आदेश धरे रह गए फाइलों में, स्कूल में चलती रही क्लास,रामपुरा में नियमों की खुलेआम धज्जियां।। रामपुरा:- राम नवमी पर सरकार ने 26 व 27 मार्च को साफ तौर पर अवकाश घोषित किया हैं। लेकिन लगता है रामपुरा के निजी विद्यालय सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी हाई स्कूल के लिए ये आदेश कोई मायने ही नहीं रखता। नगर के टीहर रोड़ पर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को बाकायदा शिक्षण कार्य चलता रहा। सुबह से बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंच गये। विद्यालय प्रबंधन को जैसे शासन का कोई आदेश जारी ही न हुआ हो। शुक्रवार की सुबह से सरस्वती स्कूल के बच्चे समयानुसार विद्यालय पहुँचे। जब इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी मुक्तेश गुप्ता से जानकारी ली गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। विद्यालय प्रबंधन से बात कर रहे हैं। एक तरफ शासग के आदेशों का उल्लंघन हो रहा हैं, वही दूसरी तरफ शिक्षा विभाग पूरी1 तरह से मूकदर्शक बना हुआ हैं। निजी स्कूलों में शासकीय आदेशो की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारी ही शासकीय आदेशों का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। सरकारी आदेशों की इस खुलेआम अवहेलना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार परंपराओं और त्योहारों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय अभिभावकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों से त्योहार के दिन पढ़ाई कराना न केवल गलत है, बल्कि यह सरकारी आदेशों की खुली अवमानना भी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के वार्षिक पेपर चल रहे हैं। पेपर का टाइम टेबल पहले से ही निर्धारित था। बच्चों को अवकाश के बारे में अवगत कराना भी सम्भव नहीं था। इस वजह से पेपरों को दृषिगत रखते हुए विद्यालय की छुट्टी नहीं हो सकी।
आदेश धरे रह गए फाइलों में, स्कूल में चलती रही क्लास,रामपुरा में नियमों की खुलेआम धज्जियां।। रामपुरा:- राम नवमी पर सरकार ने 26 व 27 मार्च को साफ तौर पर अवकाश घोषित किया हैं। लेकिन लगता है रामपुरा के निजी विद्यालय सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी हाई स्कूल के लिए ये आदेश कोई मायने ही नहीं रखता। नगर के टीहर रोड़ पर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को बाकायदा शिक्षण कार्य चलता रहा। सुबह से बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंच गये। विद्यालय प्रबंधन को जैसे शासन का कोई आदेश जारी ही न हुआ हो। शुक्रवार की सुबह से सरस्वती स्कूल के बच्चे समयानुसार विद्यालय
पहुँचे। जब इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी मुक्तेश गुप्ता से जानकारी ली गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। विद्यालय प्रबंधन से बात कर रहे हैं। एक तरफ शासग के आदेशों का उल्लंघन हो रहा हैं, वही दूसरी तरफ शिक्षा विभाग पूरी1 तरह से मूकदर्शक बना हुआ हैं। निजी स्कूलों में शासकीय आदेशो की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारी ही शासकीय आदेशों का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। सरकारी आदेशों की इस खुलेआम अवहेलना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार परंपराओं और त्योहारों के सम्मान
की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय अभिभावकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों से त्योहार के दिन पढ़ाई कराना न केवल गलत है, बल्कि यह सरकारी आदेशों की खुली अवमानना भी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के वार्षिक पेपर चल रहे हैं। पेपर का टाइम टेबल पहले से ही निर्धारित था। बच्चों को अवकाश के बारे में अवगत कराना भी सम्भव नहीं था। इस वजह से पेपरों को दृषिगत रखते हुए विद्यालय की छुट्टी नहीं हो सकी।
- छात्र हुए हिंसात्मक रोके नही रुक रही छात्र गुंडागर्दी स्टेशन रोड पर हर दिन होती घटनाएं अभिभावकों को नही अपने लाल की चिंता अब छात्र हॉकी और बेल्ट से करते मारपीट चिंता का सबब बना छात्र अराजकता आखिर कैसे लगेगी छात्र अराजकता पर लगाम पुलिस भी कर रही किसी बड़ी घटना का इंतजार चौरसी मोड़ पर छात्रों ने एक छात्र को हॉकी से पीटा अबैध कोचिंग है मुख्य बजह शिक्षा बिभाग के अधिकारियों के रहमोकरम पर पनप रही है अबैध कोचिंग अच्छी सी एक खबर बना1
- रामपुरा:- राम नवमी पर सरकार ने 26 व 27 मार्च को साफ तौर पर अवकाश घोषित किया हैं। लेकिन लगता है रामपुरा के निजी विद्यालय सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी हाई स्कूल के लिए ये आदेश कोई मायने ही नहीं रखता। नगर के टीहर रोड़ पर स्थित सरस्वती ज्ञान मंदिर सेकेंडरी स्कूल में शुक्रवार को बाकायदा शिक्षण कार्य चलता रहा। सुबह से बच्चे और शिक्षक स्कूल पहुंच गये। विद्यालय प्रबंधन को जैसे शासन का कोई आदेश जारी ही न हुआ हो। शुक्रवार की सुबह से सरस्वती स्कूल के बच्चे समयानुसार विद्यालय पहुँचे। जब इस संबंध में खंड शिक्षा अधिकारी मुक्तेश गुप्ता से जानकारी ली गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। विद्यालय प्रबंधन से बात कर रहे हैं। एक तरफ शासग के आदेशों का उल्लंघन हो रहा हैं, वही दूसरी तरफ शिक्षा विभाग पूरी1 तरह से मूकदर्शक बना हुआ हैं। निजी स्कूलों में शासकीय आदेशो की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। विभागीय अधिकारी ही शासकीय आदेशों का पालन करने में लापरवाही बरत रहे हैं। सरकारी आदेशों की इस खुलेआम अवहेलना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। एक तरफ सरकार परंपराओं और त्योहारों के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी तरफ जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। स्थानीय अभिभावकों में आक्रोश है। उनका कहना है कि बच्चों से त्योहार के दिन पढ़ाई कराना न केवल गलत है, बल्कि यह सरकारी आदेशों की खुली अवमानना भी है। विद्यालय के प्रधानाचार्य राजकुमार यादव से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बताया कि विद्यालय में बच्चों के वार्षिक पेपर चल रहे हैं। पेपर का टाइम टेबल पहले से ही निर्धारित था। बच्चों को अवकाश के बारे में अवगत कराना भी सम्भव नहीं था। इस वजह से पेपरों को दृषिगत रखते हुए विद्यालय की छुट्टी नहीं हो सकी।3
- 🛢️ 🛢️ अफवाह या हकीकत? पेट्रोल पंप पर ड्रम में भराई से उठे सवाल माधौगढ़ (जालौन)। तहसील मोड़ स्थित मां शक्ति पेट्रोल पंप पर आज एक अजीब नज़ारा देखने को मिला। एक ओर जहां आम लोग अपनी गाड़ियों में पेट्रोल-डीजल भरवा रहे थे, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग कटिया, छोटे टैंक और ड्रमों में भी खुलेआम ईंधन भरवाते नजर आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रशासन द्वारा पहले ही यह निर्देश दिए गए हैं कि ईंधन केवल वाहनों में ही भरा जाए, ताकि किसी भी तरह की काला बाज़ारी या कृत्रिम कमी की स्थिति न बने। इसके बावजूद पंप पर इस तरह खुले में कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल भरना कई सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि 👉 “एक तरफ अफवाह फैलाई जा रही है कि पेट्रोल नहीं मिल रहा, और दूसरी तरफ लोग स्टोरेज के लिए भरवा रहे हैं — इससे हालात और बिगड़ सकते हैं।” इस तरह की गतिविधियों से यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं न कहीं अफवाह और स्टॉक करने की प्रवृत्ति ही कृत्रिम संकट को बढ़ावा दे रही है। अब सवाल यह उठता है कि: जब स्पष्ट निर्देश हैं, तो पंप संचालक कंटेनरों में ईंधन क्यों दे रहे हैं? क्या यह नियमों का उल्लंघन है? और क्या प्रशासन इस पर कार्रवाई करेगा?1
- खास खबर है जालौन जिले के जालौन तहसील क्षेत्र के ग्राम सिकरी राजा से जहां 25 साल बाद बन रही सड़क में मानकों को दरकिनार किया जा रहा है सूचना मिलने पर स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य बंद करवा दिया है और मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा है देखें खास रिपोर्ट देवेश कुमार स्वर्णकार के साथ1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- जालौन। चैत्र नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धा और आस्था का माहौल बना रहा। सुबह से ही औरैया रोड स्थित घाट वाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी, जहां भक्तों ने माता रानी के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की। मोहल्ला पहलवान बाड़ा के श्रद्धालु इस अवसर पर विशेष रूप से जवारे और सांग छिड़वाकर माता रानी के दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। भक्तजन रास्ते भर माता रानी के भजन गाते हुए झूमते नजर आए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। इस दौरान नरसिंह यादव, शिवराम यादव, महेश यादव, कुलदीप यज्ञिक, प्रदीप यज्ञिक, दीपक, रामराजा, मुन्ना राजा सहित बड़ी संख्या में माताएं और बहनें शामिल रहीं। सभी भक्तों ने जयकारे लगाते हुए माता रानी के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में पहलवान बाड़ा के सहयोग से विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजन में संपूर्ण भारत यात्रा कर चुके भानु महाजन विशेष रूप से उपस्थित रहे और माता की सेवा में जुटे रहे। वहीं मंदिर के पुजारी भिखारी दादा, रामकुमार बाबा एवं सुल्तान यादव की देखरेख में भंडारे और पूजा-अर्चना की व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। नवरात्रि के समापन पर घरों में घट स्थापना करने वाले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से घट विसर्जन किया तथा व्रतधारी भक्तों ने पूजा के बाद अपने उपवास का पारण किया। पूरे दिन मंदिर परिसर और नगर में माता रानी के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा और हर ओर भक्ति एवं उल्लास का माहौल बना रहा।1
- उकुरुवा गांव के सामुदायिक शौचालय में अव्यवस्था दैनिक भद्रावती टाइम्स विजय शर्मा रानू मंसूरी - जालौन के कदौरा ब्लॉक के उकुरुवा (शहादतपुर) ग्राम पंचायत में बने सामुदायिक शौचालय की हालत बदहाल है। शौचालय में पानी की व्यवस्था नहीं है, हाथ धोने के शावर टूटे पड़े हैं और देखरेख के अभाव में ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही के चलते सरकार की स्वच्छता योजना पर सवाल खड़े हो रहे हैं। V/O:- जालौन जिले के विकास खंड कदौरा अंतर्गत ग्राम पंचायत उकुरुवा (शहादतपुर) में बने सामुदायिक शौचालय की स्थिति बेहद खराब हो चुकी है। यहां पानी की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है, जिससे शौचालय का उपयोग करना मुश्किल हो गया है। शौचालय में लगे हाथ धोने के शावर टूटे हुए हैं और कई जगह गंदगी फैली हुई है। नियमित सफाई और रखरखाव के अभाव में यह शौचालय अपनी उपयोगिता खोता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद भी जिम्मेदार अधिकारी इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे लोगों को खुले में शौच के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जो स्वच्छ भारत मिशन की मंशा के विपरीत है।अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस समस्या को कब तक गंभीरता से लेकर सुधार की दिशा में कदम उठाता है।2
- Post by Bheem rajawat 96288004581