छात्रावास हेतु भूमि आवंटन निरस्त का मुद्दा विधानसभा में रेवदर विधायक मोतीराम कोली ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राजस्व मंत्री का ध्यान सिरोही जिले में तीन सामाजिक संस्थाओं को छात्रावास हेतु भूमि आवंटन निरस्त किए जाने के मामले पर आकर्षित किया। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज सेवा समिति शिवगंज, परिवर्तन युवा समिति रेवदर एवं आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान रेवदर के आवंटन रद्द करने के कारणों पर सरकार से जवाब मांगा। राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि मंत्रीमंडल उपसमिति द्वारा लिए गए निर्णयों के तहत ऐसे प्रकरण निरस्त किए गए हैं, जिनमें आवंटन पत्र जारी नहीं हुए, मांग पत्र जारी होने के बावजूद राशि जमा नहीं हुई, अथवा निशुल्क भूमि आवंटन के आदेश जारी होने के बाद भी लीज डीड जारी नहीं हुई। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर संबंधित तीनों संस्थाओं के आवंटन निरस्त किए गए। इस पर विधायक ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन आधारों पर आवंटन रद्द किए गए हैं, वे तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं हैं। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज के मामले में कहा कि समाज द्वारा भूमि पर नींव पूजन किया जा चुका है तथा ट्यूबवेल भी खुदवाया गया है। यदि केवल लीज डीड जारी न होने को आधार बनाया गया है तो सरकार स्वयं लीज डीड जारी करे, न कि आवंटन निरस्त करे। आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार से प्रदेश स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी थी। बाद में जिला स्तर पर यह नया प्रावधान जोड़ दिया गया कि संस्थान सभी वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा देगा, जबकि पूर्व में अन्य सामाजिक संस्थाओं को हुए आवंटनों में संबंधित समाज के ही बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद संस्थान ने आवश्यक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया था। परिवर्तन युवा समिति रेवदर के मामले में विधायक ने बताया कि समिति ने कीमतन के स्थान पर निशुल्क आवंटन की मांग की थी, जिसका नियमों में प्रावधान है। इसके बावजूद फाइल को सरकार स्तर पर लंबित रखते हुए आवंटन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती सरकार के निर्णयों को चुन-चुनकर निरस्त कर रही है। विधायक ने कहा कि रेवदर की जनता ने 25 वर्षों तक वर्तमान सरकार की पार्टी को अपना विधायक चुनकर विश्वास जताया है। ऐसे में सरकार को सकारात्मक सोच रखते हुए क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं के हित में निर्णय लेना चाहिए और तीनों भूमि आवंटनों को पुनः बहाल करना चाहिए।
छात्रावास हेतु भूमि आवंटन निरस्त का मुद्दा विधानसभा में रेवदर विधायक मोतीराम कोली ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राजस्व मंत्री का ध्यान सिरोही जिले में तीन सामाजिक संस्थाओं को छात्रावास हेतु भूमि आवंटन निरस्त किए जाने के मामले पर आकर्षित किया। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज सेवा समिति शिवगंज, परिवर्तन युवा समिति रेवदर एवं आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान रेवदर के आवंटन रद्द करने के कारणों पर सरकार से जवाब मांगा। राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि मंत्रीमंडल उपसमिति द्वारा लिए गए निर्णयों के तहत ऐसे प्रकरण निरस्त किए गए हैं, जिनमें आवंटन पत्र जारी नहीं हुए, मांग पत्र जारी होने के बावजूद राशि जमा नहीं हुई, अथवा निशुल्क भूमि आवंटन के आदेश जारी होने के बाद भी लीज डीड जारी नहीं हुई। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर संबंधित तीनों संस्थाओं के आवंटन निरस्त किए गए। इस पर विधायक ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन आधारों पर आवंटन रद्द किए गए हैं, वे तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं हैं। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज के मामले में कहा कि समाज द्वारा भूमि पर नींव पूजन किया जा चुका है तथा ट्यूबवेल भी खुदवाया गया है। यदि केवल लीज डीड जारी न होने को आधार बनाया गया है तो सरकार स्वयं लीज डीड जारी करे, न कि आवंटन निरस्त करे। आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार से प्रदेश स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी थी। बाद में जिला स्तर पर यह नया प्रावधान जोड़ दिया गया कि संस्थान सभी वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा देगा, जबकि पूर्व में अन्य सामाजिक संस्थाओं को हुए आवंटनों में संबंधित समाज के ही बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद संस्थान ने आवश्यक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया था। परिवर्तन युवा समिति रेवदर के मामले में विधायक ने बताया कि समिति ने कीमतन के स्थान पर निशुल्क आवंटन की मांग की थी, जिसका नियमों में प्रावधान है। इसके बावजूद फाइल को सरकार स्तर पर लंबित रखते हुए आवंटन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती सरकार के निर्णयों को चुन-चुनकर निरस्त कर रही है। विधायक ने कहा कि रेवदर की जनता ने 25 वर्षों तक वर्तमान सरकार की पार्टी को अपना विधायक चुनकर विश्वास जताया है। ऐसे में सरकार को सकारात्मक सोच रखते हुए क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं के हित में निर्णय लेना चाहिए और तीनों भूमि आवंटनों को पुनः बहाल करना चाहिए।
- रेवदर विधायक मोतीराम कोली ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से राजस्व मंत्री का ध्यान सिरोही जिले में तीन सामाजिक संस्थाओं को छात्रावास हेतु भूमि आवंटन निरस्त किए जाने के मामले पर आकर्षित किया। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज सेवा समिति शिवगंज, परिवर्तन युवा समिति रेवदर एवं आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान रेवदर के आवंटन रद्द करने के कारणों पर सरकार से जवाब मांगा। राजस्व मंत्री ने सदन में बताया कि मंत्रीमंडल उपसमिति द्वारा लिए गए निर्णयों के तहत ऐसे प्रकरण निरस्त किए गए हैं, जिनमें आवंटन पत्र जारी नहीं हुए, मांग पत्र जारी होने के बावजूद राशि जमा नहीं हुई, अथवा निशुल्क भूमि आवंटन के आदेश जारी होने के बाद भी लीज डीड जारी नहीं हुई। इन्हीं बिंदुओं के आधार पर संबंधित तीनों संस्थाओं के आवंटन निरस्त किए गए। इस पर विधायक ने कड़ा विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि जिन आधारों पर आवंटन रद्द किए गए हैं, वे तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं हैं। उन्होंने मारवाड़ मीणा समाज के मामले में कहा कि समाज द्वारा भूमि पर नींव पूजन किया जा चुका है तथा ट्यूबवेल भी खुदवाया गया है। यदि केवल लीज डीड जारी न होने को आधार बनाया गया है तो सरकार स्वयं लीज डीड जारी करे, न कि आवंटन निरस्त करे। आंजणा चौधरी कलबी समाज संस्थान के संदर्भ में उन्होंने कहा कि तत्कालीन राज्य सरकार से प्रदेश स्तर पर स्वीकृति मिल चुकी थी। बाद में जिला स्तर पर यह नया प्रावधान जोड़ दिया गया कि संस्थान सभी वर्गों के विद्यार्थियों को शिक्षा देगा, जबकि पूर्व में अन्य सामाजिक संस्थाओं को हुए आवंटनों में संबंधित समाज के ही बच्चे अध्ययनरत हैं। इसके बावजूद संस्थान ने आवश्यक शपथ पत्र भी प्रस्तुत किया था। परिवर्तन युवा समिति रेवदर के मामले में विधायक ने बताया कि समिति ने कीमतन के स्थान पर निशुल्क आवंटन की मांग की थी, जिसका नियमों में प्रावधान है। इसके बावजूद फाइल को सरकार स्तर पर लंबित रखते हुए आवंटन निरस्त कर दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार पूर्ववर्ती सरकार के निर्णयों को चुन-चुनकर निरस्त कर रही है। विधायक ने कहा कि रेवदर की जनता ने 25 वर्षों तक वर्तमान सरकार की पार्टी को अपना विधायक चुनकर विश्वास जताया है। ऐसे में सरकार को सकारात्मक सोच रखते हुए क्षेत्र की सामाजिक संस्थाओं के हित में निर्णय लेना चाहिए और तीनों भूमि आवंटनों को पुनः बहाल करना चाहिए।1
- सनसिटी कॉलोनी में फाग उत्सव का भव्य आयोजन, राधा-कृष्ण की भक्ति में डूबी महिलाएं। आबूरोड नगर के मानपुर स्थित सनसिटी कॉलोनी में कॉलोनी की महिलाओं द्वारा फाग उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष संगीता शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि फाग उत्सव वसंत ऋतु के आगमन और राधा कृष्ण की रासलीला का जश्न के लिए मनाया जाता है। फाग उत्सव को लेकर कॉलोनी की महिलाओं में उत्साह का माहौल नजर आया। कॉलोनी में आयोजित फाग उत्सव में कृष्ण राधा का रूप धारण किए रेणुका और प्रीति ने सनसिटी की गोपियों के साथ रास किया साथ ही गुलाल एवं फूलों से होली खेल फाग गीत गाए। इस अवसर पर संगीता शर्मा, आशा प्रजापत, वीणा गोयल, रूही, लाली शर्मा, विन्नी, सरोज, माया, गीता, कविता, श्वेता, विमला, मंजू अग्रवाल, मीना कर्दम, खुशी, प्रीति, आशा गोयल, उर्मिला त्यागी, ललिता, सीमा शर्मा, रेखा, साधना, डोली, तपस्या, पवन, कैलाश अग्रवाल, राजू अग्रवाल, हेतल, वंदना समेत कॉलोनी के अन्य लोगों ने उपस्थित रहकर हर्षौल्लास से फाग उत्सव मनाया।1
- #कैलाश_कुमार_जैन| 25 फरवरी 2026|कोरा| कोरा (भीनमाल तहसील, जालौर) | अरिहंत रक्त सारथी/सोनल फाउंडेशन की बैठक में अहम निर्णय 1 व 2 मार्च को धार्मिक आयोजन व विशाल रक्तदान शिविर होगा आयोजित भीनमाल तहसील के कोरा गांव में आज अरिहंत रक्त सारथी/सोनल फाउंडेशन द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में रक्त की कमी को दूर करने के लिए विशाल रक्तदान शिविर आयोजित करना, पर्यावरण संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाना तथा बेजुबान पशुओं के आपातकालीन उपचार एवं सेवा की व्यवस्था सुनिश्चित करना रहा। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने सर्वसम्मति से आगामी कार्यक्रमों को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए। ग्रामवासियों ने यह भी तय किया कि कोरा गांव में प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा तथा सभी धार्मिक व सामाजिक कार्यों में पूरा गांव मिल-जुलकर सक्रिय भागीदारी निभाएगा। --- 1 मार्च को धार्मिक व सांस्कृतिक आयोजन निर्णय के अनुसार 01 मार्च 2026 को प्रातःकाल गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। वहीं सायंकाल “एक शाम गौमाता के नाम” विशाल भजन संध्या आयोजित होगी। यह कार्यक्रम कोरा नगर स्थित श्री कवलेश्वर सनातन धर्म जीवदया गोशाला में संपन्न होगा। आयोजन का उद्देश्य गौसेवा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, धार्मिक-सांस्कृतिक वातावरण को सुदृढ़ करना तथा समाज में सेवा भावना को प्रोत्साहित करना है। --- 2 मार्च को विशाल रक्तदान शिविर इसके पश्चात 02 मार्च 2026 (सोमवार) को कोरा स्थित श्री कवलेश्वर महादेव मंदिर में विशाल रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। फाउंडेशन का उद्देश्य क्षेत्र में रक्त की कमी को दूर करना तथा जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध करवाना है। आयोजन की सफलता हेतु जिम्मेदारियों का वितरण कर आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। --- सर्वसम्मति से लिए गए निर्णय बैठक में उपस्थित प्रमुख सदस्यों — जगदीश कुमार, एन. राजपुरोहित, पारस भारती, श्रवण भारती, नाथाराम, जालमसिंह, जूटाराम, मकनाराम, बगदाराम, लाखाराम, दिनेश कुमार, सूजाराम, भारताराम सहित समस्त ग्रामवासी कोरा — ने एकमत से निर्णय लिया कि: गांव में प्रतिवर्ष रक्तदान शिविर आयोजित किया जाएगा। सभी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों में ग्रामवासी मिल-जुलकर भाग लेंगे। पर्यावरण संरक्षण एवं गौसेवा को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। बेजुबान पशुओं के आपातकालीन उपचार के लिए सहयोगात्मक व्यवस्था विकसित की जाएगी। --- अंत में अरिहंत रक्त सारथी/सोनल फाउंडेशन ने क्षेत्रवासियों से अपील की है कि वे इन आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लें और सामाजिक सेवा के इस अभियान को सफल बनाएं। — समाचार संवाददाता3
- Post by भगाराम देवासी1
- जालौर गुरुवार को शहर के अटल बिहारी कृष्ण मंदिर में फाग उत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ, आयोजित कार्यक्रम महिलाओं ने राधे कृष्ण के फाग गीतों का गायन किया इस दौरान महिलाओं ने एक दूसरे को गुलाल से तिलक लगाकर पुष्प वर्षा कर होली की अग्रिम बधाई दी1
- शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने प्राइवेट बसों को लेकर विधानसभा में रखी मांग1
- sayla ka view1
- रेवदर क्षेत्र के सेलवाड़ा बांध की नहर में डूब रहीं 16 भैंसों को समय रहते बचाकर पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा और ग्रामीणों ने मानवता की मिसाल पेश की। हादसा उस समय हुआ जब पिण्डवाड़ा क्षेत्र के तेलपुर और शिवगढ़ से करीब 100 भैंसों का झुंड गुजरात की ओर ले जाया जा रहा था। रास्ते में सेलवाड़ा बांध की नहर पर पानी पिलाने के दौरान 16 भैंसें अचानक गहरे और तेज बहाव वाले हिस्से में उतर गईं और डूबने लगीं। भैंसों को डूबता देख साथ चल रहे प्रागाराम देवासी समेत दो युवक घबरा गए। उन्होंने तुरंत पूर्व सरपंच गणपत सिंह देवड़ा को सूचना दी। सूचना मिलते ही देवड़ा मौके पर पहुंचे और रास्ते से गुजर रहे लोगों को रोक-रोककर मदद के लिए बुलाया। कुछ ही देर में आसपास के ग्रामीण और राहगीर बड़ी संख्या में एकत्र हो गए। गणपत सिंह देवड़ा खुद युवाओं के साथ चलती नहर में उतर गए। ग्रामीणों ने भैंसों के सींगों में रस्सियां बांधकर उन्हें बाहर खींचना शुरू किया। तेज बहाव के कारण तीन बार रस्सियां टूट गईं, लेकिन ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं हारी। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद सभी 16 भैंसों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रागाराम ने बताया कि यदि भैंसें डूब जातीं तो उसे करीब 16 लाख रुपए का नुकसान होता। रेस्क्यू अभियान में गोविंदराम सिरोड़ी, हुसैन खान, किसनाराम मेघवाल सहित कई युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भैंसों के सुरक्षित बाहर आने पर मालिक भावुक हो गया और पूर्व सरपंच सहित सभी ग्रामीणों का आभार जताया। इसी बीच एक भैंस के लापता होने की सूचना पर नहर का बहाव बंद करवाकर आसपास के क्षेत्र और जंगल में तलाश अभियान जारी है।1