नर्मदापुरम पुलिस के उपनिरीक्षक मानिक सिंह बट्टी को उनके सराहनीय मानवीय कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें पिपरिया क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों की जान बचाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह आज दोपहर 2 बजे आयोजित हुआ। जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को उपनिरीक्षक बट्टी विवेचना कार्य से खापरखेड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान, पिपरिया के खापरखेड़ा झील के पास सड़क किनारे झाड़ियों में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में पड़े मिले। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक बट्टी ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को झाड़ियों से बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक उपचार के साथ-साथ सीपीआर भी प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने तत्काल एम्बुलेंस एवं अन्य आवश्यक सहायता की व्यवस्था की, जिससे दोनों घायलों को उपचार के लिए पिपरिया अस्पताल पहुंचाया जा सका। उपनिरीक्षक बट्टी की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से समय रहते दोनों व्यक्तियों की जान बच सकी। उनकी तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की सहायता करना भी है, और उपनिरीक्षक बट्टी का यह कार्य पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है। क्षेत्र के नागरिकों ने भी उनकी इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे पुलिस की सकारात्मक छवि का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
नर्मदापुरम पुलिस के उपनिरीक्षक मानिक सिंह बट्टी को उनके सराहनीय मानवीय कार्य और कर्तव्यनिष्ठा के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें पिपरिया क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल दो व्यक्तियों की जान बचाने में निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका के लिए प्रदान किया गया। यह सम्मान समारोह आज दोपहर 2 बजे आयोजित हुआ। जानकारी के अनुसार, 29 मई 2026 को उपनिरीक्षक बट्टी विवेचना कार्य से खापरखेड़ा की ओर जा रहे थे। इसी दौरान, पिपरिया के खापरखेड़ा झील के पास सड़क किनारे झाड़ियों में दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल और बेहोशी की हालत में पड़े मिले। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, उपनिरीक्षक बट्टी ने बिना समय गंवाए दोनों घायलों को झाड़ियों से बाहर निकाला और उन्हें प्राथमिक उपचार के साथ-साथ सीपीआर भी प्रदान किया। इसके बाद उन्होंने तत्काल एम्बुलेंस एवं अन्य आवश्यक सहायता की व्यवस्था की, जिससे दोनों घायलों को उपचार के लिए पिपरिया अस्पताल पहुंचाया जा सका। उपनिरीक्षक बट्टी की इस त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई से समय रहते दोनों व्यक्तियों की जान बच सकी। उनकी तत्परता, संवेदनशीलता और कर्तव्य के प्रति समर्पण को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने उन्हें प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पुलिस का दायित्व केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में नागरिकों की सहायता करना भी है, और उपनिरीक्षक बट्टी का यह कार्य पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत है। क्षेत्र के नागरिकों ने भी उनकी इस मानवीय पहल की सराहना करते हुए इसे पुलिस की सकारात्मक छवि का एक उत्कृष्ट उदाहरण बताया है।
- मध्य प्रदेश के इटारसी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 पर एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है। भोपाल से जबलपुर जा रही इंटरसिटी एक्सप्रेस में सफर कर रही एक महिला पानी लेने के लिए स्टेशन पर उतरी थी। इसी बीच, ट्रेन चलने लगी और महिला ने अपने गोद में बच्चे को लिए हुए ही चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। इस कोशिश में उसका हाथ अचानक फिसल गया और वह ट्रेन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गई। हालांकि, इस पूरे हादसे में एक चमत्कारिक पल भी देखने को मिला: जैसे ही महिला गिरी, बच्चा सुरक्षित रूप से प्लेटफॉर्म पर गिर गया। वहाँ मौजूद एक अन्य महिला ने तुरंत देवदूत बनकर बच्चे को गोद में उठा लिया और उसकी जान बचाई। घायल महिला को तत्काल नजदीकी शासकीय अस्पताल रेफर किया गया है। इस घटना के मद्देनजर, यह अपील की गई है कि लोग चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं, क्योंकि जान अनमोल है।1
- ट्विशा केस में एक नया ट्विस्ट सामने आया है, जिसके चलते जांच में चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। इस नए घटनाक्रम के साथ ही यह सवाल उठ खड़ा हुआ है कि क्या समर्थ और ट्विशा के बीच कोई तीसरा शख्स शामिल है।1
- मध्य प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' लागू करने से पहले राज्य सरकार द्वारा नागरिकों से सुझाव आमंत्रित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि यह व्यवस्था विभिन्न धर्मों से आने वाली बहनों एवं महिलाओं को विवाह, विवाह-विच्छेद तथा अन्य पारिवारिक एवं नागरिक मामलों से संबंधित समस्याओं के समाधान में अधिक सुविधा और समान अधिकार सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।1
- अधिकमास की ज्येष्ठ पूर्णिमा पर रविवार को पिपरिया से लगभग 20 किलोमीटर दूर स्थित सांडिया नर्मदा घाट पर आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। जिले और आसपास के क्षेत्रों से आए करीब 30 हजार श्रद्धालुओं ने माँ नर्मदा में डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की और परिवार की सुख-समृद्धि तथा मंगलकामना के लिए प्रार्थना की। सूर्योदय से पहले ही सीताराम घाट, बाजार घाट और सिवनी पुल घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। पूरे दिन नर्मदा तट पर स्नान, तर्पण, दान-पुण्य और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम जारी रहा। अनेक श्रद्धालुओं ने सत्यनारायण व्रत कथा, विष्णु सहस्रनाम पाठ और भगवान शिव का अभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया। पूर्णिमा और अवकाश का दिन होने के कारण घाटों पर मेले जैसा माहौल रहा, कई श्रद्धालु एक दिन पहले ही आकर रात्रि विश्राम कर रहे थे। सुबह से दोपहर तक स्नान और दान करने वालों की लंबी कतारें देखी गईं, जबकि शाम को नर्मदा दर्शन और दीपदान के लिए भी लोग आते-जाते रहे। इस दौरान विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों द्वारा भंडारों का आयोजन भी किया गया, जहाँ श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। घाटों और प्रमुख मार्गों पर पुलिस, राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत के कर्मचारियों को तैनात किया गया था। सांडिया चौकी प्रभारी किशन उईके ने बताया कि पूरे दिन व्यवस्था सामान्य रही और सभी श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण ढंग से स्नान व दर्शन किए। हालांकि, श्रद्धालुओं ने घाट पर मूलभूत सुविधाओं के विस्तार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। विशेष रूप से महिलाओं के लिए कपड़े बदलने की उचित व्यवस्था न होने के कारण उन्हें असुविधा का सामना करना पड़ा। श्रद्धालुओं ने प्रशासन से स्थायी चेंजिंग रूम और सुरक्षित सुविधाओं को विकसित करने की मांग की, ताकि भविष्य के धार्मिक आयोजनों में महिलाओं को बेहतर सुविधाएँ मिल सकें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अधिकमास में आने वाली ज्येष्ठ पूर्णिमा का विशेष महत्व होता है। इस दिन नर्मदा स्नान, दान-पुण्य, व्रत, कथा और भगवान विष्णु की आराधना से कई गुना फल प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते हजारों श्रद्धालु सांडिया नर्मदा घाट पहुंचे। आने वाली अमावस्या पर भी इस घाट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।2
- एक आदर्श नेता को शाक्य जैसा होना चाहिए, जो अपनी ही पार्टी को आइना दिखाने यानी उसकी कमियों को उजागर करने में बिल्कुल भी संकोच नहीं करते हैं। इस बात पर जोर दिया गया है कि ऐसे नेता ही वास्तव में प्रशंसा के पात्र हैं।1
- भारतीय रेलवे ने जबलपुर-नई दिल्ली श्रीधाम एक्सप्रेस (12191/12192) में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है, जिसके तहत ट्रेन के पुराने आईसीएफ (ICF) कोचों को हटाकर अब आधुनिक एलएचबी (LHB) कोच लगाए गए हैं। यह कदम यात्रियों के लिए खुशखबरी लेकर आया है, क्योंकि इससे उन्हें बेहतर और सुरक्षित यात्रा अनुभव मिलेगा। नए एलएचबी कोच कई मायनों में फायदेमंद हैं। सुरक्षा के लिहाज से, इनमें एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते। यात्रियों के लिए सफर को अधिक आरामदायक बनाने हेतु एयर सस्पेंशन तकनीक का प्रयोग किया गया है, जिससे यात्रा के दौरान झटके कम महसूस होते हैं। इसके अतिरिक्त, इन कोचों की बेहतर रफ्तार के कारण समय की भी बचत होगी; उदाहरण के तौर पर, भोपाल से दिल्ली तक की यात्रा के समय में करीब 58 मिनट की कमी आई है। नए रैक में कुल 22 कोच शामिल किए गए हैं, जिनमें फर्स्ट एसी, सेकेंड एसी, थर्ड एसी, इकोनॉमी, स्लीपर और सामान्य श्रेणी के डिब्बे उपलब्ध हैं।1
- मध्यप्रदेश की सियासत में इन दिनों 'अभिनंदन लाल टपोरी लाल' जैसे बयानों के कारण गर्माहट और उबाल देखा जा रहा है। इन टिप्पणियों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, जिससे प्रदेश का राजनीतिक माहौल गरमाया हुआ है।1
- हरदा जिले की टिमरनी तहसील के वार्ड नंबर 07 में, जो आशीष रेस्टोरेंट के पीछे स्थित है, पिछले कई सालों से नालियों की साफ-सफाई नहीं हुई है। इन नालियों की हालत बेहद खराब है; वे टूटी-फूटी पड़ी हैं और उनमें पानी ऊपर तक भरा रहता है। बताया गया है कि नालियों में दो फीट तक मलबा जमा हो गया है और कोई भी सफाईकर्मी इनकी सुध लेने नहीं आता। पिछले तीन साल से सफाई न होने के कारण ये नालियाँ पूरी तरह से चोक हो गई हैं।3
- इटारसी जंक्शन पर एक बड़ा और हृदयविदारक हादसा हो गया, जहाँ एक चलती इंटरसिटी ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। इस घटना में महिला के दोनों पैर कट गए। बताया गया है कि महिला अपने 3 साल के मासूम बेटे के साथ ट्रेन पकड़ रही थी, तभी वह फिसलकर ट्रैक में जा गिरी, जिससे इंटरसिटी ट्रेन उसके लिए काल बन गई। रेलवे स्टाफ ने महिला को ट्रेन और प्लेटफॉर्म के बीच फंसा हुआ देखकर उसकी जान बचाई, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान इटारसी स्टेशन पर चीख-पुकार मच गई। यह दुर्घटना कुछ सेकंड की जल्दबाजी का नतीजा थी, जब महिला ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया। गनीमत रही कि उसके साथ रहा बच्चा इस हादसे में बाल-बाल बच गया।1