सुपौल के चकडुमरिया शिव मंदिर से 450 कलश यात्रा निकली, 15 फरवरी को होगी शिव-पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा सुपौल प्रखंड के चकडुमरिया स्थित शिव मंदिर परिसर से रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में करीब 450 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर कोसी नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने जल भरा। इसके बाद सभी श्रद्धालु सिर पर कलश रखकर पुनः शिव मंदिर चकडुमरिया लौटे। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा में महिलाओं, युवतियों और पुरुष श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए मार्ग के किनारे खड़े रहे। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। संस्था के अध्यक्ष नंदकिशोर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी 2026 को मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी के तहत यह कलश यात्रा निकाली गई है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह है और हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और यज्ञ की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव रामचंद्र यादव, कोषाध्यक्ष नागेश्वर महाराज, पूर्व जिला परिषद उम्मीदवार पवन कुमार, रामचंद्र कमात सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। कलश यात्रा के सफल आयोजन से पूरे चकडुमरिया गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। अब सभी श्रद्धालु 15 फरवरी को होने वाले शिव-पार्वती प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
सुपौल के चकडुमरिया शिव मंदिर से 450 कलश यात्रा निकली, 15 फरवरी को होगी शिव-पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा सुपौल प्रखंड के चकडुमरिया स्थित शिव मंदिर परिसर से रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में करीब 450 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर कोसी नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने जल भरा। इसके बाद सभी श्रद्धालु सिर पर कलश रखकर पुनः शिव मंदिर चकडुमरिया लौटे। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा में महिलाओं, युवतियों और पुरुष श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए मार्ग के किनारे खड़े रहे। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। संस्था के अध्यक्ष नंदकिशोर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी 2026 को मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी के तहत यह कलश यात्रा निकाली गई है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह है और हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और यज्ञ की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव रामचंद्र यादव, कोषाध्यक्ष नागेश्वर महाराज, पूर्व जिला परिषद उम्मीदवार पवन कुमार, रामचंद्र कमात सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। कलश यात्रा के सफल आयोजन से पूरे चकडुमरिया गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। अब सभी श्रद्धालु 15 फरवरी को होने वाले शिव-पार्वती प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
- सुपौल प्रखंड के चकडुमरिया स्थित शिव मंदिर परिसर से रविवार को भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस धार्मिक आयोजन में करीब 450 श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कलश यात्रा मंदिर प्रांगण से शुरू होकर कोसी नदी तट तक पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं ने जल भरा। इसके बाद सभी श्रद्धालु सिर पर कलश रखकर पुनः शिव मंदिर चकडुमरिया लौटे। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा। कलश यात्रा में महिलाओं, युवतियों और पुरुष श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में सजे श्रद्धालु अनुशासन और श्रद्धा के साथ यात्रा में शामिल हुए। गांव और आसपास के क्षेत्रों के लोग भी इस धार्मिक अनुष्ठान को देखने के लिए मार्ग के किनारे खड़े रहे। आयोजन समिति की ओर से यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। संस्था के अध्यक्ष नंदकिशोर ठाकुर ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 फरवरी 2026 को मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन किया जाएगा। इसी के तहत यह कलश यात्रा निकाली गई है। उन्होंने कहा कि प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर क्षेत्र में काफी उत्साह है और हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर में पूजा-पाठ और यज्ञ की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सचिव रामचंद्र यादव, कोषाध्यक्ष नागेश्वर महाराज, पूर्व जिला परिषद उम्मीदवार पवन कुमार, रामचंद्र कमात सहित कई गणमान्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं। सभी ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और आयोजन को सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन से समाज में एकता और भाईचारे की भावना मजबूत होती है। कलश यात्रा के सफल आयोजन से पूरे चकडुमरिया गांव में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। अब सभी श्रद्धालु 15 फरवरी को होने वाले शिव-पार्वती प्राण प्रतिष्ठा समारोह का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।1
- 🌙 महाशिवरात्रि की शुभकामनाएँ 🌙1
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- अगर आपके घर मे बच्चा हे तो हो जाए सावधान नही रोते रह जायेगे चोर चोरी करके फरार हो जायेगा1
- मधेपुरा जिले का प्रसिद्ध सिंहेश्वर नाथ मंदिर इन दिनों दुल्हन की तरह सजा हुआ है। महाशिवरात्रि (15 फरवरी) के बाद लगभग एक महीने तक चलने वाला भव्य मेला कल से शुरू हो रहा है। “बिहार का देवघर” कहे जाने वाले इस पवित्र स्थल पर दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और मेले का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक रोशनी और सजावट से सजाया गया है, जिससे पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आ रहा है। मेले को लेकर प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं। जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और सिविल ड्रेस में भी पुलिस बल तैनात रहेगा। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जाएगी। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ट्रैफिक रूट चार्ट तैयार किया गया है। बड़ी गाड़ियों के प्रवेश पर रोक रहेगी ताकि श्रद्धालुओं को आने-जाने में कोई परेशानी न हो। मधेपुरा प्रशासन के साथ श्रृंगी ऋषि फाउंडेशन भी श्रद्धालुओं की सेवा में जुटा है। दर्शन और जलाभिषेक के दौरान किसी को असुविधा न हो, इसके लिए सहायता केंद्र बनाए गए हैं। मेले में धार्मिक कार्यक्रमों के साथ झूले, दुकानें और विभिन्न स्टॉल लोगों को आकर्षित करेंगे। बच्चों और परिवारों के लिए भी खास इंतजाम किए गए हैं। सिंहेश्वर नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि मेला क्षेत्र की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित सफाई, पेयजल और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। श्रद्धा और उत्साह के माहौल में सिंघेश्वर का यह ऐतिहासिक मेला एक बार फिर भक्ति और आस्था का केंद्र बनने जा रहा है।4
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