिक शोषण किया जा रहा है। उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर तत्काल कोतवाली सहसपुर पर मु0अ0सं0- 241/26, धारा- 64(2)M/351(3)/352 BNS पंजीकृत किया गया। अभियोग की विवेचना म0उ0नि0 वन्दना नेगी कोतवाली सहसपुर के सुपुर्द की गयी। प्रकरण की गम्भीरता को देखते हुए घटना के सम्बन्ध में उच्चाधिकारी गणों द्वारा आवश्यक कार्यवाही हेतु दिशा निर्देश निर्गत किये गये। मुकदमा उपरोक्त में तमाम साक्ष्य संकलन के पश्चात् विवेचक द्वारा दिनांक 30.10.2026 को अभियुक्त आदिल पुत्र इश्तियाक निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून को अपने बयान दर्ज कराने हेतु कोतवाली सहसपुर पर बुलाया गया तथा पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर अभियुक्त को बाद पूछताछ थाना परिसर से गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त को आज दिनांक 31.10.2026 को मा0न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। नाम पता अभियुक्त आदिल पुत्र इश्तियाक निवासी बैरागीवाला थाना सहसपुर देहरादून उम्र 22 वर्ष।1