आजमगढ़: जन सेवा केंद्र संचालक पर बैंक खातों से धोखाधड़ी का आरोप, गिरफ्तार मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में साइबर सेल और थाना मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार निवासी जमुनीपुर है। आरोपी के कब्जे से ₹15,630 नकद, 18 ATM/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, 4 आधार कार्ड, 3 मोबाइल फोन, HP लैपटॉप, 2 माइक्रो ATM और बायोमैट्रिक मशीन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि शुरुआती पूछताछ में ग्रामीणों की बैंक पासबुक, ATM कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रखकर उनके खातों से धनराशि निकालने की बात सामने आई है। साथ ही ग्राम प्रधान की मुहर के कथित दुरुपयोग और कूटरचित प्रमाण पत्र से जुड़ी जांच भी की जा रही है। इस मामले में मेहनाजपुर थाने में BNS की संबंधित धाराओं और IT Act की धारा 66(C) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, लेन-देन और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। ⚠️ पुलिस के अनुसार मामला जांचाधीन है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ❓ आपके क्षेत्र में जन सेवा केंद्रों से जुड़ी ऐसी कोई शिकायत सामने आई है? अपनी राय कमेंट में बताएं। 📲 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए TV24 News Express को फॉलो करें।
आजमगढ़: जन सेवा केंद्र संचालक पर बैंक खातों से धोखाधड़ी का आरोप, गिरफ्तार मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में साइबर सेल और थाना मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार निवासी जमुनीपुर है। आरोपी के कब्जे से ₹15,630 नकद, 18 ATM/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, 4 आधार कार्ड, 3 मोबाइल फोन, HP लैपटॉप, 2 माइक्रो ATM और बायोमैट्रिक मशीन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि शुरुआती पूछताछ में ग्रामीणों की बैंक पासबुक, ATM कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रखकर उनके खातों से धनराशि निकालने की बात सामने आई है। साथ ही ग्राम प्रधान की मुहर के कथित दुरुपयोग और कूटरचित प्रमाण पत्र से जुड़ी जांच भी की जा रही है। इस मामले में मेहनाजपुर थाने में BNS की संबंधित धाराओं और IT Act की धारा 66(C) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, लेन-देन और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। ⚠️ पुलिस के अनुसार मामला जांचाधीन है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ❓ आपके क्षेत्र में जन सेवा केंद्रों से जुड़ी ऐसी कोई शिकायत सामने आई है? अपनी राय कमेंट में बताएं। 📲 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए TV24 News Express को फॉलो करें।
- आजमगढ़: जन सेवा केंद्र संचालक पर बैंक खातों से धोखाधड़ी का आरोप, गिरफ्तार मेहनाजपुर थाना क्षेत्र में साइबर फ्रॉड से जुड़े मामले में साइबर सेल और थाना मेहनाजपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने एक वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अनिल कुमार निवासी जमुनीपुर है। आरोपी के कब्जे से ₹15,630 नकद, 18 ATM/क्रेडिट कार्ड, 13 बैंक पासबुक, 4 आधार कार्ड, 3 मोबाइल फोन, HP लैपटॉप, 2 माइक्रो ATM और बायोमैट्रिक मशीन समेत अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस का दावा है कि शुरुआती पूछताछ में ग्रामीणों की बैंक पासबुक, ATM कार्ड और अन्य दस्तावेज अपने पास रखकर उनके खातों से धनराशि निकालने की बात सामने आई है। साथ ही ग्राम प्रधान की मुहर के कथित दुरुपयोग और कूटरचित प्रमाण पत्र से जुड़ी जांच भी की जा रही है। इस मामले में मेहनाजपुर थाने में BNS की संबंधित धाराओं और IT Act की धारा 66(C) के तहत मुकदमा दर्ज है। पुलिस द्वारा बैंक खातों, लेन-देन और बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की जा रही है। ⚠️ पुलिस के अनुसार मामला जांचाधीन है। आरोपी पर लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। ❓ आपके क्षेत्र में जन सेवा केंद्रों से जुड़ी ऐसी कोई शिकायत सामने आई है? अपनी राय कमेंट में बताएं। 📲 ऐसी ही स्थानीय खबरों के लिए TV24 News Express को फॉलो करें।1
- अतरौलिया में भीउरा, सुक्खीपुर व डंडवा पहिया को मिली पक्की सड़क! जानिए डॉ. संग्राम यादव व प्रमुख चंद्रशेखर यादव का बयान |1
- अतरौलिया में विकास को रफ्तार — 44.50 लाख की लागत से बनी 3 सीसी सड़कों का लोकार्पण, विधायक डॉ. संग्राम यादव ने सरकार को घेरा #AtrauliaNews #SangramYadavMLA #SamajwadiParty #AzamgarhNews #ChandrashekharYadav #AtrauliaDevelopment #MangurgarhSammelan #NewsUpdateUPUK #UPPolitics #Shorts #Viral1
- पुराने केसीसी ऋण के बीच नया ऋण दर्ज होने से वृद्ध किसान ने उठाए सवाल, डीएम से जांच की घर पहुंचे बैंक अधिकारी, मोबाइल कब्जे में लेकर हस्ताक्षर कराने का आरोप पुराने केसीसी ऋण के बीच नया ऋण दर्ज होने से वृद्ध किसान ने उठाए सवाल, डीएम से जांच की मांग आलापुर (अंबेडकरनगर)। बैंक ऋण की वसूली के लिए ग्राहक के घर पहुंचना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यदि घर पर ही दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराकर नया ऋण दर्ज किए जाने का आरोप लगे और संबंधित ग्राहक को ऋण की पूरी जानकारी तक न दी जाए, तो मामला गंभीर सवाल खड़े करता है। ऐसा ही मामला रामनगर विकासखंड के अरमा गांव निवासी वृद्ध किसान प्रेम प्रकाश पांडे से जुड़ा सामने आया है। उन्होंने यूपी ग्रामीण बैंक ऑफ बड़ौदा की हुसेनपुर खुर्द शाखा के अधिकारियों पर घर पहुंचकर कथित रूप से दबाव बनाने, मोबाइल फोन अपने पास रखने और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने के बाद उनके नाम पर नया ऋण दर्ज किए जाने का आरोप लगाया है। किसान ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही सीपी ग्राम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है, जिसका पंजीकरण नंबर GOVUP/E/2026/0121998 है। प्रार्थना पत्र के मुताबिक, प्रेम प्रकाश पांडे का उक्त बैंक शाखा में वर्ष 2017 से किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) ऋण चल रहा है। ऋण खाते की संख्या 58220500000312 बताई गई है। आर्थिक कठिनाइयों के कारण वह पुराने ऋण की समय से अदायगी नहीं कर पा रहे थे। इसी बीच 18 सितंबर 2026 को शाखा प्रबंधक करीब तीन व्यक्तियों के साथ उनके घर पहुंचे। शिकायतकर्ता के अनुसार, साथ आए एक व्यक्ति को बैंक का डीसी/अधिकारी बताते हुए उसका नाम सर्वेश मिश्रा बताया गया। रिश्तेदार को फोन करने की कोशिश पर मोबाइल रखने का आरोप शिकायतकर्ता का आरोप है कि घर पर बैंक अधिकारियों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने रिश्तेदार से फोन पर संपर्क कर मामले की जानकारी देने का प्रयास किया। इसी दौरान कथित रूप से उनका मोबाइल फोन अपने पास रख लिया गया। उनका कहना है कि वह वृद्ध अवस्था में हैं और उस समय घर पर उनकी पत्नी के अलावा परिवार का कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। आरोप है कि ऐसी परिस्थितियां पैदा की गईं, जिनमें उन्हें कुछ दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने पड़े। यहीं से पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण सवाल सामने आता है कि यदि नया ऋण सामान्य बैंकिंग प्रक्रिया के तहत स्वीकृत किया गया था तो उसके आवेदन, शर्तों और दस्तावेजों की जानकारी ग्राहक को स्पष्ट रूप से क्यों नहीं दी गई? शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे घर पर हस्ताक्षर कराए जाने के समय यह स्पष्ट नहीं बताया गया कि किन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर लिए जा रहे हैं और उनके नाम पर नया ऋण किस प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। पुराने ऋण में रकम समायोजित करने की बताई गई बात प्रेम प्रकाश पांडे के अनुसार, हस्ताक्षर कराने के बाद उन्हें बताया गया कि उनके नाम पर एक और ऋण किया जा रहा है और उसकी धनराशि पुराने ऋण खाते में जमा कर दी जाएगी। हालांकि, उन्हें नए ऋण की पूरी जानकारी, ऋण खाता संख्या और संबंधित दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। अगले दिन 19 सितंबर को जब वह बैंक में ऋण की किस्त जमा करने पहुंचे तो उन्हें अपने नाम पर एक अन्य ऋण स्वीकृत/दर्ज होने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने नए ऋण की खाता संख्या और उससे संबंधित दस्तावेजों की जानकारी मांगी, लेकिन शिकायत के मुताबिक उन्हें स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। बैंक परिसर में नहीं, घर पर दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का दावा शिकायतकर्ता ने अपने प्रार्थना पत्र में एक अहम बिंदु उठाया है। उनका कहना है कि नए ऋण से संबंधित दस्तावेजों पर उन्होंने बैंक शाखा में जाकर हस्ताक्षर नहीं किए, बल्कि उनके घर पर ही हस्ताक्षर कराए गए। ऐसे में वह जानना चाहते हैं कि उनके नाम पर नया ऋण किस आवेदन के आधार पर स्वीकृत हुआ, किस अधिकारी ने उसे मंजूरी दी, ऋण की रकम कितनी थी और उसे पुराने ऋण खाते में किस आधार पर समायोजित किया गया। उन्होंने जिलाधिकारी से नए ऋण से संबंधित आवेदन पत्र, ऋण खाता संख्या, केवाईसी दस्तावेज, स्वीकृति पत्र, भुगतान/समायोजन विवरण तथा उनके हस्ताक्षर वाले सभी दस्तावेजों की प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है। सीसीटीवी और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की मांग मामले में शिकायतकर्ता ने बैंक के अभिलेखों के साथ डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की मांग भी की है। उनका कहना है कि यदि बैंक परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में संबंधित समय की रिकॉर्डिंग उपलब्ध है तो उसे सुरक्षित कराकर जांच में शामिल किया जाए। इसके अलावा ऋण स्वीकृति से संबंधित बैंक के डिजिटल रिकॉर्ड की भी जांच की जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि आवेदन कब तैयार हुआ, किस स्तर से स्वीकृत हुआ और रकम किस खाते में तथा किस उद्देश्य से स्थानांतरित या समायोजित की गई। मोबाइल फोन रखने के आरोप की भी जांच की मांग प्रेम प्रकाश पांडे ने घर पर हस्ताक्षर कराने की परिस्थितियों के साथ ही अपना मोबाइल फोन बैंक अधिकारियों द्वारा अपने पास रखे जाने के आरोप की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में दबाव, अनुचित प्रभाव अथवा किसी अन्य अनियमित तरीके से हस्ताक्षर कराकर ऋण संबंधी कार्रवाई किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित अधिकारियों और व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि जांच पूरी होने तक विवादित नए ऋण के संबंध में जबरन वसूली या किसी प्रकार की प्रतिकूल कार्रवाई न की जाए। फिलहाल शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। बैंक अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। हालांकि, एक वृद्ध किसान के नाम पर पुराने ऋण के बीच नया ऋण दर्ज होने और उसके दस्तावेजों पर घर पर हस्ताक्षर कराए जाने के आरोप ने बैंकिंग प्रक्रिया और ग्राहक की सहमति से जुड़े सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासनिक जांच में दस्तावेज और बैंक रिकॉर्ड क्या तस्वीर सामने लाते हैं।1
- नोकझोंक के बीच आखिरकार शुरू हुआ काम वर्षों से लंबित नाली और खड़ंजे का निर्माण शुरू, अतिक्रमण हटने के बाद ग्रामीणों को मिली राहत बूढनपुर विकासखंड अहरौला की ग्राम पंचायत मतलूबपुर में जल निकासी की समस्या को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और ग्रामीणों के विरोध के बाद आखिरकार सोमवार को नाली और खड़ंजे के निर्माण कार्य की शुरुआत हो गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान मौके पर नोकझोंक की स्थिति भी बनी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया। गांव में वर्षों से नाली और खड़ंजे का निर्माण अतिक्रमण के चलते बाधित था। जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने से सड़क पर गंदा पानी जमा रहता था, जिससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने कई बार अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई न होने से उनका आक्रोश बढ़ता गया। बीते दिनों ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए कई मकानों पर ‘घर बिकाऊ है’ के पोस्टर चिपका दिए थे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि यदि जल निकासी और सड़क की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो गांव में जनप्रतिनिधियों के प्रवेश का विरोध किया जाएगा। मामले की खबर प्रमुखता से हिंदुस्तान में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को उपजिलाधिकारी बुढ़नपुर चंद्र प्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार बुढ़नपुर विवेकानंद और खंड विकास अधिकारी अहरौला संतोष कुमार समेत राजस्व विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। राजस्व निरीक्षक और लेखपाल की मौजूदगी में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई। अतिक्रमण हटाने के दौरान कुछ लोगों से नोकझोंक की स्थिति भी बनी। स्थिति को देखते हुए थाना अध्यक्ष अहरौला के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। प्रशासनिक कार्रवाई पूरी होने के बाद वर्षों से बाधित पड़े नाली और खड़ंजे के निर्माण कार्य को शुरू करा दिया गया। निर्माण कार्य शुरू होते ही ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीण आनंद गुप्ता ने कहा कि आखिरकार उनकी आवाज शासन-प्रशासन तक पहुंची और प्रशासन ने नाली निर्माण का कार्य शुरू करा दिया। लंबे समय से ग्रामीण इस समस्या से परेशान थे। वहीं चंदू सोनकर ने कहा कि लगातार किए गए प्रयास आखिरकार रंग लाए हैं। प्रशासन द्वारा नाली का निर्माण शुरू कराए जाने से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि नाली का निर्माण पूरा होने से वर्षों से चली आ रही जल निकासी की समस्या का समाधान होगा। वहीं खड़ंजे का निर्माण पूरा होने से आवागमन भी सुगम होगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि निर्माण कार्य को जल्द और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा कराया जाए, ताकि भविष्य में जल निकासी और आवागमन की समस्या दोबारा न खड़ी हो। प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उपजिलाधिकारी बुढ़नपुर चंद्र प्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार बुढ़नपुर विवेकानंद, खंड विकास अधिकारी अहरौला संतोष कुमार, राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी पूजा यादव, थाना अध्यक्ष अहरौला सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।1
- भूमि गिराए जाने के मामले में पुलिस का बयान जारी, पुलिस ने स्पष्ट किया अपना पक्ष अम्बेडकरनगर। भूमि गिराए जाने को लेकर सामने आए मामले में पुलिस ने अपना पक्ष रखते हुए बयान जारी किया है। पुलिस अधिकारी ने मामले से जुड़े तथ्यों और पुलिस की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। पुलिस के मुताबिक, प्रकरण में नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस ने पूरे मामले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा वास्तविक तथ्यों के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मामले को लेकर किसी भी तरह की अफवाह या भ्रामक जानकारी पर भरोसा न करें। प्रकरण से जुड़े तथ्यों की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- डेंगू-मलेरिया से बचाव को गांवों में चला विशेष स्वच्छता अभियान आजमगढ़। डेंगू और मलेरिया समेत संक्रामक बीमारियों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिले में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत राज अधिकारी के निर्देश पर विकासखंड पल्हनी की सभी ग्राम पंचायतों में ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने साफ-सफाई कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। सोमवार को राजस्व ग्राम चकगोरया में विद्यालय के आसपास और सड़क के दोनों पटरियों पर सफाई अभियान चलाया गया। सफाई कर्मचारियों ने झाड़ू लगाने के साथ ही नालियों की सफाई की और जगह-जगह जमा कचरे को हटाया। अभियान के दौरान लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की गई। सहायक विकास पंचायत सुनील कुमार मिश्रा के निर्देश पर विकासखंड की सभी ग्राम पंचायतों में सफाई कर्मचारी अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चला रहे हैं। अभियान का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने के साथ ही मच्छरजनित और संक्रामक बीमारियों के प्रसार को रोकना है। इस दौरान गुलाब चौरसिया, अभय चौहान समेत अन्य लोग मौजूद रहे। कर्मचारियों ने लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए ‘स्वच्छता अपनाएं, स्वस्थ रहें’ का संदेश दिया।3
- गोपालपुर से सपा टिकट की दावेदारी! समा वसीम ने खोले अपने पत्ते गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी में टिकट की दावेदारी को लेकर चर्चा तेज है। इसी बीच समा वसीम ने खास बातचीत में अपनी दावेदारी, स्वर्गीय वसीम अहमद की राजनीतिक विरासत, 2022 में टिकट न मिलने के अनुभव और गोपालपुर-देवरांचल के प्रमुख मुद्दों पर अपनी बात रखी। समा वसीम ने बाढ़ और जलभराव, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क और बुनियादी सुविधाओं को क्षेत्र के प्रमुख मुद्दों में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि उनकी दावेदारी जनता के बीच सक्रियता, संगठन के प्रति निष्ठा और लोगों से लगातार संवाद के आधार पर है। पार्टी नेतृत्व के फैसले को स्वीकार करने की बात भी उन्होंने कही। देखिए समा वसीम का पूरा इंटरव्यू और जानिए उन्होंने 2027 की दावेदारी को लेकर क्या कहा। #Azamgarh #Gopalpur #SamaWasim #SamajwadiParty #GopalpurAssembly #AzamgarhNews #UPPolitics #Interview1