बीना के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी स्थित सरदार पटेल स्कूल सभागार में चेयरमैन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। यह शिविर सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई द्वारा मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। रक्तदान प्रक्रिया को सफल बनाने में काउंसलर प्रीति जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, पुष्पा कोरी, राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत 'डब्बू' सेन सहित पैरामेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बताया गया कि 'रक्त-क्रांति' अभियान जून 2018 से बीना सिविल अस्पताल में प्रत्येक माह की पहली तारीख को रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। अब तक आयोजित 76 शिविरों में 2,804 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है, जिससे हजारों जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला है। इस अवसर पर रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान पर 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' और पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को 'उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान', कमल स्क्वायर को 'उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान' और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को 'उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान' प्रदान किया गया। समाजहित में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी को 'उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त पावर प्लांट टीम की ओर से ग्रहण किया। इस शिविर में स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित पावर प्लांट के कर्मचारी अमित सरकारी, अरुण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्य समेत कुल 305 लोगों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया। कार्यक्रम के दौरान जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान से गर्भवती महिलाओं, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, दुर्घटना पीड़ितों और अन्य गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं। कार्यक्रम का समापन एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर द्वारा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सहयोगी संस्थाओं, चिकित्सकों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करने और रक्तदान जैसे महादान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराने के साथ हुआ।
बीना के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी स्थित सरदार पटेल स्कूल सभागार में चेयरमैन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। यह शिविर सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के
अध्यक्ष मनीष सिंघई द्वारा मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। रक्तदान प्रक्रिया को सफल बनाने में काउंसलर प्रीति जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, पुष्पा कोरी, राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत 'डब्बू' सेन सहित पैरामेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बताया गया कि 'रक्त-क्रांति' अभियान जून 2018 से बीना सिविल अस्पताल में प्रत्येक माह की पहली तारीख को रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। अब तक आयोजित 76 शिविरों में 2,804 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है, जिससे हजारों जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला है। इस अवसर पर रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान पर 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' और पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' से नवाजा गया।
इसके अतिरिक्त, सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को 'उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान', कमल स्क्वायर को 'उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान' और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को 'उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान' प्रदान किया गया। समाजहित में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी को 'उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त पावर प्लांट टीम की ओर से ग्रहण किया। इस शिविर में स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित पावर प्लांट के कर्मचारी अमित सरकारी, अरुण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्य
समेत कुल 305 लोगों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया। कार्यक्रम के दौरान जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान से गर्भवती महिलाओं, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, दुर्घटना पीड़ितों और अन्य गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं। कार्यक्रम का समापन एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर द्वारा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सहयोगी संस्थाओं, चिकित्सकों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करने और रक्तदान जैसे महादान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराने के साथ हुआ।
- Post by User32131
- Sagar tu udsha rod and light pink color mein background photo Sagar tu udsha4
- शुक्रवार को बीना में मोहर्रम का त्यौहार बड़े उल्लास और अकीदत के साथ मनाया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कर्बला के शहीदों को याद करते हुए ताजियों के भव्य जुलूस निकाले। इन जुलूसों में 'या हुसैन' की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरे शहर में गम और शोक का माहौल बना रहा। इस अवसर पर शांति और भाईचारे की बेहतरीन मिसाल भी देखने को मिली।3
- बीना रिफाइनरी के आसपास पांच किलोमीटर क्षेत्र में लागू नो डेवलपमेंट जोन (NDZ) को हटाने की मांग अब ज़ोर पकड़ने लगी है। सर्वदलीय नो डेवलपमेंट जोन हटाओ समिति ने एक प्रेसवार्ता में गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि एक ओर जहां ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान बनाने की भी अनुमति नहीं दी जाती, वहीं दूसरी ओर बड़ी निर्माण कंपनियों को खुलेआम निर्माण कार्य करने की खुली छूट दी जा रही है। समिति ने इस स्थिति को ग्रामीणों के साथ अन्याय करार देते हुए एक बड़े जनआंदोलन की चेतावनी दी है। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार, रिफाइनरी की स्थापना के बाद से लागू हुए इस प्रतिबंध के कारण 52 गांवों के लगभग एक लाख लोग पिछले 17 वर्षों से लगातार प्रभावित हैं। ग्रामीणों को मकान निर्माण, विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और अन्य विकास कार्यों को पूरा करने में लगातार भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नेताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि पड़ोसी विदिशा जिले में इस तरह का कोई प्रतिबंध लागू नहीं है, जबकि सागर जिले के ग्रामीण निरंतर इस समस्या से जूझ रहे हैं। प्रेसवार्ता में नेताओं ने कंपनियों को निर्माण की अनुमति देने और ग्रामीणों पर प्रतिबंध लगाने को दोहरा मापदंड बताया, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी नाराजगी है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो गांव-गांव में जनजागरण अभियान चलाया जाएगा और आर-पार का आंदोलन शुरू किया जाएगा। फिलहाल, नो डेवलपमेंट जोन का यह मुद्दा एक बार फिर गर्मा गया है, और अब यह देखना होगा कि प्रशासन और सरकार ग्रामीणों की इन मांगों पर क्या फैसला लेते हैं।1
- उपयोगकर्ता ने अपनी एक नई पोस्ट साझा की है और अपने सभी दोस्तों से अपील की है कि वे इसे लाइक करें और उन्हें फॉलो करें। पोस्ट में इस अनुरोध को बार-बार दोहराया गया है।1
- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, “एक्सप्रेस” की एक रिपोर्ट का “ग्लोबल” असर सियासत में “गज़ब है भैया!” वाली स्थिति पैदा कर चुका है। मुख्यमंत्री पर सवाल उठने के बाद, आरोपों से बचने के लिए “सनातन” को ढाल बना लिया गया है।1
- बीना के जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी स्थित सरदार पटेल स्कूल सभागार में चेयरमैन गौतम अडाणी के जन्मदिवस के अवसर पर एक विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'रक्त-क्रांति रक्तदान शिविर-76' में 305 रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से रक्तदान कर समाजसेवा का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया। यह शिविर सिविल अस्पताल बीना, जिला अस्पताल सागर, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर, स्वास्थ्य सेवा संगठन बीना, समन्वय मंडपम और अन्य सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से संपन्न हुआ। शिविर का शुभारंभ वाइस प्रेसिडेंट बी.के. पांडा, पावर प्लांट स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा, जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर, ब्लड बैंक प्रभारी डॉ. महेश जैन, डॉ. अतुल जैन और स्वास्थ्य सेवा संगठन के अध्यक्ष मनीष सिंघई द्वारा मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। रक्तदान प्रक्रिया को सफल बनाने में काउंसलर प्रीति जैन, लैब टेक्नीशियन रवि बोथ, पुष्पा कोरी, राममणि, सत्यजीत ठाकुर, जसवंत 'डब्बू' सेन सहित पैरामेडिकल टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में बताया गया कि 'रक्त-क्रांति' अभियान जून 2018 से बीना सिविल अस्पताल में प्रत्येक माह की पहली तारीख को रक्तदान शिविर आयोजित कर रहा है। अब तक आयोजित 76 शिविरों में 2,804 से अधिक यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है, जिससे हजारों जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिला है। इस अवसर पर रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मनीष सिंघई को उनके 106वें रक्तदान पर 'रक्त-क्रांति शतक रक्तवीर सम्मान' और पावर प्लांट कर्मचारी आराधना शर्मा को 'रक्त-वीरांगना सम्मान' से नवाजा गया। इसके अतिरिक्त, सिविल अस्पताल बीना की फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर आरिफा बी को 'उत्कृष्ट महिला सुरक्षा सम्मान', कमल स्क्वायर को 'उत्कृष्ट सुरक्षा सम्मान' और संस्कृत शिक्षक राहुल फुसकेले जैन को 'उत्कृष्ट जीव-रक्षा सम्मान' प्रदान किया गया। समाजहित में किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों के लिए जिला अस्पताल सागर एवं बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज सागर द्वारा अडाणी फाउंडेशन और जे.पी. थर्मल पावर प्लांट, सिरचौंपी को 'उत्कृष्ट समाजसेवा सम्मान' से सम्मानित किया गया, जिसे एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर ने समस्त पावर प्लांट टीम की ओर से ग्रहण किया। इस शिविर में स्टेशन प्रमुख हरीश पांडे, मनीष सिंघई, आराधना शर्मा, राहुल फुसकेले जैन सहित पावर प्लांट के कर्मचारी अमित सरकारी, अरुण भास्कर, विवेक खरे, विशाल गौरव, राजा राजपूत, अमरपाल भारद्वाज, पुष्पेन्द्र दांगी, शुभम शुक्ला, कृष्णकांत मौर्य समेत कुल 305 लोगों ने निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया। कार्यक्रम के दौरान जिला अस्पताल सागर के आपातकालीन चिकित्सा अधिकारी डॉ. वीरेन्द्र सिंह ठाकुर ने लोगों से अपने जन्मदिन, विवाह वर्षगांठ और अन्य खुशी के अवसरों पर रक्तदान शिविर आयोजित करने और अधिक से अधिक लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रक्तदान से गर्भवती महिलाओं, थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, दुर्घटना पीड़ितों और अन्य गंभीर मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराकर अनमोल जीवन बचाए जा सकते हैं। कार्यक्रम का समापन एचआर प्रमुख प्रवीण कुमार सिन्हा और कार्यक्रम समन्वयक पुष्पेन्द्र दांगी ठाकुर द्वारा सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों, सहयोगी संस्थाओं, चिकित्सकों, कर्मचारियों और रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करने और रक्तदान जैसे महादान को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराने के साथ हुआ।4
- सागर जिले की सबसे बड़ी पंचायत, गौरझामर, का विकास मुश्किलों से घिरा है, खासकर स्वच्छता और जल निकासी की व्यवस्था को लेकर। ग्राम की आबादी की जल निकासी पूरी तरह से नालियों पर निर्भर करती है, लेकिन उनमें सालों का कचरा जमा होने के कारण बरसात के मौसम में पानी ठीक से नहीं निकल पाता। इससे जल प्रवाह की जगह जमाव होता है और सड़कों पर तालाब जैसी स्थिति बन जाती है। यह गंभीर समस्या मुख्य बस स्टैंड के नजदीक, सरस्वती शिशु मंदिर प्राथमिक शाला के पास और ग्राम की आधी आबादी के पेयजल सप्लाई केंद्र 'टंकी' के नजदीक के मोहल्ले को प्रभावित करती है। यही मार्ग शासकीय अस्पताल तक भी पहुँचता है। जल निकासी के लिए नालियों पर बनी लगभग 2 फीट चौड़ी पुलियाएँ, जिनसे तेज बहाव का पानी निकलना पहले ही कठिन होता है, वे भी आधी कचरे से जमी हुई हैं। इस अवरोध के कारण गौरझामर की आधी आबादी का पानी निकलने की जगह जाम हो जाती है और बारिश के पानी के साथ सड़क पर तालाब जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है।1