जादू टोना के शक में की गई थी बुजुर्ग महिला की हत्या वेंकटनगर पुलिस ने किया हत्या का खुलासा हत्या में शामिल दो आरोपियो को पुलिस ने किया गिरफ्तार अनूपपूर - दिनांक 03/08/26 को फरियादी कोमल सिह निवासी ग्राम केरहा भेलमा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर ने सूचना दिया कि मेरा घर के पास रहने वाली रामबाई गोंड़ जो रिश्ते में मेरी सास लगती है जिनके पति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई है। अकेले घर में रहती थी जिनका अपने परिवार से पुराना विवाद भी चलता था कल दिनांक 2.8.26 को सुबह लगभग 9.00 बजे की बात है । मैं अपने घर में खाना बना रहा था,घर के सामने मैदान से मैं हल्ला गोहार सुना तो अपने छत से आकर देखा तो रामबाई के भतीजा सुरेश गोंड़ और फुल सिहं गोंड़, रामबाई को मारपीट कर रहे थे और मारपीट बाद उसे उठाकर उसके घर तरफ ले जा रहे थे मै दोनो के भय के कारण रामबाई को बचाने नहीं गया और दिन मे अपने काम से अचलपुर चला गया आज दिनांक 3.8.26 को लगभग सुबह 6:00बजे उठा तो देखा की रामबाई के घर मे नहीं दिख रही है तब मैं गुलाब सिह को बताया कि कल सुरेश और फूलसिंह ने रामबाई को मारपीट किये है। वह आज दिख नहीं रही है । तब गुलाब और भीखम सिहं उपसरंपच के घर गये और घटना के बारे में बतायें तब उपसंरपच बोला कि पास पडोस को इकठा कर लो में आ रहा हुं उपसंरपच तथा अन्य लोगो के साथ राम बाई के घर आया तो देखा कि रामबाई घर के सामने परछी के नीचे खून से लथपथ मृत्य अवस्था में पड़ी थी तब उपसंरपच ने घटना की सूचना पुलिस को दी रामबाई को फूल सिहं गोड़ एवं सुरेश गोड़ दोनो जान से मारने की नियत से मारपीट की है । जिससे आई चोटों के कारण उसकी मृत्यु हुई है और रामबाई का शव उसके घऱ के सामने परछी के नीछे मृत अवस्था मे पडा है । दोनो व्यक्ति मैदान से लाकर उसके घऱ के सामने छोड़ गये है । उपरोक्त सूचना मे थाना जैतहरी में अप. क्रमांक 260/26 धारा 103(1),3(5) B.N.S. का कायम कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के दौरान आरोपी सुरेश सिंह गोंड़ पिता बुद्धू सिंह गोंड़ उम्र 25 वर्ष एवं फूल सिंह गोंड़ पिता स्व.रामकृपाल सिंह उम्र 34 वर्ष दोनों निवासी ग्राम केरहा भेलमा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया जाकर घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त किया गया है । आरोपीगणों द्वारा पूँछताँछ पर बताया गया कि रामबाई सिंह गोंड़ रिश्ते में हमारी बड़का दाई(बड़ी मां) लगती है जो जादू टोना करना जानती थी जो कुछ दिन पहले हमसे बोली थी कि अब तीन आदमी सुरेश, फूलसिंह और रामकृपाल बचे है इनमें से किसी एक की मृत्यु एक माह के अंदर हो जायेगी पिछले वर्ष बुद्धु सिंह (सुरेश सिंह गोंड़ के पिता) की मृत्यु हो गई थी और लगभग एक माह पहले रामकृपाल(फूल सिंह के पिता) की मृत्यु हो जाने से हमें पूरी शंका हो गई कि बड़का दाई (बड़ी मां) ही ऐसा कर रही है घर में अन्य लोगों की भी तबियत खराब रहती थी तो हम लोग सोचे कि अब हम दोनो ही बचे है तो बड़का दाई(बड़ी मां) हमको भी जादू टोना से मार देगी हम दोनो नें मिलकर बड़का दाई को मार डालने की योजना बनाकर दिनांक 02/08/2026 को समय लगभग 09.00 बजे सुबह उसके घर जान से मारने की नियत से जा रहे थे तो बड़का दाई रामबाई अपने घर में ताला लगाकर रोपा लगाने जा रही थी जो अपने घर से थोडी दूरी में कोमल सिंह के घर के पीछे खेल मैदान में मिल गई हमनें कहा कि चल बड़का दाई हमारे घर में जो जादू टोना कर रखा है उसे ठीक कर तो वह वोली कि मैं नही जाउंगी बोली कि अब तुम दोनो की बारी है तब हमलोगों नें डण्डे एवं लात घूसो से रामबाई को छाती, पेट, पसलियो तथा जबडो में मारते रहे जब तक वह मर नही गई मरने के बाद मैं सिर तरफ पकडा और फूलसिंह पैर पकड़कर उठाकर उसे उसके घर के सामने बनी परछी के नीचे छोड़कर अपने घर भाग गये। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम,श्रीमान एसडीओ(पी.) नवीन तिवारी के निर्देशन में उक्त हत्या का खुलासा करने मे थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय ,चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरी.प्रवीण कुमार साहू, उपनिरी. सुरेश अहिरवार, उपनिरी.अमर लाल यादव,सउनि.जय सिंह ,प्र.आर. राजकुमार मार्को ,आर. मनीष तोमर आर. विजय टाटू, की सराहनीय भूमिका रही ।
जादू टोना के शक में की गई थी बुजुर्ग महिला की हत्या वेंकटनगर पुलिस ने किया हत्या का खुलासा हत्या में शामिल दो आरोपियो को पुलिस ने किया गिरफ्तार अनूपपूर - दिनांक 03/08/26 को फरियादी कोमल सिह निवासी ग्राम केरहा भेलमा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर ने सूचना दिया कि मेरा घर के पास रहने वाली रामबाई गोंड़ जो रिश्ते में मेरी सास लगती है जिनके पति की वर्ष 2021 में मृत्यु हो गई है। अकेले घर में रहती थी जिनका अपने परिवार से पुराना विवाद भी चलता था कल दिनांक 2.8.26 को सुबह लगभग 9.00 बजे की बात है । मैं अपने घर में खाना बना रहा था,घर के सामने मैदान से मैं हल्ला गोहार सुना तो अपने छत से आकर देखा तो रामबाई के भतीजा सुरेश गोंड़ और फुल सिहं गोंड़, रामबाई को मारपीट कर रहे थे और मारपीट बाद उसे उठाकर उसके घर तरफ ले जा रहे थे मै दोनो के भय के कारण रामबाई को बचाने नहीं गया और दिन मे अपने काम से अचलपुर चला गया आज दिनांक 3.8.26 को लगभग सुबह 6:00बजे उठा तो देखा की रामबाई के घर मे
नहीं दिख रही है तब मैं गुलाब सिह को बताया कि कल सुरेश और फूलसिंह ने रामबाई को मारपीट किये है। वह आज दिख नहीं रही है । तब गुलाब और भीखम सिहं उपसरंपच के घर गये और घटना के बारे में बतायें तब उपसंरपच बोला कि पास पडोस को इकठा कर लो में आ रहा हुं उपसंरपच तथा अन्य लोगो के साथ राम बाई के घर आया तो देखा कि रामबाई घर के सामने परछी के नीचे खून से लथपथ मृत्य अवस्था में पड़ी थी तब उपसंरपच ने घटना की सूचना पुलिस को दी रामबाई को फूल सिहं गोड़ एवं सुरेश गोड़ दोनो जान से मारने की नियत से मारपीट की है । जिससे आई चोटों के कारण उसकी मृत्यु हुई है और रामबाई का शव उसके घऱ के सामने परछी के नीछे मृत अवस्था मे पडा है । दोनो व्यक्ति मैदान से लाकर उसके घऱ के सामने छोड़ गये है । उपरोक्त सूचना मे थाना जैतहरी में अप. क्रमांक 260/26 धारा 103(1),3(5) B.N.S. का कायम कर विवेचना में लिया गया । विवेचना के दौरान आरोपी सुरेश सिंह गोंड़ पिता बुद्धू सिंह गोंड़
उम्र 25 वर्ष एवं फूल सिंह गोंड़ पिता स्व.रामकृपाल सिंह उम्र 34 वर्ष दोनों निवासी ग्राम केरहा भेलमा थाना जैतहरी जिला अनूपपुर (म.प्र.) को गिरफ्तार किया जाकर घटना में प्रयुक्त लाठी जप्त किया गया है । आरोपीगणों द्वारा पूँछताँछ पर बताया गया कि रामबाई सिंह गोंड़ रिश्ते में हमारी बड़का दाई(बड़ी मां) लगती है जो जादू टोना करना जानती थी जो कुछ दिन पहले हमसे बोली थी कि अब तीन आदमी सुरेश, फूलसिंह और रामकृपाल बचे है इनमें से किसी एक की मृत्यु एक माह के अंदर हो जायेगी पिछले वर्ष बुद्धु सिंह (सुरेश सिंह गोंड़ के पिता) की मृत्यु हो गई थी और लगभग एक माह पहले रामकृपाल(फूल सिंह के पिता) की मृत्यु हो जाने से हमें पूरी शंका हो गई कि बड़का दाई (बड़ी मां) ही ऐसा कर रही है घर में अन्य लोगों की भी तबियत खराब रहती थी तो हम लोग सोचे कि अब हम दोनो ही बचे है तो बड़का दाई(बड़ी मां) हमको भी जादू टोना से मार देगी हम दोनो नें मिलकर बड़का दाई को मार डालने की योजना बनाकर दिनांक 02/08/2026 को समय लगभग 09.00 बजे
सुबह उसके घर जान से मारने की नियत से जा रहे थे तो बड़का दाई रामबाई अपने घर में ताला लगाकर रोपा लगाने जा रही थी जो अपने घर से थोडी दूरी में कोमल सिंह के घर के पीछे खेल मैदान में मिल गई हमनें कहा कि चल बड़का दाई हमारे घर में जो जादू टोना कर रखा है उसे ठीक कर तो वह वोली कि मैं नही जाउंगी बोली कि अब तुम दोनो की बारी है तब हमलोगों नें डण्डे एवं लात घूसो से रामबाई को छाती, पेट, पसलियो तथा जबडो में मारते रहे जब तक वह मर नही गई मरने के बाद मैं सिर तरफ पकडा और फूलसिंह पैर पकड़कर उठाकर उसे उसके घर के सामने बनी परछी के नीचे छोड़कर अपने घर भाग गये। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगनाथ मरकाम,श्रीमान एसडीओ(पी.) नवीन तिवारी के निर्देशन में उक्त हत्या का खुलासा करने मे थाना प्रभारी जैतहरी निरीक्षक गोकुलानंद पाण्डेय ,चौकी प्रभारी वेंकटनगर उपनिरी.प्रवीण कुमार साहू, उपनिरी. सुरेश अहिरवार, उपनिरी.अमर लाल यादव,सउनि.जय सिंह ,प्र.आर. राजकुमार मार्को ,आर. मनीष तोमर आर. विजय टाटू, की सराहनीय भूमिका रही ।
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- मां काली मंदिर सिंहपुर बना लोक न्यास, पहली कार्यसमिति का सर्वसम्मति से गठन मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत पंजीयन के बाद मंदिर प्रबंधन में नई व्यवस्था लागू, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा पारदर्शी संचालन कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। मां काली मंदिर सिंहपुर में नई व्यवस्था, अब ऑनलाइन होगा दान और आय-व्यय का हिसाब लोक न्यास बना मां काली मंदिर सिंहपुर, पारदर्शी प्रबंधन की शुरुआत शहडोल के मां काली मंदिर सिंहपुर में ऐतिहासिक फैसला, बैंक खाता और QR स्कैनर से होगा संचालन मां काली मंदिर सिंहपुर के विकास को नई दिशा, पहली ट्रस्ट कार्यसमिति ने संभाली जिम्मेदारी एंकर शहडोल जिले के सिंहपुर स्थित प्रसिद्ध मां काली मंदिर के लिए एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक पहल सामने आई है। मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत "मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल" का विधिवत पंजीयन कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रस्ट की पहली कार्यसमिति का भी सर्वसम्मति से गठन किया गया है। अब मंदिर की आय-व्यय का संचालन ऑनलाइन बैंक खाते और QR स्कैनर के माध्यम से किया जाएगा। न्यायालय अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं पंजीयक लोक न्यास, सोहागपुर द्वारा जारी आदेश के अनुसार मां काली मंदिर लोक न्यास, सिंहपुर, तहसील सोहागपुर, जिला शहडोल का मध्यप्रदेश लोक न्यास अधिनियम, 1951 के तहत विधिवत पंजीयन किया गया है। पंजीयन प्रमाणपत्र 27 जुलाई 2026 को जारी किया गया। सदस्यता प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 जुलाई 2026 को प्रथम सामान्य सभा आयोजित की गई, जिसमें सर्वसम्मति से पहली कार्यसमिति का गठन किया गया। कार्यसमिति में शिवनारायण द्विवेदी को अध्यक्ष, मनीष शुक्ला को उपाध्यक्ष, श्रवण श्रीवास्तव को सह सचिव, दीपेश तिवारी को सह कोषाध्यक्ष तथा जगदीश प्रसाद तिवारी को स्थायी सदस्य चुना गया। पंजीयक लोक न्यास द्वारा जारी आदेश में यह भी निर्देश दिए गए हैं कि मंदिर के नाम से अविलंब बैंक खाता खोला जाए तथा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए QR स्कैनर स्थापित किया जाए। अब मंदिर की समस्त आय-व्यय ऑनलाइन बैंकिंग व्यवस्था के माध्यम से संचालित होगी, जिससे आर्थिक लेन-देन पूरी तरह पारदर्शी रहेगा। आदेश में तहसीलदार सोहागपुर एवं नायब तहसीलदार सिंहपुर को भी मंदिर ट्रस्ट के संचालन और आवश्यक व्यवस्थाओं में सहयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद मंदिर के धार्मिक, सामाजिक एवं विकास कार्यों को संस्थागत और व्यवस्थित ढंग से संचालित किए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।4
- अंधेरे में डूबा मनेंद्रगढ़ चैनपुर, सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक सौंपा ज्ञापन अंधेरे में डूबा मनेंद्रगढ़ चैनपुर, सड़कों पर आवारा पशुओं का आतंक सौंपा ज्ञापन मनेन्द्रगढ़ शहर में नागरिक सुविधाओं की लगातार बिगड़ती स्थिति को लेकर समाज सेवक राजेश शाह मनेंद्रगढ़ शहर के ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए नगर के विभिन्न क्षेत्रों में लंबे समय से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू कराने तथा सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को पकड़कर कंजी हाउस अथवा गौठान भेजने की मांग की है, राजेश शाह ने कहा कि नगर के अधिकांश वार्डों, मुख्य बाजार, खेड़िया तिराहा से पीडब्ल्यूडी चौक चैनपुर तक तथा अन्य प्रमुख मार्गों पर लंबे समय से स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हुई हैं। इसके कारण शाम ढलते ही पूरा क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है, जिससे आम नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों, व्यापारियों एवं राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रात के समय लोगों में भय का माहौल बना रहता है और अंधेरे का फायदा उठाकर असामाजिक तत्व सक्रिय हो जाते हैं। चोरी, लूट, दुर्घटनाओं एवं अन्य अप्रिय घटनाओं की संभावना लगातार बनी रहती है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर स्ट्रीट लाइटों की व्यवस्था की गई है, लेकिन उनका समय पर रखरखाव एवं मरम्मत नहीं होने के कारण आम जनता को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि नागरिक मूलभूत सुविधाओं के लिए भी प्रशासन के समक्ष गुहार लगाने को मजबूर हैं। राजेश शाह ने नगर की दूसरी गंभीर समस्या का उल्लेख करते हुए कहा कि शहर की सड़कों पर बड़ी संख्या में आवारा पशु दिन-रात विचरण कर रहे हैं। विशेष रूप से मुख्य बाजार, बस स्टैंड, खेड़िया तिराहा, पीडब्ल्यूडी चौक चैनपुर एवं अन्य व्यस्त मार्गों पर मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे आए दिन सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं। दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे, बुजुर्ग एवं पैदल चलने वाले नागरिक लगातार दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। कई बार वाहन चालकों को अचानक सामने आए पशुओं के कारण गंभीर चोटें भी आई हैं, लेकिन इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग इस समस्या के समाधान के प्रति गंभीर दिखाई नहीं दे रहे हैं। आवारा पशुओं को पकड़कर कंजी हाउस अथवा गौठान में सुरक्षित भेजने की कार्रवाई करें राजेश शाह ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि जनहित एवं नागरिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए नगर की सभी बंद स्ट्रीट लाइटों को तत्काल चालू करें,उन्होंने कहा आगे भी नगरवासियों की मूलभूत समस्याओं को लेकर संघर्ष करती रहेगी। यदि प्रशासन द्वारा शीघ्र प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो जनभावनाओं के अनुरूप आगे कार्यवाही करेगी2
- नई लेदरी में भालुओं की दस्तक: सतर्क रहें, लापरवाही पड़ सकती है भारी मनेन्द्रगढ़/एमसीबी। नगर पंचायत नई लेदरी में इन दिनों जंगली भालुओं की लगातार आवाजाही से दहशत का माहौल बना हुआ है। भूखे-प्यासे और खतरनाक भालू वार्डों एवं मोहल्लों तक पहुंच रहे हैं। हाल ही में देर रात सरई दफाई, वार्ड क्रमांक 9 में एक भालू को घूमते हुए देखा गया, जिसके बाद स्थानीय लोगों में भय व्याप्त है। गौरतलब है कि इससे पहले भी क्षेत्र में भालुओं के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं। ऐसे में नागरिकों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। रात के समय अकेले घर से बाहर निकलने से बचें, बच्चों को अकेला न छोड़ें और जंगल या सुनसान इलाकों की ओर जाने से परहेज करें। यदि किसी भी वार्ड या मोहल्ले में भालू दिखाई दे, तो उसे भगाने या उसके पास जाने का प्रयास न करें। तत्काल वन विभाग और स्थानीय प्रशासन को सूचना दें ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन और वन विभाग से भी अपेक्षा है कि भालुओं की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखकर लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।2
- बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा बैगा बैगी चौराहे पर कलेक्टर का औचक निरीक्षण, पानी टंकी निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा क्षतिग्रस्त प्रतिमा की शीघ्र मरम्मत और नियमित साफ-सफाई के दिए निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की पहचान माने जाने वाले बैगा बैगी चौराहे पर मंगलवार को कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने औचक निरीक्षण कर निर्माणाधीन पानी टंकी के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि शहरवासियों को बेहतर पेयजल सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने निर्माण एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों से कार्य की प्रगति की जानकारी ली और गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में गुणवत्ता और समयबद्धता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इस दौरान कलेक्टर की नजर बैगा बैगी प्रतिमा पर भी पड़ी, जहां क्षति दिखाई देने पर उन्होंने तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। साथ ही चौराहे की नियमित साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और रखरखाव सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग को जिम्मेदारी तय करने को कहा। कलेक्टर ने कहा कि बैगा बैगी चौराहा जिले की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसकी स्वच्छता, सुंदरता और गरिमा बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। निरीक्षण के दौरान एसडीएम डिंडौरी श्री रामबाबू देवांगन, तहसीलदार श्री शशांक शेण्डे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।1
- कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव एवं प्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा ने अमरकंटक से जलेश्वर धाम तक निकाली पदयात्रा अनूपपूर - देश की खुशहाली, सामाजिक समरसता एवं जनकल्याण की कामना के साथ मां नर्मदा जल लेकर किया पदयात्रा का शुभारंभ पवित्र नगरी अमरकंटक में कांग्रेस सेवादल के प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव एवं राष्ट्रीय सचिव तथा मध्यप्रदेश प्रभारी प्रताप नारायण मिश्रा ने मां नर्मदा उद्गम मंदिर से पवित्र नर्मदा जल एवं हाथों में राष्ट्रध्वज तिरंगा लेकर जलेश्वर महादेव धाम तक भव्य पदयात्रा निकाली। पदयात्रा का उद्देश्य देश की खुशहाली, सामाजिक समरसता, आपसी भाईचारा, राष्ट्रीय एकता तथा जनकल्याण की कामना करना रहा। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष अरुण ताम्रकार, उनके साथ आए कांग्रेस सेवादल के चार वरिष्ठ पदाधिकारी, अनूपपुर जिला कांग्रेस सेवादल के अध्यक्ष डॉ. एहसान अली अंसारी सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस सेवादल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता पदयात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग में "भारत माता की जय", "वंदे मातरम्" तथा "जय मां नर्मदा" के उद्घोष से वातावरण राष्ट्रभक्ति एवं आध्यात्मिक भाव से गुंजायमान रहा। पदयात्रा के दौरान प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि कांग्रेस सेवादल सेवा, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रनिर्माण की भावना से निरंतर कार्य करता रहा है। वहीं प्रदेश प्रभारी श्री प्रताप नारायण मिश्रा ने कहा कि ऐसी यात्राएं समाज में सद्भाव, एकता और जनसेवा का संदेश देने का प्रभावी माध्यम हैं। जलेश्वर महादेव धाम पहुंचकर सभी पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने भगवान भोलेनाथ का विधिवत पूजन-अर्चन एवं जलाभिषेक किया तथा देश में सुख, शांति, समृद्धि, सामाजिक सौहार्द और जनकल्याण की प्रार्थना की। पदयात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु एवं नागरिक भी शामिल हुए और विभिन्न स्थानों पर पुष्पवर्षा एवं स्वागत कर पदयात्रियों का उत्साहवर्धन किया।1
- 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश 59 फरियादें, मौके पर फैसले: जनसुनवाई में कलेक्टर का सख्त रुख, लापरवाही पर जांच के आदेश रोजगार सहायक पर भेदभाव के आरोप की जांच, मजदूरी भुगतान, छात्रवृत्ति और अतिक्रमण के मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश डिंडौरी, 4 अगस्त। जिले की साप्ताहिक जनसुनवाई मंगलवार को आमजन के लिए राहत का मंच बन गई। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों की 59 शिकायतों को गंभीरता से सुना और कई मामलों में मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई में प्राप्त किसी भी शिकायत को लंबित नहीं रखा जाएगा और हर प्रकरण का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। जनसुनवाई में पेयजल, सड़क, बिजली, अवैध कब्जा, मजदूरी भुगतान, आम रास्ता, छात्रवृत्ति, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और अधूरे विकास कार्यों से जुड़े मामले प्रमुखता से सामने आए। प्रत्येक शिकायत पर कलेक्टर ने संबंधित विभागों से जवाब तलब करते हुए निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सबसे चर्चित मामला शहपुरा विकासखंड की ग्राम पंचायत करौंदी का रहा, जहां ग्रामीणों ने ग्राम रोजगार सहायक पर आवास प्लस सर्वे सहित विभिन्न योजनाओं में भेदभावपूर्ण कार्य करने का आरोप लगाते हुए उसे हटाने की मांग की। शिकायत को गंभीर मानते हुए कलेक्टर ने सीईओ जिला पंचायत को निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा मुकुटपुर निवासी विशाल शर्मा की बीएसएनएल कार्य में लगी जेसीबी मशीन के लंबित भुगतान, मुडकी गांव में शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हटाकर आम रास्ता बहाल कराने, छात्रा आराधना चंदेल की छात्रवृत्ति एवं आवास योजना की समस्या तथा बरबसपुर निवासी राजेन्द्र सिंह मरावी की तीन माह से लंबित मजदूरी भुगतान जैसी शिकायतों पर भी संबंधित अधिकारियों को तत्काल समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में स्वास्थ्य सेवा की अनूठी पहल इस बार जनसुनवाई में शिकायतों के साथ स्वास्थ्य की भी चिंता की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उपस्थित सभी आवेदकों एवं अधिकारी-कर्मचारियों का रक्तचाप, मधुमेह सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इस पहल की लोगों ने सराहना की। कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया ने कहा कि जनसुनवाई केवल शिकायत सुनने की औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन को त्वरित न्याय और राहत दिलाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत का संवेदनशीलता के साथ निराकरण कर शासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत करें।1
- स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस पर शासकीय महाविद्यालय में हुआ औषधीय एवं फलदार पौधों का वृक्षारोपण लोकेशन: उमरिया, बिरसिंहपुर पाली रिपोर्टर: श्याम गुप्ता उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित मां बिरासनी शासकीय महाविद्यालय में पतंजलि योगपीठ के परम श्रद्धेय स्वामी बालकृष्ण जी के जन्मदिवस के अवसर पर फलदार एवं औषधीय गुणों से भरपूर पौधों का वृक्षारोपण किया गया। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के फलदार तथा जड़ी-बूटी आधारित औषधीय पौधे लगाए गए। उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि औषधीय पौधे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी होते हैं। ऐसे पौधों के संरक्षण और संवर्धन से आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण एवं प्राकृतिक औषधियों का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य हरलाल अहिरवार ने पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान के जिला प्रभारी समयलाल साहू, सह प्रभारी शिवराम सिंह सोनी, तिवारी जी सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने का संदेश दिया।4
- बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग बांधवगढ़ में युवा बाघ की रहस्यमयी मौत, हर पहलू से जांच में जुटा वन विभाग उमरिया तपस गुप्ता बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र में एक युवा बाघ का शव मिलने से वन विभाग सतर्क हो गया है। बाघ की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका फिलहाल कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है। वन विभाग ने मामले की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम के बाद विसरा नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। वन विभाग के अनुसार, 3 अगस्त की दोपहर नियमित गश्त के दौरान मानपुर बफर परिक्षेत्र के बीट मानपुर में गश्ती दल को एक बाघ का शव मिला। सूचना मिलते ही अधिकारियों ने घटनास्थल को सुरक्षित कर आसपास के पूरे क्षेत्र की घेराबंदी की और विस्तृत निरीक्षण शुरू किया। देर शाम होने के कारण शव को रातभर कड़ी निगरानी में घटनास्थल पर ही रखा गया। अगले दिन 4 अगस्त को जांच अभियान और तेज कर दिया गया। डॉग स्क्वाड की सहायता से आसपास के जंगल में सघन तलाशी ली गई। मेटल डिटेक्टर से घटनास्थल की बारीकी से जांच की गई ताकि किसी फंदे, हथियार या अन्य संदिग्ध वस्तु का पता लगाया जा सके। इसके साथ ही हाथियों की मदद से भी आसपास के जंगल का व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाया गया। हालांकि जांच के दौरान कोई भी संदिग्ध या अस्वाभाविक सामग्री बरामद नहीं हुई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश तोमर और संजय टाइगर रिजर्व के वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अभय सेंगर ने मृत बाघ का पोस्टमार्टम किया। परीक्षण में बाघ के सभी दांत और नाखून सुरक्षित पाए गए, जिससे प्रथम दृष्टया अवैध शिकार की आशंका मजबूत नहीं मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार मृत बाघ की अनुमानित आयु 4 से 5 वर्ष है, जबकि उसका लिंग स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक विसरा नमूने एकत्र कर वैज्ञानिक परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। पूरी प्रक्रिया की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की निर्धारित मानक कार्यप्रणाली के अनुसार बाघ के शव का अंतिम संस्कार किया गया। जांच और पोस्टमार्टम की कार्रवाई के दौरान NTCA के प्रतिनिधि अक्षय दलवी, नायब तहसीलदार, जनप्रतिनिधि तथा बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघ की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है। वैज्ञानिक रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाघ की मौत प्राकृतिक कारणों से हुई या इसके पीछे कोई अन्य वजह रही। तब तक वन विभाग पूरे मामले की निगरानी कर रहा है।1