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उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना में भारतीय किसान यूनियन खालसा के पदाधिकारियों और बिजली विभाग के बीच कई समस्याओं को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। किसान संगठन का आरोप है कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। विवाद उस समय गहरा गया जब समस्याओं के संबंध में विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन खालसा के पदाधिकारी बिजली दफ्तर पहुंच गए, जहां कार्यालय में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। अब किसान संगठन विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
PARUL SIROHI BC MEERUT
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के सरधना में भारतीय किसान यूनियन खालसा के पदाधिकारियों और बिजली विभाग के बीच कई समस्याओं को लेकर पिछले कई दिनों से विवाद चल रहा है। किसान संगठन का आरोप है कि किसान अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पूरा सहयोग करने को तैयार हैं, लेकिन विभाग की ओर से कोई सहयोग नहीं मिल रहा है। विवाद उस समय गहरा गया जब समस्याओं के संबंध में विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन किसी ने फोन कॉल रिसीव नहीं की। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन खालसा के पदाधिकारी बिजली दफ्तर पहुंच गए, जहां कार्यालय में कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। अब किसान संगठन विभाग की कार्यप्रणाली और कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर सवाल उठा रहे हैं।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में सीवर, गंदे नाले और बारिश का सारा पानी रास्तों में भरा हुआ है, जिससे स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। इस दूषित और गंदे पानी के जमाव के कारण इलाके में बीमारियां फैल रही हैं और लोग लगातार बीमार पड़ रहे हैं। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि घरों के शौचालयों की सफाई भी नहीं हो पा रही है और पानी बाहर न निकलने के कारण सारी गंदगी शौचालयों में ही भरी पड़ी है। इस गंभीर गंदगी और जलभराव की वजह से पूरे क्षेत्र में बड़ी बीमारियां फैलने का संकट खड़ा हो गया है।4
- मेरठ के थाना क्षेत्र भावनपुर में बढ़ते अपराधों के बीच एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां 6 नकाबपोश बदमाशों ने एक फार्म हाउस पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने वहां सो रहे एक बुजुर्ग की कनपटी पर तमंचा तान दिया और लूटपाट की वारदात को अंजाम दिया। लुटेरे फार्म हाउस से करीब 30 हजार रुपये की नकदी, कॉपर का तार और अन्य जरूरी सामान लूटकर मौके से फरार हो गए। खोंजापुर निवासी पीड़ित वीरेंद्र ने थाने में तहरीर देकर बताया कि वह किसी काम से देहरादून गया हुआ था और उसके बुजुर्ग पिता फार्म हाउस पर अकेले सो रहे थे, तभी बदमाशों ने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित का गंभीर आरोप है कि स्थानीय पुलिस पूरे मामले को दबाने के चक्कर में लगी हुई थी और उल्टा उन्हीं पर दबाव बना रही थी। फिलहाल, इस पूरे मामले में उच्च अधिकारियों का कहना है कि पुलिस द्वारा जांच-पड़ताल की जा रही है और जल्द ही इस घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।1
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में एक बुजुर्ग की जमीन का फर्जी तरीके से नामांतरण किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पटवारी पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो ने दांपत्य जीवन में आपसी समझ और परवाह के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वीडियो में एक युवक अपनी व्यथा साझा करते हुए कहता है कि वह दिनभर कड़ी मेहनत और धूप-धूल के बीच काम करने के बाद जब लंच के समय घर पहुंचा, तो वहां उसके लिए खाना तक तैयार नहीं था। उसने भावुक होते हुए अपनी बात रखी कि एक पति दिनभर की थकान के बाद बहुत अधिक की अपेक्षा नहीं करता, बल्कि सिर्फ दो वक्त की रोटी और अपनेपन के दो मीठे शब्दों की उम्मीद रखता है। यह मामला इस विचार को पुख्ता करता है कि कोई भी रिश्ता केवल जिम्मेदारियों से नहीं, बल्कि एक-दूसरे के प्रति परवाह से चलता है। जिस तरह परिवार की सुरक्षा और पालन करना पति का कर्तव्य है, उसी तरह पत्नी का साथ और सम्मान भी रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है। यही सिद्धांत पत्नी के मामले में भी समान रूप से लागू होता है—यदि वह घर या बाहर मेहनत कर रही है, तो उसकी जरूरतों और सम्मान का ध्यान रखना भी अनिवार्य है। अंततः, घर की खुशहाली तभी संभव है जब पति-पत्नी दोनों एक-दूसरे की मेहनत और भावनाओं की कद्र करना सीखें।1
- मेरठ में ललिता कांड के दौरान आंदोलनकारियों पर लाठी-डंडे बरसाए जाने और पुलिस की गाड़ी में बैठकर कप्तान द्वारा आंदोलनकारियों को पीटने की घटना पर बहुजन मुक्ति पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने इसे अफसोसजनक करार देते हुए कहा कि जो लोग संवैधानिक पदों पर बैठकर जनता की सुरक्षा, सामाजिक न्याय और उनके हक की बात नहीं कर सकते, उन्हें इस्तीफा देकर कुर्सी खाली कर देनी चाहिए। प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि जनता के टैक्स से वेतन पाने वाले किसी भी प्रशासनिक अधिकारी को ऐसी हरकतें करने का कोई अधिकार नहीं है। आंदोलन के समर्थन में पार्टी ने হুঁकार भरते हुए कहा कि वे मनुस्मृति के आधार पर देश चलाने की कोशिश करने वालों को चुनौती देते हैं और उन्हें देश छोड़ने की बात कही। इसके साथ ही, मौजूदा शासन और प्रशासन में बैठे लोगों पर भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोप लगाते हुए जनता को सावधान रहने की अपील की गई है। पार्टी ने नारा दिया है कि 'वोट हमारा राज तुम्हारा नहीं चलेगा' और जनता से आह्वान किया है कि अब वक्त आ गया है कि ऐसी सरकारों को बदल दिया जाए जो रोजी-रोटी देने में अक्षम हैं। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मूल निवासियों के साथ दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी को जनता के पैसे से तनख्वाह पाने का हक नहीं है।4
- उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सिवाया टोल प्लाजा पर नगीना के सांसद चंद्रशेखर जी को रोक दिया गया। इस घटना के बाद, मेरठ प्रशासन ने ललिता गौतम के पीड़ित परिवार के साथ सांसद की वार्ता करवाई।1
- मेरठ में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सार्वजनिक मंचों और सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। इस घटना पर प्रतिक्रियाएं बंटी हुई हैं, जहाँ एक तरफ लोग पुलिस की कार्यप्रणाली और उनके द्वारा जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस का पक्ष है कि यह कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नियमानुसार की गई थी। लोकतंत्र के संदर्भ में नागरिकों को किसी भी सरकारी कार्रवाई पर अपनी राय रखने और सवाल उठाने का अधिकार है। हालांकि, इस स्थिति में किसी भी घटना का अंतिम निष्कर्ष केवल साक्ष्यों, तथ्यों और एक निष्पक्ष जांच के जरिए ही निकाला जाना चाहिए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के आचरण के प्रति कोई शिकायत है, तो उसे संबोधित करने के लिए संविधान और कानून में निर्धारित वैधानिक प्रक्रियाओं का पालन करना ही सही मार्ग है।1
- मेरठ में खुद को एडवोकेट बताने वाले एक व्यक्ति ने एसएसपी अविनाश पांडेय के सरकारी नंबर पर फोन कर उनके पीआरओ रमाकांत पचौरी को धमकी दी है। इस फोन कॉल के दौरान आरोपी ने पीआरओ से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें गाड़ी में अकेले मिलने की चुनौती दी। आरोपी ने धमकी भरे लहजे में कहा कि जिस तरह कप्तान साहब उस गाड़ी में चढ़े थे, उसी तरह एक बार मुझे भी अकेले में उनसे मिलवा दीजिए। फोन पर उसने पीआरओ को धमकाते हुए कहा कि फिर देखते हैं कि कौन गाड़ी से बाहर निकलता है। इस घटना ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है।1
- मेरठ के किठौर के गोविंदपुर-शकरपुर गांव में एक पेंटर ने अपनी पत्नी से मामूली विवाद का बदला लेने के लिए अपने 3 साल के मासूम बेटे 'लड्डू' को जहर देकर मार डाला और फिर खुद भी जहर खाकर जान दे दी। इस खौफनाक वारदात में पिता और पुत्र दोनों की मौत हो गई है। शराब की लत और गुस्से पर काबू न होना इस पूरे घटनाक्रम की मुख्य वजह बनकर सामने आया है। मामूली नोकझोंक के बाद उठाए गए इस खौफनाक कदम ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन इस हादसे ने समाज के सामने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि शराब की लत और गुस्से पर काबू न होना आखिर हमें किस ओर ले जा रहा है।1