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- मिस्टी हेल्पिंग फाउंडेशन के ट्रस्टी पहुंचे नर्मदा नदी स्नान के साथ पूजा अर्चना किया...4
- Post by B2 BoX akarshan1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- Post by Rishi Rajak1
- शंकर लाल यादव हुए सेवा निवृत्त, साथियों ने दी भावभीनी विदाई घंसौर। जनपद पंचायत घंसौर में पदस्थ ग्राम पंचायत सचिव शंकर लाल यादव के सेवा निवृत्त होने पर साथियों एवं अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा भावभीनी विदाई दी गई। शंकर लाल यादव ग्राम पंचायत शिकार में सचिव के पद पर कार्यरत थे। उनके सेवानिवृत्त होने के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में जनपद पंचायत के अधिकारी, कर्मचारी एवं सचिव साथियों ने उनके कार्यकाल की सराहना की और उनके सरल स्वभाव एवं कर्तव्यनिष्ठा की प्रशंसा की। कार्यक्रम के दौरान सभी ने उन्हें आज 1 मई 2026 को शाल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया तथा उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ जीवन की कामना की। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि शंकर लाल यादव ने अपने कार्यकाल में ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया, जो हमेशा याद रखा जाएगा।1
- बहोरीबंद।। बाकल क्षेत्र में शुक्रवार शाम अचानक आए तेज आंधी-तूफान ने पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। तेज हवाओं के साथ उठे धूल के गुब्बारों ने कुछ ही पलों में आसमान को पूरी तरह ढक लिया, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यात्री वाहनों के पहिए थम गए। बस और अन्य वाहन चालकों को मजबूरन अपने वाहन सड़क किनारे रोकने पड़े, ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। कई स्थानों पर लोग सुरक्षित स्थानों की तलाश में इधर-उधर भागते नजर आए। तेज तूफान की वजह से कई पेड़ भी धराशाई हो गए। मुख्य मार्गों पर पेड़ गिरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही और कई जगह जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण छोटे दुकानदारों को भी नुकसान उठाना पड़ा। कई दुकानों के टीन-शेड हिल गए, जबकि बैनर और पोस्टर उड़कर सड़कों पर बिखर गए। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंधी-तूफान का यह अचानक रूप काफी भयावह था, जिससे कुछ समय के लिए सामान्य जनजीवन पूरी तरह थम सा गया।1
- बरगी डेम की उस भयावह घटना के 15 घंटे बाद जब ये तस्वीर सामने आई… तो सिर्फ एक हादसे की कहानी नहीं, बल्कि माँ की ममता का वो रूप दिखा… जिसे शब्दों में बांध पाना लगभग नामुमकिन है। लहरों ने सब कुछ छीन लिया… सांसें थम गईं… उम्मीदें डूब गईं… लेकिन एक चीज़ आख़िरी पल तक जिंदा रही — माँ का अपने बच्चे के लिए प्रेम। वो माँ… जिसे खुद का होश नहीं था… जिसके चारों ओर मौत का सन्नाटा था… फिर भी उसने अपने बेटे को अपनी बाहों से अलग नहीं होने दिया। मौत भी शायद उस पल ठहर गई होगी… क्योंकि वो देख रही थी — एक माँ अपने बच्चे को जिंदगी की आख़िरी हद तक थामे हुए है। आज भले ही दोनों इस दुनिया में नहीं हैं… लेकिन वो तस्वीर चीख-चीख कर कहती है — “माँ कभी हारती नहीं… वो आख़िरी सांस तक अपने बच्चे के साथ खड़ी रहती है।” ये दृश्य सिर्फ आंखों को नम नहीं करता… ये दिल को अंदर तक तोड़ देता है… और एक सवाल छोड़ जाता है — क्या सच में इस दुनिया में माँ से बढ़कर कुछ है? ऐसी ममता… ऐसा त्याग… ऐसा प्रेम… ना कभी देखा गया… ना कभी देखा जाएगा… 🙏 उस माँ को शत-शत नमन… जिसने मौत के आगे भी अपने प्यार को झुकने नहीं दिया।1
- Post by B2 BoX akarshan1