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पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, शांतरशाह क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के उद्देश्य से पौधरोपण किया जा रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद आज सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधान पति और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी के तेज बहाव के कारण लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य नदी के किनारे की जमीन को कटाव से बचाना और क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देना बताया गया है। वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है, वहां उनके पूर्वजों के समय से पट्टे चले आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नदी के तेज बहाव के कारण पहले दिए गए पट्टों की जमीन का काफी हिस्सा बह चुका है। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी के कटाव को रोकने के लिए यदि सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जा रहे हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, ग्राम प्रधान पति ने भी मौके पर स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति सिंचाई विभाग की है और विभाग द्वारा नदी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए गए थे, लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते जमीन का काफी हिस्सा बह गया। अब सिंचाई विभाग द्वारा भविष्य में होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पौधरोपण किया जा रहा है। मौके पर विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। एक तरफ सिंचाई विभाग नदी के कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण को जरूरी बता रहा है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपने पुराने पट्टों और जमीन से जुड़े अधिकारों की बात कर रहे हैं। और कुछ पट्टा धारकों ने आरोप लगाए गए हैं कि यह संपत्ति सिंचाई विभाग की नहीं है अब देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, शांतरशाह में सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे पौधरोपण को लेकर मामला चर्चा में है और स्थानीय लोगों की नजरें अब विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

6 hrs ago
user_सुमित सैनी पत्रकार
सुमित सैनी पत्रकार
Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
6 hrs ago

पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, शांतरशाह क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के उद्देश्य से पौधरोपण किया जा रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद आज सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधान पति और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी के तेज बहाव के कारण लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य नदी के किनारे की जमीन को कटाव से बचाना और क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देना बताया गया है। वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है, वहां उनके पूर्वजों के समय से पट्टे चले आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नदी के तेज बहाव के कारण पहले दिए गए पट्टों की जमीन का काफी हिस्सा बह चुका है। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी के कटाव को रोकने के लिए यदि सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जा रहे हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, ग्राम प्रधान पति ने भी मौके पर स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति सिंचाई विभाग की है और विभाग द्वारा नदी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए गए थे, लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते जमीन का काफी हिस्सा बह गया। अब सिंचाई विभाग द्वारा भविष्य में होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पौधरोपण किया जा रहा है। मौके पर विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। एक तरफ सिंचाई विभाग नदी के कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण को जरूरी बता रहा है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपने पुराने पट्टों और जमीन से जुड़े अधिकारों की बात कर रहे हैं। और कुछ पट्टा धारकों ने आरोप लगाए गए हैं कि यह संपत्ति सिंचाई विभाग की नहीं है अब देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, शांतरशाह में सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे पौधरोपण को लेकर मामला चर्चा में है और स्थानीय लोगों की नजरें अब विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

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  • पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है। दरअसल, शांतरशाह क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के उद्देश्य से पौधरोपण किया जा रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है। मामले की जानकारी मिलने के बाद आज सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधान पति और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी के तेज बहाव के कारण लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य नदी के किनारे की जमीन को कटाव से बचाना और क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देना बताया गया है। वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है, वहां उनके पूर्वजों के समय से पट्टे चले आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नदी के तेज बहाव के कारण पहले दिए गए पट्टों की जमीन का काफी हिस्सा बह चुका है। हालांकि, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी के कटाव को रोकने के लिए यदि सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जा रहे हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है। वहीं, ग्राम प्रधान पति ने भी मौके पर स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति सिंचाई विभाग की है और विभाग द्वारा नदी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए गए थे, लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते जमीन का काफी हिस्सा बह गया। अब सिंचाई विभाग द्वारा भविष्य में होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पौधरोपण किया जा रहा है। मौके पर विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है। एक तरफ सिंचाई विभाग नदी के कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण को जरूरी बता रहा है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपने पुराने पट्टों और जमीन से जुड़े अधिकारों की बात कर रहे हैं। और कुछ पट्टा धारकों ने आरोप लगाए गए हैं कि यह संपत्ति सिंचाई विभाग की नहीं है अब देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, शांतरशाह में सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे पौधरोपण को लेकर मामला चर्चा में है और स्थानीय लोगों की नजरें अब विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
पतंजलि योगपीठ के पास सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जाने का मामला अब चर्चा का विषय बन गया है।
दरअसल, शांतरशाह क्षेत्र में सिंचाई विभाग द्वारा नदी के किनारे मिट्टी के कटाव को रोकने के उद्देश्य से पौधरोपण किया जा रहा है। इसी को लेकर ग्रामीणों और विभाग के बीच बातचीत का दौर भी शुरू हो गया है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद आज सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधान पति और स्थानीय ग्रामीणों से बातचीत की और मौके की स्थिति का जायजा लिया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नदी के तेज बहाव के कारण लगातार हो रहे मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं। विभाग का उद्देश्य नदी के किनारे की जमीन को कटाव से बचाना और क्षेत्र में हरियाली को बढ़ावा देना बताया गया है।
वहीं, मौके पर मौजूद ग्रामीणों का कहना है कि जिस क्षेत्र में पौधरोपण किया जा रहा है, वहां उनके पूर्वजों के समय से पट्टे चले आ रहे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, नदी के तेज बहाव के कारण पहले दिए गए पट्टों की जमीन का काफी हिस्सा बह चुका है।
हालांकि, ग्रामीणों का यह भी कहना है कि नदी के कटाव को रोकने के लिए यदि सिंचाई विभाग द्वारा पेड़ लगाए जा रहे हैं तो उन्हें इससे कोई आपत्ति नहीं है।
वहीं, ग्राम प्रधान पति ने भी मौके पर स्थिति को लेकर अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि संबंधित संपत्ति सिंचाई विभाग की है और विभाग द्वारा नदी के कटाव को रोकने के लिए यहां पेड़ लगाए जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में पहले ग्रामीणों को पट्टे दिए गए थे, लेकिन नदी के तेज बहाव के चलते जमीन का काफी हिस्सा बह गया। अब सिंचाई विभाग द्वारा भविष्य में होने वाले मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए यहां पौधरोपण किया जा रहा है।
मौके पर विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों के बीच हुई बातचीत के बाद फिलहाल स्थिति को लेकर तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट होती दिखाई दे रही है।
एक तरफ सिंचाई विभाग नदी के कटाव को रोकने के लिए पौधरोपण को जरूरी बता रहा है, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपने पुराने पट्टों और जमीन से जुड़े अधिकारों की बात कर रहे हैं। और कुछ पट्टा धारकों ने आरोप लगाए गए हैं कि यह संपत्ति सिंचाई विभाग की नहीं है अब देखना होगा कि आगे क्या कार्रवाई की जाती है। फिलहाल, शांतरशाह में सिंचाई विभाग द्वारा किए जा रहे पौधरोपण को लेकर मामला चर्चा में है और स्थानीय लोगों की नजरें अब विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_सुमित सैनी पत्रकार
    सुमित सैनी पत्रकार
    Newspaper publisher हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • ऑपरेशन प्रहार का दिख रहा असर, तमंचा लेकर किसी बडी घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था आरोपी कनखल पुलिस ने किया गिरफ्तार। पुलिस मुख्यालय से चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली कनखल पुलिस ने दिनांक 07.10.2026 को संदिग्धों की चैकिंग के दौरान जियापोता जमालपुर रोड पर श्यामपुर बहादराबाद पर बन रहे नये फ्लाई ओवर के पास से मोटर साइकिल होण्डा पर सवार 01 व्यक्ति को 01अवैध तमंचा 315 बोर के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी किसी बारदात को अंजाम देने की फिराक मे घूम रहा था । अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। *पंजीकृत अभियोग –* मु0अ0सं0 384/2026 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम *गिरफ्तार आरोपी-* 1- कृष्णवीर उर्फ बिट्टू पुत्र श्री गजेन्द्र सिंह निवासी खंजरपुर मोदीनगर गाजियाबाद उ0प्र0 उम्र-40 वर्ष *बरामदगी-* 01 तमंचा 315 बोर बरामद *पुलिस टीम-* 1- उ0नि0 देवेन्द्र पाल 2- अ0उ0नि0 ललित मोहन 3- हे0का0 प्रमोद कुमार , 4- कानि0 सुनील चौहान
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    ऑपरेशन प्रहार का दिख रहा असर, तमंचा लेकर किसी बडी घटना को अंजाम देने की फिराक में घूम रहा था आरोपी कनखल पुलिस ने किया गिरफ्तार। 
पुलिस मुख्यालय से चलाये जा रहे ऑपरेशन प्रहार के तहत कोतवाली कनखल पुलिस ने दिनांक 07.10.2026 को संदिग्धों की चैकिंग के दौरान जियापोता जमालपुर रोड पर श्यामपुर बहादराबाद पर बन रहे नये फ्लाई ओवर के पास से मोटर साइकिल होण्डा पर सवार 01 व्यक्ति को 01अवैध तमंचा 315 बोर के साथ गिरफ्तार किया। आरोपी किसी बारदात को अंजाम देने की फिराक मे घूम रहा था । अभियोग पंजीकृत कर विधिक कार्यवाही की जा रही है। 
*पंजीकृत अभियोग –*
मु0अ0सं0 384/2026 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम
*गिरफ्तार आरोपी-* 
1- कृष्णवीर उर्फ बिट्टू पुत्र श्री गजेन्द्र सिंह निवासी खंजरपुर मोदीनगर गाजियाबाद उ0प्र0 उम्र-40 वर्ष
*बरामदगी-*
01 तमंचा 315 बोर बरामद 
*पुलिस टीम-* 
1- उ0नि0 देवेन्द्र पाल 
2- अ0उ0नि0 ललित मोहन 
3- हे0का0 प्रमोद कुमार ,
4- कानि0 सुनील चौहान
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा आज छठे दिन का महायज्ञ
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    राष्ट्रीय सनातनी संगठन ट्रस्ट द्वारा आज छठे दिन का महायज्ञ
    user_S k saini आचार्य प्राणनाथ
    S k saini आचार्य प्राणनाथ
    Social club हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    15 hrs ago
  • (पत्रकार राजेश लाम्बा) खबर लक्सर से है जहां नवरात्रि पर्व को लेकर लक्सर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर तहसीलदार एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन की टीम ने आटा सप्लायर, होलसेलर और रिटेल स्टोरों का निरीक्षण किया।कार्रवाई के दौरान कुट्टू के आटे और सेंधा नमक के 3 नमूने लिए गए। वहीं एक दुकान से 55 एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और एक स्टोर से 4 किलो एक्सपायरी आटा बरामद कर नष्ट कराया गया।विभाग ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाला कुट्टू का आटा मिलने पर लाइसेंस सस्पेंड करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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    (पत्रकार राजेश लाम्बा)
खबर लक्सर से है जहां नवरात्रि पर्व को लेकर लक्सर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। आयुक्त विनय शंकर पांडेय और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देश पर तहसीलदार एवं वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी दिलीप जैन की टीम ने आटा सप्लायर, होलसेलर और रिटेल स्टोरों का निरीक्षण किया।कार्रवाई के दौरान कुट्टू के आटे और सेंधा नमक के 3 नमूने लिए गए। वहीं एक दुकान से 55 एक्सपायरी कोल्ड ड्रिंक और एक स्टोर से 4 किलो एक्सपायरी आटा बरामद कर नष्ट कराया गया।विभाग ने दुकानदारों को चेतावनी दी कि बिना मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट वाला कुट्टू का आटा मिलने पर लाइसेंस सस्पेंड करने सहित नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
    user_Rajesh kumar
    Rajesh kumar
    लक्सर, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • माया कुंड में जनता मिलन कार्यक्रम, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने विकास कार्यों के लिए 10 लाख की घोषणा की. ऋषिकेश। ऋषिकेश विधानसभा के माया कुंड वार्ड संख्या-9 में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनका फूलमालाओं और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं वरिष्ठ समाजसेवी रूपेश गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए विधायक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अग्रवाल के प्रयासों से ऋषिकेश में सड़क कनेक्टिविटी, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और सीवर लाइन बिछाने सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। इस दौरान डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। जनता की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों और कैमरे आदि लगाने के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनका प्रयास है कि विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जनता से सीधे संवाद के माध्यम से क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है, जिसके आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। कार्यक्रम में पार्षद माधवी गुप्ता, अजय दास, आशु अरोड़ा, सुमित पवार, दिनेश, साक्षी तिवारी, शशि मिश्रा, ज्योति पांडे, पत्रकार संजय शर्मा, एम.एन. ढोंडियाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
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    माया कुंड में जनता मिलन कार्यक्रम, विधायक प्रेमचंद अग्रवाल ने विकास कार्यों के लिए 10 लाख की घोषणा की.
ऋषिकेश। ऋषिकेश विधानसभा के माया कुंड वार्ड संख्या-9 में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल पहुंचे। क्षेत्रीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने उनका फूलमालाओं और पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया।
कार्यक्रम में भाजपा नेता एवं वरिष्ठ समाजसेवी रूपेश गुप्ता ने क्षेत्र में कराए जा रहे विकास कार्यों के लिए विधायक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अग्रवाल के प्रयासों से ऋषिकेश में सड़क कनेक्टिविटी, बिजली की लाइनों को भूमिगत करने और सीवर लाइन बिछाने सहित विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है।
इस दौरान डॉ. प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि ऋषिकेश विधानसभा का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। जनता की जरूरतों के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र में विकास कार्यों और कैमरे आदि लगाने के लिए विधायक निधि से 10 लाख रुपये देने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि के रूप में उनका प्रयास है कि विधानसभा के प्रत्येक क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। जनता से सीधे संवाद के माध्यम से क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझने में मदद मिलती है, जिसके आधार पर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
कार्यक्रम में पार्षद माधवी गुप्ता, अजय दास, आशु अरोड़ा, सुमित पवार, दिनेश, साक्षी तिवारी, शशि मिश्रा, ज्योति पांडे, पत्रकार संजय शर्मा, एम.एन. ढोंडियाल सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे।
    user_Arunabh Raturi
    Arunabh Raturi
    Photographer ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    5 hrs ago
  • देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।। The Aman Times देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड। 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंडभर के ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए। प्रधानों की प्रमुख मांगों में ₹20 हजार मासिक मानदेय, अलग प्रधान फंड, ₹10 लाख तक के विकास कार्यों का अधिकार और पंचायती राज के 29 विषय ग्राम पंचायतों को सौंपना शामिल है। प्रधानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
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    देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों  का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।।
The Aman Times 
देहरादून में प्रदेश के ग्राम प्रधानों  का उग्र प्रदेश, तोड़े बैरिकेड।
10 सूत्रीय मांगों को लेकर उत्तराखंडभर के ग्राम प्रधानों ने परेड ग्राउंड से सचिवालय कूच किया। सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेड लगाकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ दिए और आगे बढ़ गए।
प्रधानों की प्रमुख मांगों में ₹20 हजार मासिक मानदेय, अलग प्रधान फंड, ₹10 लाख तक के विकास कार्यों का अधिकार और पंचायती राज के 29 विषय ग्राम पंचायतों को सौंपना शामिल है।
प्रधानों ने मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला/देहरा
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    8 hrs ago
  • उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें: संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
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    उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
उत्तराखंड प्रदेश प्रधान संगठन के आह्वान पर प्रदेश भर के सैकड़ों ग्राम प्रधानों ने देहरादून के परेड ग्राउंड में अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर एक बड़ी जनसभा की और वहां से सचिवालय कूच किया। 
इस प्रदर्शन के दौरान जब ग्राम प्रधान जुलूस की शक्ल में सचिवालय की ओर बढ़े, तो पुलिस प्रशासन ने सचिवालय से पहले ही सुभाष रोड (पुलिस मुख्यालय के पास) पर भारी बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक दिया। इस दौरान आक्रोशित प्रधानों और पुलिस के बीच तीखी बहस और जमकर धक्का-मुक्की हुई। कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग तोड़कर और फांदकर आगे बढ़ गए, जिससे मौके पर काफी समय तक तनाव की स्थिति बनी रही। 
ग्राम प्रधानों की प्रमुख मांगें:
संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश माहरा और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रधानों ने सरकार पर उनके साथ दोहरा व्यवहार करने का आरोप लगाया और निम्नलिखित मांगें उठाईं: 
मानदेय में वृद्धि: ग्राम प्रधानों के लिए 20,000 रुपये मासिक वेतन/मानदेय तय किया जाए। 
मनरेगा मजदूरी और उपस्थिति: मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को महंगाई के अनुपात में बढ़ाया जाए और ऑनलाइन उपस्थिति (NMMS) में नेटवर्क की समस्या के कारण आ रही दिक्कतों को दूर किया जाए। 
अधिकारों का हस्तांतरण: पंचायती राज विभाग के 29 विषयों को पूरी तरह पंचायतों को हस्तांतरित किया जाए और ₹10 लाख तक के कार्यों के लिए पंचायत को ही कार्यदायी संस्था बनाया जाए। 
टैक्स बाध्यता का विरोध: 16वें वित्त आयोग की नई गाइडलाइन के तहत ग्राम पंचायतों में परिवारों से जबरन ₹100 प्रतिमाह टैक्स वसूलने के नियम का विरोध किया गया, क्योंकि ऐसा न करने पर बजट में 20% कटौती का प्रावधान है। 
अन्य मांगें: सांसदों और विधायकों की तरह प्रधान निधि का गठन हो और जिला योजना की बैठकों में प्रधानों को नामित किया जाए। 
प्रधान संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी इन मांगों पर जल्द ही कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
    user_Uma shankar Kukreti
    Uma shankar Kukreti
    Newspaper publisher ऋषिकेश, देहरादून, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार दौरे के दौरान कांग्रेसियों ने दिखाने चाहे काले झंडे कांग्रेसी नेता मनोज धनकर और साथियों को हरिद्वार पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर ले गई कोतवाली सिडकुल।
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    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी हरिद्वार दौरे के दौरान कांग्रेसियों ने दिखाने चाहे काले झंडे कांग्रेसी नेता मनोज धनकर और साथियों को हरिद्वार पुलिस ने घर से गिरफ्तार कर ले गई कोतवाली सिडकुल।
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    12 hrs ago
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