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बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 अप्रैल तक पहुंचेगा नया स्टॉक
Niraj Raj
बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 अप्रैल तक पहुंचेगा नया स्टॉक
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- बिहार के सरकारी स्कूलों में पुरानी किताबों से भी होगी पढ़ाई, 15 अप्रैल तक पहुंचेगा नया स्टॉक1
- बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले के।सत्यम कुमार ने मैट्रिक में 482 अंक हासिल किए: जिले के टॉप-10 में बनाई जगह, पिता मजदूरी करते हैं1
- नौतन की छात्रा संजीदा परवीन ने 454 अंक लाकर प्रखंड का नाम किया रौशन नौतन। प्रखंड क्षेत्र के डवरिया पंचायत वार्ड संख्या 8 निवासी शेख आफताब की पुत्री संजीदा परवीन ने दसवीं की परीक्षा में 454 अंक प्राप्त कर न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे प्रखंड का नाम रोशन किया है। उनकी इस सफलता से इलाके में खुशी का माहौल है। संजीदा परवीन ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं विद्यालय को देते हुए सभी के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि आगे वह एनडीए की पढ़ाई कर देश सेवा करना चाहती हैं। वहीं, उनके पिता शेख आफताब ने बताया कि संजीदा शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रही है। उन्होंने कहा कि बेटी की पढ़ाई में आगे भी हर संभव सहयोग दिया जाएगा, ताकि वह अपने सपनों को पूरा कर सके।1
- आशीष कुमार ने मैट्रिक में 472 अंक लाकर बढ़ाया क्षेत्र का मान, अंगवस्त्र देकर किया गया सम्मानित बैरिया प्रखंड क्षेत्र के मलाही बलुआ पंचायत अंतर्गत मलाही टोला निवासी विद्या साह के पुत्र आशीष कुमार ने बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 472 अंक प्राप्त कर अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। आशीष ने पखनाहा प्रोजेक्ट उत्तर माध्यमिक विद्यालय से परीक्षा दी थी। उनकी इस शानदार सफलता से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। बताया जाता है कि आशीष पढ़ाई के प्रति शुरू से ही गंभीर थे। वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से नियमित अध्ययन करते थे। पढ़ाई के साथ-साथ वे प्रतिदिन लगभग दो घंटे क्रिकेट भी खेलते थे, जिससे उनका मानसिक संतुलन बना रहता था। रविवार की शाम करीब 5:30 बजे भारतीय जनता पार्टी के बीस सूत्री प्रखंड अध्यक्ष अवधकिशोर सिंह उनके घर पहुंचे और अंगवस्त्र देकर उन्हें सम्मानित किया। उन्होंने आशीष के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनकी यह सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणास्रोत है।1
- आज हम बात कर रहे हैं एक ऐसे प्रयास की, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य और उनके बौद्धिक विकास को मजबूत करने के लिए किया जा रहा है। दरअसल, मानव धर्म मार्गदर्शक ट्रस्ट द्वारा एक विशेष पहल की गई है। इस ट्रस्ट के अंतर्गत बच्चों के लिए MDT छात्रवृत्ति प्राप्ति हेतु प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य है—ग्रामीण और शहरी क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और उनकी आर्थिक सहायता करना। 📚 इस परीक्षा के प्रमुख उद्देश्य क्या हैं? पहला, बच्चों में प्रतियोगिता की भावना को जागृत करना। दूसरा, छात्रों की बौद्धिक क्षमता को विकसित करना। तीसरा, आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को आगे बढ़ने का अवसर देना। और चौथा, बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित कर उनके भविष्य को उज्ज्वल बनाना। 🎯 अब बात करते हैं पुरस्कारों की: इस प्रतियोगिता में सफल छात्रों को आकर्षक पुरस्कार दिए जाएंगे— 👉 प्रथम पुरस्कार में छात्रों को डिक्शनरी, बैग, पेन और ₹1200 की छात्रवृत्ति मिलेगी। 👉 द्वितीय पुरस्कार में डिक्शनरी, नोटबुक, पेन और ₹1000 की राशि दी जाएगी। 👉 तृतीय पुरस्कार में डिक्शनरी, पेन और ₹800 का लाभ मिलेगा। इसके अलावा अन्य श्रेणियों में भी बच्चों को सम्मानित किया जाएगा— 👉 बैग, नोटबुक और पेन के साथ ₹600 तक की छात्रवृत्ति। 👉 बैग और पेन के साथ ₹400। 👉 नोटबुक और पेन के साथ ₹200 तक की सहायता।1
- मझौलिया प्रीमियम लीग टी-20 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला खेल प्रेमियों के लिए जबरदस्त रोमांच लेकर आया। मोतिहारी और अहवर शेख की टीमों के बीच खेले गए इस मुकाबले में हर पल उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दर्शकों से खचाखच भरे मैदान में दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच को यादगार बना दिया।टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी मोतिहारी की टीम शुरुआत में लय पकड़ती दिखी, लेकिन अहवर शेख की टीम के गेंदबाजों ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए उन्हें खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। लगातार अंतराल पर विकेट गिरते रहे, जिससे मोतिहारी की टीम दबाव में आ गई। अंततः पूरी टीम 109 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।110 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी अहवर शेख की टीम ने संतुलित शुरुआत की। हालांकि बीच के ओवरों में कुछ अहम विकेट गिरने से मुकाबला एक बार फिर रोमांचक मोड़ पर पहुंच गया। मैच धीरे-धीरे आखिरी ओवर तक खिंच गया, जहां जीत के लिए अंतिम गेंद पर 6 रन की दरकार थी। तनाव से भरे उस क्षण में मुकेश कुमार ने बेहतरीन हिम्मत दिखाते हुए आखिरी गेंद पर जोरदार छक्का जड़ दिया और अपनी टीम को 4 विकेट से शानदार जीत दिला दी। इस निर्णायक पारी के लिए उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ के खिताब से नवाजा गया। उनके इस प्रदर्शन ने पूरे मैदान को उत्साह से भर दिया और दर्शकों ने तालियों की गूंज से उनका स्वागत किया। इस नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के सफल आयोजन में मझौलिया के चिकित्सकों एवं समाज के सम्मानित लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। मौके पर मुखिया सत्य प्रकाश, जितेंद्र तिवारी, रंजन पटेल, रॉकी कुमार, अजीत कुमार, विशाल कुमार, विजय कुमार, छोटू कुमार, हसमुल्लाह आलम, गुड्डू साह, विकी कुमार, राजन कुमार बैठा, शिव शंकर कुमार, प्रदीप सिंह सहित एफसीसी के सभी सदस्य मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया।4
- ग्रामीणों में रामोत्सव को लेकर काफी उत्साह देखी जा रही है। कहीं दुर्गा तो कहीं राम तो कहीं हनुमान जी का किया जा रहा है गुणगान। जिसमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी ले रही है रुचि। ग्राम पश्चिम फरवां में मां दुर्गा की झांकी प्रस्तुत करते स्थानीय कलाकार। इस अवसर पर विहिप का एक शिष्टमंडल कार्यक्रम में पहुंचकर कलाकारों तथा ग्रामीणों का उत्साहवर्धन किया साथ ही साथ हनुमान चालीसा तथा दर्जनों दुर्गा चालीसा ग्रामीणों के बीच वितरण किया। जिसमें विभाग मंत्री नीरज सोनी, जिला मंत्री रमन गुप्ता, बजरंग दल के अजीतप्रसाद, प्रचार प्रसार प्रमुख विनय कुमार, अरुण कुमार इत्यादि की उपस्थित रहे।1
- एसिड अटैक पीड़ितों के इलाज में कोताही पर नपेंगे अफसर, डीजीपी विनय कुमार का सख्त अल्टीमेटम बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने राज्य के सभी रेंज आईजी, डीआईजी और जिला कप्तानों को कड़ा निर्देश जारी करते हुए एसिड अटैक के मामलों में संवेदनशीलता बरतने की हिदायत दी है। डीजीपी ने स्पष्ट रूप से कहा है कि एसिड हमले का शिकार हुए किसी भी पीड़ित को तत्काल बिना किसी देरी के चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि पीड़िता का इलाज पूरी तरह निःशुल्क होना चाहिए, चाहे अस्पताल सरकारी हो या निजी। स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किसी भी स्तर पर होने वाली देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है कि यदि कोई अस्पताल या संस्थान पीड़िता का इलाज करने से मना करता है, तो संबंधित पक्षों के खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहकर उन्होंने अधिकारियों को खुद ग्राउंड पर उतरने और वास्तविक स्थिति का जायजा लेकर एक्शन लेने का आदेश दिया है। इसके साथ ही उन्होंने एसिड अटैक के दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए स्पीडी ट्रायल की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है ताकि न्याय में देरी न हो।1