संभल के DPRO कार्यालय में रिश्वतखोरी के वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। DPRO और अकाउंटेंट पर ग्राम प्रधानों तथा कर्मचारियों को धमकाकर रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। वायरल हुए ये वीडियो DPRO की कार और उनके कार्यालय के बताए जा रहे हैं, जिनमें रिश्वतखोरी स्पष्ट दिख रही है। इन आरोपों में यह भी कहा गया है कि DPRO ने रिश्वत की इसी रकम से करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। बताया गया है कि DPRO कार्यालय पिछले कई सालों से "लूट का अड्डा" बना हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में यह जांच समिति बनाई गई है। यह समिति उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। गौरतलब है कि पिछले DPRO उपेंद्र कुमार पांडेय को भी शासन ने निलंबित किया था, और मौजूदा DPRO चेतेंद्र पाल सिंह विकास 'विकास की ओट' में क्या कर रहे हैं, यह इन वायरल वीडियो से समझा जा सकता है।
संभल के DPRO कार्यालय में रिश्वतखोरी के वीडियो वायरल होने से हड़कंप मच गया है। DPRO और अकाउंटेंट पर ग्राम प्रधानों तथा कर्मचारियों को धमकाकर रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके बाद जिलाधिकारी ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन किया है। वायरल हुए ये वीडियो DPRO की कार और उनके कार्यालय के बताए जा रहे हैं, जिनमें रिश्वतखोरी स्पष्ट दिख रही है। इन आरोपों में यह भी कहा गया है कि DPRO ने रिश्वत की इसी रकम से करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी गाड़ियां खरीदी हैं। बताया गया है कि DPRO कार्यालय पिछले कई सालों से "लूट का अड्डा" बना हुआ है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट ने जानकारी दी कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में यह जांच समिति बनाई गई है। यह समिति उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। गौरतलब है कि पिछले DPRO उपेंद्र कुमार पांडेय को भी शासन ने निलंबित किया था, और मौजूदा DPRO चेतेंद्र पाल सिंह विकास 'विकास की ओट' में क्या कर रहे हैं, यह इन वायरल वीडियो से समझा जा सकता है।
- संभल के बबैना-अंडा-बहजोई रोड पर एक नए स्कूटी शोरूम का आज शुभारंभ हुआ, जिसका उद्घाटन संभल के सपा सांसद ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सपा सांसद ने रिबन काटकर शोरूम का उद्घाटन किया और वहाँ रखी गई नई स्कूटियों का निरीक्षण किया। शोरूम संचालक ने बताया कि ग्राहकों को यहाँ सभी कंपनियों की इलेक्ट्रिक और पेट्रोल स्कूटी उपलब्ध होंगी, साथ ही फाइनेंस और सर्विस की सुविधा भी मिलेगी। उद्घाटन के मौके पर सांसद ने क्षेत्र में बढ़ते रोजगार के अवसरों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बबैना में शोरूम का खुलना युवाओं के लिए अच्छी बात है, क्योंकि इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और ग्राहकों को घर के पास ही सुविधा मिलेगी। सांसद ने शोरूम संचालक को कारोबार की सफलता के लिए शुभकामनाएँ भी दीं।2
- अमरोहा जिले के रहरा थाना क्षेत्र के गांव खेलिया खालसा में 26 वर्षीय विवाहिता कमलेश की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। गुरुवार को जब कमलेश का शव गांव पहुंचा, तो मायके पक्ष ने ससुरालियों पर हत्या का गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि कई थानों की पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभालना पड़ा। कमलेश अपने पीछे पांच वर्षीय बेटी विशाखा और तीन वर्षीय पुत्र हर्षित को छोड़ गई हैं, जिनकी मां की मौत के बाद रो-रोकर बुरी हालत है और गांव में हर किसी की जुबान पर इनके भविष्य की चिंता है। ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कुछ समय से मायके और ससुराल पक्ष के बीच रिश्तों में तनाव चल रहा था। बताया गया कि बीती 22 मई को गंगा स्नान के दौरान बेटे के मुंडन संस्कार में भात और लेन-देन को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई थी, जिसके बाद परिवारों में मनमुटाव बढ़ गया था। कमलेश की मौत की सूचना मिलते ही मायके पक्ष ने इसे संदिग्ध बताते हुए आरोप लगाया कि कमलेश की मारपीट कर हत्या की गई है। रहरा पुलिस के साथ सैदनगली, आदमपुर और हसनपुर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, और पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। हंगामे की सूचना पर क्षेत्रीय विधायक महेंद्र सिंह खड़गवंशी भी गांव पहुंचे, जिन्होंने परिजनों को सांत्वना दी और निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया, जिसके बाद काफी देर की मशक्कत के बाद परिजन शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। उधर, सूत्रों के अनुसार बुधवार शाम घरेलू कलह के चलते कमलेश द्वारा कथित रूप से कीटनाशक का सेवन किए जाने की बात सामने आ रही है। बताया जाता है कि हालत बिगड़ने पर ससुराल पक्ष ने मायके वालों को सूचना दी थी, जिसके बाद पहले स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया और हालत गंभीर होने पर मेरठ के एक हायर सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। हालांकि, मायके पक्ष इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग पर अड़ा है। इस घटना के दौरान बच्चों के भविष्य को लेकर भी चर्चा हुई। ग्रामीणों के मुताबिक, संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि मृतका के दोनों बच्चों के नाम दो-दो बीघा भूमि की जाएगी, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रह सके। इसके लिए दोनों पक्ष हसनपुर स्थित रजिस्ट्री कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन किसी कारणवश भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने दोबारा नाराजगी जताई और हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस क्षेत्राधिकारी पंकज कुमार त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा अग्रिम कार्यवाही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर की जाएगी। खेलिया खालसा गांव में दिनभर इस घटना की चर्चा होती रही और हर कोई मौत की असली वजह सामने आने का इंतजार कर रहा है।3
- अमरोहा जनपद के रहरा थाना क्षेत्र के खेलिया खालसा गाँव में 26 वर्षीय कमलेश नाम की महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। महिला की मौत की खबर मिलते ही उसके मायके वाले तुरंत मौके पर पहुँचे और उन्होंने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिसके बाद पूरे गाँव में तनाव का माहौल बन गया है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ समय से परिवार में पैसों के लेन-देन और घरेलू बातों को लेकर अनबन चल रही थी। हाल ही में गंगा स्नान के दौरान भी दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था। कमलेश अपने पीछे एक पाँच साल की बेटी और तीन साल के बेटे को छोड़ गई है, जो अपनी माँ को खोने के बाद रो-रोकर बेहाल हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कई थानों की पुलिस और भारी बल गाँव में तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जाँच पूरी होने के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।2
- अमरोहा जिले के गजरौला में वरिष्ठ अधिवक्ता डॉ. रवींद्र शुक्ला ने अपनी जान-माल की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने पुलिस अधीक्षक (एसपी) सहित उच्च अधिकारियों से शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें एक भाजपा नेता और उनके साथियों से अपनी जान को खतरा होने का दावा किया है। डॉ. शुक्ला ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आरोप लगाए और प्रशासन से इस मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की है।4
- नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने मऊ से अमरोहा आकर अपना कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद, ईओ दिनेश कुमार चेयरमैन शशि जैन के निवास स्थान पहुंचे, जहाँ उन्होंने पूर्व पालिका अध्यक्ष और भाजपा के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार जैन, युवा भाजपा नेता अखिल जैन और निखिल जैन से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान शहर के विकास पर व्यापक चर्चा हुई। अधिशासी अधिकारी दिनेश कुमार ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता शहर का चौमुखी विकास सुनिश्चित करना और आम जनता की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाना रहेगी। उन्होंने पालिका के कर्मचारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि काम में किसी भी कीमत पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने समय पर काम पूरा करने पर जोर दिया और कहा कि सभी की संतुष्टि ही उनकी मुख्य पहल होगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और उन्हें पालिका द्वारा प्रदान की जा सकने वाली हर सुविधा मिल सके। ईओ दिनेश कुमार ने अमरोहा की जनता से अपील करते हुए कहा कि वे पालिका का सहयोग करें और शहर को साफ-सुथरा रखने में मदद करें।1
- संभल में हसीना बेगम अस्पताल से जुड़ा एक लंबा विवाद अब समाप्त हो गया है। अस्पताल के निदेशक सेठ कासिम और डॉक्टर तौसीफ अहमद के बीच चल रहा यह मामला आखिरकार सुलझ गया है। यह विवाद कई दिनों से चल रहा था और इसकी गंभीरता इस कदर थी कि यह मामला थाने से लेकर कचहरी तक जा पहुँचा था। दोनों पक्षों के बीच अस्पताल के हिसाब-किताब को लेकर गंभीर मतभेद थे, जिसके परिणामस्वरूप डॉक्टर तौसीफ के खिलाफ एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, अब इस पूरे विवाद का सुखद अंत हो गया है। डॉक्टर तौसीफ अहमद अकेले सेठ कासिम के निवास पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। दोनों ने बैठकर बातचीत की और सभी गलतफहमियों को दूर कर लिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी लिखित रूप में किया गया, जिसमें भविष्य में ऐसे किसी विवाद से बचने पर सहमति बनी। सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। सेठ कासिम ने डॉक्टर तौसीफ को अपने छोटे भाई की तरह माफ कर दिया, जिसके बाद उनके रिश्ते फिर से सामान्य हो गए। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने मीडिया के सामने आकर इस पूरे विवाद के खत्म होने और सेठ कासिम के निवास पर अपनी गलती का एहसास करने की बात भी बताई।1
- संभल जिले में जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और उनके अकाउंटेंट पर गंभीर अवैध वसूली के आरोप लगे हैं। यह आरोप ग्राम प्रधानों और विभाग के कर्मचारियों को धमकाकर पैसे वसूलने से संबंधित है। इस पूरे मामले में अकाउंटेंट का कार्यालय के भीतर रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह को एक गाड़ी में पैसे दिए जाने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, DPRO पर करोड़ों की संपत्ति बनाने और लग्जरी गाड़ी खरीदने के भी इल्जाम लगाए गए हैं। जिला पंचायत राज विभाग से जुड़ा यह वीडियो सामने आने के बाद सोशल साइट्स पर खासा घमासान मचा हुआ है। आरोपों के अनुसार, होली और दिवाली जैसे त्योहारों पर भी अवैध वसूली की जाती थी। इन आरोपों और वायरल वीडियो के सामने आने के बाद DPRO चेंतेंद्र पाल सिंह पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। जिलाधिकारी (DM) ने इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के आदेश भी जारी किए हैं।1
- अमरोहा पुलिस ने नौगांवा थाना क्षेत्र में आम के बाग ठेकेदार की सनसनीखेज हत्या के मामले का महज दो दिन में खुलासा कर दिया है। इस हत्याकांड की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि मृतक की जान किसी दुश्मन ने नहीं, बल्कि उसके अपने बेटे ने ही अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर ली थी। पुलिस ने मृतक के पुत्र सहित तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया है। नौगांवा सादात थाना क्षेत्र के गांव गजस्थल निवासी रईस अहमद टेंट हाउस का कारोबार करते थे और आम के बाग भी ठेके पर लेते थे। बीती एक-दो जून की रात वह बाग में अपनी चारपाई पर सो रहे थे, जब उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में पाया गया। उपचार के लिए पहले उन्हें जिला अस्पताल और फिर मेरठ मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव के निर्देशन में गठित टीम ने जब मामले की गहन जांच की तो हैरान करने वाले तथ्य सामने आए। विवेचना में पता चला कि रईस अहमद ने व्यापार से करीब दो लाख रुपये कमाए थे, जिन्हें लेकर परिवार में विवाद चल रहा था। आरोप है कि मृतक शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी शाहजहां उर्फ सज्जो के साथ मारपीट और अभद्रता करता था, जिसके कारण बच्चे भी अपनी माँ का पक्ष लेते थे। पुलिस पूछताछ में मृतक के पुत्र आयान ने स्वीकार किया कि घरेलू विवाद और माँ के साथ होने वाले दुर्व्यवहार से परेशान होकर उसने अपने दोस्तों दीपांशु और दीपक के साथ मिलकर पिता की हत्या की योजना बनाई थी। योजना के तहत तीनों रात में बाग पहुँचे और सो रहे रईस के सिर में गोली मारकर फरार हो गए। पुलिस ने आयान, दीपांशु और दीपक को देहरा चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त 12 बोर का तमंचा और खोखा कारतूस बरामद हुआ है। पुलिस ने तीनों को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।2
- अमरोहा जनपद में जानलेवा स्टंटबाजी का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, जहां आए दिन युवाओं के खतरनाक स्टंट करते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। ये युवा इंस्टाग्राम पर चंद फॉलोअर्स और व्यूज बढ़ाने के चक्कर में अपनी जान जोखिम में डालकर ऐसे कारनामे कर रहे हैं। इस कड़ी में गजरौला थाना क्षेत्र के गजरौला थाने के पास पकौड़ी की दुकान लगाने वाले एक युवक का स्टंट वीडियो भी सामने आया है। प्रशासन लगातार स्टंट वैगन पर कार्रवाई कर रहा है, इसके बावजूद स्टंट का यह खेल जारी है। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि स्टंट के चक्कर में किसी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घटित हो सकती है। चिंता की बात यह भी है कि बच्चों के माता-पिता भी अपने बच्चों की इस तरफ कोई खास ध्यान नहीं दे रहे हैं।1