भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष डूंगरपुर। जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा (चुंडावाड़ा) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में जोधपुर और उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों सहित प्रदेशभर से पहुंचे लगभग 25 फायर अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सैल्यूट कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उदयपुर अग्निशमन टीम की ओर से पीड़ित परिवार को 2,00,000 रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी गई। प्रशासन की अनुपस्थिति पर फूटा गुस्सा अंतिम संस्कार के दौरान डूंगरपुर जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहने पर ग्रामीणों ने गहरा रोष जताया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई मंत्रियों ने जयपुर अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था, लेकिन डूंगरपुर सीमा में प्रवेश से लेकर अंतिम संस्कार तक स्थानीय प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। हादसे में घायल 14 अग्निशमन कर्मियों में से यह पहली मौत थी, ऐसे में प्रशासन की अनदेखी दुखद है। उल्लेखनीय है कि प्रीतेश के पिता धुलेश्वर परमार भी नगर परिषद डूंगरपुर में लीडिंग फायरमैन हैं। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रीतेश ने भी जनता की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 कर्तव्य की राह में शहीद फायरकर्मी प्रीतेश को नम आंखों से अंतिम विदाई, प्रशासन की गैरमौजूदगी पर ग्रामीणों में रोष डूंगरपुर। जोधपुर के बासनी स्थित केमिकल फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान ब्लास्ट में गंभीर रूप से झुलसे डूंगरपुर के फायरकर्मी प्रीतेश परमार का उनके पैतृक गांव लांबाभाटड़ा (चुंडावाड़ा) में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई में जोधपुर और उदयपुर संभाग के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों सहित प्रदेशभर से पहुंचे लगभग 25 फायर अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें सैल्यूट कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उदयपुर अग्निशमन टीम की ओर से पीड़ित परिवार को 2,00,000 रुपये की
आर्थिक सहायता राशि सौंपी गई। प्रशासन की अनुपस्थिति पर फूटा गुस्सा अंतिम संस्कार के दौरान डूंगरपुर जिला प्रशासन का कोई भी अधिकारी मौजूद नहीं रहने पर ग्रामीणों ने गहरा रोष जताया। ग्रामीणों ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सहित कई मंत्रियों ने जयपुर अस्पताल जाकर घायलों का हाल जाना था, लेकिन डूंगरपुर सीमा में प्रवेश से लेकर अंतिम संस्कार तक स्थानीय प्रशासन का कोई प्रतिनिधि नहीं पहुंचा। हादसे में घायल 14 अग्निशमन कर्मियों में से यह पहली मौत थी, ऐसे में प्रशासन की अनदेखी दुखद है। उल्लेखनीय है कि प्रीतेश के पिता धुलेश्वर परमार भी नगर परिषद डूंगरपुर में लीडिंग फायरमैन हैं। पिता के पदचिन्हों पर चलते हुए प्रीतेश ने भी जनता की सुरक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके निधन से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।
- भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर: निशा कटारा हत्याकांड मामले में परिजनों से मिले आसपुर विधायक उमेश डामोर, पुलिस को दिए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश । भरत पंड्या संवाददाता डुंगरपुर 9829264909 डूंगरपुर: निशा कटारा हत्याकांड मामले में परिजनों से मिले आसपुर विधायक उमेश डामोर, पुलिस को दिए शीघ्र कार्रवाई के निर्देश । डूंगरपुर। पाल बस्सी निवासी नर्सिंग छात्रा निशा कटारा की निशंस हत्या के मामले में क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपुर विधायक उमेश डामोर पीड़ित परिवार के निवास पर पहुंचे। विधायक ने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं और उन्हें इस कठिन समय में हर संभव सहयोग व न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया। परिजनों को सांत्वना देने के बाद विधायक उमेश डामोर ने मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी) और दोवड़ा थानाधिकारी से बातचीत की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को घटना की निष्पक्ष एवं त्वरित जांच करने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल गुनहगारों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। पुलिस अधिकारियों ने विधायक को मामले में त्वरित कार्रवाई करने और आरोपियों को जल्द पकड़ने का आश्वासन दिया है।2
- पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। अपनी विनम्रता, ईमानदारी और दूरदर्शिता से उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक न्याय को नई दिशा दी। भारत के निर्माण में उनके ऐतिहासिक निर्णय और अमूल्य योगदान हमारा सदैव मार्गदर्शन करते रहेंगे।1
- बाहुबली कॉलोनी बांसवाड़ा में जैन समाज द्वारा बैंड बाजे के साथ बहुत धूमधाम से निकाला गया शोभा यात्रा । जिसमे बालक बालिकाओं ने शोभा यात्रा के दौरान नित्य करती नजर आए।1
- बारिश रूठी तो शिवजी को किया जलमग्न, नीलकंठ मंदिर में गूंजे वर्षा के मंत्र कुशलगढ़, 27 सितंबर। कम वर्षा के बीच अच्छी बारिश की कामना को लेकर नीलकंठ महादेव मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। शिवलिंग को जलमग्न कर श्रद्धालुओं ने वर्षा की प्रार्थना की। गायत्री यज्ञ में वैदिक मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। नीलकंठ महिला मंडल ने भजन-कीर्तन कर पर्याप्त वर्षा, सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। आयोजन में विजयपाल सिंह जादव, पंडित हेमेन्द्र पांड्या, नरेश गादिया सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।2
- Vadodara bridge traffic se Rahat mile Jo 2 ghante se traffic lagi hui thi1
- नाऊवा एवं अनोपपुरा में चोरों ने दो मंदिरों को बनाया निशाना, चांदी के छत्र व माताजी का मुकुट लेकर बदमाश हुए फरार उदयपुर जिले के डबोक थाना क्षेत्र के नाऊवा व अनोपपुरा गांव में चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। चोरों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे आस्था के केंद्रों को भी निशाना बनाने से नहीं हिचक रहे हैं। चोरों ने दो प्रसिद्ध मंदिरों में सेंधमारी कर धार्मिक आभूषणों पर हाथ साफ कर दिया। एक ही रात में हुई चोरी की इस वारदात के बाद से ग्रामीणों के बीच भारी आक्रोश व्याप्त है। जानकारी के अनुसार, चोरों ने गांव में स्थित प्रसिद्ध भैरूजी बावजी मंदिर व बायण माता मंदिर को निशाना बनाया।1
- छींच ब्रह्माजी मंदिर ट्रस्ट के 8वें बोर्ड चुनाव 15 नवंबर को, बैठक में चुनाव प्रक्रिया पर बनी सहमति छींच। तीर्थधाम ब्रह्माजी मंदिर ट्रस्ट मंडल छींच की महत्वपूर्ण बैठक ट्रस्ट मंडल संरक्षक विश्वेश्वर आचार्य के मुख्य आतिथ्य एवं ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष मुकेश दवे की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में ट्रस्ट की आगामी गतिविधियों, आय-व्यय और बोर्ड चुनाव सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक की शुरुआत में ट्रस्ट मंडल सचिव अशोक उपाध्याय ने पिछली बैठक में लिए गए प्रस्तावों की प्रगति की जानकारी दी। साथ ही वर्तमान बैठक के प्रमुख बिंदुओं एवं प्रस्तावित कार्यों से सदस्यों को अवगत कराया। ट्रस्ट मंडल कोषाध्यक्ष रमेश नागर ने त्रैमासिक आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। उन्होंने ट्रस्ट की वित्तीय गतिविधियों एवं आय-व्यय से संबंधित जानकारी बैठक में रखी, जिस पर उपस्थित सदस्यों ने चर्चा की। इस दौरान ट्रस्ट मंडल अध्यक्ष मुकेश दवे ने जानकारी देते हुए बताया कि ट्रस्ट मंडल के 8वें बोर्ड के चुनाव आगामी 15 नवंबर को आयोजित किए जाएंगे। चुनाव की प्रक्रिया निर्धारित समय पर पूरी कराने के लिए चुनाव अधिकारियों का मनोनयन भी किया गया। बैठक में चुनाव प्रक्रिया को व्यवस्थित एवं निर्धारित नियमों के अनुसार संपन्न कराने को लेकर चर्चा की गई। बैठक में ट्रस्ट मंडल के रमणलाल पंड्या, ब्रजमोहन पंड्या, वालेंग सोलंकी, वासुदेव पंड्या, गोमतीशंकर दवे, फूलशंकर सेवक सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे। बैठक में ट्रस्ट की आगामी व्यवस्थाओं एवं गतिविधियों को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया।4
- मेगटिया कलां में वैष्णव समाज का प्रतिभा एवं समाज गौरव सम्मान समारोह आयोजित, समाजजनों की उमड़ी भीड़ उदयपुर जिले के मेगटिया कलां में भव्य सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़ व सलूंबर जिले के मेधावी विद्यार्थियों, वरिष्ठ नागरिकों व उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों का अभिनंदन किया गया। समारोह की शुरुआत भगवान चारभुजा नाथ की पूजा-अर्चना व दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम में रोकड़िया हनुमानजी के महामंडलेश्वर मुनि महाराज एवं सेवत्री के लक्ष्मण दास महाराज अग्रावत का सानिध्य मिला। संतों ने आशीर्वचन में कहा कि प्रतिभाओं के सम्मान से युवाओं में ऊर्जा का संचार होता है और समाज का गौरव बढ़ता है।1
- *प्राइम न्यूज राजस्थान की विशेष कवरेज - नारी शक्ति विशेष* *ब्यूरो रिपोर्ट - धर्मेन्द्र कुमार सोनी, कुशलगढ़ (बांसवाड़ा)* *"जागेगी नारी तो जगेगा सनातन" - नारी शक्ति प्रमुख साधना पंचाल से तीखे सवाल, बेबाक जवाब* *कुशलगढ़।* बांसवाड़ा जिले के कुशलगढ़ की धरती से राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ भारत की नारी शक्ति प्रमुख श्रीमती साधना पंचाल डुंगरीपाड़ा ने प्राइम न्यूज राजस्थान से विशेष संवाद किया। वागड़ की यह वीरांगना आज हजारों महिलाओं की प्रेरणा बन चुकी हैं। पेश है 5 सवालों में सनातन का सार। *सवाल 1: संघ में नारी शक्ति की क्या भूमिका है?* *साधना जी:* हमारे संघ में नारी शक्ति शोभा नहीं, सेना है। पुरुष संगठन चलाता है, लेकिन नारी संगठन को संस्कार देती है। हमारी तीन बड़ी जिम्मेदारी है। पहला - घर-घर में धर्म की अलख जगाना। हम पीपलीपाड़ा से लेकर छोटी सरवा तक हर आंगनवाड़ी केंद्र पर जाकर माताओं को एकत्रित करती हैं। दूसरा - हम धर्म की ढाल हैं। जहां-जहां धर्म पर प्रहार होता है, वहां नारी शक्ति सबसे पहले पहुंचती है। तीसरा - हम भविष्य की निर्माता हैं। एक संस्कारी मां ही शिवाजी जैसे पुत्र को जन्म दे सकती है। इसलिए संघ ने नारी को केंद्र में रखा है। *सवाल 2: आज की सनातनी महिलाओं को आपका संदेश?* *साधना जी:* बहनों, तुम खुद को कमजोर मत समझो। तुम वही हो जिसने सीता बनकर त्याग दिखाया, सावित्री बनकर मृत्यु को हराया। आज फैशन के नाम पर अपनी जड़ें मत काटो। जींस पहनो लेकिन माथे पर बिंदी जरूर लगाओ। इंस्टाग्राम चलाओ लेकिन दिन में एक बार गीता का एक श्लोक जरूर पढ़ो। अपनी बेटी को केवल डॉक्टर, इंजीनियर नहीं, धर्म रक्षिका भी बनाओ। याद रखो - जब नारी बिंदी लगाना छोड़ देती है, तो संस्कृति दम तोड़ने लगती है। *सवाल 3: बांसवाड़ा-कुशलगढ़ में अवैध धर्मांतरण पर आपका संदेश?* *साधना जी:* यह वागड़ के लिए सबसे बड़ा खतरा है। भोले-भाले आदिवासी भाई-बहनों को प्रलोभन देकर, इलाज और पैसे का लालच देकर उनका धर्म बदला जा रहा है। मैं अपनी हर बहन से कहूंगी - सावधान रहो। कोई अगर कहे कि तुम्हारे देवी-देवता कुछ नहीं करते, तो उसे वहीं रोक दो। हमारा धर्म चावल की बोरी में बिकने वाला नहीं है। अपने बच्चों को चर्च के प्रलोभन से बचाओ। अपने घर में तुलसी लगाओ, रोज दीया जलाओ। अगर कोई जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कराए तो तुरंत राष्ट्रीय सनातन मानव धर्म रक्षा संघ को सूचित करो। हम प्रशासन के साथ मिलकर आपकी रक्षा करेंगे। अपना धर्म मत छोड़ो, यही तुम्हारी पहचान है। *सवाल 4: युवा वर्ग में श्रद्धा, भक्ति और संस्कारों के पतन पर आपके विचार?* *साधना जी:* बहुत पीड़ा होती है। आज का युवा भगवान से ज्यादा गूगल पर विश्वास करता है। मां-बाप को प्रणाम नहीं, गुड मॉर्निंग बोलता है। इसका दोषी कौन? हम खुद। हमने बच्चों को मोबाइल तो दिया, लेकिन रामायण नहीं दी। मैंने देखा है - जिन घरों में सुबह हनुमान चालीसा बजती है, उन घरों के बच्चे नशे से दूर रहते हैं। श्रद्धा उपदेश से नहीं, अभ्यास से आती है। रोज अपने बच्चों के साथ 10 मिनट भजन करो। उन्हें बताओ कि झलकारी बाई कौन थी, पद्मावती कौन थी। जब तक संस्कार नहीं होंगे, तब तक संस्कृति नहीं बचेगी। *सवाल 5: धर्म-कर्म पर कोई कविता के माध्यम से संदेश?* *साधना जी:* मेरे दिल से निकली एक कविता आपके दर्शकों के लिए - *उठो सनातनी वीरांगनाओं, अब शंखनाद कर दो।* *धर्मांतरण की लहरों को, अब तुम ही मात कर दो।* *जिस आंगन में दीया जलेगा, वहां अंधेरा हारेगा।* *जिस घर में गीता पढ़ी जाएगी, वह घर स्वर्ग बनेगा।* *दान करो, पुण्य करो, यही सनातन कहता है।* *नारी जगेगी तो ही, मेरा वतन बचेगा।* अंत में साधना जी ने कहा कि उनका जीवन सनातन धर्म के लिए समर्पित है और जब तक वागड़ की हर महिला धर्म के प्रति जागृत नहीं होगी, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।4