अंबाला के मुलाना में हरे कृष्ण प्रचार समिति (इस्कॉन) द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलदेव जी एवं माता सुभद्रा जी की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यह रथयात्रा पुरानी अनाज मंडी स्थित शिव शक्ति मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार के रास्ते नगर भ्रमण करते हुए माता बाला सुंदरी मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य दर्शन किए, रथ को खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया और महाप्रसाद ग्रहण किया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में "हरे कृष्ण" संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर भारत के प्रसिद्ध गीता एवं श्रीमद्भागवत प्रचारक श्री मन दिव्यपुरुष प्रभुजी अपने सहयोगी भक्तों के साथ उपस्थित रहे, जिनके मधुर हरिनाम संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने रथयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
अंबाला के मुलाना में हरे कृष्ण प्रचार समिति (इस्कॉन) द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलदेव जी एवं माता सुभद्रा जी की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यह रथयात्रा पुरानी अनाज मंडी स्थित शिव शक्ति मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार के रास्ते नगर भ्रमण करते हुए माता बाला सुंदरी मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य दर्शन किए, रथ को खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया और महाप्रसाद ग्रहण किया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में "हरे कृष्ण" संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर भारत के प्रसिद्ध गीता एवं श्रीमद्भागवत प्रचारक श्री मन दिव्यपुरुष प्रभुजी अपने सहयोगी भक्तों के साथ उपस्थित रहे, जिनके मधुर हरिनाम संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने रथयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
- अंबाला के मुलाना में हरे कृष्ण प्रचार समिति (इस्कॉन) द्वारा भगवान श्री जगन्नाथ जी, श्री बलदेव जी एवं माता सुभद्रा जी की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई। यह रथयात्रा पुरानी अनाज मंडी स्थित शिव शक्ति मंदिर से शुरू होकर मुख्य बाजार के रास्ते नगर भ्रमण करते हुए माता बाला सुंदरी मंदिर पहुंची। यात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान के दिव्य दर्शन किए, रथ को खींचकर पुण्य लाभ प्राप्त किया और महाप्रसाद ग्रहण किया। यात्रा के दौरान पूरे मार्ग में "हरे कृष्ण" संकीर्तन, भजन-कीर्तन और जयघोष से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा। इस अवसर पर भारत के प्रसिद्ध गीता एवं श्रीमद्भागवत प्रचारक श्री मन दिव्यपुरुष प्रभुजी अपने सहयोगी भक्तों के साथ उपस्थित रहे, जिनके मधुर हरिनाम संकीर्तन ने श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने रथयात्रा को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।1
- Post by Sani1
- किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया है। धरना स्थगित होने के साथ ही शंभू बॉर्डर का रास्ता अब पूरी तरह से खुल गया है।1
- हरियाणा की युवा नेत्री और टीम चित्रा की संस्थापक चित्रा सरवारा ने जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन पर केंद्र सरकार के रवैये की तीखी आलोचना की है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पेपर लीक मामलों की जवाबदेही और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे इस आंदोलन को बलपूर्वक दबाने के सरकारी प्रयासों को उन्होंने लोकतंत्र की आत्मा पर प्रहार बताया है। उन्होंने कहा कि जिस देश का युवा अपने भविष्य की रक्षा के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो, वहां सत्ता को अपनी ताकत का प्रदर्शन करने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। चित्रा सरवारा ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में बार-बार पेपर लीक होने के कारण लाखों युवाओं के सपने बिखर गए हैं और अभ्यर्थियों की कठिन मेहनत भ्रष्टाचार तथा सरकारी लापरवाही की भेंट चढ़ गई। आंदोलनकारी संगठनों के हवाले से उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम से उपजी निराशा और मानसिक तनाव के कारण लगभग 20 विद्यार्थियों ने आत्महत्या जैसा दर्दनाक कदम उठाया है। उन्होंने सोनम वांगचुक के नेतृत्व में चल रहे शांतिपूर्ण आंदोलन और अभिजीत दीपके के नेतृत्व में निकाले गए "संसद चलो" मार्च का पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि तिरंगा और संविधान हाथ में लेकर लोकतांत्रिक तरीके से जवाबदेही मांग रहे छात्रों पर सरकार ने लाठियों, डंडों और आंसू गैस के गोलों का बल प्रयोग किया, जिसमें कई छात्राएं घायल हुईं और युवतियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। इस दमनकारी रवैये की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं, सांसदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी राज्यसभा सहित हर मंच पर इसकी निंदा की है। उन्होंने कहा कि सरकार को अपनी छवि बचाने और अहंकार दिखाने के बजाय छात्रों से तत्काल संवाद स्थापित करना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पेपर लीक के प्रत्येक मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएं, प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय मिले और आंदोलनरत छात्रों से बातचीत कर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की जाए।1
- हरियाणा के यमुनानगर में 20 जुलाई 2026 को कैंप मुख्य बाजार से सरकारी स्कूल कैंप तक अभिभावकों और समाजसेवियों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस" की मांग को लेकर एक शांतिपूर्ण पदयात्रा निकाली। इस पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता को शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त समस्याओं के प्रति जागरूक करना और इस क्षेत्र में पारदर्शिता व जवाबदेही सुनिश्चित करना था। प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा को व्यापार की जगह सेवा का माध्यम बनाने की पुरजोर वकालत की। उन्होंने आरोप लगाया कि यमुनानगर के जिला शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट में 35 निजी स्कूलों को सरकारी नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक उनके खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। जिला प्रशासन, जिला शिक्षा अधिकारी, मुख्यमंत्री समाधान शिविर, सीएम विंडो और शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को कई बार शिकायतें और ज्ञापन सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई न होना अत्यंत चिंताजनक है। पदयात्रा के दौरान अभिभावकों ने "एक देश – एक किताब – एक समान फीस", "शिक्षा नहीं, व्यापार बंद करो" और "बच्चों का भविष्य बचाओ" जैसे नारे लगाकर दोषी स्कूलों के खिलाफ तुरंत और निष्पक्ष कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से संजीव नंदा, संजय राघव, नीरज कुमार, अंकुश बक्शी समेत बड़ी संख्या में अन्य अभिभावक उपस्थित रहे जिन्होंने अभिभावकों को जल्द से जल्द न्याय दिलाने की मांग उठाई।1
- हरियाणा के शाहबाद में किसानों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए बैरिकेडिंग की गई है। इस दौरान मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए शाहबाद के डीएसपी सिद्धार्थ खुद वहां मौजूद हैं।1
- अंबाला के मुलाना में मारकंडा दरिया सामान्य जलस्तर के साथ बह रही है। दरिया के जलस्तर को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर लोग बिल्कुल भी ध्यान न दें।1
- लेलो सर सरमा क्यों रहे हो ईन्ही पैसों के लिए आज न्याय अन्याय नहीं दिखाई दे रहा है न।।1