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जगतपुर, रायबरेली। जनपद के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लक्ष्मणपुर में आज एक भीषण सड़क हादसा *रायबरेली: तेज रफ्तार डंपर ने महिला को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत* जगतपुर, रायबरेली। जनपद के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लक्ष्मणपुर में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार डंपर ने राह चलती महिला को जोरदार टक्कर मार दी और उसे कुचलते हुए निकल गया। इस हादसे में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
पत्रकार राजन श्रीवास्तव
जगतपुर, रायबरेली। जनपद के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लक्ष्मणपुर में आज एक भीषण सड़क हादसा *रायबरेली: तेज रफ्तार डंपर ने महिला को कुचला, मौके पर ही दर्दनाक मौत* जगतपुर, रायबरेली। जनपद के जगतपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत लक्ष्मणपुर में आज एक भीषण सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक तेज रफ्तार डंपर ने राह चलती महिला को जोरदार टक्कर मार दी और उसे कुचलते हुए निकल गया। इस हादसे में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
- MANJEET PAL Dainik Bhaskarसलोन, रायबरेली, उत्तर प्रदेशdukhad2 hrs ago
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- डंपर ने एक महिला को जोरदार टक्कर मार दी महिला को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। हादसे में महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है1
- निघासन (लखीमपुर खीरी): कहते हैं कि 'गीदड़ की जब शामत आती है तो वह शहर की तरफ भागता है', लेकिन इन ठगों की किस्मत इन्हें लुधौरी गांव खींच लाई। सरकारी योजना का 'चोला' ओढ़कर ग्रामीणों को लूटने आए शातिर शिकारियों को अंदाजा भी नहीं था कि यहाँ उनका सामना 'असली सिस्टम' से हो जाएगा। लेडी डॉन का 'वसूली टेंडर' हुआ फ्लॉप इस हाई-वोल्टेज ड्रामे की मुख्य किरदार एक 'लेडी डॉन' थी, जो सरकारी रसूख का रौब झाड़कर ग्रामीणों को शौचालय दिलाने का लालच दे रही थी। साथ में दो गुर्गे भी थे। मिशन साफ था—सरकारी स्कीम के नाम पर गरीबों की जेब काटना। वसूली जोरों पर थी, तभी ग्रामीणों का माथा ठनका और ठगी के इस 'खेल' का पर्दाफाश हो गया। *वीडियो वायरल: रौब झाड़ने वाले गिड़गिड़ाने लगे* जैसे ही ग्रामीणों ने घेराबंदी की, इन कथित 'अधिकारियों' की सारी अकड़ हवा हो गई। जो कुछ देर पहले सीना तानकर पैसे वसूल रहे थे, वे हाथ जोड़कर जान की भीख मांगने लगे। पब्लिक का गुस्सा देख ठगों ने वसूली गई पाई-पाई मौके पर ही उगल दी। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है। *फिल्मी स्टाइल में भागे ठग, पुलिस 'नॉकआउट'!* पैसे लौटाने के बाद जैसे ही मौका मिला, यह तिकड़ी 'मिल्खा सिंह' की रफ्तार से रफूचक्कर हो गई। चर्चा है कि इनमें से दो आरोपी बौधिया खुर्द के रहने वाले हैं, जबकि तीसरा अब भी फरार है। बड़ा सवाल: क्या प्रशासन को 'सन्नाटा' पसंद है?* *इस ठगी मास्टर माइंड पंचायत सहायिका का है* *हैरानी की बात यह है कि लुधौरी पंचायत में यह दूसरी वारदात है। इससे पहले नन्दापुरवा में भी यही गैंग हाथ साफ कर चुका है। ग्रामीणों ने 15 मार्च को ही बीडीओ (BDO) और निघासन पुलिस को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब तक सिर्फ 'सन्नाटा' पसरा है* अगर कोई इनके खिलाफ आवाज उठाता है उसको फर्जी मुकदमे फसाने की धमकी दी जाती है संबंधित थानों झूठी तहरीर दे कर गुम रहा करने की कोशिश की जाती खबर से बौखलाये वसूली बाजों ने निघासन थाने में तहरीर दे कर कई संभ्रांत लोगों को बदनाम करने के कोशिश भी कर चुके हैं। *फिलहाल इन टप्पेबाजों का गिरोह बढ़ता ही जा रहा है। हाल ही में एक महिला ने इनके कारनामों का विरोध किया तो आमद फौजदारी पर उतर आए और जान से मारने की धमकी दे डाला।*1
- Shailendra Gupta jansewak unchahar1
- Post by Rakesh Rawat1
- Post by Sandeep tvnews2
- फतेहपुर अमावस्या पर ओमघाट में हुई गंगा आरती, भक्तों ने किया दीपदान यूपी के फतेहपुर जिले में गंगा बचाओ सेवा समिति नमामि गंगे एवं जिला गंगा समिति द्वारा अमावस्या पर ओमघाट में गंगा आरती का आयोजन किया गया। जिसमें गंगा घाट की सफाई कर स्वच्छता का संकल्प लिया गया। गंगा बचाओ सेवा समिति के प्रदेश अध्यक्ष शैलेंद्र शरन सिंपल द्वारा आयोजित गंगा आरती में भक्तों ने दीपदान किया । गंगा आरती मे गायत्री परिवार की आशा त्रिपाठी ने कहा कि हम सबका दायित्व है की गंगा नदी को गंदा न करें और सभी को जागरूक करने का कार्य करें । अंत मे डीपीओ ज्ञान तिवारी ने गंगा आरती में शामिल होने पहुंचे गंगा भक्तों को स्वच्छता का संकल्प दिलाया गया। इस मौके पर आचार्य रामचन्द्र, आचार्य अखिलेश तिवारी, गायत्री परिवार के रामस्वरूप गुप्ता , संत वासुदेव ,आशीष गुप्ता, अशोक कुमार, वीरेंद्र साहू , सुरेंद्र पाठक, आशा त्रिपाठी, उर्मिला तिवारी, शांति देवी ,पुष्पा गुप्ता प्रांशु रस्तोगी, विवेक दुबे, अंश तिवारी, माधव दीक्षित, अहम शर्मा ,सुमित दीक्षित, शिवम मिश्रा, आर्यन मिश्रा मौजूद रहे।1
- रायबरेली मे चाय की टपरी चलाने वाले का बेटा सीबीएससी टेंथ रिजल्ट मे 98 परसेंट नम्बर लाया है। ख़ास बात यह कि स्कूल के बाद यह मेधावी छात्र चाय की टपरी पर अपने पिता का हाथ भी बटाता है। ग्रामीण परिवेश मे रहने वाला यह बच्चा एनएसपीएस सलोन का छात्र है। आगे चलकर डॉक्टर बनने की चाह रखने वाला यह बच्चा सुविधाओं का न होना पढाई मे बाधा नहीं मानता है। इसका कहना है कि डेडीकेशन आवश्यक है सफलता के लिए। इसी स्कूल के जिला टॉपर श्रेयांश मिश्रा भी सफलता के हार्ड वर्क को ज़रूरी मानते हुए आगे चलकर मेकेनिकल इंनजीनियर बनना चाहते हैं। वहीं इसी ग्रुप की शहर ब्रांच की छात्रा मान्या बाजपेयी निरंतरता, हार्ड वर्क और सेल्फ डीसिप्लिन को सफलता का मूलमंत्र मानते हुए आगे चलकर डेटा साइंटिस्ट बनना चाहती हैं। इस बार के टॉपर्स ने सिविल सर्विसेज में जाने की इच्छा नहीं जताई है। इससे इतना तो साफ है कि टेक्निकल फील्ड और जॉब ओरिएंटेड कोर्स को आज का युवा प्राथमिकता दे रहा है। इस इस अवसर पर एनएसपीएस सलोन की प्रिंसिपल कामक्षा सिंह और ग्रुप के फाउंडर ने इस सफलता का श्रेय शिक्षकों को दिया है।1
- जनगणना कार्य 2026 के अन्तर्गत शिक्षकों को ड्यूटी के दौरान होने वाली विभिन्न समस्याओं एवं व्यवहारिक कठिनाइयों के दृष्टिगत उत्तर प्रदेश महिला शिक्षक संघ रायबरेली ने सात सूत्रीय मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। उक्त ज्ञापन में दिव्यांग, असाध्य एवं गम्भीर रूप से अस्वस्थ शिक्षक एवं शिक्षिकाओं, गर्भवती एवं गम्भीर रूप से बीमार एवं छोटे बच्चों की देखभाल कर रही महिला शिक्षकों एवं महिला कार्मिको, दो वर्ष में सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं कार्मिकों को जनगणना कार्य से मुक्त रखने, जनगणना कार्य में संलग्न शिक्षक, शिक्षिकाओं एवं कार्मिकों को उचित मानदेय व प्रतिकर अवकाश प्रदान करने तथा उनकी सुरक्षा, स्वास्थ्य, आवागमन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित किए जाने की मांग की गई। संगठन की जिलाध्यक्ष सरिता नागेन्द्र ने कहा कि शिक्षकों पर अतिरिक्त कार्यभार न डाला जाए तथा कार्य का विभाजन संतुलित एवं व्यावहारिक रूप से किया जाए जिससे शिक्षकों का बना रहे और वे अपने शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं दक्षता के साथ कर सकें।1
- इशहाक अली, जो सरकारी अस्पताल में कर्मचारी थे, 31 दिसंबर 2019 को सेवानिवृत्त हुए, लेकिन उससे करीब 7 साल पहले ही राजस्व अभिलेखों में उन्हें मृत दर्ज कर दिया गया!! आरोप है कि लेखपाल ने उनकी पैतृक जमीन उन्हें मृत दिखाकर एक महिला के नाम दाखिल-खारिज कर दी!! इसी के विरोध में इशहाक अली कफ़न ओढ़कर डीएम कार्यालय पहुंचे और अधिकारियों के सामने खुद को जिंदा साबित करने की कोशिश की!! पिछले 7 वर्षों से वह सरकारी रिकॉर्ड में अपनी पहचान और हक वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं!!1